Wednesday, March 11, 2026
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SAG की मुहिम के बाद बंद होने शुरु हुए Opinion trading platform

Society against gambling के ओपिनियन ट्रेडिंग के खिलाफ मुहिम चलाने के बाद अब धीरे धीरे करके कंपनियां ओपिनियन ट्रेडिंग को बंद करने लगी है। प्रोबो के खिलाफ हरियाणा में FIR होने के बाद इसमें और तेज़ी आई है। अब ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म TradeX ने अपने रियल-मनी गेमिंग ऑपरेशन को बंद कर दिया है, कंपनी अब फ्री-टू-प्ले, कैजुअल सोशल गेमिंग प्लेटफॉर्म पर जा रही है।

एक ब्लॉग पोस्ट में, TradeX ने आरोप लगाया है कि 28 परसेंट जीएसटी बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचा रहा है। कंपनी ने लिखा है कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर “भारी” 28 प्रतिशत माल और सेवा कर (GST) के कारण हुआ है, जो “बड़े खिलाड़ियों के पक्ष में है और विकास और लाभप्रदता को मुश्किल बनाता है”।

दरअसल ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म अपने यूजर्स को किसी भी घटना पर बैटिंग करता था, मौसम से लेकर राजनैतिक गतिविधियों पर यह सीधे तौर पर बैटिंग कराया करता था, इसको लेकर गैंबिंग के खिलाफ काम करने वाली एक संस्था सोसाइटी अगेंस्ट गैंबलिंग ने सभी एजेंसियों को चिट्ठी लिखी थी, जिसके बाद इनपर कार्रवाई होने लगी थी।

TradeX के अलावा, भारत में इस क्षेत्र में गुरुग्राम स्थित प्रोबो, स्पोट्सबाजी और MPL Opinio जैसी कंपनियाँ हैं। जहाँ पूर्व खेल, चुनाव और क्रिप्टोकरेंसी जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर प्रश्न प्रदान करता है, वहीं बाद वाला केवल क्रिकेट मैचों से संबंधित प्रश्नों से निपटता है।
ये प्लेटफ़ॉर्म प्रतिभागियों को किसी भी खेल, राजनीतिक, मौसम या क्रिप्टो घटनाओं पर अपनी भविष्यवाणियों में निवेश करके पैसा कमाने की अनुमति देते हैं। प्रतिभागी अपनी भविष्यवाणियों के आधार पर किसी भी घटना पर दांव लगा सकते हैं। यदि भविष्यवाणियाँ सही हैं, तो प्रतिभागी पैसे कमाता है, और यदि भविष्यवाणी गलत हो जाती है, तो वे हार जाते हैं।
ट्रेडएक्स का बंद होना ऐसे समय में हुआ है जब तथाकथित ओपिनियन ट्रेडिंग सेगमेंट में जांच बढ़ रही है। इस महीने की शुरुआत में, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेशकों को ऐसे प्लेटफ़ॉर्म से निपटने के खिलाफ़ चेतावनी दी थी।

ग्लोबल गेमिंग में अपनी पकड़ बढ़ाएगी Nazara Tech

देश की प्रमुख गेमिंग कंपनी Nazara tech आने वाले समय में ग्लोबल स्तर पर अपनी पकड़ को और बढ़ाने जा रही है। कंपनी इसके लिए कुछ और कंपनियों का अधिग्रहण करने की योजना बना रही है। कंपनी के रिजल्ट्स की घोषणा करते हुए कंपनी ने यह बात कही है। Nazara ने पिछले पिछली तिमाही में 520 करोड रुपए का कुल राजस्व कमाया है। जो कि इससे पिछले साल के मुकाबले 95% ज्यादा है, हालांकि इस दौरान कंपनी के कुल खर्च भी काफी बढ़ें हैं।

कंपनी के मुताबिक,चौथी तिमाही में कंपनी के खर्चों में लगभग 85% की बढ़ोतरी हुई है, जो कि कुल 527 करोड रुपए है। कंपनी के मुताबिक इस दौरान एडवरटाइजमेंट और प्रमोशन में 151 करोड रुपए का खर्चा हुआ है। मार्केटिंग और कर्मचारियों की लागत बढ़ने की वजह से इन खर्चों में बढ़ोतरी हुई है। चौथी तिमाही में कंपनी को कुल 4 करोड रुपए का शुद्ध लाभ हुआ है। जबकि इससे पिछले वर्ष यह सिर्फ 18 लख रुपए था।

