Thursday, March 12, 2026
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IPL के दौरान लोगों को अवैध जुआ खिलाने के लिए मुंबई मेट्रो से लेकर अखबारों तक में विज्ञापन

केंद्र सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय के ऑफश्योर गैंबलिंग कंपनियों के विज्ञापनों पर नकेल डालने की योजना बुरी तरह से फ्लॉप साबित हो रही है। पिछले दो सालों से कंज्यूमर प्रोटेक्शन के नाम पर सरकार इस तरह की एडवाइजरी जारी कर रही है, लेकिन यह एडवाइजरी ना तो कोई अखबार मान रहा, ना ही सोशल मीडिया और आउटडोर में भी इसको कोई तवज्जों दे रहा है। ऐसे में आईपीएल 2024 के मैचों में लोगों के ऑनलाइन जुआ खिलवाने के लिए प्रेरित करने वाले विज्ञापन हर जगह दिख रहे हैं।

अगर आप मुंबई में घूम रहे हैं तो आप देखोगे कि मुंबई की मेट्रो में हर जगह 1एक्सबैट के विज्ञापन भरे पड़े हैं, बल्कि पूरी की पूरी ट्रेन पर ही वनएक्सबैट के विज्ञापन चिपके हुए हैं। इसी तरह बहुत सारी टैक्सी और आउटडोर में भी इस तरह के विज्ञापन बहुत ही आसानी से नज़र आ जाएंगे। मुंबई मेट्रो में यात्रा कर रहे बिजय कुमार ने बताया कि मुंबई मेट्रो में तो आईपीएल शुरु होते ही यह वनएक्सबैट का विज्ञापन चल गया था, अब वो रोज़ आते जाते टाइम इसको देखते हैं, उन्हें नहीं पता कि ऑनलाइन गैंबलिंग गैर कानूनी है, लेकिन जिसके विज्ञापन मेट्रो से लेकर हर जगह दिख रहे हैं, उसको आम आदमी कैसे गैर कानूनी मानेगा।

इसी तरह देश के प्रमुख अखबार दैनिक भास्कर में भी वनएक्सबैट का विज्ञापन पहले पेज पर छपा है। इसके साथ ही दूसरी ऑफश्योर गैर कानूनी गैंबलिंग कंपनियां भी तरह तरह से अपने विज्ञापन कर रह रही हैं।

दुनियाभर में Gambling sites हो रही हैं बैन, भारत में सिर्फ एडवाइज़री?

भारत में आईपीएल (IPL) शुरु हो चुका है और इसके साथ ही मैचों के लेकर खिलाड़ियों के प्रदर्शन तक में खुलेआम दांव लग रहे हैं। विदेशी गैंबलिंग साइट्स (Foreign Gambling Sites) भारत में बिना किसी हिचक के ऑनलाइन जुआ (Onling gambling) खिलवा रही हैं। लेकिन भारत में अवैध होने के बावजूद भी इन साइट्स पर सरकारें कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही हैं। हालांकि महादेव एप (Mahadev app) के मामले में केंद्र की भाजपा सरकार ने इन साइट्स पर कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन अभी तक भी इन साइट्स को देश में जुआ खिलवाने के लिए खुला छोड़ा हुआ है। हालांकि लीपापोती के लिए सूचना प्रसारण मंत्रालय इसपर एडवाजरी जरुर जारी कर देता है। हालांकि दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियन कम्युनिकेशंस एंड मीडिया अथॉरिटी (ACMA) ने लकी7ईवन, 50 क्राउन्स, रॉकविन, बिटड्रीम्स, मिस्टर पाचो, कैसीनो इनफिनिटी, ज़ोटा बेट और स्पाइसीजैकपॉट्स को इंटरएक्टिव गैंबलिंग एक्ट 2001 के तहत बैन कर दिया है। वहां के इस कमीशन ने इन साइट्स के आईपी एडरेस को बैन करने के लिए कहा है।

