Friday, March 13, 2026
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छत्तीसगढ़ के नक्सलियों के जंगलों में जुआरी कर रहे थे मंगल, पुलिस ने दबोचा

छत्तीसगढ़ में स्थानीय पुलिस (Local Police in Chhattisgarh) की जुए पर कड़ाई के चलते अब जुआरी जंगलों में जुआ खेल रहे हैं। जिन जंगलों में नक्सलियों के डर से आम लोग जाने से डरते हैं, उन जंगलों में जुआरी अपने अड्डे (Gamblers have their dens in the forests) बना रहे हैं। ऐसे ही बालोद जिले में पुलिस ने घने जंगलों के बीच चल रहे जुए के कारोबार पर छापा मारा है। पुलिस ने बालोद जिले के घने जंगलों के बीच जुआ खेलते 17 लोगों को पकड़ा है। पुलिस ने इसमें तीन लाख रुपये से ज्य़ादा की नकद और संपत्ति जब्त की है। पुलिस ने छापे में कुल 1.08 लाख रुपये की नकद राशि, 1.80 लाख रुपये की छह मोटरसाइकिलें और 50,000 रुपये मूल्य के 10 एंड्रॉइड मोबाइल फोन शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों में सभी तरह के लोग शामिल हैं। इसमें अनुभवी जुआरियों से लेकर, लालच देकर लाए गए व्यक्ति भी शामिल है।

दरअसल छत्तीसगढ़ में जुआ काफी बड़े स्तर पर खेला जाता है। महादेव एप और अन्य ऑनलाइन गैंबलिंग एप की वजह से लोगों में जुए का चलन काफी बढ़ा है। राज्य की पुरानी सरकारों में जुए पर रोक को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए थे। इस वजह से जुए की रोकथाम नहीं हो पा रही थी। लेकिन अब राज्य में सरकार के बदलने के बाद भाजपा सरकार जुए को लेकर काफी कड़े कदम उठा रही है। इसकी वजह से जुआरियों ने शहरों और कस्बों को छोड़कर जंगलों में अपने अड्डे बना लिए हैं। ऐसे ही एक अड़्डे पर पुलिस ने छापा मारा था।

केंद्र सरकार की Online gaming पर जीएसटी वाले सभी मामलों को सुप्रीम कोर्ट स्थानांतरण की याचिका

केंद्र सरकार ने रियल मनी गेमिंग कंपनियों (real money gaming companies) के जीएसटी नोटिस (gst notice) को चुनौती देने वाले सभी हाई कोर्ट में लंबित मामलों को एक साथ टैग करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट के सामने एक स्थानांतरण याचिका दायर की है। डेल्टा कॉर्प (Delta Corp) की एक याचिका के संबंध में सिक्किम हाई कोर्ट (Sikkim High Court) के समक्ष सुनवाई में डिप्टी सॉलिसिटर जनरल (Deputy Solicitor General) ने अदालत को स्थानांतरण याचिका के बारे में बताया।

सुप्रीम कोर्ट का ऑनलाइन सूचना पोर्टल में स्थानांतरण याचिका से जुड़े बॉम्बे, गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, पंजाब और हरियाणा के हाई कोर्ट के सामने लंबित 27 मामलों को दर्शाता है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय सुप्रीम कोर्ट पीठ के समक्ष पहले से लंबित मामलों की सुनवाई अस्थायी अप्रैल 2024 में की जाएगी। इन मामलों में गेम्स 24×7, हेड डिजिटल वर्क्स और इंडस्ट्री बॉडी ईजीएफ शामिल हैं।
पिछली सुनवाई में जीएसटी विभाग ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था कि वह विभिन्न उच्च न्यायालयों के सामने लंबित जीएसटी के कानूनी मुद्दे से संबंधित सभी मामलों को सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग करते हुए एक याचिका दायर करेगा। इसलिए वर्तमान स्थानांतरण याचिका को भी लंबित मामलों के साथ टैग किए जाने की उम्मीद है।

