Thursday, March 12, 2026
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PM Narendra Modi ने कहा कि गेमिंग को रेगुलेशन की जरुरत नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने देश के प्रमुख गेमर्स (Country’s leading gamers) के साथ मुलाकात में कहा कि गेमिंग सेक्टर (gaming sector) को किसी तरह के रेगुलेशन की जरुरत नहीं है। अभी इस सेक्टर को फलने फूलने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भारत में इंटरनेट इतना सस्ता (Internet is so cheap in India) है, इसी वजह से गेमिंग और दूसरे चीजें इतनी फल फूल रही हैं।

एक गेमर्स के सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार की प्रवृति है कि या तो उस सेक्टर को दबाने की कोशिश करो या फिर कानूनी बंधन लगाकर उन्हें परेशान करो। इसके अलावा दूसरा है कि उसे समझो फिर उसको अपने देश के हिसाब से मोडिफाई करो, इसके साथ साथ उस सेक्टर की प्रतिष्ठा बढ़ाओ और प्रतिष्ठा बढ़ती है तो बुरा करने वाले जल्दी से बुरा नहीं कर पाते हैं। मेरी तो कोशिश है कि देश की स्थिति इतनी आगे ले जाएं कि 2047 तक मध्यवर्गीय परिवारों की जिंदगी से सरकार बाहर निकल जाए।

इस दौरान स्किल बेस्ड गेमिंग को लेकर एक गेमर ने प्रधानमंत्री को कहा कि ई-स्पोर्ट्स को अलग पहचान मिलनी जरुरी है। यह पता होना चाहिए कि यह पैसे लगाने वाला गेम नहीं है। इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी गेमर्स को कहा कि उनकी क्या क्या समस्याएं हैं, यह प्रधानमंत्री कार्यालय को मेल कर दें।

दरअसल इससे पहले सरकार में इस सेक्टर पर सेल्फ रेगुलेटरी बॉडी बनाने के लिए रेगुलेशन लाया गया था, लेकिन इसको दिल्ली हाई कोर्ट मेंं चैलेंज कर दिया गया था, इसके बाद यह पूरा रेगुलेशन ही ठंडे बस्ते में चला गया है। इस बीच प्रधानमंत्री मोदी का इस सेक्टर पर रेगुलटर नहीं बिठाना है। यह एक बड़ा बयान माना जा रहा है।

क्यों है गेमिंग सेक्टर महत्वपूर्ण

देश में करीब 50 करोड़ युवा और अन्य वर्ग किसी ना किसी तरह की गेमिंग में लगे हुए हैं। सस्ते इंटरनेट के बाद भारत में गेमिंग उद्योग बहुत की तेजी से बढ़ा है। साथ ही इसके खेलने वालों की तादाद भी लगातार बढ़ रही है। फिलहाल भारत में 15 हज़ार गेम डेवलपर्स हैं और 1500 के करीब गेमिंग स्टूडियो हो। फिलहाल देश में लोकसभा चुनाव चल रहे हैं और ऐसे में इस सेक्टर से बातचीत करना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारों के मुताबिक प्रधानमंत्री का इस बड़े युवा वर्ग से इनके लीडर्स के जरिए पहुंचना लोकसभा चुनावों में बीजेपी को मदद करेगा।

Online gaming में हार की वजह से लड़की ने रची लूट की झूठी कहानी

Online games में हारने के बाद हैदराबाद (Hyderabad) की एक युवती ने लेनदारों के डर से अपने घर में डकैती का शोर मचा दिया, मामला जब पुलिस तक पहुंचा तो जांच में पता चला कि लड़की यह सब अपने को बचाने के लिए कर रही है।

