Thursday, March 12, 2026
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देश में सबसे ज्य़ादा GST चोरी के मामले गेमिंग और कैसिनों कंपनियों पर

जीएसटी विभाग (GST Department) ने गेमिंग और कैसिनों कंपनियों (Gaming and Casino companies) को पिछले साल सबसे ज्य़ादा टैक्स चोरी (GST evasion) के मामलों में नोटिस भेजे हैं। जीएसटी ना भरने के मामलों में 40 परसेंट मामले सिर्फ गेमिंग और कैसिनों कंपनियों से संबंधित है। डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) ने 2023-24 के दौरान जीएसटी चोरी के मामलों का खुलासा किया है, जिसमें टैक्स चोरी के मामलों में गेमिंग और कैसिनो सबसे ऊपर हैं।

डीजीजीआई ने ₹2.01 लाख करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी से जुड़े 6,074 से अधिक मामलों का पता लगाया है। जोकि चालू वित्त वर्ष में कुल जीएसटी कलेक्शन का लगभग 10 प्रतिशत है, जिसने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए कुल जीएसटी कलेक्शन में लगभग 1.4 प्रतिशत का योगदान दिया है। इसके अलावा जीएसटी चोरी में शामिल 147 मास्टरमाइंड और अन्य अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

जिन सेक्टर्स में सबसे ज्य़ादा जीएसटी चोरी पकड़ी गई है, उनमें ऑनलाइन गेमिंग और कैसीनो सबसे ऊपर हैं, इस सेक्टर की कंपनियों की करीब ₹83,588 करोड़ की टैक्स चोरी जीएसटी विभाग ने पकड़ी है। इसी तरह को-इंश्योरेंस/री-इंश्योरेंस सेक्टर की ₹16,305 करोड़ की टैक्स चोरी और सेकेंडमेंट ₹1,064 करोड़ की चोरी का पता चला है। डीजीजीआई ने अपने एक नोट में कहा गया है, “ऑफशोर ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों की सब्सिडियरी की जांच शुरू की है, जिसमें जीएसटी कानून पालन नहीं करने वालों की पहचान कर उनपर कार्रवाई की जाएगी।

वित्त मंत्रालय ने राज्यसभा को सूचित किया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 और 2023-24 (अक्टूबर 2023 तक) के दौरान ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को ₹1.12 लाख करोड़ से अधिक के जीएसटी से जुड़े 71 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक लिखित उत्तर में कहा था, “चूंकि ये नोटिस निर्णय के लिए लंबित हैं, संबंधित जीएसटी मांग अभी तक सीजीएसटी अधिनियम, 2017 के प्रावधानों के तहत निर्धारित नहीं की गई है।”

ऑनलाइन गेमिंग पर जीएसटी को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है। इससे पहले ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां प्लेटफ़ॉर्म शुल्क पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगा रही थीं, सट्टेबाजी के रूप में कार्रवाई योग्य दावों पर 28 प्रतिशत टैक्स भी विवादित रहा है। हालांकि, जीएसटी काउंसिल ने पिछले साल 11 जुलाई को अपनी बैठक में सिफारिश की थी कि कैसीनो, घुड़दौड़ और ऑनलाइन गेमिंग पर 28 प्रतिशत की जीएसटी दर लगाई जाएगी और इसे हटाने के लिए कानून में संशोधन करने की सिफारिश की गई है।

GST को लेकर केंद्र सरकार की अपील पर सभी मामले सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित हुए

सुप्रीम कोर्ट ने गेमिंग पर जीएसटी (Supreme Court on gaming GST ) के मामले को लेकर देश के अलग अलग हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं (Petitions filed in the High Court) के सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरण की मंजूरी (Approval of transfer to Supreme Court) दे दी है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से इस बाबत अपील की थी। दरअसल देश के 9 हाई कोर्ट में इस तरह की करीब 27 रिट याचिकाएं लंबित है। इस वजह से जीएसटी विभाग को काफी परेशानी तो हो ही रही है, साथ ही जीएसटी के नोटिस पर नए तरह के आदेश से कंपनियां भी दुविधा में पड़ रही हैं।

सीजेआई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने पार्टियों को नोटिस जारी किए बिना 9 अलग-अलग उच्च न्यायालयों में 27 रिट याचिकाओं की सरकार की स्थानांतरण याचिका को यह देखते हुए अनुमति दे दी है। गेम्सक्राफ्ट मामले में इसी तरह की समान एसएलपी और ईजीएफ और प्ले गेम्स24×7 की रिट भी लंबित हैं।