इस मामले से रियल मनी गेमिंग (real money gaming) पर लंबे समय से चली आ रही टैक्स को लेकर परेशानियां दूर होने की उम्मीद है, साथ ही यह भी साफ हो जाएगा कि यह स्किल है या चांस का खेल हैं। इसके साथ ही टैक्स के लिहाज से यह भी साफ हो जाएगा कि यह सट्टेबाजी और जुए के दायरे में आएंगे। जनवरी में एक सुनवाई में, वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ऑनलाइन मनी गेमिंग कंपनियों की ओर से पेश हुए, जबकि अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एन. वेंकटरमण जीएसटी विभाग और भारत सरकार की ओर से पेश हुए। इस सुनवाई में एएसजी वेंकटरमण ने कहा कि 99 से अधिक कंपनियों को नोटिस भेजा गया है।

दरअसल यह मुद्दा गेम्सक्राफ्ट को 21,000 करोड़ रुपये का जीएसटी नोटिस जारी करने के बाद उठा था। जिसे कर्नाटक उच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया था। इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट के आर्डर पर स्टे दे दिया था। जिसके अनुसार विभाग ने अन्य वास्तविक धन गेमिंग कंपनियों को कर नोटिस जारी किए, जिससे उच्च न्यायालयों में रिट याचिकाओं की बाढ़ आ गई।

Paytm की परेशानियां होंगी दूर, सरकार ने जुर्माना लगाकर दिया मौका?

मनी लाउंड्रिंग (money laundering) के चलते अपना बैंक लाइसेंस (bank license) गंवाने के कगार पर खड़े पेटीएम पर वित्त मंत्रालय की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (Financial Intelligence Unit of the Ministry of Finance) ने 5.49 करोड़ रुपये का फाइन लगाया है। माना जा रहा है कि विजय शेखर शर्मा के पेटीएम चेयरमैन पद छोड़ने के बाद इस कंपनी पर परेशानियां कम हो सकती है। कंपनी पर लगे जुर्माने के साथ साथ कंपनी ने बोर्ड में भी बदलाव किया है और रेगुलेटरी मुद्दों पर एक कमेटी बनाई है। कहा जा रहा है कि इसके बाद कंपनी को फिलहाल परेशानियां से मुक्ति मिल गई है।

इससे पहले रिजर्व बैंक के हवाले से कहा गया था पेटीएम बैंक में बड़ी संख्या में बिना केवाईसी के खातें हैं। इसके बाद इन खातों से लेने देने की जांच वित्त मंत्रालय की विभिन्न एजेंसी कर रही थी। इस मामले में बाद में पेटीएम सीईओ विजय शेखर शर्मा ने इस्तीफा दे दिया था और सेबी के पूर्व चेयरमैन एम दामोदरन की अध्यक्षता में एक एडवाइजरी कमेटी का गठन भी किया है।

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, एफआईयू-आईएनडी ने खुफिया जानकारी के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक की जांच शुरु की थी। इस जांच में पाया गया कि विभिन्न अवैध गतिविधियों, विशेष रूप से ऑनलाइन जुए खिलाने वाली कंपनियां पेटीएम के साथ काम कर रही हैं। इस काली कमाई को गैरकानूनी तरीके से इन कंपनियों ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक के बैंक खातों के जरिए से भेजी गई थी।

जुर्माने पर पेटीएम पेमेंट्स बैंक के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी के जिस बिजनेस डिवीजन के बारे में यह है वो दो साल पहले बंद कर दिया गया था। उन्होंने आगे कहा कि तब से, बैंक ने रेगुलेटरी आवश्यकताओं के मुताबिक अपनी निगरानी प्रणाली और रिपोर्टिंग तंत्र को काफी मजबूत किया है।

Gaming for devlopment: विकसित भारत के लिए गेमिंग महत्वपूर्ण: अनुराग ठाकुर

Gaming for devlopment: खेल, युवा मामले और सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत के विकास में स्पोर्ट्स और स्किल ऑनलाइन गेमिंग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

ठाकुर ने कहा कि भारत को विकसित देशों की श्रेणी में लाने के प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और परिवर्तन के लिए एक महत्वपूर्ण एजेंडे के रूप में ‘विकसित भारत’ पर जोर दिया। शेयरहोल्डर्स की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए, उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देने के लिए पूरे खेल और ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र की क्षमता पर जोर दिया।