दरअसल भारत में महादेव एप के अलावा परीमैच सबसे ज्य़ादा ऑनलाइन जुआ खिलवाती है। लेकिन सरकार इन वेबसाइट्स को बैन करने में लगातार फेल हो रही है। हालांकि सरकार बार बार एडवाइजरी जारी कर अपनी ओर से खानापूर्ति जरुर कर रही है। केंद्र सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय की ओर से इस तरह की कई सारी एडवाइज़री सरकार पहले भी जारी कर चुकी है। लेकिन इसके बावजूद भी इस तरह की अवैध जुआ साइट्स खुलेआम पूरे देश में हर जगह काम कर रही हैं।

दूसरी ओर आस्ट्रेलिया जैसे देश में ACMA ने 945 अवैध जुआ और उनसे संबंधित वेबसाइटों को एक ही झटके में ब्लॉक कर दिया है। इसके अतिरिक्त, ACMA ने भी ऑफश्योर जुआ नियमों को लागू करने के बाद 221 अवैध तौर पर जुआ चला रही साइट्स को भी ब्लॉक कर दिया।

दूसरी ओर भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवमं सूचना प्राद्यौगिकी मंत्रालय ने 174 से ज्य़ादा अवैध जुआ साइट्स को बैन तो किया, लेकिन इन साइट्स की प्राक्सी साइट्स और दूसरे डोमेन आज भी खुलेआम भारत में जुए के दांव लगवा रही हैं। गेमिंग इंडिया ने अपने इवेस्टिगेशन में पाया कि dafabet.com को सरकार ने ब्लॉक कर दिया, लेकिन dafabet.in भारत में आईपीएल 2024 पर ऑनलाइन जुआ खिलवा रही है।

Game Developers Conference में पहली बार भारत को मिला पवेलियन

दुनिया की प्रमुख गेमिंग कांफ्रेंस गेम डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस (Game Developers Conference) में पहली बार भारत पवेलियन (India Pavilion) भी लगाया गया है, सैन फ्रांसिस्को में हो रही इस गेमिंग क्रांफ्रेंस में भारतीय गेमिंग इंडस्ट्री (Indian gaming industry) को पहली बार मिले स्थान को गेमिंग में भारत-अमेरिका (India-America) के बीच सहयोग का संकेत है। बुधवार को आयोजित उद्घाटन समारोह में ‘इंडिया गेमिंग मार्केट रिपोर्ट’ (India Gaming Market Report) भी लॉन्च हुई, जो यूएस इंडिया स्ट्रैटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम ने जारी की है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का गेमिंग बाजार 2023 में 3.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2028 तक 6 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है।
यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष और सीईओ मुकेश अघी ने भारत-अमेरिका संबंधों पर कहा, “भारत में ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र बढ़ रहा है, और इस तरह की पहल दोनों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने में काफी मदद करेगी।” निवेश, इनोवेशन और कंटेट के जरिए हम गेमिंग की अगली लहर में बहुत बेहतर करेंगे।”

इस कार्यक्रम में WinZO के सह-संस्थापक पावन नंदा और सौम्या सिंह राठौड़, सैन फ्रांसिस्को में भारत के महावाणिज्य के श्रीकर रेड्डी और उप महावाणिज्यदूत राकेश अदलखा सहित कई हस्तियां शामिल हुईं।

रेड्डी ने भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की क्षमता, डेमोग्राफिक डिविडेंट और गेमिंग क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाने में कहानी कहने की शक्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने डिजिटल राजदूत के रूप में भारत मंडप में उपस्थित प्रत्येक प्रतिभागी की भूमिका पर जोर दिया, जो न केवल अपने काम का प्रदर्शन कर रहे हैं बल्कि वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व भी कर रहे हैं।

‘इंडिया गेमिंग मार्केट रिपोर्ट’ में गेमिंग उद्योग के भीतर महत्वपूर्ण रोजगार सृजन का अनुमान लगाया गया है, जिसमें 100,000 पेशेवरों के मौजूदा रोजगार के आने वाले दशक में 250,000 से अधिक होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में भारत के इंटरनेट उपयोगकर्ता आधार की रूपरेखा भी बताई गई है, जिसके 2028 तक 1.2 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, यानी 2023 में ऑनलाइन गेमर्स की संख्या 568 मिलियन से बढ़कर 2028 में 893 मिलियन हो जाएगी।

