Friday, March 13, 2026
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OneVerse ने Sparton Poker को खरीदा, भारत में 13 गेमिंग कंपनियां खरीदेगी OneVerse

भारतीय गेमिंग इंड्स्ट्री (Indian gaming industry) में अब बड़ी बड़ी विदेशी कंपनियों की रुचि जाग रही है। मेटावर्स और गेमिंग टेक कंपनी वनवर्स (Metaverse and gaming tech company OneVerse) ने ऑनलाइन पोकर स्टार्ट-अप स्पार्टन पोकर (online poker start-up Spartan Poker) को खरीद लिया है। वनवर्स ने रियल-मनी गेमिंग (आरएमजी) क्षेत्र में कंपनियों को खरीदने के लिए $120 मिलियन (लगभग 1000 करोड़ रुपये) आवंटित किए हैं। वनवर्स ने अगले तीन महीनों में पोकर, रम्मी और फंतासी गेमिंग में लगभग 13 आरएमजी कंपनियों के अधिग्रहण के लिए योजना बनाई हुई है।

स्पार्टन पोकर देश की एक प्रमुख पोकर कंपनी है, वनवर्स ने इन 13 कंपनियों में से सबसे पहले स्पार्टन पोकर का अधिग्रहण किया है। हालांकि वनवर्स ने स्पार्टन का अधिग्रहण कितने में किया है, इसके बारे में जानकारी नहीं दी है। सालाना 500 करोड़ रुपये से अधिक के पुरस्कार पूल वाले पोकर टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए जाना जाने वाला स्पार्टन पोकर वनवर्स के गेमिंग पोर्टफोलियो को मज़बूत करेगा।
वनवर्स गेमिंग के सीईओ पॉल माइकल ने बताया कि कंपनी का लक्ष्य यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों में विस्तार करना है और आने वाले महीनों में अतिरिक्त अधिग्रहण करना है। माइकल ने कहा, इस महत्वपूर्ण निवेश का फोकस एक स्केलेबल ऑपरेशन बनाना है, जोकि पोकर के खिलाड़ियों को बेहतर अनुभव देगा।

दूसरी ओर जीएसटी के 28 परसेंट होने के बाद गेमिंग इंडस्ट्री में कस्टमर्स में 15% की कमी देखी गई है। इन चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए, वनवर्स ने सलाहकार सहायता के लिए एक प्रसिद्ध वैश्विक कॉर्पोरेट और निवेश बैंक, रैंड मर्चेंट बैंक की विशेषज्ञता को इंगेंज किया है। भारत में लगभग 56करोड़ से ज्य़ादा ऑनलाइन गेमर्स हैं, जिनमें से लगभग एक चौथाई पे-एंड-प्ले में खेलते हैं। वित्त वर्ष 2013 में आरएमजी सेगमेंट 2 बिलियन डॉलर का उद्योग होने का अनुमान लगाया गया था। जीएसटी में 28% की बढ़ोतरी के बाद आरएमजी बिजनेस मॉडल कई स्टार्ट-अप और मध्यम आकार की कंपनियां या तो बंद हो गई है या फिर नुकसान में चल रही हैं।

दोनों संस्थाओं की क्षमताओं को विलय करके, OneVerse का लक्ष्य एक अग्रणी शक्ति का अनुकरण करना है जो इंटरैक्टिव मनोरंजन के भविष्य को आकार देगा। यह सहयोग स्पार्टन की रचनात्मक विशेषज्ञता के साथ वनवर्स की तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ उठाता है, जो विश्व स्तर पर गेमर्स के लिए उत्पादों और अनुभवों की एक अभिनव श्रृंखला का वादा करता है। गेमर्स अत्याधुनिक गेम्स की एक विस्तारित सूची की उम्मीद कर सकते हैं जो अत्याधुनिक तकनीक के साथ गहन अनुभवों को सहजता से मिश्रित करता है। इसके अतिरिक्त, विस्तारित वैश्विक उपस्थिति के साथ, वनवर्स नए बाजारों का पता लगाने और दुनिया भर में विविध गेमिंग समुदायों के साथ जुड़ने के लिए तैयार है।