इस कार्यक्रम में ऑनलाइन स्किल गेमिंग उद्योग के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न प्रकार के लोग उपस्थित थे। हालांकि, मंत्री ठाकुर द्वारा स्किलहब ऑनलाइन गेम्स फेडरेशन को अपने कार्यालय में सीधे उनसे जुड़ने के लिए आमंत्रित किया। इस सक्रिय कदम का उद्देश्य संवाद और सहयोग के रास्ते खोलना, रेगुलेटरी परेशानियों को दूर करना और प्रभावी उपचार तैयार करने के लिए अधिक सहक्रियात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है।
प्रधान मंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की यात्रा को रेखांकित करते हुए, ठाकुर ने घोटालों और आर्थिक स्थिरता से क्षतिग्रस्त अवधि से एक वैश्विक खिलाड़ी के रूप में उभरने के लिए देश के परिवर्तन का जश्न मनाया। उन्होंने पिछले दशक में हुई प्रगति को दर्शाते हुए पारदर्शिता, सुशासन और आर्थिक समृद्धि पर सरकार के अटूट रुख की पुष्टि की।

ऑनलाइन स्किल गेमिंग उद्योग द्वारा उठाई गई चिंताओं के जवाब में, मंत्री ठाकुर ने रचनात्मक रूप से संलग्न होने और उद्योग की जरूरतों के लिए अनुकूल नियामक ढांचा तैयार करने के लिए सरकार की तत्परता की पुष्टि की। नैतिक आचरण और जिम्मेदार गेमिंग प्रथाओं के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने सभी हितधारकों के लिए खेल का मैदान सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।

Foreign gambling companies के पीछे चीन की फंडिंग? EOW की जांच में हुआ खुलासा

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने अपनी जांच में पाया है कि जो विदेशी गैंबलिंग कंपनियां (Foreign gambling companies) भारत में अवैध तरीके से कारोबार कर रही हैं, उनमें बड़ी संख्या में चीन की फंडिंग लगी हुई है, जोकि भारत में बड़े स्तर पर मनी लाउंड्रिंग कर रही है।

पुलिस के अनुसार, विदेशों में रजिस्टर्ड गेमिंग प्लेटफार्मों ऑनलाइन गेमिंग से आय को बाहर भेजने के लिए फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर रही हैं और इसके लिए इन प्लेटफार्म ने अपने कर्मचारियों के नाम पर दस्तावेज बनवाए हुए हैं। ईडी की शिकायत में 167 घरेलू फर्मों से जुड़े 188 बैंक खातों और 105 विदेशी संस्थाओं से जुड़े 110 खातों का खुलासा हुआ है। इनमें पहचानी गई विदेशी कंपनियों में से 46 कंपनियां चीन की हैं, जबकि 30 सिंगापुर और 18 हांगकांग में हैं, आशंका जताई जा रही है कि यह सभी कंपनियां चीन से जुड़ी हुई हैं। इसके अलावा 7 यूएई में, 2 मलेशिया में, 1 थाईलैंड में और 1 मॉरीशस में स्थित हैं।

दरअसल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) एक मामले की जांच कर रही है, जिसमें विदेशी ऑफश्योर ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर मनी लॉन्ड्रिंग योजना का आरोप लगाया गया था। वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) और छिपी हुई पहचान के जरिए से यह कंपनियां भारतीयों को गैंबलिंग खेलने के लिए ललचा रही थी। फिर इस पैसे को विदेशों में भेज रही थी।

ईओडब्ल्यू के डीसीपी विक्रम पोरवाल के अनुसार, ईडी की जानकारी विदेशी ऑनलाइन गेमिंग संस्थाओं की ओर इशारा करती है जो वीपीएन के माध्यम से या विदेशी गेमिंग प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर भारतीय खिलाड़ियों तक अपने प्लेटफार्म को पहुंचा रही थी। “विदेश में पंजीकृत ये वेबसाइटें भारतीय बैंक खातों से जुड़ी हुई हैं। इसमें शामिल व्यक्ति जनता से धन इकट्ठा कर रहे थे और बिना जीएसटी रजिस्ट्रेशन के व्यावसायिक गतिविधियां कर रहे थे। साथ ही फर्जी इंपोर्ट दिखाकर विदेशी आउटवर्ड रेमिटेंस जैसे अवैध तरीकों का उपयोग करके उन्हें भारत से बाहर भेज रहे थे।