Lottrey King का सबसे बड़ा चंदा डीएमके की स्टालिन सरकार को

Lottrey King के नाम से मशहूर सेंटियागो मार्टिन ने सबसे ज्य़ादा चुनावी चंदा दिया है और इस चंदे का सबसे बड़ा फायदा तमिलनाडू की डीएमके पार्टी को हुआ है, जिसको इस 1368 करोड़ रुपये में से 509 करोड़ रुपये मिले हैं। बड़ी बात ये है कि यही डीएमके पार्टी सबसे ज्य़ादा ऑनलाइन गेमिंग का विरोध करती रही है, क्योंकि ऑनलाइन गेमिंग में खेली जाने वाली रमी-पोकर गेम्स से लॉटरी के बिजनेस को नुकसान होता है। स्टालिन सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग को बैन करने के लिए दो बार अध्यादेश का सहारा लिया था और जब मद्रास हाई कोर्ट ने इसको खारिज कर दिया था तो राज्य सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी केस लड़ रही है।

चुनाव आयोग ने रविवार, 17 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद चुनावी बांड से संबंधित डेटा का एक और सेट जारी किया। इससे पहले 14 मार्च को ईसीआई ने एसबीआई से प्राप्त आंकड़ों के दो सेट जारी किए थे, एक में चुनावी बांड खरीदने वालों का विवरण था, और दूसरे में राजनीतिक दलों द्वारा भुनाए गए बांड का विवरण था।

पहले सेट से, यह पाया गया कि कोयंबटूर स्थित फ्यूचर गेमिंग भारी भरकम कीमत के साथ चुनावी बांड का सबसे बड़ा खरीदार है। 1,368 करोड़ हालांकि क्रेता और प्राप्तकर्ता पक्ष को मैप नहीं किया जा सका। मार्टिन के दामाद के बारे में अफवाह है कि वह डीएमके रणनीतिकार हैं, जबकि उनकी पत्नी पहले बीजेपी में शामिल हुई थीं। डीएमके को 2020-21 में फ्यूचर गेमिंग से चुनावी बांड में 60 करोड़ रुपये, 2021-22 में 249 करोड़ रुपये, 2022-23 में 160 करोड़ रुपये और 2023-24 में 40 करोड़ रुपये, कुल 509 करोड़ रुपये मिले। कंपनी ने 1368 करोड़ रुपये के बांड खरीदे, जिसका मतलब है कि उसने अपने कुल राजनीतिक चंदे का 37% अकेले डीएमके को बांड के माध्यम से दिया।

2019 से 2023 तक डीएमके को चुनावी बॉन्ड से कुल 656.5 करोड़ रुपये मिले और उसमें से 509 करोड़ रुपये या बॉन्ड से मिले कुल दान का 77% सिर्फ एक कंपनी, फ्यूचर गेमिंग से आया। चुनाव आयोग द्वारा आज प्रकाशित डेटा 30 सितंबर 2023 तक राजनीतिक दलों द्वारा प्राप्त चुनावी बांड का विवरण है। ये विवरण संबंधित राजनीतिक दलों द्वारा सीलबंद लिफाफे में चुनाव आयोग को प्रदान किए गए थे, जिन्होंने बदले में इसे सुप्रीम कोर्ट को सौंप दिया था। भारत की। पार्टियों द्वारा दाताओं के नामों का खुलासा स्वैच्छिक था और प्रत्येक पार्टी ने दाताओं के नामों का खुलासा नहीं किया।
दिलचस्प बात यह है कि जिन पार्टियों ने नामों का खुलासा किया, उनमें द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने कहा कि उसे रुपये मिले। चुनावी बांड के शीर्ष खरीदार फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से 509 करोड़ रु.

लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन द्वारा नियंत्रित फ्यूचर गेमिंग मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों द्वारा संचालित राज्य के स्वामित्व वाली लॉटरी का लॉटरी वितरक है। तमिलनाडु द्वारा लॉटरी वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद पश्चिमी तमिलनाडु में पेपर लॉटरी का कारोबार जारी है। तमिलनाडु ने भी पिछले दो वर्षों में दो बार कौशल खेलों पर प्रतिबंध लगाया, हालांकि दोनों मामलों में कानूनों को मद्रास उच्च न्यायालय ने असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया था।

Exclusive: IPL को लेकर क्यों ठंडे पड़ गए हैं गेमिंग एप

Exclusive: आईपीएल का सीज़न (IPL season) शुरु होने जा रहा है, अगले दो महीने क्रिकेट के दीवानों के लिए रोज़ स्कोर और कौन जीता इसपर ही चर्चा रहने वाली है। ऐसे में मार्केटिंग कंपनियों के लिए कारोबार बढ़ाने का समय भी होता है, लेकिन इस बार जीएसटी की मार झेल रही गेमिंग कंपनियां इस क्रिकेट के बड़े इवेंट से दूरी बनाए हुए हैं। पिछले कुछ सालों तक ड्रीम11 इस क्रिकेट टूर्नामेंट का टाइटल स्पांसर हुआ करता था, लेकिन अब उसने भी इससे दूरी बनाई हुई है। दूसरी बड़ी कंपनियां जैसे MPL, Zupee, Gameskraft और Winzo भी पहले की तरह इस बार एक्टिव नहीं है।

इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक, आईपीएल में किसी भी गेमिंग कंपनी का विज्ञापन का खर्चा काफी रहता है, शुरुआती दौर में तो कंपनियां अपनी पहचान बनाने के लिए इस खर्चे को उठा लेती हैं, लेकिन इस बार 28 परसेंट जीएसटी लगने के बाद अब कंपनियों के लिए खुद ही फंड की कमी हो गई है। ऐसे में आईपीएल जैसे बड़े खर्चे वाले इवेंट के लिए मार्केट करना मुश्किल हो गया है। हालांकि माईसर्किल11, Dream11 और कई कंपनियां अपने कस्टमर बेस को बढ़ाने के लिए कुछ खर्चा कर रही हैं, लेकिन यह पिछले कुछ सालों में गेमिंग कंपनियों के खर्चे के मुकाबले काफी कम है।

पिछले कुछ सालों में फैंटेसी गेमिंग ऐप्स ने आईपीएल से बड़ी कमाई है। पिछले साल रेडसीर की एक रिपोर्ट के अनुसार, आईपीएल 2023 से फैंटेसी ऐप्स को लगभग 2,800 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का फायदा हुआ था। जबकि 2022 में यह 2,250 करोड़ रुपये था। आईपीएल 2023 के दो महीनों के दौरान फैंटेसी गेमिंग का कुल यूजर बेस 6.1 करोड़ तक पहुंच गया, और उनमें से 35% फैंटेसी गेमिंग में नए थे। हालाँकि, इन परिणामों को प्राप्त करने के लिए, फैंटेसी ऐप्स को आईपीएल से पहले विज्ञापनों और मार्केटिंग पर काफी खर्च करना पड़ा। लेकिन 28 परसेंट जीएसटी यह सारा खेल ही बिगाड़ दिया है। अब फिलहाल कंपनियां काफी मुश्किल से अपने खर्चे निकाल रही हैं।

जुए और लॉटरी कंपनियों से चंदा स्वीकार रही है भाजपा: अशोक गहलोत

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Former Rajasthan chief minister Ashok Gehlot) ने बीजेपी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उसकी आलोचना की है। गहलोत ने कहा कि चुनावी बांड डेटा (electoral bond data) के हालिया खुलासे ने भाजपा की फंडिंग को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी आलोचना करते हुए कहा कि यह सत्तारूढ़ दल से प्रभावित है।गहलोत ने कहा कि, भाजपा ने सट्टेबाजी और जुए में शामिल कंपनियों से चुनावी चंदा स्वीकार किया है।