हैदराबाद के राजेंद्र नगर की यह घटना है, जहां इस लड़की ने पुलिस रिपोर्ट लिखवाई की जब वह बाथरूम में थी तो, दो नकाबपोश व्यक्ति उसके घर में जबरदस्ती घुस आए और उन्होंने 25 हज़ार रुपये लूट लिए। इसके बाद वो तोड़फोड़ कर भाग निकले। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरु की तो उन्हें पूरी कहानी ही संदेहास्पद लगी। सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा करने के बाद पुलिस अधिकारियों को पता चल चुका था कि लूट हुई ही नहीं है। बाद में पुलिस ने जब महिला से सख्ती से पूछताछ की तो लड़की ने बताया कि उसके साथ कोई लूट नहीं हुई है। बल्कि ऑनलाइन गेम खेलकर वो 25,000 रुपये हार गई थी। यह पैसे भी उसने अपने रिश्तेदारों और परिचितों से लिया था। लेकिन ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में यह पूरी रकम हार गई। अब रिश्तेदारों से पैसे वापस मांगने के दबाव को हटाने के लिए उसने यह योजना बनाई कि किसी ने उसे लूट लिया है।

अपनी मनगढ़ंत कहानी पर विश्वास दिलाने के लिए, उसने अपने घर में तोड़फोड़ भी कर ली। हालांकि पुलिस की जांच में साफ हो गया कि उसके यहां कोई लूट नहीं हुई थी। महिला फिलहाल हिरासत में है और आगे की कानूनी कार्यवाही का इंतजार कर रही है।

Gamers के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बैठक से चमकेगा गेमिंग उद्योग?

भारत में गेमिंग और ईस्पोर्ट्स (Gaming and eSports in India) के बढ़ते असर को देखते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश के सात प्रमुख गेमिंग क्रिएटर्स (even Major Gaming Creators) के साथ चर्चा की। इनमें नमन “मॉर्टल” माथुर, अनिमेष “ठग” अग्रवाल, मिथिलेश “मिथपैट” पाटनकर, पायल “पायल” धरे, और अंशू “गेमरफ्लीट” बिष्ट जैसे गेमर्स शामिल थे। इसका उद्देश्य भारतीय गेमिंग उद्योग की प्रगति पर चर्चा करके और सेक्टर की ग्रोथ के रास्ते तलाशना था।

बैठक में गेमिंग को एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और आर्थिक ताकत के रूप में सरकार की मान्यता पर प्रकाश डाला गया। भारत में 45 से 55 करोड़ गेमर्स होने और गेमिंग सेक्टर में वित्त वर्ष 2013 में $3.1 बिलियन का राजस्व उत्पन्न करने के साथ, प्रधान मंत्री की भागीदारी उद्योग के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण का संकेत देती है।
बैठक में भाग लेने वाले गेम डेवलपर्स ने प्रधान मंत्री की योजनाओं के बारे में आशावाद व्यक्त किया, और कहा कि उनका दृष्टिकोण भारत में गेमिंग को प्रभावित करेगा। अनिमेष अग्रवाल और मिथिलेश पाटनकर, जिन्हें उनके उपनाम क्रमशः 8 बिटठग और मिथपैट के नाम से जाना जाता है, ने इंस्टाग्राम पर अपना उत्साह साझा किया और पीएम मोदी के साथ बातचीत को क्षितिज में बदलाव का संकेत बताया।

बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया (बीजीएमआई) में अपनी विशेषज्ञता के लिए प्रसिद्ध भारतीय गेमिंग समुदाय के एक व्यक्ति नमन “मॉर्टल” माथुर ने गेमिंग समुदाय के लिए प्रधान मंत्री के समर्थन के महत्व पर जोर दिया। मॉर्टल, जिनके यूट्यूब पर फॉलोअर्स हैं और iQOO सोल के सह-मालिक हैं, ने भारत में गेमिंग परिदृश्य के लिए पीएम मोदी के दृष्टिकोण की प्रशंसा की।