गेमिंग बैन पर Supreme Court में तमिलनाडू सरकार की याचिका मंजूर

सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ तमिलनाडू की याचिका (Tamil Nadu’s petition) को सुनवाई के लिए मंजूरी दे दी है। मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडू सरकार के रमी और पोकर को बैन (Rummy and poker banned) करने संबंधी कानून को रद्द कर दिया था। इसके बाद अब राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी है। इससे पहले भी तमिलनाडू सरकार के तमिलनाडू गेमिंग एंड पुलिस लॉ (संसोधन) 2021 (Tamil Nadu Gaming and Police Law (Amendment2021) को भी रद्द कर दिया था। उसके खिलाफ भी राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, इन दोनों अपील को सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ टैग कर दिया है।

तमिलनाडू सरकार ऑनलाइन गेमिंग को लेकर लगातार सख्ती कर रही है, ख़ासकर रमी और पोकर को लेकर राज्य सरकार विशेष सख्ती दिखा रही है। इसको लेकर ही मद्राह हाई कोर्ट ने स्किल गेम्स की वजह से रमी और पोकर को लेकर कानून के एक हिस्से को रद्द कर दिया था। तमिलनाडू सरकार के इस फैसले के खिलाफ ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन, गेम्सक्राफ्ट, 24*7 और हेड डिजिटल वर्क्स ने मद्रास हाई कोर्ट में अपील की थी। तमिलनाडू सरकार ने अपने कानून में रमी और पोकर को भी गेम ऑफ चांस की केटैगरी में डाल दिया था।

2021 में, तमिलनाडु सरकार ने एक आपातकालीन कानून पारित किया, जिसने राज्य के भीतर सभी प्रकार के ऑनलाइन गेम (स्किल गेम्स सहित) पर प्रतिबंध लगा दिया। ऑनलाइन गेमिंग में नुकसान के कारण एक महिला द्वारा आत्महत्या करने के बाद यह कानून पारित किया गया था। इसे गेमिंग कंपनियों ने मद्रास उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। HC ने 2022 की शुरुआत में इस कानून को रद्द कर दिया था और इसे असंवैधानिक करार दिया था। सरकार ने इस फैसले के खिलाफ अपील की और यह शीर्ष अदालत में लंबित है।

Mahadev App की मुश्किलें बढ़ी, सौरभ चंद्राकर की जांच कर रही है DGGI

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Mahadev App की मुश्किलें और बढ़ने जा रही है, क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के बाद अब जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (DGGI) जीएसटी नियमों के संदिग्ध उल्लंघन और टैक्स नहीं भरने के लिए अवैध सट्टेबाजी एप्लिकेशन महादेव ऑनलाइन बुक (illegal betting app mahadev online book) और इसके प्रमोटरों की जांच कर रहा है। भारत में अवैध इस ऐप पहले से ही मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग के आरोपों को लेकर मुंबई और हैदराबाद सहित कई शहरों में प्रवर्तन निदेशालय और पुलिस की जांच कर रही है।
डीजीजीआई के एक अधिकारी ने बताया कि इस एप पर करीब 30,000 करोड़ रुपये जीएसटी बकाया होने का संदेह है। इसमें फिलहाल 2018-19 के बाद से ब्याज और जुर्माना शामिल किया जा रहा है, इसके बाद नोटिस जारी होगा।”
पिछले साल, सितंबर और नवंबर के बीच, डीजीजीआई ने रियल मनी गेमिंग (real money gaming) की लगभग 100 कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसमें कुल मिलाकर ₹1.12 लाख करोड़ से अधिक की टैक्स की मांग की गई थी। इनमें से कई कंपनियों ने उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय में इसके खिलाफ केस किया है।
सूत्रों ने कहा कि भारत में जीएसटी रजिस्ट्रेशन के साथ काम करने वाली आरएमजी कंपनियों के विपरीत, महादेव बुक और उसकी सहायक कंपनियों जैसे फेयरप्ले, अन्ना रेड्डी और लोटस 35 (Fairplay, Anna Reddy and Lotus 35) बिना जीएसटी और अन्य कानूनी तौर पर लाइसेंस के बिना यहां एप चल रहे हैं।
महादेव ऑनलाइन बुक की जांच करने वाले एक अन्य अधिकारी ने कहा, यह अवैध जुआ एप बार बार अपना नाम बदलता रहता है, जब कोई एप का डोमेन नेम जांच एजेंसियों के स्कैनर के दायरे में आता है, तो वे उसे बंद कर देते हैं और ग्राहक को दूसरे के पास ले जाते हैं।
उक्त अधिकारी के मुताबिक “2022 में, जब महादेव आवेदन ईडी की जांच के दायरे में आया, तो प्रमोटरों ने अन्य एप चलाने शुरू कर दिए थे। ये एप अपनी शुरुआत से ही बिना किसी जीएसटी रजिस्ट्रेशन के अवैध रूप से चल रहे हैं, जिससे सरकारी खजाने को भारी राजस्व हानि हो रही है, ”। अधिकारी ने कहा, “महादेव एप जो नीदरलैंड में पंजीकृत होने का दावा करता है और दुबई से संचालित होता है, इसपर अब प्रतिबंध लगा दिया गया है, फिर भी जीएसटी बकाया का भुगतान करना आवश्यक है।”
पिछले साल, 50वीं और 51वीं जीएसटी परिषद की बैठकों के निर्णय के अनुसार, संसद ने आईजीएसटी अधिनियम में संशोधन करके एक नया प्रावधान डाला, जिसमें ऑनलाइन मनी गेमिंग के साथ साथ विदेशी जुआ एप को भारत में रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहा गया था, लेकिन अभी तक किसी भी विदेशी जुआ कंपनी ने अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।

अधिकारी उन सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच कर रहे हैं, जिनपर अब यह विदेशी जुआ एप अपनी एड चला रहे हैं। चुंकि आरएमजी ऐप्स पर 28% जीएसटी पर 1 अक्टूबर की अधिसूचना के बाद, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑफशोर सट्टेबाजी एप्लिकेशन और सहायक कंपनियों द्वारा विज्ञापनों में अचानक वृद्धि हुई है, जिसमें दावा किया गया है कि उनके प्लेटफॉर्म पर कोई जीएसटी नहीं लगता है और इस प्रकार बचाई गई राशि ग्राहकों के खातों में जमा की जाएगी,।
“इन एप्लिकेशन ने कई सोशल मीडिया प्रभावितों को अपने साथ जोड़ लिया है जो ऐसे विज्ञापनों को बढ़ावा/समर्थन कर रहे हैं। इन विज्ञापनों को डीजीजीआई और प्रवर्तन निदेशालय दोनों के संज्ञान में लाया गया है, जो इनकी जांच कर रहे हैं।”

Mahadev App Scam में नितिन टिबरेवाल-अमित अग्रवाल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत

महादेव ऐप और मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Mahadev app and money laundering cases) में रायपुर की विशेष अदालत ने आरोपी नितिन टिबरेवाल और अमित अग्रवाल (Accused Nitin Tibrewal and Amit Aggarwal) को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। शनिवार को 13 दिन की न्यायिक हिरासत पूरी होने के बाद दोनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जज अजय सिंह राजपूत ने आरोपी की रिमांड बढ़ाने का आदेश जारी किया, दोनों अब 14 दिनों तक रायपुर सेंट्रल जेल में रहेंगे।

कोर्ट ने महादेव ऐप मामले में दोनों आरोपियों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया है। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय आरोपों की जांच कर रहा है (The Enforcement Directorate is investigating the allegations)। रिमांड पूरी होने के बाद 17 जनवरी को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद रायपुर की स्पेशल कोर्ट ने नितिन और अमित दोनों को 22 जनवरी तक 5 दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया। रायपुर की विशेष अदालत ने नितिन और अमित को 13 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
नितिन टिबरेवाल और अमित अग्रवाल ने दुबई में करोड़ों की संपत्ति खरीदी है और उनकी विदेशी कंपनियों में शेयर भी हैं। जांच में अब तक 2.5 करोड़ रुपये का हिसाब पता चल चुका है, अमित अग्रवाल के भाई अनिल अग्रवाल महादेव ऐप में पार्टनर थे। दुबई से भेजा गया पैसा अमित को यहां मिलता था, जो फिर अपने अकाउंटेंट के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग करता था।
24 फरवरी को 13 लोगों को कोर्ट में पेश होने के लिए नोटिस जारी किया गया था, जिनमें से महादेव ऐप मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी आरोपियों के खिलाफ अग्रिम जमानत की याचिका दायर की गई है, अदालत ने इन 13 लोगों को 24 फरवरी को अदालत में पेश होने के लिए नोटिस जारी किया है। अगर वे अदालत में पेश नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ समन जारी किया जाएगा। प्रवर्तन निदेशालय सक्रिय रूप से मामले की जांच कर रहा है, और महादेव ऐप मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

Jasprit Bumrah ने दुनिया के सबसे ख़तरनाक बॉलर्स को पीछे छोड़ा

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भारतीय पेस के प्रमुख बॉलर जसप्रीत बुमराह (Indian pace bowler Jasprit Bumrah) ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में ख़तरनाक गेंदबाजी कर अंग्रेज बल्लेबाजी को 253 रनों पर समेट दिया। इसके साथ ही बुमराह ने टेस्ट क्रिकेट में भी 150 विकेट (Bumrah took 150 wickets in test cricket) पूरे कर लिए। बुमराह की इस घातक की बदौलत भारतीय टीम (Indian team) ने पहली पारी में इंग्लैंड पर 143 रनों की बढ़त हासिल कर ली है। बुमराह की एक यार्कर (Bumrah Yorker) की चर्चा तो पूरे सोशल मीडिया और मीडिया में है, जिसमें उन्होंने ओली पोप को बोल्ड किया।

विशाखापट्टनम में दूसरे टेस्ट में जहां पहली पारी में यशस्वी जायसवाल के दोहरे शतक की चर्चा थी, वहीं इंग्लैंड की पारी में बुमराह की ख़तरनाक गेंदबाजी का जबाव अंग्रेज बल्लेबाजों के पास नहीं था। बेन स्ट्रोक भी बुमराह की गेंदों से परेशान रहे। मैच के दूसरे दिन बुमराह ने 6 अंग्रेज बल्लेबाजों को आउट किया और सिर्फ 45 रन दिए। बुमराह कितने ख़तरनाक गेंदबाज हैं, उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 100 सालों में सबसे कम औसत 20.28 से 150 विकेट लेने वाले अकेले गेंदबाज जस्पीत बुमराह है। विकेट लेने में बुमराह से कम सिर्फ सिडनी बार्न्स की 16.45 का औसत है। बाकी दुनिया के सभी गेंदबाज़ विकेट लेने की औसत में बुमराह से नीचे हैं। बुमराह के नाम एक ओर रिकार्ड दर्ज हुआ, उन्होंने इस मैच की पहली पारी में 45 रन देकर 6 विकेट लिए हैं, इस पूरी सदी में घरेलू मैदान पर किसी भी भारतीय तेज़ गेंदबाज का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हैं।

बुमराह ने जिस यार्कर पर ओली पोप को बोल्ड किया है, उसको लेकर सोशल मीडिया पर तरह तरह के कमेंट आ रहे हैं। आकाश चोपड़ा ने इस बॉल के लिखा कि यह अनबिल्विवल है।

वहीं एक अन्य यूजर ने इस बॉल पर लिखा कि इसके लिए बुमराह को अलग से अवार्ड मिलना चाहिए।

Rario controversy के बीच हर्ष जैन की केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर से मुलाकात

Rario में कार्ड अचानक से बंद करने के खिलाफ लोगों के गुस्से के बीच ड्रीम11 के प्रमोटर हर्ष जैन ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर से मुलाकात की है। ख़ास बात ये है कि Rario के खिलाफ आम लोगों के पैसे लेकर अचानक से प्रोडक्ट बंद करने का जो आरोप लग रहा है, उससे हज़ारों लोग प्रभावित है और वो लगातार इस मामले में सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने अपने एक्स अकाउंट से हर्ष जैन के साथ फोटो शेयर की है। इससे पहले भी राजीव चंद्रशेखर ने कुछ विदेशी निवेशकों से मुलाकात की थी, जोकि पहले गैंबलिंग कंपनियों में प्रमुख पदों पर रह चुके हैं।

दूसरी ओर लोगों के लगातार गुस्से के बीच रारियो ने वेब3 गेमिंग कार्ड को बंद करने का अपना फैसला बदल दिया है, लेकिन अभी भी रारियो के कार्ड खरीदने वाले कंपनी की नियत पर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं। हालांकि बढ़ते दबाव के बीच कंपनी ने पुराने कार्ड को बंद करने के फैसले को वापस ले लिया है, लेकिन अब लोगों को कंपनी के कार्ड पर भरोसा कम हो गया है। मोहित नाम के एक यूजर ने एक्स पर लिखा है कि रारियो को हमारे पैसे को वापस करना चाहिए।

इस मुद्दे पर एक्स पर लगातार मुखर रहे स्नेहा रेड्डी ने गेमिंगइंडिया को बताया कि रारियो लगातार अपने स्टैंड को टाल रहा था, पहले उन्होंने कार्ड को बंद करने की घोषणा कर दी, फिर बाद में वो कुछ साफ नहीं बता रहे थे कि क्या करेंगे, अभी भी आगे वो बंद कर देंगे, इसका कुछ पता नहीं है। अगर वो ऐसा करते हैं, तो हम प्रमोटर के साथ साथ रारियो के लिए प्रमोशन कर हम लोगों को रारियो में कार्ड खरीदने के लिए कहने वाले सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और अन्य प्रमोशन करने वालों पर केस करेंगे।

इससे पहले सोसाइट अगेंस्ट गैंबलिंग ट्रस्ट ने रारियो मुद्दे पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक पत्र लिखकर इस मुद्दे पर कार्रवाई कर निवेशकों की रक्षा की मांग की थी। इसके साथ ही ड्रीम11 पर भी लगातार फिक्सिंग के आरोप लग रहे हैं, ख़ासकर एक्स (ट्विटर) इस तरह की शिकायतों से भरा पड़ा है।

SAG ने Parimatch की सहयोगी कंपनियों पर एक्शन लेने के लिए वित्त मंत्री को लिखी चिट्ठी

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गैंबलिंग के खिलाफ काम कर रही संस्था सोसाइटी अगेंस्ट गैंबलिंग (SAG) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) से विदेशी गैंबलिंग साइट्स Parimatch के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की है। एसएजी की चेयरपर्सन नेहा वर्मा ने वित्त मंत्री को लिखी अपनी चिट्ठी (SAG letter to FM) में अवैध ऑफशोर सट्टेबाजी वेबसाइट ‘पैरिमैच’ की सहयोगी कंपनी प्रोस्पोर्टिव वियर प्राइवेट लिमिटेड की गतिविधियों की जांच करने की अपील की है।

SAG ट्रस्ट की चेयरपर्सन नेहा वर्मा (SAG chairperson Neha Verma) ने अवैध ऑनलाइन जुआ चलाने वाली साइट ‘पैरिमैच’ के अवैध संचालन के बारे में गंभीर चिंता व्यक्त की है, उन्होंने लिखा कि जो डोमेन ब्लॉक हुए हैं, उनके नए या मिरर डोमेन अभी भी धड़ल्ले से चल रहे हैं। साथ ही नए नए तरीकों से लोगों को जुआ खेलने के लिए उकसाया जा रहा है।

ट्रस्ट ने ‘पैरिमैच’ पर मनी लॉन्ड्रिंग, जीएसटी, विदेशी मुद्रा, जुआ और आपराधिक गतिविधियों से संबंधित भारतीय कानूनों के घोर उल्लंघन का आरोप लगाया। अपने अवैध ब्रांड को आगे बढ़ाने के लिए, ‘पैरिमैच’ ने समान लोगो और रंगों के साथ भारत में एक स्पोर्ट्स परिधान कंपनी ‘प्रोस्पोर्टिव वियर प्राइवेट लिमिटेड’ चलाया हुआ है, जोकि अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ अवैध सट्टेबाजी के पैसे को विदेशों में भेजने के लिए एक मुखौटे के रूप में काम कर रही है। इस कंपनी के पंजीकृत निदेशक विनीत सहाय और रूपाली सिंघल हैं जो कॉर्पोरेट सलाहकार फर्म वीआरकॉर्प एडवाइजर्स एलएलपी के भागीदार हैं।

परिमैच के अलावा, महादेव बुक, लोटस365, फेयरप्ले, रेड्डी अन्ना आदि जैसी कई अन्य अवैध ऑफशोर सट्टेबाजी साइटें नए तरीकों और तकनीकों का इस्तेमाल करके भारत में अपनी अवैध गतिविधियों को बेरोकटोक चला रहा हैं। ये अवैध सट्टेबाजी कंपनियां कुराकाओ या साइप्रस जैसे देशों से ऑपरेट कर रही हैं। जहां इन कंपनियों ने अपने को रजिस्टर किया हुआ है और भारत में जुआ खिलाकर जितना पैसा कमाया जाता हैं, वो क्रिप्टोकरेंसी और स्थानीय हवाला चैनलों के जरिए विदेशों में भेजा जाता है।

डोमेन को ब्लॉक करने, ईडी की कार्रवाई और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की सलाह के बावजूद, ये साइटें अभी भी सक्रिय हैं। डोमेन ब्लॉक होने पर यह प्रॉक्सी साइटों का उपयोग करती हैं। दूसरी ओर कई प्रमुख और मशहूर क्रिकेट और फिल्मी हस्तियों ने इन साइटों का प्रमोशन कर रही हैं, जिससे युवाओं के बीच इन अवैध साइटों को बढ़ावा मिल रहा है।

एसएजी ट्रस्ट ने वित्त मंत्री सीतारमण से ‘प्रोस्पोर्टिव वियर प्राइवेट लिमिटेड’, उसके निदेशकों, प्रमुख प्रबंधकीय व्यक्तियों, शेयरधारकों और इस कंपनी से फायदा लेने वाले मालिकों के खिलाफ गहन जांच के लिए हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।

Gaming GST रेवेन्यू पर वित्त मंत्रालय और एएसजी में मतभेद?

गेमिंग सेक्टर पर 28 प्रतिशत जीएसटी (28 percent GST on gaming sector) लगाने के बाद सरकार को कितना टैक्स मिला है, इसको लेकर केंद्रीय राजस्व सचिव संजय मलहोत्रा (Union Revenue Secretary Sanjay Malhotra) जहां जीएसटी कलेक्शन में भारी बढ़ोतरी बता रहे है, वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में 8 जनवरी को एक सुनवाई के दौरान एएसजी एन. वेंकटरमन ने कहा था कि गेमिंग पर 28 परसेंट जीएसटी लगाने के बाद भी सरकार को उम्मीद के मुताबिक जीएसटी नहीं मिल रहा है।

टीवी चैनल सीएनबीसी पर अंतरिम बजट पेश होने के बाद राजस्व सचिव संजय मलहोत्रा ने कहा कि ऑनलाइन मनी गेमिंग इंडस्ट्री (Online money gaming industry) पर 28 परसेंट जीएसटी लगने के बाद इस इंडस्ट्री से हर महीने 1200 करोड़ रुपये का टैक्स कलेक्शन हो रहा है। जबकि इससे पहले यह मात्र 200 करोड़ रुपये था। जीएसटी काउंसिल की सिफारिशों के बाद केंद्र सरकार ने गेमिंग, कैसिनो और हार्स रेसिंग इंडस्ट्री पर 1 अक्टूबर से 28 परसेंट जीएसटी लगा दिया था। इससे पहले इस इंडस्ट्री पर 18 परसेंट जीएसटी लगा हुआ था। रेवेन्यू सचिव ने जीएसटी में बढ़ोतरी पर संतुष्टि जाहिर की। हालांकि एक अक्टूबर 2023 से पहले 28 परसेंट के हिसाब से टैक्स नोटिस जारी करने मुद्दे पर संजय मलहोत्रा ने कहा कि यह मामला कोर्ट में है।

इससे पहले देश के प्रमुख कानून अधिकारी एएसजी एन वेंकटरमन ने सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान कहा था कि सरकार के टैक्स रेट में बढ़ोतरी के बावजूद भी सरकार को उम्मीद के मुताबिक जीएसटी नहीं मिल रहा है।

सरकार का मानना है कि ऑनलाइन मनी गेमिंग कंपनियां गेम के दौरान दांव लगवाती हैं, जोकि गैंबलिंग के तहत आता है, इसी के तहत सरकार के डिपॉजिट पर 28 परसेंट जीएसटी लगाया था, दूसरी ओर घरेलू देसी कंपनियां स्किल बेस्ड गेमिंग की दुहाई देकर 28 परसेंट जीएसटी जीजीआर पर लगाने की वकालत कर रही हैं।

SAG की चिट्ठी के बाद रारियो ने बदला अपना फैसला, अब पुराने कार्ड भी चलेंगे

सोसाइटी अगेंस्ट गैंबलिंग ट्रस्ट (SAG) की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को चिट्ठी के बाद रारियो ने बंद किए गए कार्ड पर अपना फैसला वापस ले लिया है। ड्रीम11 के द्वारा प्रमोटेड इस कंपनी ने पहले अपने वेब3 प्लेटफार्म पर चल रहे कार्ड्स को बंद करने की घोषणा की थी, लेकिन इसमें लाखों लोगों के करोड़ों रुपये फंस गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए ने सामाजिक ट्रस्ट SAG ने इस मामले पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को चिट्ठी लिखकर मामले की जांच के लिए आग्रह किया था, इसके बाद बहुत सारे लोगों ने सोशल मीडिया पर यह मामला उठाया था, साथ ही गेमिंग इंडिया ने भी लोगों के साथ हुई इस ठगी को जोर शोर से उठाया था। इसके बाद कंपनी अपना फैसला वापस लेने के लिए मज़बूर हो गई।

नई घोषणा के तहत रारियो ने कहा है कि, कंपनी का वर्तमान कार्ड प्रोग्राम जारी रहेगा और अपने कार्ड का इस्तेमाल करके प्राइज जीत सकते हैं। इससे पहले पुराने कार्ड को बंद करने की घोषणा रारियो ने की थी। यानि अब इन कार्ड से खेला जा सकता हैं। कंपनी ने यह भी कहा है कि आगे जो नया प्लेटफार्म आ रहा है, उसपर भी यह कार्ड चलते रहेंगे। इससे पहले कंपनी ने कहा कि नए प्लेटफार्म पर पुराने कार्ड नहीं चलेंगे और पुराने कार्ड को लेकर वो कोई नई पॉलिसी बनाएंगे।

हालांकि कंपनी के इस बयान में अभी यह साफ नहीं है कि जिन लोगों के पास कार्ड हैं, क्या वो अपना पैसा वापस निकाल सकते हैं या नहीं। दरअसल यह कंपनी के प्लेटफार्म पर खिलाड़ियों से संबंधित कार्ड हैं, जोकि इनके प्लेटफार्म पर खरीदे बेचे जा सकते हैं। इसकी कीमत भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ घटती बढ़ती रहती है।

Mahadev App Scam: छत्तीसगढ़ में अभी भी महादेव एप का खेल जारी, पुलिस ने नकदी के साथ गोविंद चंद्राकर को किया गिरफ्तार

ईडी और राज्य पुलिस की कड़ी कार्रवाई के बावजूद भी अभी भी महादेव एप जुआ का ऑपरेशन चला रहा है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ के भिलाई में महादेव एप से जुड़े लोगों की कार से करोड़ों रुपए की नकदी जब्त की गई है। छत्तीसगढ़ की भट्ठी पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने तलाशी के दौरान कार की डिक्की से ढ़ाई करोड़ से ज्यादा बरामद किए है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी और तलाशी के दौरान दो कार रोकी गई। इनमें से एक कार में नगद नोटों के बंडल मिले। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत मे लिया है।

भिलाई के सेक्टर-1 स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सामने से दो कारों की सूचना पुलिस को मुखबिर से मिली थी। थाना भिलाई भट्ठी एवं एसीसीयू की संयुक्त टीम को एसबीआई बैंक के पास सेक्टर 1 भिलाई के पास खड़ी कारों की जांच शुरू की। पुलिस को मौके पर ब्रेजा और क्रेटा में सवार तीन व्यक्ति मिले। इन लोगों ने अपना नाम गोविन्द चन्द्राकर, विशाल कुमार साहू तथा पंकज साव बताया। इनके वाहनों की तलाशी लेने पर क्रेटा वाहन की डिक्की में भारी मात्रा में नगदी रकम बरामद की गई। इस रकम के संबंध में पूछताछ करने पर वो संतोष जनक जवाब नहीं दे पाए और न ही कोई दस्तावेज दिखा पाए। इस पर पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज इसकी सूचना आयकर विभाग को भी दे दी है।

क्राइम एडिशनल एसपी अनुराग झा के मुताबिक, पुलिस ने सेक्टर 1 एसबीआई बैंक के सामने दो संदिग्ध वाहनों की तलाशी के दौरान गाड़ी में 2 करोड़ 64 लाख रुपए बरामद किए हैं। तीनों संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, आगे की पूछताछ की जा रही है।