द टेलीग्राफ ऑनलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, गहलोत की टिप्पणी चुनाव आयोग द्वारा चुनावी बांड के आंकड़ों के खुलासे के बाद आई है। गहलोत ने एक बयान में टिप्पणी की, “चुनावी बांड डेटा के सार्वजनिक जारी होने के बाद, भारतीय जनता पार्टी की हरकतें सामने आ गई हैं।” गहलोत ने यह भी सुझाव दिया कि भाजपा के शासन में ईडी को एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों द्वारा छापे के अधीन कंपनियों ने इन संस्थाओं की संभावित सुरक्षा का संकेत देते हुए, भाजपा को चुनावी बांड दान किए थे। गहलोत ने चुनावी बांड योजना पर कांग्रेस पार्टी के विरोध को दोहराया और इसे एक महत्वपूर्ण घोटाला बताया। इसके अलावा, उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक परिदृश्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

IPL के लिए My11Circle ने रिंकू सिंह और यशस्वी जयसवाल को बनाया ब्रांड एंबेसडर

Skill gaming platform गेम्स24×7 ने क्रिकेटर रिंकू सिंह और यशस्वी जयसवाल को आईपीएल 2024 के My11Circle के ब्रांड एंबेसडर बनाया है। क्रिकेट के मैदान पर अपने प्रदर्शन के लिए जाने जाने वाले सिंह और जयसवाल My11Circle में शामिल होंगे। आगामी क्रिकेट सीज़न से पहले खेल प्रतिभाओं की सूची तैयार की जाएगी और उन्हें मंच के प्रमुख ब्रांड अभियानों में शामिल किया जाएगा

रिंकू सिंह को उनकी बल्लेबाजी शैली के लिए जाना जाता है, और यशस्वी जयसवाल, जो अपने स्ट्रोक प्ले के लिए जाने जाते हैं, My11Circle के राजदूतों की सूची में प्रतिभा और आकर्षण का मिश्रण लाते हैं। सौरव गांगुली, शुबमन गिल और मोहम्मद सिराज जैसे क्रिकेटरों की एक श्रृंखला के साथ, My11Circle का लक्ष्य देश भर में क्रिकेट प्रेमियों को शामिल करना है।

गेम्स24×7 के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर सरोज पाणिग्रही ने बताया कि, “हम अपने My11Circle परिवार के सबसे नए सदस्यों रिंकू सिंह और यशस्वी जयसवाल का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उत्साहित हैं। उनके शामिल होने से न केवल अपार प्रतिभा सामने आती है, बल्कि क्रिकेट के प्रति एक साझा जुनून भी सामने आता है, जो देश भर के प्रशंसकों के बीच गहराई से जुड़ा हुआ है। साथ मिलकर, हम एक समावेशी मंच बना रहे हैं जो क्रिकेट की भावना का जश्न मनाता है और प्रशंसकों को एक्शन के दिल के करीब लाता है।
रिंकू सिंह ने कहा कि My11Circle के साथ हाथ मिलाना उनके लिए एक अच्छा अवसर है। यशस्वी जयसवाल ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए और कहा कि फंतासी खेलों ने खेल में एक नया आयाम जोड़ा है, जो उत्साही अनुयायियों को आकर्षित करता है। उन्होंने उल्लेख किया कि वह क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार अनुभव बनाने के लिए ब्रांड के साथ सहयोग करने के लिए उत्सुक हैं।

जैसे ही क्रिकेट प्रशंसक अगले आईपीएल सीज़न के लिए तैयार हो जाते हैं, My11Circle प्रशंसकों के लिए अपने कौशल दिखाने और एक अच्छे गेमिंग अनुभव का आनंद लेने के लिए प्रतियोगिताएं और अवसर प्रस्तुत करता है।