रिपोर्टें न केवल भारत में बल्कि चीन, सिंगापुर, हांगकांग, दुबई और अन्य देशों में भी सक्रिय एक अंतरराष्ट्रीय रैकेट की उपस्थिति का संकेत देती हैं। इस सिंडिकेट के सदस्य कथित तौर पर मिलीभगत करके बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग और अंतरराष्ट्रीय हवाला मनी ट्रांसफर में लगे हुए हैं।
इस योजना में शामिल व्यक्तियों ने खाली चेक पर हस्ताक्षर प्राप्त करने/जाली करने के बाद डमी फर्मों/कंपनियों से खाली चेक बुक अपने पास रख लीं। उन्होंने अपनी असली पहचान छुपाने के लिए जाली और मनगढ़ंत आईडी का उपयोग करके मोबाइल कनेक्शन भी हासिल किए। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है

Indo-Nepal cup: टी20 की तीन मैचों की सीरीज़ में चैंपियन बनी इंडिया बी टीम

Indo-Nepal cup: नेपाल के पोखरा में इंडो-नेपाल फ्रेंडशिप कप टी-20 क्रिकेट सीरीज का आयोजन किया गया। सीरीज में इंडिया-बी टीम ने टी-20 मैच श्रृंखला जीतकर चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। इंडिया टी 20 क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवम गौड़ व सचिव सलिम खान ने बताया कि नेपाल के पोखरा में 20 से 23 फरवरी तक इंडो-नेपाल फ्रेंडशिप कप टी 20 कप चैंपियनशिप का आयोजन किया गया।

एसोसिएशन द्वारा इंडिया -नेपाल मैत्री सीरीज में खिलाडिय़ों के चयन के लिए विभिन्न जगह ट्रायल्स आयोजित किए गए थे। जिसमें 30 खिलाडिय़ों का अलग अलग आयु वर्ग में चयन किया, यह खिलाड़ी टीम इंडिया ए, सीनियर्स, टीम इंडिया बी, जूनियर्स टीम का हिस्सा बने। इंडिया टी 20 क्रिकेट एसोसिएशन व नेपाल टी 20 क्रिकेट एसोसिएशन की मैत्री सीरीज में जूनियर्स टीम इंडिया बी ने तीन मैचों की श्रृंखला को अपने नाम किया। हापुड़ के तेज गेंदबाज राजा तोमर ने तीन मैचों में 9 विकेट लिये।

टीम इंडिया बी के कप्तान बलविंदर सिंह, ओपनर बल्लेबाज शोभित यादव व अभिषेक गौतम ने अर्धशतक लगाये। जबकि टीम इंडिया ए रनरअप रही। कप्तान बलविंदर सिंह टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज रहे। वहीं सीनियर टीम(इंडिया ए)रनरअप रही। इंडिया A टीम के गेंदबाज शोएब ने 3 मैच में 10 विकेट चटकाए और बेस्ट बोलर ऑफ सीरीज बने, एसोसिएशन अध्यक्ष शिवम गौड़, सचिव सलीम खान, रोहित शर्मा, कोच विवेक राव, टीम प्रबंधक दुष्यंत राणा ने टीम के जीतने पर सभी खिलाडिय़ों को बधाई दी।

Gambling addiction के कारण मनोज ने ले ली अपनी जान

गेमिंग एप के जरिए पैसों का खेल धीरे धीरे युवाओं के लिए जानलेवा होता जा रहा है, कहीं कोई युवा इसकी वजह से अपनी मां की हत्या कर रहा है तो कोई खुद अपनी जान ले रहा है। ऐसा ही मामला हैदराबाद के गुड़ीमलकापुर में हुई जब 20 वर्षीय बीटेक छात्र सेलम मनोज ने ऑनलाइन सट्टेबाजी की लत के कारण हुई आर्थिक तंगी से अपनी जान ले ली। वह अवैध 1विन ऐप पर ऑनलाइन सट्टेबाजी करता था और उसपर काफी कर्जा हो गया था।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन सट्टेबाजी की लत के कारण मनोज को दोस्तों और परिचितों से काफी रकम उधार लेनी पड़ी। अत्यधिक जुए के बारे में अपने परिवार की चेतावनियों के बावजूद, मनोज ने खेलना जारी रखा और बाद में काफी कर्जदार हो गया। पेशे से बढ़ई मनोज के पिता ने मनोज की आत्महत्या के लिए कर्ज देने वालों के लगातार उत्पीड़न को जिम्मेदार ठहराया।