अब इस मामले को बैच ने अस्थायी रूप से 03 मई को लिस्ट किया है। हालांकि अदालत इसे 01 और 02 मई को भी सुन सकती है। इस केस में केंद्र सरकार को 30 अप्रेल तक यानि 3 सप्ताह में सभी रिटों में जवाबी हलफनामा दाखिल करना होगा। ईजीएफ और प्ले गेम्स24×7 को भी रिट पर जवाबी एफिडेविट 22 अप्रेल तक दायर करना है।

Vodafone-Idea भी अब गेमिंग में, क्लाउड गेमिंग शुरु की

Gaming sector में अब देश की बड़ी बड़ी कंपनियां भी गंभीरता से काम कर रही है। गेमिंग बाजार में पैठ बनाने के लिए, वोडाफोन आइडिया (Vodafone-Idea) ने पेरिस की कंपनी केयरगेम (https://www.caregame.com/) के साथ मिलकर मैंबरशिप बेस्ड मोबाइल क्लाउड गेमिंग सेवा, क्लाउड प्ले शुरु की है। इस गेमिंग सर्विस की कीमत 100 रुपये महीने रखी गई है (प्रीपेड के लिए 104 रुपये के रिचार्ज के साथ), इस सर्विस में मैंबर को एक्शन, एडवेंचर, आर्केड, रेसिंग और स्पोर्ट्स प्रीमियम एएए गेम्स खेलने का मौका मिलेगा। वोडाफोन के बयान के मुताबिक, मोबाइल ग्राहक सदस्यता पैक के साथ इस सर्विस को मुफ्त भी ले सकते हैं।

सेवा के बारे में बात करते हुए, वीआई ने कहा कि भारत में गेमिंग उद्योग के डेवलपमेंट को देखते हुए हमने क्लाउड गेमिंग पर जोर दिया। क्लाउड गेमिंग के लिए यूजर को स्थानीय डाउनलोड की जरुरत नहीं होगी। यह सर्विस टैबलेट, स्मार्टफोन, पीसी और टीवी जैसे विभिन्न इक्विपमेंट पर गेमप्ले पर ली जा सकती है। इन गेम्स में बेहतरीन ग्राफिक्स और मल्टीप्लेयर गेमिंग भी की जा सकती है, जोकि स्किल गेमर्स के लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है। च्च-निष्ठा वाले गेम की पेशकश करके, क्लाउड प्ले का उद्देश्य डिवाइस मेमोरी पर बोझ को कम करना और बार-बार हैंडसेट अपग्रेड की आवश्यकता को समाप्त करना है।

वोडाफोन आइडिया के सीएमओ अवनीश खोसला ने केयरगेम के साथ साझेदारी पर कहा कि क्लाउड प्ले गेमिंग का भविष्य है, जहां “क्लाउड आपका खेल का मैदान है और संभावनाएं असीमित हैं।” केयरगेम में लोकप्रिय कंपनियों के 1,200 से अधिक मोबाइल गेम उपलब्ध हैं, जिन्हें आईफोन और एंड्रॉइड फोन दोनों पर आसानी से सेट किया जा सकता है। केयरगेम के सह-संस्थापक और सीईओ फिलिप वांग ने नए उपकरणों में निवेश की आवश्यकता के बिना भारत में एएए मोबाइल गेमिंग प्रदान करने की क्लाउड प्ले की क्षमता पर प्रकाश डाला। वीआई गेम्स क्लाउड प्ले वीआईवेब और वीआई ऐप दोनों प्लेटफार्मों के माध्यम से आसानी से उपलब्ध है, जो भारत में गेमर्स को प्रकाशन भागीदारों के प्रतिष्ठित शीर्षकों के साथ गेमिंग अनुभव प्रदान करता है।

अब Gaming में भी निवेश करने जा रही है JSW Sports

अभी तक स्पोर्ट्स क्षेत्र खासकर बॉक्सिंग, कुश्ती और एथलेटिक्स (Boxing, Wrestling and Athletics) में काम कर रही सज्जन जिंदल की कंपनी जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स (JSW Sports) अब गेमिंग में भी कदम रखने जा रही है। कंपनी ने स्पोर्ट्स टेक्नॉलॉजी और गेमिंग (Sports Technology and Gaming) में निवेश के लिए सेंटर कोर्ट कैपिटल (Center Court Capital) नाम का एक कैपिटल फंड स्थापित किया है, जिसके जरिए कंपनी गेमिंग सेक्टर में निवेश करेगी।