कंपनी के सीईओ नीतीश मित्र सेन के मुताबिक हाई मार्जिन गेमिंग बिजनेस में हमें मुनाफा और बढ़ाना है, इसके लिए कंपनी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने गेमिंग बिजनेस को बढ़ाना चाहती है। इसके लिए वह कई कंपनियों का अधिग्रहण करने भी जा रही है, जिसमें कर्व गेम्स और फ्यूज बॉक्स शामिल है।

GST नोटिस पर Pytm की गेमिंग आर्म को राहत

पेटीएम की गेमिंग आर्म फर्स्ट गेमिंग टेक को मिले 5712 करोड रुपए के कारण बताओं नोटिस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगा दिया है। कंपनी को यह नोटिस डायरेक्टर जनरल आफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) से मिला था। कोर्ट ने इस मामले में अंतरिम फैसला देते हुए कहा है कि जीएसटी डिमांड को लेकर फैसला जीएसटी पर चल रही सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के साथ ही लिया जाएगा।

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फर्स्ट गेम ने सुप्रीम कोर्ट में 3 मई को इस टैक्स नोटिस के खिलाफ रिट पिटीशन दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने इस आर्डर पर रोक लगा दी है। दरअसल जीएसटी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। जिसके साथ सभी गेमिंग कंपनियों के जीएसटी के मैटर्स टैग कर दिया गया हैं। 97 कम्युनिकेशन की गेमिंग सब्सिडियरी फर्स्ट गेम टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड है, जो की पेटीएम ऐप पर गेमिंग खिलाती है।

डीजीजीआई ने अन्य गेमिंग कंपनियों की तरह इस कंपनी को भी जीएसटी चोरी का नोटिस भेजा था, जो की 5712 करोड रुपए का था। DGGI का मानना था कि कंपनी ने सरकार को 18 परसेंट की दर से जीएसटी दिया है, जबकि उसकी 28% की दर से जीएसटी जमा करना था, शेयर बाजार में लिस्टेड 97 कम्युनिकेशन ने सेबी को जानकारी दी है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है, जिसमें उसे स्टे मिला है।

“High Stakes and Hard Knocks: India’s Gaming Industry Battles a 28% GST Tsunami”

As of October 1, 2023, a uniform 28% GST is levied on the full face value of bets placed in online games, regardless of whether they are considered games of skill or chance. This was a significant shift from the previous regime where games of skill were taxed at 18% on the platform’s service fee.

The 28% Hammer Explain the sudden imposition of 28% GST on the full face value of bets, treating all online games as “actionable claims”to gambling. Use an example: “A player depositing ₹100 now effectively pays ₹28 in tax, leaving only ₹72 for the game itself, drastically impacting prize pools and player engagement”

A major point of contention and dispute in the industry is the government’s stance on retrospective taxation.Online gaming, along with horse racing and casinos, are now treated as “actionable claims” under the GST Act, similar to lottery, gambling, and betting.

The Supreme Court of India is currently hearing consolidated petitions regarding the 28% GST, especially concerning its retrospective application and the distinction between skill-based and chance-based games for tax purposes. The industry is hopeful for clarity and a potential review of the tax policy.

Impact on the Industry:

Financial Burden: The 28% GST on full face value significantly increases operational costs for gaming startups and established platforms, many of which operate on thin margins.Many companies have reported significant revenue declines or stagnation since the new GST came into effect. Some have even faced losses, leading to workforce reductions

Emotional impact

“This isn’t just about tax numbers; it’s about the future of a vibrant, innovative industry that promised to put India on the global gaming map. The GST decisions have turned a promising growth story into a high-stakes legal battle, with thousands of jobs and billions in investment hanging in the balance.”

Illegal gambling in IPL: आईपीएल के शुरु होते ही चालू हो गई क्रिकेट सट्टेबाज़ी

Illegal gambling in IPL: आईपीएल के शुरू होते ही देश भर में आईपीएल पर अवैध सट्टा खिलाने वालों ने भी अपनी फील्डिंग जमा ली है। हर साल आईपीएल क्रिकेट के दौरान देशभर में स्थानीय पुलिस छापे मारकर करोड़ों रुपए के लेनदेन को पकड़ती है। इसके साथ ही बार-बार यह सामने भी आता है कि आईपीएल के दौरान बहुत बड़ी संख्या में सट्टेबाजी और ऑनलाइन गैंबलिंग चलती है।

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इस बार भी क्रिकेट के आईपीएल के शुरु होते ही, सटोरियों ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। बड़े सटोरियों ने अपने बुकी भी तैयार करके उनके लिए होटल तक का इंतजाम कर दिया है। बड़े सटोरियों ने बुकिंज को अपनी लाइन पहले ही भेज दी है, बुकिंज अपने ग्राहकों से संपर्क कर उनको थोड़े पैसे लगाकर ज्यादा पैसे कमाने का लालच देकर हर मैच पर पैसा लगवाने लगे हैं।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड के बड़े शहरों के बाहर होटल के भीतर ऑनलाइन सट्टा खिलाए जाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। बुकिंज, अपने चेलों के जरिए युवा पीढ़ी को सट्टा लगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसके साथ-साथ ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां भी लोगों के फोन पर मैसेज भेज कर उनको सट्टा लगाकर ज्यादा पैसे कमाने का लालच दे रहे हैं। ऐसे में यह देखने वाली बात होगी कि हर बार आईपीएल और बाकी क्रिकेट के बड़े टूर्नामेंट के दौरान बड़ी मात्रा में ऑनलाइन गेमिंग के साथ-साथ ऑफलाइन सट्टेबाजी भी चलती है, और इससे हजारों लोगों के घर भी बर्बाद होते हैं, लेकिन इसके बावजूद भी जुआ कम होने की बजाए लगातार बढ़ रहा है। ख़ासकर ऑनलाइन अवैध जुआ चलाने वाली कंपनियों की तादाद लगातार बढ़ रही है। यह अवैध जुआ प्लेटफार्म लगातार ज्य़ादा लोगों को जुआ खिलाकर देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

Online gaming effect: सिपाही ने गेमिंग में पैसे हारने पर खुद को मारी गोली

Online gaming effect: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में पुलिस लाइन में तैनात एक सिपाही ने ऑनलाइन गेमिंग में बड़ी रकम हारने के बाद आत्महत्या कर ली है। सिपाही महेंद्र पाल (32) ने शुक्रवार को सुबह अपनी सर्विस इंसास राइफल से खुद को गोली मार ली। एसपी ने मौके पर जांच की है, हालांकि सिपाही महेंद्र पाल का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन कहा जा रहा है कि ऑनलाइन गेमिंग में महेंद्र पाल ने बड़ी रकम हार थी।

पुलिस जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को सुबह वह अपने कमरे पर पहुंचा और 9:00 बजे उसके कमरे से गोली चलने की आवाज आई। मकान मालिक और अन्य लोग जब उसके कमरे पर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। उसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़ा गया तो महेंद्र का शव बेड पर पड़ा था। उसके सिर में गोली लगी थी और राइफल जमीन पर टिकी हुई थी।

पुलिस ने फोरेंसिक टीम को भी मौके की जांच के लिए बुलाया। एसपी अजय जायसवाल, एसएसपी विजय शंकर मिश्रा और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा, जांच में सामने आया कि सिपाही ने ऑनलाइन गेम में काफी पैसा हारा था। उसने अपने एक दोस्त से ₹20000 भी उधार लिए थे, जिसको भी वह गेम में हार चुका था। उधर रेलवे में टेक्नीशियन पद पर तैनात महेंद्र के भाई राजेंद्र पाल ने बताया कि उनको गुरुवार देर रात 2:00 बजे फोन आया था, कई बार फोन ना उठाने पर महेंद्र ने उसकी पत्नी साधना को फोन मिलाया था, इसके बाद राजेंद्र की पत्नी ने महेंद्र से बात कराई थी। महेंद्र ने फोन पर बोला कि उसे एक पुलिस अधिकारी ने नशे में ड्यूटी करते पकड़ लिया है और उसको रिपोर्ट देकर निलंबन की धमकी दी गई है। उस अधिकारी ने शिकायत न करने की एवज में ₹50000 मांगें है। इसपर राजेंद्र ने ₹20000 महेंद्र को ऑनलाइन भेजे थे। इसके बाद महेंद्र ने बाकी ₹30000 अपने चचेरे भाई फूलचंद से मांगे थे। उसने वह रकम देने से इनकार कर दिया था। भाई ने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग के बारे में उसे जानकारी नहीं है। उधर कोतवाल तारकेश्वर राय ने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग में सिपाही के रुपए लगाने का पता लगा है, मोबाइल की जांच से इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

Mobile games के जरिए बच्चों को फ्राड का शिकार बना रहे हैं साइबर अपराधी

Gaming खेलने के दौरान अब फ्राड भी बहुत होने लगे हैं, ताजा मामले में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 14 साल के बच्चे के साथ धोखाधड़ी हो गई है। बच्चा विडियो गेम खेल रहा था, जिस दौरान एक लिंक को क्लिक करने और महत्वपूर्ण जानकारियां देने से उसकी मां के अकाउंट से 1.50 लाख रुपये निकल गए।

दरअसल लखनऊ में एक 14 साल का बच्चा एक बहुत ही मशहूर विडियो गेम खेल रहा था। जिसको खेलते खेलते उसे एक लिंक आता है, जोकि एक बहुत ही अच्छा ऑफर था। इस लिंक के जरिए ऑफर में इन विडियो गेम में स्पेशल आइटम देने की बात कही गई थी। इस ऑफर को पाने के लिए इस बच्चे को एक लिंक पर क्लिक करके अपने बैंक के डिटेल देने को कहा गया था। इस ऑफर से प्रभावित होकर बच्चे ने अपनी मां के बैंक अकाउंट की डिटेल उसमें शेयर कर दी और उसके बाद आए ओटीपी को भी दे दिया। इसके तुरंत बाद बच्चे की मां के अकाउंट से 1.5 लाख रुपये चोरी हो गया।

मां ने अपने अकाउंट से 1.50 रुपये कटने के तुरंत बाद पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। दरअसल मोबाइल गेम के जरिए फ्राड की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही है। साइबर अपराधी लगातार विडियो गेम खेलने वाले बच्चों और युवाओं को टारगेट कर रहे हैं। साइबर जानकारों के मुताबिक, अपराधी विडियो गेम के जरिए पता लगा लेते हैं कि इस गेम को खेलने वाला कौन है। बच्चों वाली गेम में बच्चें को इन परचेज के जरिए लुभाया जाता है और फिर पैसे लेकर फरार हो जाते हैं

Illegal gambling को लेकर तीनों गेमिंग फेडरेशन ने मिलाया हाथ

अवैध विदेशी गैंबलिंग प्लेटफार्म (Illegal gambling ) के प्रचार को सीमित करने के लिए The Advertising Standards Council of India ने घरेलू गेमिंग कंपनियों की तीनों प्रमुख फेडरेशन के साथ एक समझौता किया है। जिसमें तीनों फेडरेशन की शिकायतों पर कार्रवाई करेगा। इससे पहले तीनों फेडरेशन अपने अपने स्तर पर विदेशी जुआ एप्स को लेकर सरकार से शिकायतें करते थे। लेकिन बहुत सारे मीडिया प्लेटफार्म फिर भी इन विज्ञापनों को स्थान देते थे। इन विदेशी जुआ एप्स के विज्ञापनों को लेकर इससे पहले सरकार ने भी मीडिया संस्थानों से लेकर सोशल मीडिया कंपनियों को समय समय पर चेतावनी जारी की थी।

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इस करार के मुताबिक काउंसिल अवैध विदेशी एप्स के विज्ञापनों पर नज़र रखने के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल बनाएगी। यह सेल इस तरह के विज्ञापनों को लेकर विभिन्न मंत्रालय को रिपोर्ट करेगा। यह करार जनवरी से ही लागू किया गया है, इसी के तहत इस सेल ने अभी तक 400 से ज्य़ादा शिकायतें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को की हैं। काउंसिल के मुताबिक, इससे पहले भी उन्होंने इस तरह की 1300 से ज्य़ादा शिकायतें मंत्रालय को की थी। इस मौके पर संस्था की महासचिव मनीषा कपूर ने कहा कि भारतीय ग्राहक इस तरह के विज्ञापनों से उन गैंबलिंग एप्स के चक्कर में पड़ जाते हैं, जिनकी भारत में कोई जवाबदेही नहीं है। देश में कई बड़ी हस्तियां भी इस तरह के विज्ञापनों में दिखाई दिए हैं।

इस मौके पर ई-गेमिंग फेडरेशन के सीईओ अनुराग सक्सेना ने कहा कि बहुत सारे भारतीयों ने इन गैंबलिंग एप्स के चक्कर में पैसे गवाएं हैं। इसलिए हम लगातार रिस्पांसिबल गेमिंग की बात करते आए हैं।

Gambling in Kashmir: कश्मीर में गैंबलिंग के खिलाफ पुलिस का अभियान तेज़

Gambling in Kashmir: जम्मू-कश्मीर में जुआ काफी तेज़ी से बढ़ रहा है, गेमिंग और गैंबलिंग को लेकर अब वहां पुलिस लगातार इसको रोकने के लिए छापे मार रही है। पुलिस ने रविवार को बड़गाम जिले के नरबल इलाके में जुआ खेलने वाले पांच लोगों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से दांव पर लगी रकम और ताश के पत्ते जब्त किए।

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पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस चौकी नरबल को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली कि जवाहरपोरा नरबल गांव के पास खुली कृषि भूमि पर कुछ अज्ञात लोग जुआ खेल रहे हैं। यह सूचना मिलने पर प्रभारी पुलिस चौकी नरबल के नेतृत्व में पुलिस दल ने मौके पर छापा मारा और अवैध जुआ खेलने वाले पांच लोगों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। तलाशी अभियान के दौरान उनके कब्जे से 33500 रुपये की दांव पर लगी रकम और ताश के पत्ते जब्त किए गए। पुलिस ने जुआ खेल रहे निसार अहमद डार, मोहम्मद भट, शाहनवाज अहमद, रसूल पार्रे और मोहिद्दीन राथर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला एफआईआर संख्या 21/2025 पुलिस स्टेशन मगाम में पंजीकृत किया गया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

Nazara teach की सहायक कंपनी नोडविन ने स्टारलैडर को खरीदा

नाज़ारा टेक्नोलॉजीज की सहायक कंपनी नोडविन गेमिंग ने $5.5 मिलियन के सौदे में एक प्रसिद्ध ईस्पोर्ट्स टूर्नामेंट आयोजक स्टारलैडर का पूर्ण अधिग्रहण कर लिया है। यह समझा जाता है कि यह अधिग्रहण गेमिंग और लाइव मनोरंजन में अपने वैश्विक पदचिह्न का विस्तार करने के लिए नोडविन की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। स्टारलैडर अपने मौजूदा ब्रांड के तहत काम करना जारी रखेगा, संस्थापक रोमन रोमेंटसोव कंपनी के प्रमुख के रूप में बने रहेंगे और नोडविन गेमिंग में शेयरधारक भी बनेंगे।

“स्टारलैडर और रोमन उन क्रेम डे ला क्रेम इवेंट्स के पीछे के सुपरस्टार हैं जिन्हें ईस्पोर्ट्स प्रशंसक देखना पसंद करते हैं। रोमन को स्टेज डिज़ाइन, क्रिएटिव ब्रॉडकास्ट सॉल्यूशंस और उद्यमी ऊर्जा में उनकी गहरी अंतर्दृष्टि के साथ ईस्पोर्ट्स इवेंट प्रोडक्शन के अग्रदूतों में से एक माना जाता है। मैं सबसे लंबे समय से उनके काम का प्रशंसक रहा हूं और अपने नायकों में से एक के साथ काम करने और नोडविन बनाने के अवसर को संजोता हूं। हमारे पास अपने अद्भुत प्रशंसकों और भागीदारों के लिए अधिक CS:GO टूर्नामेंट सहित अविश्वसनीय सामुदायिक अनुभवों को बढ़ाने और बनाने का एक दृष्टिकोण है और उन्हें और अधिक उभरते बाजारों में ले जाने के लिए तत्पर हैं। हमें NODWIN गेमिंग परिवार में ऐसे अद्भुत ब्रांड और संस्थापक का स्वागत करते हुए बहुत गर्व है।” NODWIN गेमिंग के सह-संस्थापक अक्षत राठी ने कहा।