इसी तरह, 3.63 मिलियन से अधिक YouTube ग्राहकों के साथ देश की महिला गेमर्स में से एक, पायल “पायल” धरे ने चर्चा का हिस्सा बनने के लिए आभार व्यक्त किया। धारे ने महिला गेमर्स की आवाज को पहचानने और उद्योग के भीतर समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी की सराहना की।
बैठक में तीर्थ मेहता, गणेश “स्क्रॉसी” गंगाधर, और अंशू “गेमरफ्लीट” बिष्ट भी शामिल थे, प्रत्येक ने भारतीय गेमिंग के भविष्य पर बातचीत में अपने दृष्टिकोण और अनुभवों का योगदान दिया।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने गेमिंग निर्माताओं को भारत में गेमिंग और ईस्पोर्ट्स पारिस्थितिकी तंत्र के पोषण के लिए अपने प्रशासन के समर्थन और प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया। उद्योग के विकास के लिए सहायता प्रदान करने और वातावरण बनाने की उनकी प्रतिज्ञा को प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ पूरा किया।

अनुमानों के अनुसार भारतीय गेमिंग बाज़ार की वृद्धि रुपये तक पहुँचने का संकेत दे रही है। 2025 तक 231 बिलियन, हितधारक पीएम मोदी के सुधारों के कार्यान्वयन की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे देश के गेमिंग उद्योग को लाभ होने की उम्मीद है।

Gaming को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने फिर जाहिर की अपनी प्राथमिकता, टॉप गेमर्स से की मुलाकात

सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स (social media influencers) के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गेमर्स के साथ मुलाकात (meeting with gamers) की है। गेमिंग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) कई बार अलग अलग प्लेटफार्म पर अपनी बात रख चुके हैं। लेकिन इस बार देश के प्रमुख गेमर्स के साथ मुलाकात कर प्रधानमंत्री मोदी ने युवा वर्ग को साथ जोड़ने और इस सेक्टर को लेकर अपनी सोच साझा की है। इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार क्रेएटिव गेम्स के विकास पर ध्यान दे रही है।

जिन प्रमुख गेमर्स के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात की है, उनमें अनिमेष अग्रवाल, नमन माथुर, मिथिलेश पाटणकर, पायल धरे, तीर्थ मेहता, गणेश गंगाधर और अंशू बिष्ट शामिल हैं। इस मुलाकात में प्रधानमंत्री ने उनसे बात की तो गेमर्स ने बताया कि भारतीय मिथक-आधारित गेम अधिक लोकप्रिय हो रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सरकार इस बात पर ध्यान देना शुरू कर रही है कि गेमर्स कितने रचनात्मक हो सकते हैं।
गेमर्स से बात करते हुए मोदी ने गेमिंग की दुनिया के बारे में और जानने के लिए उनसे कई सवाल पूछे। एक महत्वपूर्ण प्रश्न गेमिंग को जुए के समान मानने की धारणा के इर्द-गिर्द घूमता है, जिस पर एक गेमर ने रियल मनी गेमिंग (आरएमजी) और कौशल-आधारित गेमिंग के बीच अंतर करने के महत्व पर जोर दिया।

प्रधान मंत्री ने यह भी पूछा कि क्या लड़कियों को गेमिंग में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए और अधिक प्रयास किए जाने चाहिए और क्या उन्हें इस क्षेत्र में अधिक रुचि लेनी चाहिए। उन्होंने गेमिंग की लत के संबंध में चिंताओं को भी संबोधित किया और गेमर्स से इस मामले पर जानकारी मांगी। उन्होंने जो कहा उससे पता चला कि गेम को जिम्मेदारी से खेलना और इस बात से अवगत होना क्यों महत्वपूर्ण है कि वे कभी-कभी नशे की लत कैसे बन सकते हैं। बैठक में भारत में गेमिंग क्षेत्र के बढ़ते महत्व और सरकार द्वारा इसके आर्थिक और सांस्कृतिक प्रभाव की स्वीकृति पर प्रकाश डाला गया। गेमर्स के साथ मोदी के जुड़ाव ने न केवल उभरती प्रौद्योगिकियों के बारे में उनकी जिज्ञासा को उजागर किया, बल्कि गेमिंग उद्योग में चिंताओं को दूर करने और विकास को प्रोत्साहित करने के प्रति एक सक्रिय दृष्टिकोण का भी संकेत दिया।
भारतीय गेमर्स के साथ प्रधान मंत्री मोदी की बातचीत गेमिंग उद्योग की परिवर्तनकारी क्षमता और राष्ट्र के लिए इसके लाभों के दोहन में सहयोगात्मक प्रयासों के महत्व के प्रमाण के रूप में कार्य करती है।