मनोज को 1Win ऐप पर करीब 3 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। हालांकि उसके माता-पिता ने दोस्तों से उधार ली गई राशि चुका दी। पर इस नुकसान को मनोज सहन नहीं कर पाया और उसने अपना जीवन समाप्त कर लिया। अधिकारियों ने मनोज की मौत के आसपास की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 174 के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें मनोज की ऑनलाइन गतिविधियों और जुए के लिए उसके द्वारा उपयोग किए जाने वाले प्लेटफार्मों की जांच की जा रही है।

जैसे-जैसे जांच सामने आती है, यह ऐसे अवैध प्लेटफार्मों के प्रसार को रोकने के लिए कड़े नियमों और प्रवर्तन उपायों की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डालता है। इसके अतिरिक्त, जुए की लत के अंतर्निहित मुद्दों को संबोधित करने और भविष्य में आगे की त्रासदियों को रोकने के लिए अधिक जागरूकता और सहायता प्रणालियों की तत्काल आवश्यकता है। यह घटना ऑनलाइन जुए के काले पक्ष और कमजोर व्यक्तियों, विशेषकर युवाओं पर पड़ने वाले परेशान करने वाले परिणामों पर प्रकाश डालती है।

Mahadev app scam को लेकर ईडी कर रही है छापेमारी

Mahadev app scam के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने देश भर में 15 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है। जानकारी के मुताबिक यह छापेमारी पश्चिम बंगाल, मुंबई और दिल्ली एनसीआर इलाके में की जा रही है। महादेव एप स्कैम को लेकर ईडी लंबे समय से कार्रवाई कर रही है। पहले भी ईडी ने छापेमारी कर इस अवैध जुआ खिलाने वाले एप से जुड़े हुई कई लोगों को पकड़ा था।

Gaming में है पैसा कमाने के बहुत सारे विकल्प

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Gaming industry देश में लगातार बढ़ रही है, दुनियाभर में गेमिंग सेक्टर में लोग लगातार जुड़ रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक भारत में ही लगभग 50 करोड़ लोग गेमिंग से सीधे तौर पर जुड़े हैं। ऐसे में इसमें कई तरह के करियर ऑप्शन मौजूद हैं। अगर आप गेमिंग सेक्टर में इंटरेस्ट रखते हैं तो आप के लिए ये फील्ड काफी अच्छी साबित हो सकती है।
आप इस फील्ड में गेम डेवलपर बनने का करियर बहुत ही अच्छा है, जोकि अपनाया जा सकता है। गेम डेवलपर का काम गेम तैयार करना होता हैं। वे प्रोग्रामिंग, डिजाइन का इस्तेमाल करते हैं।
गेम डिजाइनर गेम के डिजाइन के लिए जिम्मेदार होते हैं। इसके करेक्टर से लेकर उसकी स्पीड और बाकी चीजों के लिए यह ही काम करते हैं। गेम आर्टिस्ट गेम के लिए विज़ुअल कंटेंट बनाते हैं। वे 3D मॉडल, 2D एनिमेशन बनाते हैं।
दूसरी ओर गेम बन जाने के बाद, गेम टेस्टर गेम की गुणवत्ता का परीक्षण करते हैं। वे बग ढूंढते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि गेम बिना किसी परेशानी के चलता रहे।
गेम एनिमेटर गेम में पात्रों और वस्तुओं को गति प्रदान करते हैं। वे 2D और 3D एनिमेशन दोनों का इस्तेमाल करते हैं।
गेम ऑडियो डिज़ाइनर गेम के लिए ध्वनि इफेक्ट्स और म्यूजिक बनाते हैं। वे गेम को अधिक immersive बनाने के लिए साउंड का इस्तेमाल करते हैं।