हाल ही में सेंटर कोर्ट कैपिटल ने 350 करोड़ रुपये के फंड के लॉन्च की घोषणा की है, जोकि भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी), प्रेमजी इन्वेस्ट और अन्य घरेलू निवेशकों से जुटाया गया है। इस फंड में जीएमआर स्पोर्ट्स और एसजी स्पोर्ट्स जैसे कॉर्पोरेट खेल निवेशकों के निवेश के साथ-साथ सज्जन जिंदल ट्रस्ट ने भी हिस्सेदारी की है।

JSW Sports के पूर्व चीफ एक्जिक्युटिव ऑफिसर मुस्तफा घोष और टीवीएस कैपिटल फंड्स के पूर्व निवेश निदेशक आलोक समतानी इस फंड को देखेंगे। यह फंड स्पोर्ट्स टेक्नॉलॉजी, फिटनेस, गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स (Sports Technology, Fitness, Gaming and E-Sports) जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा। फंड से 15-18 प्रोजेक्ट्स में निवेश करने की योजना है। साथ ही सेंटर कोर्ट कैपिटल का टारगेट स्पोर्ट्स एनालिटिक्स, कंटेंट, ब्रॉडकास्ट, फैन एंगेजमेंट, गेमिंग स्टूडियो और बहुत कुछ में स्टार्टअप को शुरु करना भी है।
गौस ने 2020 के बाद से इस क्षेत्र में निवेश में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, खेल और मनोरंजन उपभोग में प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उनका मानना है कि उपयोगकर्ता के व्यवहार और खर्च करने की आदतों में मैच्योरिटी को देखते हुए, इस क्षेत्र में फंड लॉन्च करने का समय आ गया है।

सेंटर कोर्ट कैपिटल का लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब भारत के गेमिंग और डिजिटल सामग्री इंवेस्टमेंट में निवेश में रुचि बढ़ी है। दक्षिण कोरियाई गेमिंग दिग्गज क्राफ्टन ने भारतीय गेमिंग स्टार्टअप्स में 150 मिलियन डॉलर का निवेश किया है। जापानी मोबाइल मनोरंजन कंपनी मिक्सी ने भारतीय बाजार के लिए 50 मिलियन डॉलर का उद्यम पूंजी कोष लॉन्च करने के साथ, इस क्षेत्र में वृद्धि देखी जा रही है। लुमिकाई की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय गेमिंग उद्योग ने वित्त वर्ष 2023 में 3.1 बिलियन डॉलर का राजस्व दर्ज किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वित्त वर्ष 2028 तक राजस्व में 7.5 अरब डॉलर की बढ़ोतरी के अनुमान के साथ, यह क्षेत्र सेंटर कोर्ट कैपिटल जैसे निवेशकों के लिए अवसर प्रस्तुत करता है।

Cricket gaming company Hitwicket में हर्षा भोगले ने किया इवेस्टमेंट

गेमिंग स्टार्टअप हिटविकेट ने मशहूर क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले के साथ साझेदारी की है। कंपनी में भोगले एक इंवेस्टर के तौर पर कंपनी में शामिल हुए हैं, जोकि क्रिकेट गेमिंग में अंतरराष्ट्रीय एक्सपेशन और इनोवेशन पर काम करेगी। Hitwicket को कीर्ति सिंह और कश्यप रेड्डी ने 2015 में शुरु किया था जोकि वर्चुअल मल्टीप्लेयर क्रिकेट गेम के साथ गेमिंग उद्योग में लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ हर्षा भोगले का क्रिकेट ज्ञान कंपनी के इनोवेटिव गेमिंग प्लेटफॉर्म को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

हिटविकेट के सीईओ कश्यप रेड्डी ने कंपनी के कंटेंट मार्केटिंग प्रयासों को आगे बढ़ाने में भोगले के साथ हुई साझेदारी के बारे में उत्साह व्यक्त किया। भोगले की भागीदारी से सोशल मीडिया वीडियो बनाए जाएंगे जोकि ऐतिहासिक क्रिकेट मैचों का विवरण देंगे और मैच रणनीतियों पर चर्चा करेंगे, जिससे दुनिया भर के लाखों गेमर्स को मदद करेंगे। हिटविकेट का लक्ष्य अगले दो वर्षों के भीतर 50 मिलियन डाउनलोड हासिल करना है। इस लक्ष्य को हासिल करने में भोगले का योगदान अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है।

हिटविकेट के साथ अपनी साझेदारी के बारे में बोलते हुए, हर्षा भोगले ने मोबाइल क्रिकेट गेमिंग उद्योग में भारत की प्रोफ़ाइल को बढ़ाने की क्षमता के बारे में उत्साह व्यक्त किया। भोगले ने कहा, “मैं हिटविकेट की मेड इन इंडिया क्रिकेट गेम बनने की क्षमता का इंतजार कर रहा हूं जो भारत को बाकी दुनिया से जोड़ता है।”

जैसा कि हिटविकेट वैश्विक विस्तार पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है, हर्षा भोगले के साथ सहयोग दुनिया भर के प्रशंसकों को क्रिकेट गेमिंग अनुभव प्रदान करने की उसकी प्रतिबद्धता को उजागर करता है।

Punjab में आईपीएल के दौरान अवैध सट्टेबाज़ी रोकने के लिए पुलिस ने कमर कसी

पंजाब में लगातार आईपीएल के दौरान सट्टेबाज़ी होने के बीच पंजाब पुलिस ने राज्य के प्रमुख इलाकों में सट्टेबाजों के खिलाफ कार्रवाई शुरु कर दी है। फिलहाल पंजाब पुलिस ने औद्योगिक शहर लुधियाना में सट्टेबाजी के जरिए कमाए हुए पैसों से बनाई हुई संपत्तियों को कुर्क करने की तैयारी शुरु कर दी है। दरअसल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2024 की शुरुआत के साथ ही लुधियाना में अवैध सट्टेबाजी गतिविधियों के मामले सामने आ रहे हैं। शहर में जल्दी पैसा कमाने का लालच देकर युवाओं को जुए में फंसाया जा रहा है। शहर में क्रिकेट सट्टेबाजी की लंबे समय से मौजूदगी के बावजूद भी तक किसी भी बड़े नेटवर्क को खत्म नहीं किया जा सका है

पुलिस आयुक्त, कुलदीप सिंह चहल ने पुलिस कर्मियों को निर्देश जारी किए, जिसमें लुधियाना के भीतर सक्रिय सट्टेबाजों पर कड़ी नजर रखने के लिए कहा गया है। चहल ने जोर देकर कहा, “औद्योगिक केंद्र में अवैध व्यापार का कोई स्थान नहीं है,” उन्होंने नागरिकों से अवैध सट्टेबाजी से परहेज करने का आग्रह किया है।

चहल ने पुलिस को क्रिकेट सट्टेबाजी के मामलों के माध्यम से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया है, ऐसी संपत्तियों की खोज पर कुर्की की कार्यवाही शुरू करने पर जोर दिया है। एडीसीपी (अपराध) अमनदीप सिंह बराड़ ने शहर की सीमा के भीतर क्रिकेट सट्टेबाजी सहित अवैध गतिविधियों को रोकने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने आपराधिक तरीकों से अर्जित संपत्तियों का खुलासा करने पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सहयोग से संपत्ति कुर्की की कार्यवाही शुरू करने की प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार की।
एसबीएस नगर के राहुल गोयल को लुधियाना पुलिस कमिश्नरेट की सीआईए विंग ने चल रहे आईपीएल मैचों पर सट्टा लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। हालाँकि, दो व्यक्ति पकड़े जाने से बचने में सफल रहे। संदिग्ध के पास से एक लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन और ₹5,000 नकद सहित आपत्तिजनक वस्तुएं जब्त की गईं।

चल रहे महादेव ऐप मामले में अवैध गतिविधियों में लुधियाना समेत पंजाब के लोगों की संलिप्तता भी देखी गई है। एक युवा सट्टेबाज ने सट्टेबाजी लेनदेन के लिए विश्वसनीय व्यक्तियों के सतर्क चयन पर प्रकाश डालते हुए, सट्टेबाजों द्वारा पहचान से बचने के लिए की जाने वाली प्रथाओं का खुलासा किया। लेन-देन गुप्त रूप से किया जाता है, भुगतान नकद में किया जाता है और सट्टेबाजों के घरों तक गुप्त रूप से पहुंचाया जाता है।

युवाओं को क्रिकेट पर सट्टेबाजी में शामिल न होने की चेतावनी दी जा रही है। उन्हें बताया जा रहा है कि यह जोखिम भरा है, और अवैध जुए की गुप्त दुनिया में खिलाड़ियों को फायदा है। आईपीएल सीजन के दौरान लुधियाना में अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को रोकने के लिए अधिकारी नजर रख रहे हैं। वे इन गतिविधियों को रोकने में जनता की मदद के महत्व पर जोर दे रहे हैं।

Gaming में है रोज़गार की भारी संभावना, पिछले साल एक लाख से ज्य़ादा लोगों को मिला रोज़गार

इंटरएक्टिव एंटरटेनमेंट एंड इनोवेशन काउंसिल (IEIC) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2023 के दौरान भारत में ऑनलाइन गेमिंग (online gaming in india) से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 100,000 से अधिक स्किल लोगों को रोजगार दिया (Employed skilled people) है, रिपोर्ट के मुताबिक, अगले दस सालों में इस क्षेत्र से 250,000 से अधिक अतिरिक्त नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

भारत में बड़ी संख्या में गेमर्स के कारण इस क्षेत्र में इतनी बढ़ोतरी हुई है, भारत में इस साल कुल गेमर्स की संख्या 56 करोड़ तक पहुंच गई है। जोकि संयुक्त राज्य अमेरिका की कुल जनसंख्या से 1.5 गुना अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में जितने गेम डाउनलोड हुए हैं, उनमे 16% हिस्सेदारी भारत की है। भारत ने डाउनलोड के मामले में अमेरिका और ब्राजील जैसे देशों को पीछे छोड़ दिया।

गेम डाउनलोड में वृद्धि जारी है, 2019 में यह आंकड़ा 5.65 बिलियन से बढ़कर 2023 में 9.5 बिलियन हो गया है। इस खिलाड़ी आधार में से, 144 मिलियन को 2023 में “भुगतान करने वाले उपयोगकर्ताओं” के रूप में वर्गीकृत किया गया था, यह संख्या बढ़ने की उम्मीद है। 2028 तक बढ़कर 240 मिलियन हो जाएगी, इसमें संभावित रूप से वास्तविक पैसे के खेल में लगे खिलाड़ी शामिल होंगे।
इस गेमिंग इकोसिस्टम के पीछे लगभग 15,000 गेम डेवलपर्स और 1,400 से अधिक गेमिंग कंपनियां हैं, जिनमें 500 से अधिक स्टूडियो शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि गेमिंग उद्योग में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में भारत के उभरने का श्रेय इसके फायदों को दिया जा सकता है, जैसे कि विशाल उपयोगकर्ता आधार, शीर्ष स्तरीय प्रतिभा, आईपी सुरक्षा और स्टार्टअप-अनुकूल नीतियां।

विभिन्न राज्य एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) पर केंद्रित समर्पित नीतियों, फंडों और उत्कृष्टता केंद्रों को लागू कर रहे हैं। केंद्र सरकार एक राष्ट्रीय AVGC मिशन और ‘क्रिएट इन इंडिया’ अभियान के साथ भी तैयारी कर रही है।

उद्योग जगत के नेता समावेशी विकास की आवश्यकता पर जोर देते हैं। रेवेनेंट ईस्पोर्ट्स के संस्थापक और सीईओ रोहित जगासिया उद्योग की पहुंच बढ़ाने के लिए महिला और क्षेत्रीय दर्शकों को तैयार करने के महत्व पर जोर देते हैं।

स्काईस्पोर्ट्स के संस्थापक और सीईओ शिव नंदी क्षेत्रीय भाषा जुड़ाव के महत्व को रेखांकित करते हैं, खासकर टियर 2 और टियर 3 शहरों में खिलाड़ी आधार के साथ। नंदी के अनुसार, क्षेत्रीय दर्शकों के साथ तालमेल बिठाने के लिए दृष्टिकोण को अनुकूलित करने से भारत में विस्तार पर नजर रखने वाले वैश्विक प्रकाशकों के लिए विकास के अवसर खुल सकते हैं।

60 अवैध गैंबलिंग डोमेन को ब्लॉक करने जा रही है केंद्र सरकार

जीएसटी विभाग (GST Department) ने बिना पंजीकरण के अवैध तौर पर चल रही 60 गैंबलिंग साइट्स (60 gambling sites) को बैन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ( MEITy ) को लिस्ट भेजी है। इस पहले भी करीब 110 साइट्स के आईपी एडरेस (ip address) को ब्लॉक किया गया था। हालांकि इस गैंबलिंग साइट्स को चलाने वाली कंपनियों ने पहले ही कई अलग अलग नामों से डोमेन लिया हुआ है। इसकी वजह से इन डोमेन को ब्लॉक (block domain) करने के बाद भी अलग अलग नामों से साइट चलती रहती हैं। हालांकि बड़ी संख्या में अगर डोमेन ब्लॉक हो जाएगे तो इन कंपनियों को काफी परेशानियां होंगी। नए ग्राहक बनाने और पुराने ग्राहकों को नई साइट पर लाना एक चुनौती जरुर इन कंपनियों को होगी।

हाल ही में सोसाइटी अगेंस्ट गैंबलिंग ट्रस्ट (Society Against Gambling Trust) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 200 से ज्य़ादा अवैध गैंबलिंग कंपनियों के डोमेन की लिस्ट भेजी थी, जिसे आगे विभिन्न मंत्रालयों को प्रधानमंत्री कार्यालय (The Office of the Prime Minister) से भेजा गया था। इसके बाद जीएसटी विभाग ने इन कंपनियों के डोमेन को ब्लॉक करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITy ) भेजा है।

सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से इस लिस्ट में एक एक डोमेन को देखा जा रहा था, इन 200 से ज्य़ादा डोमेन में से करीब 110 किसी भी तरह से भारतीय कानून के मुताबिक काम नहीं कर रही हैं। इनमें से 60 डोमेन को पिछले महीने ही ब्लॉक किया गया था। बाकियों पर भी सरकार जांच कर रही हैं, ताकि इनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

देश में पिछले कुछ समय से अवैध ऑनलाइन जुआ खिलाने वाली कंपनियों की भरमार हो गई है, जोकि देश में युवाओं को ज्य़ादा पैसे का लालच देकर जुआ खेलने का लालच दे रही है। इसके लिए इन कंपनियों ने अपने अलग अलग ऐप बनाए हुए हैं और उन्हीं एप के जरिए यह कंपनियां लोगों से पैसे लेकर उन्हें जुआ खिलवा रही हैं। इसको लेकर समाज के विभिन्न वर्ग लगातार इसके खिलाफ आवाज भी उठाते रहे हैं।

सरकार की एडवाइजरी के बाद अब इंस्टाग्राम, व्हाटअप चैनल और टेलीग्राम से जुआ खिलवा रही हैं अवैध जुआ कंपनियां

मुंबई के साथ साथ दिल्ली एनसीआर में भी इन दिनों जुआ खिलाने वाली वेबसाइट्स के विज्ञापनों (Advertisements from gambling websites) की भरमार है। दिल्ली और एनसीआर (Delhi-NCR) में प्रमुख स्थानों पर जुआ खिलाने वाली वेबसाइट्स लोगों को क्रिकेटरों के चेहरे (faces of cricketers) वाले बैनर्स दिखाकर जुआ खेलने के लिए प्रेरित कर रही हैं। साथ ही Insta, whatsapp channel and telegram पर विज्ञापन दे रही हैं। दूसरी ओर केंद्र सरकार एडवाइजरी जारी कर रही है। लेकिन इससे जुआ खिलाने वाली कंपनियों की मार्केटिंग पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। दूसरी ओर गैंबलिंग के खिलाफ काम कर रहे सोसाइटी अगेंस्ट गैंबलिंग ट्रस्ट (Society Against Gambling Trust) ने सरकार को इसको बंद करने के लिए चिट्ठी लिखी है।

ऑफशोर सट्टेबाजी फर्मों की विज्ञापन पहल पर अंकुश लगाने के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) की कोशिशों के बावजूद, ये कंपनियां – 1XBet, DafaBet, Parimatch, Betway जैसी जुआ कंपनियां डिजिटल और आउट-ऑफ-होम प्लेटफार्मों के जरिए अपना प्रचार कर रही हैं, ताकि सरकार की एडवाज़री से बचा जा सके। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का सीज़न जुआ कंपनियों के लिए कमाई का साधन है। इसलिए अगले कुछ दिनों में यह कंपनियां अपनी मार्केटिंग में बढ़ोतरी करेंगी। एक कंपनी के प्रचार करने वाली टीम का हिस्सा रहे एक व्यक्ति ने बताया कि अब कोशिश सोशल मीडिया ख़ासकर इस्टाग्राम के वो पेज हैं, जिनको यंग लोग ज्य़ादा देखते हैं।

ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन (एआईजीएफ) के सीईओ रोलैंड लैंडर के मुताबिक, यह कंपनियों भारत में जुए को बढ़ाने के लिए बड़ी रकम खर्च करती हैं। 2022 में इन कंपनियों ने करीब 3,000 करोड़ रुपये से 3,500 करोड़ रुपये के बीच पैसा सिर्फ मार्केटिंग में ही खर्च किया था। विशेषज्ञों के अनुसार पिछले दो वर्षों में खर्च कम से कम 30 प्रतिशत से 40 प्रतिशत तक बढ़ गया है। हालांकि, इसका अधिकांश हिस्सा पारंपरिक मीडिया से हटकर बना हुआ है। सरकार के इन कंपनियों के विज्ञापनों के लिए जारी एडवाइज़री के बाद अब ऑफशोर सट्टेबाजी कंपनियां छोटी मशहूर हस्तियों और सोशल मीडिया के साथ मार्केटिंग कर रही है। साथ ही टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर चैनलों पर भी मार्केटिंग कर रही हैं।

एमआईबी सलाह

21 मार्च को एमआईबी ने एक एडवाइजरी जारी कर सोशल मीडिया पर किसी भी रूप में ऑफशोर ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ प्लेटफार्मों के सरोगेट विज्ञापनों सहित प्रचार सामग्री/विज्ञापन दिखाने से बचने की सलाह दी थी। जबकि ऑनलाइन विज्ञापन एजेंट्स को भी इनसे दूर रहने की सलाह दी थी। एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि अगर कोई फिर भी इन कंपनियों का विज्ञापन दिखाता है तो उसपर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही हो सकती है, सोशल मीडिया पोस्ट को डीलिट भी किया जा सकता है।

हालांकि मंत्रालय की ओर से यह पहली सलाह नहीं है, हालांकि इस तरह की एडवाइजरी के कारण बड़े टेलीविजन नेटवर्क को इन कंपनियों के साथ विज्ञापन करना बंद करना पड़ा है। पारंपरिक विज्ञापन चैनलों तक पहुंच खोने के बाद, ये कंपनियां अब मनोरंजन और खेल सामग्री प्लेटफार्मों के रूप में व्हाट्सएप के माध्यम से दांव लगा रही हैं। इन विज्ञापनों में अक्सर क्यूआर कोड होते हैं जो उपयोगकर्ताओं को एक व्हाट्सएप बिजनेस खाते तक ले जाते हैं जो सट्टेबाजी के विवरण तक पहुंच प्रदान करता है।

ई-गेमिंग फेडरेशन के सीईओ अनुराग सक्सेना ने बताया कि “भोपाल में एक उपयोगकर्ता एक शॉर्ट-फॉर्म वीडियो ऐप के माध्यम से स्क्रॉल कर रहा है और एक बॉलीवुड अभिनेत्री को सट्टेबाजी ऐप का प्रचार करते हुए देखता है। विज्ञापन में दावा किया गया है कि साइट पर खेलने से आप ‘लखपति’ (लाखों रुपये वाला व्यक्ति) बन सकते हैं। “समस्या यहीं है। उपयोगकर्ताओं को लुभाने के लिए अवैध सट्टेबाजी साइटों द्वारा मशहूर हस्तियों और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की विश्वसनीयता का दुरुपयोग किया जा रहा है।

टीम स्पांसर्स में भी गैंबलिंग कंपनियां

ब्रांडिंग और मार्केटिंग केवल विज्ञापनों तक ही सीमित नहीं हैं। ये कंपनियां देश भर में विभिन्न खेल लीगों की टीमों को प्रायोजित करने में भी काफी खर्च करती हैं। उदाहरण के लिए, लोकप्रिय BGMI टीम XSpark ने इस साल मार्च में IWIN को अपने आधिकारिक स्पांसर बनाया है जोकि एक ऑनलाइन सट्टेबाजी कंपनी है। यह कोई पहला उदाहरण नहीं है। केरला ब्लास्टर्स एफसी ने भी 1XBat स्पोर्टिंग लाइन्स स्पांसर बनाया है। इसके तहत ब्रांड का लोगो एशियन पेंट्स जैसे विश्वसनीय भारतीय ब्रांडों के साथ आधिकारिक केरल ब्लास्टर्स एफसी किट में जर्सी के आगे और पीछे दिखाई देता है। परिमैच न्यूज़ भी 2022-23 सीज़न से पहले इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) टीम एफसी गोवा के साथ दो साल के शीर्षक प्रायोजन समझौते पर हस्ताक्षर किए। परिमैच स्पोर्ट्स ने 2023 में तमिलनाडु प्रीमियर लीग के लिए आईड्रीम तिरुप्पुर तमीज़हंस के साथ एक प्रायोजन समझौते पर भी हस्ताक्षर किए, जहां वे क्रिकेट टीम के शीर्षक प्रायोजक थे।

