Wednesday, March 11, 2026
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Dream11 के फाउंडर हर्ष जैन ने मुंबई में खरीदा महंगा फ्लैट

Dream11 के फाउंडर हर्ष जैन ने मुंबई के पॉश इलाके में 140 करोड़ रुपये का फ्लैट खरीदा है। फैंटेसी स्पोर्ट्स चलाने वाले हर्ष जैन गेमिंग इंडस्ट्री में एक बड़ा नाम है। हर्ष जैन ने 9.30 हजार स्क्वायर फीट एरिया का यह फ्लैट मुंबई के प्राइम लोकेशन में मौजूद है। इस सोसाइटी में मुंबई के बड़े-बड़े अमीर लोग रहते हैं।

जानकारी के मुताबिक फ्लैट नंबर टावर ए 2301 है, जोकी साउथ मुंबई में है। इस फ्लैट को माइक्रोटेक डेवलपर्स लिमिटेड ने हर्ष जैन को बेचा है। इस फ्लैट पर हर्ष जैन ने 8 करोड़ 31 लख रुपए की रजिस्ट्री भी चुकाई है। बड़ी बात यह है की इस फ्लैट के साथ 6 कार पार्किंग भी साथ में मिली है।

बिल्डिंग के आर्किटेक्ट हॉफिज कॉट्रेंक्टर है, जोकि 31 फ्लोर की है। इस बिल्डिंग में अल्ट्रा प्रीमियम फैसेलिटीज होगी, जिसमें समुद्र के सामने एक इनडोर पूल भी होगा। इसके साथ ही यहां मीटिंग रूम, लॉन्च डायनिंग एरिया आदि भी होंगे। हर्ष जैन ने 2008 में भावित सेठ के साथ मिलकर dream11 को स्थापित किया था। 2012 में इस कंपनी ने फेंटेसी स्पोर्ट्स में कदम रखा और 2021 से 2023 के बीच में dream11 का यूजर बेस 10 करोड़ से बढ़कर 20 करोड़ तक पहुंच गया।  

Gaming Industry पर जीएसटी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 10 जनवरी को

Gaming Industry पर जीएसटी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अब अगली सुनवाई 10 जनवरी को होगी। गेमिंग इंडस्ट्री की ओर से ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन (AIGF) ने सुप्रीम कोर्ट में जीएसटी विभाग के नोटिस पर आगे की कार्रवाई के लिए स्टे की अपील की थी, जिस पर कोर्ट ने सभी मामलों को 10 तारीख को लिस्ट किया है। 

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इससे पहले जीएसटी विभाग ने गेमिंग कंपनियों को बड़ी संख्या में जीएसटी चोरी संबंधी नोटिस दिए थे। जिसको लेकर विभिन्न कंपनियों ने अलग अलग कोर्ट में केस भी दायर किए हुए थे। लेकिन इस मामले में गेम्सक्राफ्ट और जीएसटी का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था। जिसके साथ गेमिंग जीएसटी के मामले मिला दिए गए। 

Gaming Industry जीएसटी के नोटिसिज को लेकर जाएगी सुप्रीम कोर्ट

28% जीएसटी और जीएसटी नोटिस से परेशान इंडस्ट्री अब इन नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार कर रही है। दो कंपनियों ने पहले ही इन नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ रही है। अब इंडस्ट्री की दो प्रमुख एसोसिएशन जीएसटी के नोटिस को केस के फैसले तक रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट जा रही है। 

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इंडस्ट्री के एक जानकार के मुताबिक, पिछले हफ्ते ही इस मामले पर इंडस्ट्री ने कोर्ट जाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। अब किसी भी दिन प्रमुख इंडस्ट्री बॉडी इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट जा सकती है। पिछले हफ्ते ही इंडस्ट्री बॉडी ने अपने सभी सदस्यों से एप्लीकेशन पर कमेंट ले लिए थे। सुप्रीम कोर्ट इस मामले को इसी हफ्ते सुन सकती है।

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दरअसल जीएसटी विभाग अपने कारण बताओ नोटिस को टैक्स डिमांड में तब्दील करने के लिए ऑर्डर्स लेने की कोशिश कर रहा है। इसको रोकने के लिए ही इंडस्ट्री सुप्रीम कोर्ट में यह एप्लीकेशन लगाने जा रही है। दरअसल अगर जीएसटी डिपार्मेंट ने फरवरी के शुरू तक इस मामले में जीएसटी डिमांड नहीं की तो यह शो कॉज नोटिस या कारण बताओं नोटिस अवैध हो जाएंगे, इसीलिए इंडस्ट्री कोर्ट के जरिए टैक्स नोटिस को टैक्स डिमांड में कन्वर्ट होने से रोकने की कोशिश कर रही है। जीएसटी विभाग ने 1 लाख करोड़ रुपये के जीएसटी नोटिस में गेमिंग इंडस्ट्री को दिए हुए हैं। अगर यह नोटिस टैक्स डिमांड में बदल जाते हैं तो गेमिंग कंपनियों पर बहुत बड़ा टैक्स का भार आ जाएगा, जिसकी वजह से कई कंपनियां बंद तक हो सकती है।

टैक्स जानकारों के मुताबिक, जीएसटी रेगुलेशन 2018 में बदल गया था, जबकि जीएसटी एक्ट 2023 में लाया गया और उसके तहत गेमिंग कंपनियों को भी 28% टैक्स दायरे में किया गया था। इसी वजह से जीएसटी विभाग ने इन कंपनियों से टोटल बैटिंग पुल के ऊपर 28% जीएसटी 2018 से सितंबर 2023 तक मांगा है। हालांकि 1 अक्टूबर 2023 के बाद यह गेमिंग कंपनियां 28% जीएसटी टैक्स भर ही रही है, लेकिन मुद्दा जनवरी 2018 से सितंबर 2023 तक के 28% जीएसटी टैक्स का है। जिसको लेकर मामला कोर्ट में चल रहा है, कंपनियों का मानना है की रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स की वजह से इंडस्ट्री बंद होने के कगार पर जा सकती है, इसीलिए कंपनियां सुप्रीम कोर्ट जा रही है।

इसके साथ-साथ जीएसटी एक्ट के रूल 31a को लेकर भी गेविंग कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख अपनाया है। कंपनियों का कहना है की इनडायरेक्ट टैक्स यानि जीएसटी सप्लाई और गुड्स एंड सर्विसेज पर हो सकता है, जबकि यहां जीएसटी विभाग में गेमर के डिपॉजिट पर भी टैक्स लगा दिया है, जो कि किसी भी तरह की सप्लाई नहीं है। इसके बजाय सरकार को प्लेटफॉर्म फीस पर जीएसटी लगाना चाहिए जो कि कुल डिपाजिट का 5 से 20% तक होता है।

Online gaming addiction: लाखों रुपये हारने के बाद बैंक लूटने की कोशिश

Online gaming addiction:मध्य प्रदेश के भोपाल में गेमिंग की लत की वजह से एक 24 साल के व्यक्ति ने लाखों रुपए गंवा दिए, इस घाटे से उबरने के लिए एक व्यक्ति ने दिन में ही एक बैंक लूटने की कोशिश की। भोपाल के पिपलानी इलाके में संजय नाम के इस व्यक्ति ने पेपर स्प्रे के जरिए बैंक कर्मचारियों को डराने की कोशिश की, हालांकि बाद में बैंक कर्मचारियों ने इसको पकड़ने की कोशिश की तो वह बैंक से भाग निकला। लेकिन इस दौरान वह अपनी मोटरसाइकिल वहीं पर छोड़ गया। जिसके रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक व्यक्ति को ऑनलाइन गेमिंग खेल खेलने की लत है और इसकी वजह से वह लाखों रुपए हार चुका है। ऑनलाइन गेमिंग में खेलते हुए उसने अपने दोस्तों से भी काफी बड़ी रकम उधार ली थी। जिसको वह चुका नहीं पा रहा था। पिपलानी पुलिस स्टेशन के एसएचओ अनुराग लाल के मुताबिक, यह घटना एक प्राइवेट बैंक, भारत नगर पिपलानी में हुई जहां दोपहर को एक मास्क पहने एक व्यक्ति ने बैंक के अंदर प्रवेश किया और उसने अपने को उज्जैन निवासी संजय बताया। यह व्यक्ति बैंक में एक अकाउंट खोलने के बारे में जानकारी ले रहा था और बैंक के प्रबंधक मनमोहन से बातचीत में बैंक ने उनसे कुछ दस्तावेज मांगे, जिस पर इस व्यक्ति ने एक रेंट एग्रीमेंट मैनेजर के सामने रखा। मैनेजर ने इन कागजों को अधूरा बताया और बैंक अकाउंट खोलने से इंकार किया। इसके साथ ही उस व्यक्ति को चेहरे से मास्क हटाने के लिए भी कहा। इसके बाद में व्यक्ति बैंक से चला गया। यह व्यक्ति फिर 4:00 बजे बैंक ब्रांच में लौटा, तो इसके हाथ में एक पेपर स्प्रे था। जिसे उसने सभी कर्मचारियों के ऊपर छिड़क दिया। इस दौरान सभी बैंक कर्मचारियों ने इसे पकड़ने की कोशिश की तो वह वहां से भाग गया।

पुलिस के मुताबिक, इस दौरान जांच के दौरान उनको एक मोटरसाइकिल मिली। जिसको उन्होंने सीज़ कर लिया है। उसके रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर अयोध्या नगर में किसी संजय कुमार को गिरफ्तार किया गया। बाद में पूछताछ में संजय ने बताया कि वह ऑनलाइन गेमिंग में अभी तक लाखों रुपए हर चुका है और उसने अपने दोस्तों से भी गेमिंग के लिए पैसे उधार लिए हैं। इसी वजह से वह बैंक लूट कर गेमिंग के उधर पैसों को चुकाना चाहता था और पिछले 15 दिनों से बैंक लूटने के लिए ऑनलाइन विडियो देख रहा था।

Grand Theft Auto-6 मचाएगी धूम, पहले साल में 3 अरब डॉलर कमाने की उम्मीद

गेमिंग सेक्टर में Grand Theft Auto-6 के लॉन्च का लंबे समय से इंतजार चल रहा है, उम्मीद जताई जा रही है कि गेमिंग सेक्टर कr सबसे बड़ी गेम का इंतजार 2025 में खत्म होगा

गेमिंग मार्केट के जानकारी के मुताबिक इस गेम के जरिए पहले साल में 3 बिलीयन डॉलर तक का कारोबार हो सकता है, जो अपने आप में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड होगा। वीडियो गेम रिसर्च ग्रुप एनालिस्ट डीएफसी इंटेलिजेंस के मुताबिक ग्रैंड थेफ्ट ऑटो, दो पब्लिशर्स यानी प्लेस्टेशन और एक्सबॉक्स कंसोल के प्रीऑर्डर के जरिए एक बिलियन डॉलर से ज्यादा की कमाई कर सकता है। जीटीएस 6 की पहले 12 महीना में ही कमाई 3.2 बिलियन तक पहुंच सकती है। डीएफसी के मुताबिक, 2024 में इनसाइड आउट टू नाम की गेम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 1.7 बिलीयन डॉलर्स की कमाई की थी, जिससे जीटीए 6 की कमाई दोगुनी के लगभग हो सकती है।

अंतर्राष्ट्रीय अखबार फाइनेंशियल टाइम्स में छपी एक खबर के मुताबिक, Take Two के चीफ एग्जीक्यूटिव स्ट्रेस जलानिक ने कहा है कि वह जब तक गेम लॉन्च न हो जाए, तब तक उसके बारे में कोई क्लेम नहीं करेंगे> उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि रॉकस्टार गेम एक बार फिर बहुत अच्छा गेम लोगों के सामने प्रस्तुत करेगी। जीटीए 6 का ट्रेलर दिसंबर 2023 में रिलीज हुआ था, जिसके कुल व्यू यूट्यूब पर 22 करोड़ से ज्यादा हो चुके हैं। गेमर जीटीए 6 का इंतजार लंबे समय से कर रहे हैं, इससे पहले जीटीए-5 आई था, जिसने अपने आप में बहुत सारे रिकॉर्ड बनाए थे।

गेमिंग सेक्टर में ग्रैंड थेफ्ट ग्रैंड थेफ्ट ऑटो एक बड़ा नाम है, आईजी कंसलटिंग के जानकारों के मुताबिक पूरी मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर का ही है सबसे बड़ा और ऐतिहासिक लॉन्च हो सकता है। इसकी डिमांड अभी तक की इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा है, हालांकि पूरी गेमिंग इंडस्ट्री में फिलहाल एक स्लो डाउन देखा जा रहा है। सोनी से लेकर माइक्रोसॉफ्ट ने अपने गेमिंग यूनिट से काफी लोगों को निकाला है। इसलिए पूरी गेमिंग इंडस्ट्री में जीटीए 6th दोबारा जान फूंक पाएगी यह देखने वाली बात होगी। पिछले दो सालों में गेमिंग सेक्टर से लगभग 50,000 लोगों की नौकरियां जा चुकी है। जानकारों के मुताबिक वह काफी आश्चर्यचकित हुए जब गेमिंग सेक्टर में डिमांड अचानक कम होने लगी, इंडस्ट्री के सभी लोगों को कुछ नया करने की जरूरत है। ताकि डिमांड वापस आ सके। एक दूसरे एनालिटिक ग्रुप के मुताबिक, गेमिंग सेक्टर 2025 में 2.2% की दर से बढ़कर करीब 195 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। पिछले साल गेमिंग सेक्टर के 1.4% की दर से बढ़ाने की उम्मीद जताई थी।

Online gaming के चलते कर्ज़ में डुबा युवक, आत्महत्या की कोशिश

Online gaming के आदी (addiction) बीदर जिले के एक युवक ने भारी कर्ज के कारण आत्महत्या की कोशिश की। 25 वर्षीय विजयकुमार जगन्नाथ होले ने भालकी तालुक के ज्योति टांडा के पास खुद पर पेट्रोल डाला और आग लगा ली।

ऑनलाइन गेमिंग की वजह से उसने 12 लाख रुपये से अधिक का कर्ज लिया और गेमिंग में यह हार गया। जिसे चुकाने में उसे काफी संघर्ष करना पड़ा। हुलसूर तालुक के बेलूर गांव के बी. फार्मेसी स्नातक विजयकुमार कई महीनों से ऑनलाइन गेमिंग में लिप्त थे। उनके परिवार ने पहले ही उनके कर्ज के 10 लाख रुपये चुका दिए थे। इसके बाद विजयकुमार ने ऑनलाइन गेमिंग खेलने के लिए अतिरिक्त दो लाख रुपये उधार ले लिए। इसके बाद गेमिंग में वो यह रकम भी हार गया और परिवार को पता चलने के डर से उसने आत्महत्या की कोशिश की।

यह घटना व्यक्तियों और उनके परिवारों पर ऑनलाइन गेमिंग की लत के गंभीर प्रभाव को उजागर करती है। विजयकुमार का मामला इस बात की याद दिलाता है कि इस तरह की लत कैसे वित्तीय बर्बादी और मानसिक संकट का कारण बन सकती है। अपने कर्ज को छिपाने के दबाव ने उन्हें कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर किया। वर्तमान में, विजयकुमार आत्महत्या के प्रयास के दौरान लगी गंभीर जलन के लिए BREMS अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं। अधिकारियों ने इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की जांच के लिए मेहकर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया है।

Xbox Cloud Gaming पिछले 24 घंटों से है डाउन, कंपनी की टेक टीम ठीक करने में जुटी

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Xbox Cloud Gaming: दुनिया भर में क्लाउड गेमिंग के जरिए ही गेम खिलाने वाले एक्सबॉक्स क्लाउड गेमिंग फिलहाल डाउन चल रही है। पिछले 24 घंटे से ज्यादा एक्सबॉक्स का क्लाउड गेमिंग का यूजर्स एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। जिसकी शिकायतें लगातार कंपनी को अलग अलग जरिए से मिल रही है। इन शिकायतों के बाद माइक्रोसाफ्ट ने कहा है कि वह इसे ठीक करने के लिए काम कर रही है।

दरअसल 27 दिसंबर को रात 12 बजे से ही Xbox Cloud Gaming को लेकर अलग अलग देशों से शिकायतें आने लगी थी। सोशल मीडिया और आधिकारिक तौर पर भी लोगों ने Xbox Cloud Gaming में एक्सेस नहीं हो पाने की ख़बरें आ रही थी। कई यूजर्स ने शिकायत की कि पहले एक मिनट में ही Xbox Cloud Gaming का एक्सेस हो जाता था, लेकिन अब पेज लोड ही नहीं हो रहा है। कई मामलों में तो एक्सेस ही नहीं हो पा रहा है। इसके बाद माइक्रोसाफ्ट ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यूजर्स को गेमिंग टाइटल एक्सेस करने में समस्याएं आ रही हैं। ऐसे में हमारे स्टेटस को देखें या फिर सोशल मीडिया पेज पर हम अपडेट करेंगे।

Probo FIR: मुंबई में ऑपिनियन ट्रेडिंग पर एफआईआर खारिज करने के लिए हाईकोर्ट पहुंची प्रोबो

Probo FIR:गेमिंग कंपनी प्रोब्रो ने मुंबई में हुई एफआईआर को ख़ारिज करने के लिए मुंबई हाई कोर्ट में एक अर्जी दायर की है। कंपनी के खिलाफ मुंबई में जुलाई महीने में एफआईआर हुई थी, जिसमें प्रोबो की ओपिनियन ट्रेडिंग जैसी गेम्स पर एफआईआर रजिस्टर की गई थी।

प्रोबो ऐप पर क्रिकेट मैच के जीतने हारने पर बैटिंग लगाई जा रही थी, जिसको लेकर पुलिस में शिकायत की गई थी, जिस पर पुलिस ने खुद यह बेटिंग एप डाउनलोड किया था और इसकी जांच करने के बाद केस रजिस्टर्ड किया था। पुलिस की एफआईआर में दावा किया गया था कि प्रोबो एप स्टोर पर भी उपलब्ध नहीं है। लिहाजा कंपनी एपीके फाइल डाउनलोड कराने के बाद यह गेम खिला रही हैं।

पुलिस की एफआईआर के मुताबिक, एपीके फाइल डाउनलोड करने की वजह से सरकार द्वारा 18 साल की उम्र से ऊपर के लोगों को इस तरह के ऐप्स डाउनलोड करने के नियम की भी अनदेखी की जा रही है, इसके साथ ही महाराष्ट्र में प्रोबो ने सरकार से किसी तरह की ऑनलाइन गेम चलाने की कोई मंजूरी भी नहीं ली गई है। इसको देखते हुए प्रोबो के ऊपर पुलिस ने कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था, जिसको लेकर अब कंपनी ने मुंबई हाईकोर्ट में इस एफआईआर को खारिज करने के लिए अपील दायर की है। अपील में कंपनी के को फाउंडर सचिन सुभाष गुप्ता ने सीनियर एडवोकेट गिरीश कुलकर्णी के जरिए से फाइल की है।

Online Rummy की लत ने मां के इलाज के पैसे को भी गंवा बैठे युवक ने लगाई फांसी

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Suicide due to Online rummy addiction: तमिलनाडु के एक व्यक्ति ने घर में मां के कैंसर के लिए रखे रूपयों से ऑनलाइन गेमिंग खेली और वह पैसा हार गया, जब परिवार वालों को यह बात पता चली तो उसे डांट लगाई गई। इससे परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली

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चेन्नई के तिरनामलाई में रहने वाले 26 साल का आकाश छोटे-मोटे काम करके गुजारा करता था। इनके पिता की मौत 8 साल पहले ही हो गई थी और घर में सिर्फ एक भाई और मां ही थे। मां को भी कैंसर हो गया है। कोरोना के दौरान आकाश को ऑनलाइन रमी खेलने का शौक लग गया और वह रमी से करोड़पति होने का सपना देखने लगा। धीरे-धीरे रमी खेलने की लत उसको ऐसी लगी कि वह अपने लगभग सारे पैसे इसमें गंवाने लगा।

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हाल ही में घर में मां के इलाज के लिए ₹30000 रखे हुए थे, इसका पता जैसे ही आकाश को पता चला तो उसने इन पैसों को ऑनलाइन रमी में लगा दिया और हार गया। घर में जब रुपए ढूंढे गए और नहीं मिले तो उससे पूछताछ हुई, जिसमें पता चला कि वह ऑनलाइन रमी में इन पैसों को हार चुका है। इसके बाद उसकी जमकर डांट लगाई गई जिससे परेशान होकर आकाश घर से बाहर चला गया जब वह रात को नहीं लौटा। उसका फोन भी बंद आने लगा तो उसके परिवार वाले उसको ढूंढने निकले रात को 3:00 बजे किसी ने आकाश को छत पर लटके देखा तो पता चला कि आकाश ने केवल टीवी से फांसी लगा ली है। उसके बाद घर वालों ने कोट्टुपुरम पुलिस स्टेशन को सूचना दी मामले की जांच पुलिस कर रही है।

Online gaming fraud: क्या Bots के जरिए Online gaming app कर रहे हैं फ्राड?

Online gaming fraud: बेंगलुरु में ऑनलाइन गेम खेलते हुए एक व्यक्ति दो गेमिंग एप पर 3 करोड रुपए हार गया। एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने वाले 33 साल के निशांत श्रीवास्तव ने इसपर सबूत जुटाने के बाद बेंगलुरु पुलिस के साइबर क्राइम में शिकायत की है। जिसपर पुलिस ने जांच शुरु कर दी है। निशांत श्रीवास्तव के मुताबिक वो एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं और अप्रैल 2023 से अभी तक 3 करोड़ से ज्यादा का ऑनलाइन गेम में हार चुके हैं।

पुलिस को दी शिकायत में श्रीवास्तव ने लिखा है कि गेमिंग कंपनियां बॉट (कंप्यूटर रोबोट) के जरिए गेम में फ्राड कर रही हैं और लोगों का पैसा लूट रही हैं। श्रीवास्तव ने कहा 2023 में यूजर्स की लगातार कंप्लेंट के बाद इन एप्स ने भी स्वीकार किया था कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है, लेकिन इन एप्स ने किस तरह की धोखाधड़ी हुई है इसके डिटेल नहीं दिए थे, ना ही उन्होंने यह बताया था कि यह धोखाधड़ी बोट्स ने की है या प्लेयर्स। दरअसल श्रीवास्तव ने ऑनलाइन गेमिंग में पैसा हारने के बाद इनका पैटर्न देखा, जिसके मुताबिक खिलाड़ी छोटे-छोटे अमाउंट खेलते हैं तो वह जीते हैं, लेकिन जब वह बड़ा अमाउंट लगाकर खेलते हैं तो वह हार जाते हैं। पहले खिलाड़ियों को जिताया जाता है। फिर जब खिलाड़ी बड़ा पैसा लगाकर खेलता है तो वो वह हार जाता है।

श्रीवास्तव ने अपने साथ हुए इस धोखे की शिकायत कंपनी के कस्टमर सर्विस में भी की थी। जिसके बाद उनको सलाह दी गई कि वह छोटे टेबल पर खेले। जिसकी वजह से उनके जीतने के चांसेस बढ़ जाएंगे। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, कस्टमर सर्विस के इस जवाब के बाद यह बात कंफर्म हो जाती है की गेमिंग एप्स मैनिपुलेशन या धोखाधड़ी कर रहे हैं, इन एप्स के पास रिस्पांसिबल गेमिंग के तौर तरीके नहीं है। डिपॉजिट्स पर कोई रोकटोक नहीं है, लेकिन जब पैसे निकालने जाओ तो काफी रुकावटें खड़ी की जाती है। निशांत श्रीवास्तव की कंप्लेंट के बाद साइबर क्राइम पुलिस इसकी जांच कर रही है।