कौन है Lottery Santiago Martin, जिन्होंने दिया सबसे ज्य़ादा चुनावी चंदा

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की फटकार के बाद भारतीय स्टेट बैंक (state Bank of India) द्वारा विवरण प्रस्तुत करने के कुछ दिनों बाद चुनाव आयोग ने गुरुवार को राजनीतिक चंदा देने के लिए चुनावी बांड खरीदने वाली संस्थाओं की सूची जारी की। सबसे अधिक दान फ़्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी द्वारा किया गया था, जिसे सैंटियागो मार्टिन द्वारा चलाया जाता है, जिसे आमतौर पर “लॉटरी किंग” के रूप में जाना जाता है।
सैंटियागो मार्टिन कौन है?
सैंटियागो मार्टिन के धर्मार्थ ट्रस्ट की वेबसाइट का कहना है कि उन्होंने अपना करियर म्यांमार के यांगून में एक मजदूर के रूप में शुरू किया था। 1988 में, वह भारत लौट आए और तमिलनाडु में लॉटरी व्यवसाय शुरू किया। बाद में उन्होंने पूर्वोत्तर में जाने से पहले कर्नाटक और केरल में कारोबार का विस्तार किया।
पूर्वोत्तर में, उन्होंने सरकारी लॉटरी योजनाओं को संभालकर अपना व्यवसाय शुरू किया। बाद में उन्होंने भूटान और नेपाल में संस्थाएँ शुरू करके अपने व्यवसाय को विदेशों में फैलाया।

वेबसाइट पर लिखा है कि बाद में उन्होंने निर्माण, रियल एस्टेट, कपड़ा और आतिथ्य सहित अन्य व्यवसायों में विविधता लाई। “वह ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ लॉटरी ट्रेड एंड अलाइड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष भी हैं – एक संगठन जो भारत में लॉटरी व्यापार के उत्थान और विश्वसनीयता को बढ़ावा देने के लिए लगा हुआ है। उनके नेतृत्व में, उनका उद्यम, फ्यूचर गेमिंग सॉल्यूशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सदस्य बन गया। प्रतिष्ठित विश्व लॉटरी एसोसिएशन का और ऑनलाइन गेमिंग और कैसीनो और स्पोर्ट्स सट्टेबाजी के क्षेत्र में विस्तार हो रहा है,” वेबसाइट का दावा है। फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने 2019 से 2024 के बीच ₹1368 करोड़ का दान दिया।

प्रवर्तन निदेशालय 2019 से पीएमएलए कानून के कथित उल्लंघन के लिए कंपनी की जांच कर रहा है। उन्होंने मई 2023 में कोयंबटूर और चेन्नई में छापेमारी की थी। मामले से परिचित अधिकारियों ने एचटी को बताया कि ईडी की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो के आरोप पत्र पर आधारित है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने केरल में सिक्किम सरकार से लॉटरी बेची। एजेंसी ने मार्टिन और उनकी कंपनियों पर “अप्रैल 2009 से अगस्त 2010 तक पुरस्कार विजेता टिकटों के दावे को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के कारण” सिक्किम को ₹910 करोड़ का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।

Lottery King Santiago चुनावी बांड खरीदकर राजनैतिक चंदा देने ने में सबसे ऊपर

Lottery King Santiago मार्टिन की फ्यूचर गेमिंग (future gaming) ने 1368 करोड़ रुपये के इलेक्ट्रोरल बांड खरीदे थे। चुनाव आयोग (Election Commission) ने कल देर शाम को चुनावी बांड खरीदने वालों की लिस्ट (List of those who bought electoral bonds) जारी कर दी है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की दी गई डेड लाइन के एक दिन पहले चुनाव आयोग ने अपनी साइट पर चुनावी बांड खरीदने वालों की लिस्ट अपलोड कर दी है। इस लिस्ट को देखें तो सबसे ऊपर लॉटरी किंग सेंट मार्टिन (Lottery King Santiago) हैं। ऐसा तब है, जबकि मार्टिंन के कारोबार की जांच खुद ईडी पिछले 10 सालों से कर रही है।

चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने यह चुनावी बांड जारी किए थे और इसे विभिन्न कंपनियों और व्यक्तियों ने खरीदा था, इन बांड को खरीदने का खरीदा गया पैसा राजनैतिक दलों के खातों में गया था। यह कदम चुनावों में फंडिंग में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया था। अप्रेल 12, 2019 से लेकर इस साल जनवरी 24 तक यह चुनावी बांड खरीदे गए थे।

जिन कंपनियों ने 100 करोड़ रुपये से ज्य़ादा के चुनावी बांड खरीदे हैं, उनमें सबसे ऊपर फ्यूचर गेमिंग, मेघा इंजिनियरिंग, क्विकसप्लाई चेन, वेदांता ग्रुप और एस्सेल माइनिंग शामिल हैं। जिन राजनैतिक पार्टियों को इस चुनावी बांड खरीदने से सबसे ज्य़ादा फायदा हुआ है, उनमें केंद्र में सत्तारूढ भाजपा सबसे ऊपर है। भाजपा को कुल 6061 करोड़ रुपये का चुनावी चंदा इन बांड के तौर पर मिला है। जबकि इसके बाद ममता बनर्जी की टीएमसी का नाम है, जिसको 1609 करोड़ रुपये का चुनावी चंदा बांड के तौर पर मिला है। कांग्रेस इस लिस्ट मे तीसरे नंबर पर है। उसे बांड खरीद से 1421 करोड़ रुपये का चुनावी चंदा मिला है। इसके बाद बीआरएस और बीजेडी को चुनावी चंदा मिला है।

तमिलनाडू के रहने वाले सेंट मार्टिन को देश का लॉटरी किंग कहा जाता है। लॉटरी किंग का लॉटरी का कारोबार सिक्किम से लेकर पश्चिम बंगाल और तमिलनाडू तक फैला हुआ है। पेपर लॉटरी के सबसे बड़े कारोबारी सेंट मार्टिन है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से लेकर तमिलनाडू के मुख्यमंत्री स्टालिन के साथ इनके काफी अच्छे रिश्ते हैं। अब चुनावी बांड की खरीद में भी राजनैतिक पार्टियों को लेकर इनका संबंध सबके सामने आ गया है।

लोगों को जुआ खिलाकर Mahadev app के प्रमोटर कर रहे थे share बाज़ार में investment

Mahadev betting app मामले में जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय को पता चला है कि महादेव एप के प्रमोटर्स जुए के कमाए हुए पैसे को शेयर बाज़ार में निवेश कर रहे थे। इन पैसों के जरिए शेयर बाज़ार में छोटे शेयरों में आर्टिफिशियल तेज़ी लाई जा रही थी। ईडी के मुताबिक, इस पैसे से शेयर बाजार में लगभग ₹1,100 करोड़ का निवेश किया गया और इसके लिए कई डमी खातों और फर्जी बैंक संस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा था। जांच पूरी होने तक ईडी इन शेयरों को फ्रीज रखेगी।
ईडी ने महादेव एप के खिलाफ अपनी जांच के दौरान पाया कि महादेव एप अपने पैसे को घुमाने के लिए शेयर बाज़ार के डीमैट अकाउंट्स का इस्तेमाल कर रहा है। इसके लिए मुख्य आरोपी हरि शंकर टिबरेवाल इस पैसे को घुमा रहा था, इस जांच के दौरान ईडी ने घोटाले से जुड़े डीमैट खातों में ₹1,100 करोड़ से अधिक के शेयर बाजार पोर्टफोलियो को फ्रीज कर दिया है।
ई़डी के मुताबिक, “29.02.2024 तक, हरि शंकर टिबरेवाल के सब्सिडरी कंपनियों के पास स्टॉक पोर्टफोलियो में लगभग ₹580 करोड़ के शेयर थे। विदेशी संस्थाओं ने भी एफपीआई मार्ग के माध्यम से भारत में निवेश किया था और 29.02.2024 को वे पाए गए थे स्टॉक पोर्टफोलियो में ₹606 करोड़ की प्रतिभूतियां होंगी,” ईडी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा।