Friday, March 13, 2026
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Super gaming की Indo-Futurism ने लांच होने से पहले ही मचाया तहलका

Supergaming की भारतीय कल्चर पर बनी गेम  ‘Indo-Futurism ने तहलका मचा दिया है। इस मेड इन इंडिया गेम के लांच होने से पहले ही 10 लाख प्री रजिस्ट्रेशन आ गए हैं। कंपनी को भी उम्मीद नहीं थी कि इस गेम को इतना अच्छा रिस्पांस मिलेगा। पुणे की इस कंपनी ने अपने गेमिंग स्टूडियो में भारतीय सिविलाइजेशन के साथ फ्यूचर को जोड़ते हुए यह गेम डेवलप की है, जोकि shooter genre की है, इसका मुकाबला दुनिया की सबसे बड़ी गेम्स Battlegrounds Mobile India (BGMI), Free Fire, Fortnite, Call of Duty और Apex Legends से होगा।

पहली बार किसी भारतीय स्वदेशी गेम को लांच से पहले ही इतना अच्छा रिस्पांस मिला है। यह गेम, जो काफी हद तक भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथाओं पर आधारित है, इस गेम की कहानी में सिंधु घाटी सभ्यता को पेश किया गया है, जोकि ‘इंडो-फ्यूचरिज्म’ पर आधारित है, इस सिंधु घाटी सभ्यता को इस गेम में एक भविष्य की दुनिया के रूप में दिखाया जाता है।

इस स्वदेशी स्टार्टअप के लिए यह गेम अभी तक का सबसे महत्वाकांक्षी लांच है, जिसने पहले मल्टीप्लेयर शूटर टाइटल मास्कगन जैसे गेम विकसित किए थे, जिसको लांच होने के बाद 6.5 करोड़ खिलाड़ियों ने खेला था। साथ ही कंपनी के सोशल डिडक्शन टाइटल सिली रोयाल को भी 2 करोड़ से ज्य़ादा रजिस्ट्रेशन मिले थे। सुपरगेमिंग के सीईओ को-फाउंडर रॉबी जॉन ने इंडस के प्री रजिस्ट्रेशन पर कहा कि, “जब हमने पहली बार इंडस को डेवलप करना शुरू किया था, तो हमने लॉन्च से पहले 10 मिलियन प्री-रजिस्ट्रेशन तक पहुंचने की उम्मीद नहीं की थी। गेमिंग खेलने वालों का समर्थन हमें आगे बढ़ाने में मदद दे रहा है। हम भारत की गेमिंग क्रांति में उनके योगदान के लिए आभारी हैं।

New games अगले कुछ दिनों में रिलीज होने जा रही हैं, कई बड़ी गेम्स

New games छात्रों के एक्जाम खत्म होने को हैं और अगले कुछ दिन नए सेशन से पहले छुट्टियां होंगी, ऐसे में गेमिंग कंपनियां नए नए विडियो गेम बाजार में उतार रही हैं, इन गेम्स को ज्य़ादा से ज्य़ादा खेलने वाले मिल पाएं। मार्च महीने में कई नए गेम बाज़ार में आने वाली हैं। हम आपको ऐसी ही कुछ गेम्स को बताते हैं जोकि अगले कुछ दिनों में खेली जा सकेंगी।

ड्रेगन डोंगा-2

यह गेम 22 मार्च को रिलीज होने जा रही हैं, लेकिन इसके बाज़ार में आने से पहले ही इसका करेक्टर क्रिएटर टूल रिलीज किया गया था, जोकि बहुत ही पंसद किया जा रहा है।

राइज ऑफ रोनिन

राइज ऑफ रोनिन का मुकाबला ड्रेगन डोंगा-2 से होने जा रहा है, यह दोनों गेम काफी बड़े स्तर पर बाज़ार में उतरने जा रहे हैं। दोनों ही बहुत ही टॉप रेटेड गेम्स हैं, जिनका इंतज़ार लंबे समय से गेमर्स कर रहे हैं।

स्टार वॉर बैटल फ्रंट classic

जो लोग बचपन में स्टार वार बैटलफ्रंट खेलते हुए बड़े हुए हैं, उनके लिए यह क्लासिक कलेक्शन बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है। पिछले महीने पहली बार अनावरण के बाद, स्टार वार्स बैटलफ्रंट: क्लासिक कलेक्शन का अब एक लॉन्च ट्रेलर है। क्लासिक कलेक्शन में सबसे प्रमुख गेम स्टार वार्स बैटलफ्रंट (2004) और स्टार वार्स बैटलफ्रंट II (2005) गेम्स को भी नई पीढ़ी के सामने पेश करेगा। इसके जरिए से नई बोलत में पुरानी शराब जैसा अनुभव होगा।

मिलेनिया

अभी तक, मिलेनिया को केवल पीसी के लिए 26 मार्च को रिलीज़ करने के लिए निर्धारित किया गया है। PS4, PS5 रिलीज़ के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मिलेनिया एक दिलचस्प गेम है, जहां खिलाड़ी अपने द्वारा बनाए गए राष्ट्रों के आसपास अपनी रणनीति बना सकते हैं और इतिहास के माध्यम से अपनी यात्रा को आगे बढ़ा सकते हैं।

Online gaming-gambling की वजह से अर्धसैनिक बलों में कर्मचारी कर रहे हैं आत्महत्या

ऑनलाइन गेमिंग और गैंबलिंग (Online Gaming and Gambling) की लत अब आम लोगों को ही नहीं, बल्कि अर्धसैनिक बलों (paramilitary forces) को भी अपनी गिरफ्त में ले रही हैं और इस लत की वजह से जवान वित्तीय संकट में फंस रहे हैं (getting into financial crisis due to addiction) और कई मामलों में तो मानसिक तनाव की वजह से अपनी जान भी ले रहे हैं (They are even taking their own lives due to mental stress)। इसके दुष्प्रभावों को देखते हुए सीआईएसएफ और सीआरपीएफ ने अपने जवानों में इसकी लत को बढ़ने से रोकने के लिए कदम उठाए हैं। जहां सीआरपीएफ ने अपनी सभी यूनिट को ऐसे जवानों की जानकारी जुटाने का निर्देश दिया है, वहीं सीआईएसएफ ने भी माना है कि इस तरह की लत की वजह से जवानों में मानसिक तनाव बढ़ रहा है और इसके लिए वो जवानों को इसके दुष्प्रभावों की जानकारी दे रहे हैं।

एयरपोर्ट से लेकर मेट्रो की रक्षा करने वाले सीआईएसएफ के जवानों में ऑनलाइन गेमिंग गैंबलिंग की लत अब फोर्स को परेशान करने लगी है। सीआईएसएफ के 55वें रेजिंग दिवस पर स्पेशल डायरेक्टर पीयूष आनंद ने बताया कि जवानों की आत्महत्या के मामलों में निजी मामले मिले हैं ना कि उनके प्रोफेशनल। इसमें भी काफी मामलों में गैंबलिंग की वजह से जवान कर्ज के जंजाल में फंसकर अपनी जान दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि गैंबलिंग के दुष्प्रभावों को देखते हुए जवानों को स्पेशल क्लासेज फाइनेंशियल एजुकेशन पर दी जा रही है। उन्होंने कहा कि “एक और बात जो हमने समझी है वह यह है कि जवान ऑनलाइन जुए में लिप्त हैं जो आसानी से उपलब्ध हो गया है। इससे निपटने के लिए हम वित्तीय साक्षरता कक्षाओं की व्यवस्था कर रहे हैं। इसलिए यदि वे ऑनलाइन जुआ खेल रहे हैं और परिणामस्वरूप किसी पर ₹10 लाख से ₹20 लाख का कर्ज हो गया है, तो व्यक्ति तनाव महसूस करता है और उसे कोई रास्ता नहीं दिखता है। आप किसी ऑनलाइन धोखेबाज़ द्वारा बिछाए गए जाल में फंस जाते हैं और वे आपके खाते से ₹10 लाख से ₹20 लाख निकाल लेते हैं, जिससे आपको फिर से वित्तीय तनाव का सामना करना पड़ता है,”

इसी तरह सीआरपीएफ भी अपने जवानों में ऑनलाइन गेमिंग के दुष्प्रभावों को लेकर अपने सभी यूनिट में इसकी जानकारी जुटाने के लिए कहा है। ताकि जो जवान गेमिंग की तल में पड़ा हुआ है और उसमें पैसा लगा रहा है, उसकी जानकारी जुटाई जा सके। एक अधिकारी ने बताया कि “सभी राज्यों में यूनिट इंचार्ज को ऑनलाइन गेमिंग जैसे ड्रीम -11, माई -11 सर्कल, तीन पत्ती, जंगली रम्मी, रम्मी सर्कल, आदि, क्रिप्टो ट्रेडिंग में लगे कर्मियों और साथ ही साथ इक्विटी ट्रेडिंग, बैंकों और अन्य तरीके से कर्ज़ लेने वालों की संख्या को जुटाने के लिए कहा गया है।

Gambling addiction: गोल्ड लोन ग्राहकों को चुना लगाकर जुए में हारे 4 करोड़ रुपये से ज्य़ादा

Gambling addiction: भोपाल में गोल्ड लोन कंपनी में काम करने वाले एक कर्मचारी को ऑनलाइन गैंबलिंग (online gambling) की ऐसी लत लगी कि उसने ब्रांच के ग्राहकों को ही चार करोड़ रुपये से ज्य़ादा का चुना लगा दिया। मणप्पुरम गोल्ड फाइनेंस की भोपाल क्राइम ब्रांच (Crime branch bhopal) में भोपाल साइबर सेल ने करोड़ों की हेराफेरी का खुलासा किया है। इस मामले में मणप्पुरम गोल्ड फाइनेंस के प्रबंधक व सहायक प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस ब्रांच से संबंधित 5 लोगों को 4 करोड़ से ज्यादा से गबन के मामले में गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों ने मिलकर 95 ग्राहकों के गोल्ड लोन में हेराफेरी की थी।

जल्दी अमीर होने की चाहत में ऑनलाइन गैंबलिंग की लत फंसे लोग लगातार खुद को और दूसरे लोगों को बर्बाद कर रहे हैं। ताजा मामला राजधानी भोपाल के इंद्रपुरी क्षेत्र में मणप्पुरम गोल्ड लोन ब्रांच में शाखा प्रबंधक व सहायक शाखा प्रबंधक ने इस ऑनलाइन गैंबलिंग की लत में करोड़ों का गबन कर लिया है। दोनों को ऑनलाइन गैंबलिंग की लत ऐसी थी कि दोनों ने तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर पहले तो 95 फर्जी गोल्ड लोन स्वीकार कराए और इसके बाद लोन का रीपेमेंट अमाउंट भी खातों में जमा करने के बजाए खुद इस्तेमाल कर ऑनलाइन गैंबलिंग में लगा दिया।

Gaming के लिए पहला क्रिएटिव अवार्ड निश्चय मल्हान को मिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने देशभर के कंटेंट क्रिएटिव (content creative) को अवार्ड देकर सम्मानित किया, इसमें गेमिंग सेक्टर (gaming sector) से निश्चय मल्हान को ना सिर्फ अवार्ड दिया गया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मल्हान को सेहत को लेकर भी हंसी मजाक किया। केंद्र सरकार ने पहली बार देशभर में सोशल मीडिया से लेकर अन्य माध्यमों से कंटेंट बनाने वालों से इंट्री मंगाई थी, इस इंट्री के आधार पर एक ज्यूरी बनाई गई थी। जिसने इन पुरस्कार विजेताओं को चुना था।

Triggered Insaan नाम से यूट्यूब चैनल चलाने वाले मल्हान के चैनल के दो करोड़ से ज्य़ादा सब्सक्राइबर हैं, साथ ही वो गेमिंग और अन्य विषयों पर लगातार कुछ ना कुछ विडियो बनाते रहते हैं, जिसे काफी पसंद किया जाता है। मल्हान ने गेमिंग केटैगरी में अपना नामाकंन किया था। जिसके बाद ज्यूरी ने मल्हान को इस अवार्ड के लिए चुना था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, आज एक और पवित्र संयोग है। ये पहला नेशनल क्रिएटर्स अवॉर्ड महाशिवरात्रि के शुभ दिन पर आयोजित हो रहा है। और मेरे काशी में तो शिव जी के बिना कुछ नहीं चलता है। महादेव, भगवान शिव भाषा, कला और creativity के जनक माने गए हैं। हमारे शिव नटराज हैं। शिव के डमरू से माहेश्वर सूत्र प्रकट हुये हैं। शिव का तांडव लय और सृजन की नींव रखता है।  और इसलिए, यहां जो creators हैं उनके लिए नए subject मिल जाएंगे। महाशिवरात्रि के दिन ये आयोजन अपने आप में बहुत बड़ा सुखद संयोग है। और मैं आपको भी और देशवासियों को भी महाशिवरात्रि की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

मल्हान ने इस अवार्ड पर खुशी जाहिर की। इन पुरस्कारों के लिए लगभग 1.5 लाख नामांकन किए गए थे और लगभग 10 लाख वोटों ने पुरस्कारों के लिए वोट दी। स्थापित मशहूर हस्तियों से लेकर उभरती प्रतिभाओं तक, नामांकित व्यक्तियों की सूची विभिन्न श्रेणियों में फैली हुई है, जो भारत में डिजिटल सामग्री निर्माण के विविध परिदृश्य को दर्शाती है।

लोकसभा चुनावों के बाद ही RMG पर GST में हो सकती है कमी

जीएसटी काउंसिल (GST Council) रियल मनी गेमिंग (RMG) पर 28 परसेंट जीएसटी (28% GST) की समीक्षा अब आम चुनावों के बाद ही करेगी, हालांकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने अक्टूबर में जिस जीएसटी की समीक्षा की बात कही थी, उसकी समय सीमा 30 मार्च को खत्म होने जा रही है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि उससे पहले ही चुनाव आयोग आम चुनावों की घोषणा (Election Commission announces general elections) कर देगा। ऐसे में जीएसटी काउंसिल की बैठक होगी, इसकी संभावना कम ही है।

दरअसल रियल मनी गेमिंग पर जबसे 28 परसेंट जीएसटी लगा है, तभी से इस सेक्टर से सरकार को टैक्स में भारी बढ़ोतरी हो गई है। रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मलहोत्रा ने सीएनबीसी टीवी 18 के एक कार्यक्रम में कहा था कि रियल मनी गेमिंग पर 28 परसेंट टैक्स लगाने के बाद सरकार को इस सेक्टर से 1200 करोड़ रुपये हर महीने जीएसटी के तौर पर मिल रहे हैं। जबकि इससे पहले सरकार को जीएसटी के तौर पर मात्र 200 करोड़ रुपये ही मिला करते थे।

रियल मनी गेमिंग इंडस्ट्री भी यह मानकर चल रही है कि चुनावों के बाद ही जीएसटी पर कोई फैसला हो सकता है। हालांकि दूसरी ओर जिस तरह से रियल मनी गेमिंग कंपनियों ने इस टैक्स के बढ़ने के बाद अपना रेवेन्यू दिखाया है, उससे इस सेक्टर में काम कर रही कंपनियों के रेवेन्यू में भारी बढ़ोतरी दिखी है। रियल मनी गेमिंग सेक्टर की प्रमुख लिस्टिड कंपनियों नजारा और डेल्टा कार्प की सेल्स में जीएसटी में बढ़ोतरी के बाद ख़ासी बढ़ोतरी देखी गई है। इसकी वजह से भी सरकार इस सेक्टर से जीएसटी कम करेगी, इसकी संभावना कम ही दिख रही है।

Goa police action: प्राइवेट बंग्ले से चल रहा था अवैध क्रिकेट सट्टेबाज़ी का रैकेट

Goa police action: गोवा में अवैध जुए के खिलाफ गोवा पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पोरवोरिम पुलिस (Porvorim Police) ने साल्वाडोर डो मुनरो, बर्देज़, में प्राइवेट बंगले पर छापेमारी कर अवैध क्रिकेट सट्टेबाजी का भंडाफोड किया है। पुलिस टीम के इस ऑपरेशन में अवैध क्रिकेट सट्टेबाजी (illegal cricket betting) में शामिल तीन व्यक्तियों को पकड़ा गया। पुलिस ने मुखबिर सूचना पर छापेमारी की, जिससे पश्चिम बंगाल के निवासी खलजीत सिंह (34 वर्ष), नितेश कुमार (20 वर्ष) और राहुल चौहान (27 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को गोवा दमन और दीव सार्वजनिक जुआ अधिनियम की धारा 3 और 4 का उल्लंघन करते हुए अवैध क्रिकेट सट्टेबाजी गतिविधियों में लिप्त पाया गया है।

छापेमारी के दौरान, पुलिस ने मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक वाईफाई राउटर और 1.70 लाख रुपये मूल्य के अन्य सामान सहित सबूत जब्त किए। पोरवोरिम पुलिस इंस्पेक्टर राहुल परब ने समय पर छापेमारी के महत्व पर जोर दिया। हेराल्ड गोवा को दिए एक उद्धरण में उन्होंने कहा, “हमें साल्वाडोर डो मुनरो के बंगले में हो रही अवैध क्रिकेट सट्टेबाजी गतिविधियों के बारे में विश्वसनीय जानकारी मिली। हमारी टीम ने तेजी से छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप तीन आरोपी व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई और सबूत जब्त किए गए।

छापेमारी दल में उत्कर्ष देसाई, महादेव नाइक, सिद्धेश नाइक, तुषार राउत और नितेश गौडे सहित अधिकारी और कांस्टेबल शामिल थे, जिन्होंने ऑपरेशन को सटीक रूप से अंजाम दिया। आरोपी व्यक्ति फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और आगे की कानूनी कार्यवाही का इंतजार कर रहे हैं। जांच का पर्यवेक्षण पुलिस अधीक्षक उत्तर, अक्षत कौशल, आईपीएस और उप-विभागीय पुलिस अधिकारी पोरवोरिम द्वारा किया जा रहा है, जो गहन जांच और कानूनी प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित कर रहे हैं। पोरवोरिम पुलिस खेल की अखंडता को बनाए रखने और कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ऐसी अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए प्रतिबद्ध है।

सट्टेबाज़ी को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को रोकने के लिए एडवाइज़री

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने सट्टेबाजी और जुए जैसी गैरकानूनी गतिविधियों (Illegal activities like betting and gambling) को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को रोकने के लिए एक विस्तृत सलाह (A detailed advice on blocking ads) जारी की है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के मुताबिक अवैध गतिविधियों के विज्ञापन और प्रचार पर रोक लगाने पर जोर देती है।
दरअसल 1867 के सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत प्रतिबंधित सट्टेबाजी और जुआ (Restricted betting and gambling) को देश भर के अधिकांश राज्यों में अवैध माना जाता है। अवैध होने के बावजूद, ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म सीधे और गेमिंग की आड़ में सट्टेबाजी और जुए का विज्ञापन चला रहे हैं और युवाओं को सट्टेबाज़ी के लिए लुभा रहे हैं। यह एडवाइजरी सट्टेबाजी और जुआ खिलाने वाले एप्स या वेबसाइट के डायरेक्ट या इनडायरेक्ट विज्ञापनों के खिलाफ मीडिया प्लेटफार्मों के लिए जारी की गई है। ऑनलाइन विज्ञापनों के लिए एजेंट्स के खिलाफ चेतावनी दी गई है।

एडवाइजरी में एक प्रमुख चिंता सट्टेबाजी प्लेटफार्मों को बढ़ावा देने में मशहूर हस्तियों और प्रभावशाली लोगों की हिस्सेदारी भी है, जो इन गैरकानूनी गतिविधियों में लोगों को धकेल रहे हैं। इन एप्स के विज्ञापनों में रितु वर्मा और ईशा गुप्ता जैसी मशहूर हस्तियों अक्सर दिख जाती हैं। इसके अलावा, महादेव बुक ऐप मामले के प्रचार में कई मशहूर हस्तियों पर आरोप लगाया गया है। सीसीपीए इस बात पर जोर देता है कि ऑनलाइन जुए और सट्टेबाजी को बढ़ावा देने या विज्ञापन करने में कोई भी भागीदारी, अधिकांश राज्यों में इसकी अवैध स्थिति को देखते हुए, किसी को भी अवैध गतिविधि में भाग लेने के लिए समान रूप से उत्तरदायी बनाती है।

भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम और भ्रामक विज्ञापनों के समर्थन के लिए दिशानिर्देश, 2022 स्पष्ट रूप से प्रचलित कानूनों के तहत निषिद्ध उत्पादों या सेवाओं के विज्ञापनों पर रोक लगाते हैं। इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि ये दिशानिर्देश केबल टीवी, ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म, डिजिटल मीडिया और प्रिंट मीडिया सहित सभी पर लागू होते हैं।

भारत में फिल्म और सीरियल इंडस्ट्री से बड़ा हो गया है गेमिंग सेक्टर

भारत में गेमिंग इंडस्ट्री (gaming industry in india) ने इंटरटेंमेंट इंडस्ट्री को पीछे छोड़ दिया है। फिक्की-ईवाई की रिपोर्ट (FICCI-EY report) के अनुसार, भारत के ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र (online gaming sector) ने 22 परसेंट की बढ़ोतरी दर्ज की है। यह 2023 में 220 अरब रुपये पर पहुंच गया है, जबकि भारत में इंटरटेंमेंट सेक्टर (Entertainment sector ) अभी 197 अरब रुपये का ही है।

रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री 181 बिलियन रुपये थी, उम्मीद जताई जा रही है कि 2024 में इसमें ख़ासी बढ़ोतरी होगी। इस दौरान फिल्म और इंटरटेंमेंट इंडस्ट्री जोकि 2022 में 172 अरब रुपये था, वो 207 अरब रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। मीडिया और इंटरटेंमेंट सेक्टर में गेमिंग इंडस्ट्री चौथे स्थान पर पहुंच गई है। देश के 45.5 करोड़ गेमर्स में से लगभग एक-चौथाई प्रतिदिन ऑनलाइन गेम खेलते हैं, उम्मीद जताई जा रही है कि 2026 तक यह 388 बिलियन रुपये तक पहुंच जाएगा। रिपोर्ट ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती लोकप्रियता के बारे में बताती है। भारत में अनुमानित 45 करोड़ गेमर्स हैं, जिनमें से 10 करोड़ गेमर्स रोज़ाना गेमिंग खेलते हैं। जबकि 9 करोड़ से अधिक गेमर्स खेलने के लिए पैसे भी देते हैं। वास्तविक पैसे वाले गेमिंग से सेगमेंट के राजस्व का 83 प्रतिशत हिस्सा बनता है।

इसके विपरीत, फिल्म- मनोरंजन क्षेत्र में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 197 अरब रुपये तक पहुंच गया। इस वर्ष 1,796 फ़िल्में रिलीज़ हुईं, जिनमें नाटकीय राजस्व 120 अरब रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया।

दूसरी ओर जीएसटी नियमों में बदलाव से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद, बड़ी गेमिंग कंपनियों ने मार्जिन की कीमत पर विकास दर बनाए रखी है, जिससे छोटे खिलाड़ियों के बीच छंटनी और शटडाउन हुआ। अपने ऐप स्टोर पर स्किल-आधारित रियल मनी गेम की अनुमति देने के Google के निर्णय ने ऐसे गेम की पहुंच का विस्तार किया, जिससे भागीदारी शुल्क में वृद्धि हुई।

2023 में कैज़ुअल गेमिंग में 24% की बढ़ोतरी देखी गई, BGMI के लॉन्च के कारण इन-ऐप खरीदारी फिर से सक्रिय हो गई। शूटिंग गेम्स भारत में सबसे ज्य़ादा पसंद किया जाने वाला गेमिंग सेगमेंट है। जिससे इंडस्ट्री में कुल 24% इन-ऐप रेवेन्यू आया है। इसके बाद स्ट्रैटजी गेम्स का स्थान रहा। मैच और पार्टी गेम जैसी नई शैलियों का सामूहिक रूप से इन-ऐप खरीदारी राजस्व में 20% से अधिक का योगदान है।

10 करोड़ रोज़ाना गेमिंग खेलने वालों के साथ, गेमिंग ब्रांडों के लिए युवाओं की दिवानगी, बढ़ते मोबाइल की वजह से गेमिंग इतनी तेजी से बढ़ रहा है। मल्टीप्लेयर गेम्स में बढ़ोतरी देखी गई है। 2023 में प्रमुख ईस्पोर्ट्स खिताब दोगुना होकर 19 हो गए, जिससे 20 प्लेटफार्मों पर 1.8 मिलियन भारतीय प्रतिभागियों को आकर्षित किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, गेमिंग सेक्टर के बहुत तेज़ी से बढ़ने का प्रमुख कारण स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग, कम डेटा शुल्क, प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी और सोशल मीडिया पर गेमिंग बढ़ना है।

Online gaming की लत पर NIMHANS करेगा स्टडी, सरकार ने तैयार करेगी गेमिंग पर मॉडल

Online gaming की वजह से लोगों के व्यवहार में हो रहे परिवर्तन (changes in people’s behavior) की जांच करने के लिए उपभोक्ता मामलों के विभाग (DoCA) ने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान (NIMHANS), बेंगलुरु के साथ एक स्टडी शुरू की है। इस रिसर्च का उद्देश्य ऑनलाइन गेमिंग (onling gaming) में लगे डिजिटल उपभोक्ताओं (digital consumers) की बढ़ती संख्या की सुरक्षा के लिए एक पूर्वानुमानित मॉडल विकसित (develop predictive models) करना है।

4 मार्च 2024 को उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव रोहित कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें उपभोक्ता मामले विभाग के संयुक्त सचिव अनुपम मिश्रा, एनआईएमएचएएनएस की निदेशक प्रतिमा मूर्ति और निमहंस में क्लिनिकल साइकोलॉजी के प्रोफेसर मनोज शर्मा के साथ साथ गेमिंग सेक्टर में काम कर रहे अन्य लोगों ने भी हिस्सा लिया। ।
बैठक में उपभोक्ता मामलों के सचिव ने ऑनलाइन गेमिंग की लत की वजह से इसके हानिकारक प्रभावों पर प्रकाश डाला, ऑनलाइन गेमिंग की वजह से सामाजिक अलगाव और वास्तविक जीवन की जिम्मेदारियों की उपेक्षा करने की क्षमता पर जोर दिया। इस स्टडी में ऑनलाइन गेमिंग के लिए एक ऐसा डिज़ाइन या मॉडल विकसित करना है जोकि भविष्य में अन्य डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर भी लागू किया जा सके। दरअसल डिजिटल दुनिया में ऑनलाइन गेमिंग सबसे ज्य़ादा खपत वाला सेक्टर है, इसलिए इस तरह का मॉडल तैयार किया जा रहा है।

एनआईएमएचएएनएस की निदेशक प्रतिमा मूर्ति ने आयु समूहों और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि जैसे विभिन्न लोगों का डेटा संग्रह और विश्लेषण के लिए विभिन्न संगठनों और संस्थानों के साथ सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। अध्ययन अत्यधिक डिजिटल खपत को रोकने और स्वस्थ डिजिटल आदतों को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा हस्तक्षेपों और मुकाबला तंत्र की जांच करेगा।

शोध के प्रत्याशित परिणामों का उद्देश्य ऑनलाइन गेमिंग में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए दिशानिर्देश बनाना है, बल्कि उद्योग को मूल्यवान अंतर्दृष्टि भी प्रदान करना है। ये अंतर्दृष्टि ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े आर्थिक और शारीरिक दोनों तरह के जोखिमों को कम करने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग को अनुकूलित करने में सहायता करेगी।

उपभोक्ता मामले विभाग और एनआईएमएचएएनएस के बीच सहयोगात्मक प्रयास डिजिटल परिदृश्य में चुनौतियों का समाधान करने और डिजिटल उपभोक्ताओं की भलाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। साक्ष्य-आधारित अनुसंधान और व्यावहारिक हस्तक्षेप के माध्यम से, पहल सभी के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ डिजिटल वातावरण बनाना चाहती है।