अवैध ऑनलाइन जुआ खिलाने वाली कंपनियों पर ईडी की नज़र

भारत में अवैध तौर पर ऑनलाइन जुआ (illegal online gambling) खिला रही वेबसाइट्स को नकेल कसने के लिए अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कुराकाओ, माल्टा और साइप्रस (Curaçao, Malta and Cyprus) जैसे छोटे द्वीपों से ऑपरेशन चला रही कंपनियों की जांच शुरु की है। यह गैंबलिंग कंपनियां (gambling companies) भारत से दांव लगाने वालों को ठगने का काम कर रही हैं। इन कंपनियों और गैंबलिंग एप पर भारत में ₹4,978 करोड़ की धोखाधड़ी करने के मुकदमें दर्ज हैं।

दरअसल ईडी ने इन छोटे द्वीप समूहों से अलग अलग नामों से अवैध जुआ साइट चलाकर पैसे ठगने की मल्टीपल रिपोर्ट्स मिली हुई थी। इस मामले में बहुत सारी एफआईआर भी दर्ज हुई थी। इस सिंडिकेट को चलाने वाले गैंग का एक प्रमुख सदस्य दिल्ली के मोतीनगर का रहने वाला पुनीत कुमार है, जोकि बहुत जगह पुनीत माहेश्वरी के नाम से भी जाना जाता है। यह पुनीत नेपाल से दिल्ली आते हुए गिरफ्तार किया गया था। जिसे ईडी की एक विशेष अदालत ने हिरासत में भेज दिया गया है।

दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और अन्य क्षेत्रों में ऑनलाइन जुए के नाम पर हो रही ठगी के कारण दर्ज कई प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) की जांच करते हुए ईडी ने पाया कि इन छोटे द्वीपों से चल रहा एक सिंडिकेट यह ठगी कर रहा है। एजेंसी का आरोप है कि कुमार ने घोटालों को अंजाम देने के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) स्थित सर्वर का उपयोग करके व्यक्तियों को धोखा देने का एक तरीका तैयार किया। उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात में सिंडिकेट को चलाने के लिए भारत में स्थापित एक समानांतर प्रणाली तैयार की थी।

कुमार को इससे पहले ईडी से समन भी मिला था, लेकिन अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए वो कई जगह छुप रहे थे। इसी सिडिंकेट के एक अन्य आरोपी आशीष कक्कड़ को पहले 2 मार्च, 2024 को गुरुग्राम के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था।

इन दोनों के परिसरों में छापों के दौरान विदेशी निर्मित सोने की छड़ें, नकदी, आभूषण, महंगी घड़ियां, लक्जरी कारें और फर्जी कंपनियां बनाने करने के लिए नकली पैन और आधार कार्ड सहित विभिन्न संपत्तियां जब्त की गईं। आरोपियों ने पहचान से बचने के लिए एनीडेस्क और टीमव्यूअर जैसे एप्लिकेशन के माध्यम से एक्सेस किए जाने वाले रिमोट-आधारित सर्वर का भी इस्तेमाल किया।

यह सिंडिकेट ऑनलाइन जुए के अलावा कर्ज, निवेश पर रिटर्न, नौकरियों और ऑनलाइन शॉपिंग में झूठे वादों के माध्यम से लोगों को धोखा देकर पैसा ठग लेता था। जब व्यक्ति अपना पैसा वापस मांगता था तो उन्हें करों या प्रसंस्करण शुल्क के बहाने अतिरिक्त राशि का भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया।

कुमार, कक्कड़ और उनके सहयोगियों ने जाली दस्तावेजों का उपयोग करके 200 से अधिक कंपनियां स्थापित कीं और अपने सहयोगियों के माध्यम से हर लेनदेन को नियंत्रित किया। उन्होंने विदेशों में धन भेजने के लिए आयात और निर्यात की गलत घोषणा करने सहित विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल किया, जो मनी लॉन्ड्रिंग ऑपरेशन का संकेत देता है।

Surat में धार्मिक यंत्रों पर लग रहा थे दांव, हीरा श्रमिक खेल रहे थे जुआ

सूरत (Surat) में कापोद्रा पुलिस ने शनिवार रात कापोद्रा में गायत्री सोसाइटी में छापेमारी के दौरान 22 हीरा श्रमिकों सहित 24 लोगों को गिरफ्तार किया। सूरत पुलिस के मुताबिक, छापेमारी का उद्देश्य अवैध जुआ संचालन (illegal gambling operations) को उजागर करना था, जहां लोग जल्दी पैसा कमाने के लिए श्री यंत्र, मत्स्य यंत्र और वशीकरण यंत्र जैसे धार्मिक यंत्रों पर दांव लगा रहे थे।

जुआरी लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए विभिन्न यंत्र बेचने की आड़ में काम कर रहे थे, जुए के अड्डे पर हर पांच मिनट में सट्टेबाजी का दौर चल रहा था, जिसमें से एक यंत्र को संचालकों द्वारा विजेता घोषित किया गया था। पुलिस ने अवैध जुआ गतिविधियों में उपयोग की जाने वाली विभिन्न मशीनों सहित 47 यंत्र जब्त किए हैं।

जुआरियों ने बकायदा अपना एक कार्यालय खोला हुआ था, जिसे ‘एचएस एजेंसी’ कहा जाता है, इस ऑफिस में यह लोग श्री वशीकरण, वास्तु, ग्रह, प्रेम, तारा, ग्रह, मत्स्य यंत्र और ध्यान यंत्र सहित विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने वाले यंत्रों को बेचने के नाम पर जुए के दांव लगवा रहे थे। लेमिनेटेड कार्डों पर मुद्रित इन यंत्रों का उपयोग दांव लगाने के लिए उपकरणों के रूप में किया जाता था, ऑपरेटर कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रदर्शित परिणामों के आधार पर विजेताओं की घोषणा करते थे।
पुलिस ने सेटअप का खुलासा किया और खुलासा किया कि ऑपरेशन को इंटरनेट के माध्यम से सुगम बनाया गया था, जिसमें भावनगर कार्यालय से नंबर घोषित किए गए थे। पुलिस ने एक सिक्का वेंडिंग मशीन और धातु के सिक्के जब्त किए और रजनी वल्लभ नामक व्यक्ति की संलिप्तता का उल्लेख किया।

जुए में हिस्सा लेने वालों को किसी भी यंत्र पर कोई भी राशि दांव पर लगाने की अनुमति थी, साथ ही विजेताओं को उनके शुरुआती दांव का नौ गुना भुगतान करने का वादा किया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में ऑपरेटर पंकज सोलंकी और सुरेश सोलंकी शामिल थे, जबकि सुविधा मालिकों, भाविन मोजिद्रा और विजय गोलानिया को अधिकारियों द्वारा वांछित घोषित किया गया था।

गिरफ्तार किए गए लोगों में 22 हीरा श्रमिक भी शामिल हैं। उनकी पहचान हरेश भालिया, किशन खटाना, चेतन ढोला, रवींद्र राजपूत और अन्य के रूप में की गई, जिनकी उम्र 19 से 50 वर्ष के बीच थी। पुलिस ने कुल कीमती सामान 20 लाख रुपये जब्त किये. 2.25 लाख नकद, यंत्र, सिक्के, कंप्यूटर और कार्ड स्कैनर सहित, और सभी व्यक्तियों पर गुजरात जुआ रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

Gambling के चक्कर में उत्तराखंड में हुई शादाब की हुई हत्या

उत्तराखंड (Uttrakhand) के मखियाली खुर्द गांव में gambling के चक्कर में 23 वर्षीय शादाब नामक व्यक्ति की हत्या के आरोप में रविवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। उत्तराखंड के लक्सर में जुए को लेकर यह हत्या हुई है।

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक (According to police report), शादाब का शव 6 अप्रैल यानी शुक्रवार की देर शाम गांव वालों को मिला था, जिसकी जांच में पता चला कि गुलशेर और रकीब नाम के आरोपी व्यक्तियों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी। हत्या की वजह कथित तौर पर एक निर्माणाधीन इमारत में जुए में जीत को लेकर विवाद के कारण हुआ। यहां जुआ खेला जा रहा था।

शादाब का शव मिलने के बाद, उसके परिवार ने गुलशेर, रकीब, अहतशाम और गुलज़ार समेत चार लोगों के खिलाफ अपराध में शामिल होने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में पता चला कि शादाब ने अपने परिवार को नमाज के लिए मस्जिद जाने के बारे में सूचित किया था, लेकिन इसके बजाय, वह गुलशेर और रकीब के साथ जुआ खेलने में व्यस्त हो गया। लगभग रुपये जीतने के बाद। 5,000, शादाब छोड़ना चाहता था, जिससे गुलशेर और रकीब के साथ टकराव शुरू हो गया, जिन्होंने खेल जारी रखने पर जोर दिया।

Ultimate Teen Patti के आईपीआर को Nazara tech ने खरीदा

Gaming सेक्टर की प्रमुख लिस्टिड कंपनी नाज़ारा टेक्नोलॉजीज ने सेबी में कहा है कि वह गेम्स24×7 से अल्टीमेट तीन पत्ती से जुड़े इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट (IPR) को 10 करोड़ रुपये में खरीदने जा रही है। अल्टीमेट तीन पत्ती (UTP), 2015 में पेश किया गया था, जो केवल मनोरंजन के लिए डिज़ाइन किया गया एक मुफ्त कैज़ुअल कार्ड गेम (free casual card game) है, यह अपने खिलाड़ियों को रियल मनी पुरस्कार नहीं देता है।

फाइलिंग में कहा गया है कि “कंपनी की सहायक कंपनी नेक्स्ट वेव मल्टीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने बैठक में ‘यूटीपी अल्टीमेट तीन पत्ती’ कैजुअल से संबंधित सभी बौद्धिक संपदा अधिकारों के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। फ्रीमियम कार्ड गेम सॉफ्टवेयर और संबंधित ट्रेडमार्क।

Nazara Technologies भारत में सूचीबद्ध गेमिंग कंपनी है। उनके पास मोबाइल मैज, ईस्पोर्ट्स, स्पोर्ट्स न्यूज और गेमिंग मार्केटिंग जैसे कई वर्टिकल हैं। इससे पहले मार्च 2024 में, कंपनी ने घोषणा की थी कि उसने अप्रैल 2024 से शुरू होने वाले अगले 24 महीनों के लिए अधिग्रहण और विलय के लिए 100 मिलियन डॉलर आवंटित किए हैं। अल्टीमेट तीन पत्ती का अधिग्रहण उनकी योजना में पहला है।

अधिग्रहण को प्ले गेम्स24×7 प्राइवेट लिमिटेड की सहायक कंपनी यू गेम्स प्राइवेट लिमिटेड से असाइनमेंट के माध्यम से लागू करों सहित कुल 10 करोड़ रुपये में निष्पादित करने की तैयारी है। इस राशि में से, 9 करोड़ रुपये पहले ही वितरित किए जा चुके हैं, शेष 1 करोड़ रुपये यूटीपी आईपी एसेट्स से संबंधित सेवाओं के हस्तांतरण और बैकएंड एकीकरण से जुड़ी विशेष रूप से पहचानी गई गतिविधियों के पूरा होने पर भुगतान के लिए निर्धारित हैं। आईपी ​​असाइनमेंट समझौता।

यह सौदा 90 दिनों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है। फाइलिंग में यह भी उल्लेख किया गया है कि यूटीपी आईपी एसेट्स के अधिग्रहण से नेक्स्टवेव को कैजुअल फ्रीमियम गेमिंग क्षेत्र में अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करने में मदद मिलेगी।