पति के IPL में सट्टेबाजी के लालच ने एक महिला को आत्महत्या के लिए किया मज़बूर

IPL में जुए की वजह से लोगों के परिवार बर्बाद होने की कहानियां लगातार आ रही है। ताजा मामले में कर्नाटक के चित्रदुर्ग के होसदुर्गा (Hosadurga of Chitradurga, Karnataka) में लघु सिंचाई विभाग के एक सहायक अभियंता दर्शन बाबू ने ऑनलाइन सट्टेबाजी (Online betting) में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा हार बैठे थे और जुआ माफिया उनसे यह रकम वसूलने के लिए लगातार उनका और उनके परिवार का उत्पीड़न कर रहा था। इससे परेशान दर्शन बाबू की पत्नी ने आत्महत्या कर ली।

बताया जा रहा है कि दर्शन बाबू को जुआ खेलने की लत (gambling addiction) थी और वो लगातार जुआ खेलते रहते थे। वो अपना पैसा हारने के बाद जुआ माफिया से पैसा लेकर जुआ खेल रहे थे। इसके लिए उन्होंने 1.5 करोड़ रुपये से अधिक उधार लिए थे। इसमें से करीब एक करोड़ रुपये बाबू ने चुका दिए थे और अभी भी 84 लाख रुपये का कर्जा उनपर बकाया था। साहूकारों के उत्पीड़न से तंग आकर उनकी 24 वर्षीय पत्नी रंजीता ने 18 मार्च को आत्महत्या कर ली। रंजीता के पिता ने बताया कि रंजीता और दर्शन की शादी 2020 में हुई और 2021 में उन्हें बाबू की जुए की लत का पता चला।

अपनी शिकायत में वेंकटेश ने कहा कि उनकी बेटी कर्जदारों के लगातार उत्पीड़न से बेहद परेशान थी और इसी वजह से उसने आत्महत्या कर ली। उन्होंने 13 लोगों के नाम भी बताए हैं, जो दर्शन और उनके परिवार को परेशान कर रहे थे। उन्होंने एनडीटीवी को बताया, “वह (दर्शन) सट्टेबाजी खेलना नहीं चाहता था, लेकिन सट्टेबाजी खिलाने वालों ने यह कहकर दबाव डाला कि यह अमीर बनने का एक आसान तरीका है। उन्होंने सिक्यूरिटी के तौर पर कुछ ब्लैंक चेक भी दिए थे। “

चित्रदुर्ग के पुलिस अधीक्षक, धर्मेंद्र कुमार मीना ने न्यूज 18 को बताया, “रंजीता के पिता वेंकटेश की शिकायत के अनुसार, रंजीता ने उन लोगों के उत्पीड़न के कारण आत्महत्या की, जिन्होंने उसके पति दर्शन को पैसे उधार दिए थे। दर्शन उनसे उधार पैसे के बदले ब्लैंक चेक दे रहा था।”

पुलिस के मुताबिक, “लोग इस परिवार को धमकाते थे, घर के पास आते थे और उनके साथ झगड़ा करते थे। इसकी वजह से रंजीता परेशान रहने लगी और उसने अपनी जिंदगी खत्म कर ली। पुलिस ने खुलासा किया कि रंजीता ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें साहूकारों द्वारा झेले गए उत्पीड़न का विवरण दिया गया है।

शिकायत के बाद पुलिस ने 13 संदिग्धों के खिलाफ आईपीसी 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया। अब तक तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान शिवू, गिरीश और वेंकटेश के रूप में हुई है। जांच के दौरान पता चला कि दर्शन बालू ने आईपीएल सीजन के दौरान 2021 से 2023 के बीच साहूकारों से 84 लाख रुपये उधार लिए थे।