Online app Zupee की आदत ने बेटे को बनाया मां का कातिल

Online app Zupee उत्तर प्रदेश के फ़तेहपुर में चौंकाने वाली घटना सामने आई है। ऑनलाइन गेमिंग एप Zupee की लत के कारण एक बेटे ने अपनी मां की हत्या कर दी, ताकि वह अपनी मां की एलआईसी पॉलिसी का पैसा ले सके और अपने गेम खेलकर जो कर्जा उसको हुआ है, वो उतार सके। आरोपी हिमांशु ने इस कर्जे को उतारने का प्लान पहले ही बना लिया था, इसके तहत उसने पहले अपने मां-पिता का 50 लाख के रुपये का इंश्योरेंस कराया और फिर इंस्योरेंस के पैसे के लिए अपनी मां को मार डाला। हत्या के बाद उसने मां के शव को यमुना नदी के किनारे फेंक दिया।

पुलिस ने बताया कि आरोपी हिमांशु लोकप्रिय प्लेटफॉर्म Zupee पर गेम खेलने का आदी था। उसे गेम की लत ऐसी थी कि वो हारने के बाद वह पैसे उधार लेता था और फिर गेम खेलता था। जब उसे पता चला कि उसने चार लाख रुपये उधार ले लिए हैं तो वह परेशान हो गया कि कर्ज को कैसे चुकाएगा। इसके लिए उसने खतरनाक प्लान बनाया।

कर्ज चुकाने के लिए बनाया खौफनाक प्लान

पुलिस के मुताबिक, गेम खेलने के लिए कर्ज ले चुके हिमांशु ने पहले तो अपनी मौसी के गहने चुराए और उस पैसे का इस्तेमाल अपने माता-पिता के लिए 50 लाख रुपये की जीवन बीमा पॉलिसी खरीदने में किया। इसके तुरंत बाद, जब उसके पिता घर सो बाहर गए थे तो उसने अपनी मां प्रभा की गला दबाकर हत्या कर दी। उसने शव को एक जूट के थैले में रखा और उसे ठिकाने लगाने के लिए अपना ट्रैक्टर लेकर यमुना नदी के किनारे चला गया, वहां उसने नदी किनारे मां का शव फेंक दिया। 

हिमांशु के पिता रोशन सिंह, जो चित्रकूट मंदिर गए थे, जब वापस लौटे तो उन्हें अपनी पत्नी और बेटा घर पर नहीं मिले। उन्होंने आसपास के लोगों से पूछा और फिर अपने भाई के घर चले गये। किसी को पता नहीं था कि प्रभा कहां है और हिमांशु कहां है। तभी एक पड़ोसी ने बताया कि उसने हिमांशु को नदी के पास ट्रैक्टर पर बैठकर जाते देखा था। पिता ने पुलिस को सूचित किया और फिर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को यमुना के पास से बरामद किया गया।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

पुलिस ने हिमांशु को गिरफ्तार कर लिया और जब उससे पूछताछ की गई तो चौंकाने वाली बात सामने आई। उसने बताया कि कैसे उसने बीमा के पैसे के लिए अपनी मां की हत्या की साजिश रची। उसने बताया कि उसपर काफी कर्ज था, उसको उतारने के लिए उसने यह किया। पुलिस अधिकारी विजय शंकर मिश्रा ने कहा, “बेटा अपनी मां की हत्या करने के बाद भाग रहा था। हमने उसे पकड़ लिया और जब उससे पूछताछ की गई तो उसने हत्या स्वीकार कर ली।”

ऑनलाइन गेमिंग की थी लत

ऑनलाइन गेमिंग की लत युवाओं को खतरे में डाल रही  है। इनमें से कई गेम्स में यूजर्स पैसे भी कमा सकते हैं। फोन पर जल्दी पैसा कमाने की चाहत जुए की लत में कब तब्दील हो जाती है। Zupee ऑनलाइन गेमिंग के लिए लोकप्रिय प्लेटफार्मों में से एक है, उपयोगकर्ताओं को चेतावनी देता है कि उन्हें केवल मनोरंजन के लिए खेलना चाहिए। साइट ने साफ लिखा है कि “अतिरिक्त आय अर्जित करने के लिए न खेलें। आवेग में आकर न खेलें। उधार दिए गए पैसों से न खेलें,” यह ‘क्या करें और क्या न करें।’