भारतीय गेमर्स के लिए Krafton, BGMI और ZeptoLab ने लांच की बुलेट इको इंडिया

क्राफ्टन इंडिया ने ZeptoLab और Battlegrounds Mobile India (BGMI) के साथ मिलकर बुलेट इको इंडिया नाम का नया गेम लांच किया है। भारतीय गेमर्स (Indian gamers) के लिए बनाया गया यह गेम पिछले हफ्ते ही भारत में लांच किया गया है। बुलेट इको इंडिया के लिए प्री-रजिस्ट्रेशन प्ले स्टोर और ऐप स्टोर दोनों पर पहले से ही चल रहा था।

BGMI के साथ एक विशेष सहयोग की वजह से बुलेट इको इंडिया हीरो स्टॉकर भी होगा। इस वजह से भारतीय गेमर्स के लिए यह गेम काफी महत्वपूर्ण हैं। भारत के पब्लिकेशन कंसल्टेंट और क्राफ्टन इंडिया इनक्यूबेटर प्रोग्राम के प्रमुख अनुज साहनी ने कहा कि भारत में खिलाड़ियों के लिए गेम और उनके हिसाब से कंटेंट बनाकर गेमिंग को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। बुलेट इको इंडिया का लक्ष्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा लेते हुए खिलाड़ियों को स्थानीय अनुभव प्रदान करना है। इसकी असाधारण विशेषताओं में से एक नायकों के लिए चार स्थानीयकृत भारतीय खालों का समावेश है, जिनमें स्लेयर, स्पार्कल और मिराज शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक गेमप्ले में एक अलग स्वाद जोड़ता है।

ज़ेप्टोलैब के सीईओ मैक्स पेट्रोव ने कहा कि भारतीय दर्शकों के लिए प्रभावी ढंग से बुलेट इको इंडिया के निर्माण में सहयोग की सफलता पर प्रकाश डाला। गेम में भारतीय-थीम वाली खालों को शामिल करने से गेमप्ले में गहराई और प्रामाणिकता आती है, जो गहरे स्तर पर खिलाड़ियों के साथ मेल खाती है।

भारत में मोबाइल गेमिंग की लोकप्रियता में वृद्धि बुलेट इको इंडिया जैसी पहल के पीछे एक प्रेरक शक्ति रही है। बीजीएमआई जैसे खेल भारत में वास्तव में लोकप्रिय हैं, और उनके लिए विशेष प्रतियोगिताएं भी हैं। इससे पता चलता है कि भारतीय गेमर्स बुलेट इको इंडिया जैसे नए और रोमांचक गेम के लिए तैयार हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबुमणि रामदास ने रम्मी पोकर पर बैन लगाने की अपील

कल्लाकुरिची जिले में एक युवक की ऑनलाइन रम्मी के नुकसान से हुए कर्ज के कारण आत्महत्या पर पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) ने तमिलनाडु सरकार से ऑनलाइन जुए के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है। पीएमके नेता अंबुमणि रामदास ने राज्य सरकार को कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में अपील करके रम्मी और पोकर सहित ऑनलाइन गेम पर रोक लगाई जाए।

उलुंदुरपेट के वंदिपलायम गांव के एक युवक जयारमन की मौत से जुड़ी हालिया घटना ने ऑनलाइन जुए की लत के परिणामों के बारे में चिंताएं बढ़ा दी हैं। वित्तीय घाटे और ऑनलाइन रम्मी की लत के कारण मानसिक परेशानी के कारण हुई जयरामन की आत्महत्या, पिछले साल नवंबर में मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले के बाद से तमिलनाडु में पांचवीं ऐसी दुखद घटना है।

इस आत्महत्या के जवाब में, अंबुमणि रामदास ने ऑनलाइन जुए से संबंधित आत्महत्याओं के संकट को संबोधित करने में राज्य सरकार की निष्क्रियता की निंदा की। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, सरकार को मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने की जरूरत है, जिसने रम्मी और पोकर जैसे कौशल-आधारित खेलों को ऑनलाइन जुए पर रोक लगाने वाले कानूनों के दायरे से छूट दे दी है।