Thursday, March 12, 2026
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Former director of Parimatch meet RC: विदेशी जुआ कंपनी के पूर्व निदेशक की राजीव चंद्रशेखर के साथ मुलाकात

Former director of Parimatch meets RC: इंफोर्समेंट डायरेक्टरेट (Directorate of Enforcement) के विदेशी गैंबलिंग कंपनियों (foreign Gambling companies ) पर छापों के बीच इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर विदेशी बैटिंग कंपनी के एक पूर्व अधिकारी से मुलाकात की हैं।

केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने हाल ही में विदेशी जुआ कंपनी परीमैच कंपनी के पूर्व डायरेक्टर  निकोलस थॉम्सुक (Nicholas Tymoshchuk) से मंत्रालय में मुलाकात की थी, हालांकि अब निकोलस साइप्रस की एक गेमिंग फंड एनरगेम (Cyprus based gaming focused investment fund Energame) में कॉर्पोरेट अफेयर्स डायरेक्टर हैं।

खास बात यह है कि जिस कंपनी में निकोलस फरवरी तक काम कर रहे थे। उस कंपनी के खिलाफ भारत सरकार, फेमा, money-laundering और जीएसटी चोरी जैसे गंभीर अपराधों की जांच कर रही है। इससे पहले भी देश में  विदेशी गैंबलिंग कंपनियों के डोमेन नेम ब्लॉक अनब्लॉक होते रहते हैं। किसी  जुआ कंपनी का डोमेन नेम अगर ब्लॉक होता है, तो एक-दो दिन के बाद वह दोबारा से काम भी करने लग जाता है। ऐसे में बार-बार सवाल यह उठ रहा है कि जिस आधार पर यह डोमेन नेम ब्लॉक होते हैं फिर उसे अनब्लॉक कौन करवा रहा है?

देश से हर साल विदेशी गैंबलिंग कंपनियां एक लाख करोड़ से ज्यादा लोगों का पैसा लेकर जा रहे हैं। हाल ही में ईडी ने अपनी रेड में 4000 करोड़ से ज्यादा विदेशों में पैसे भेजने का रैकेट पकड़ा है। यह विदेशी जुआ कंपनियां भारत में अलग-अलग नामों से काम कर रही हैं और भारत में आउटडोर अखबारों छोटी वेबसाइट पर विज्ञापन देकर लोगों को जुआ खेलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इनके खिलाफ  सूचना प्रसारण मंत्रालय कई एडवाइज़री जारी कर चुका है। ये गैंबलिंग कंपनियां ना तो भारत में रजिस्ट्रर्ड है और ना ही यह किसी भारतीय कानून को मानती हैं। ऐसे में यह इतने लंबे अरसे से भारत में कैसे काम कर रही हैं इन को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। देश की सबसे बड़ी गेमिंग एसोसिएशन ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन भी इन अवैध कंपनियों को लेकर प्रधानमंत्री से लेकर सभी मंत्रालय को चिट्ठियां लिख चुकी है, लेकिन कार्यवाही ना के बराबर ही होती है।

Gambling Mafia’s ties with Gangsters: अवैध जुआ माफिया गैंगस्टर्स के दम पर चला रहे हैं जुआ साइट्स

Gambling Mafia's Ties With Gangsters: देशभर में चल रहे अवैध गैंबलिंग-बैटिंग माफिया प्रोटेक्शन मनी के तौर पर गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई को मोटी रकम भेज रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और दिल्ली के कई सटोरियों के बीच में कनेक्शन का पता लगाया है। अवैध गैंबलिंग और बैटिंग करने वाले यह जुआ माफिया विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर दिल्ली में लोगों को ऑनलाइन जुआ खिलवा रहे हैं और प्रोटेक्शन के लिए जुआ माफिया लॉरेंस बिश्नोई को हर महीने मोटी रकम पहुंचा रहे थे, इससे लॉरेंस बिश्नोई और उसका गैंग हथियार खरीद रहा है। 

बिश्नोई से इन दिनों एनआईए और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल पूछताछ कर रही है। इस पूछताछ में लॉरेंस बिश्नोई ने स्वीकार किया कि उसे दिल्ली के जुआ माफिया से प्रोटेक्शन मनी मिलती है और इन पैसों को वह हथियार खरीदने में इस्तेमाल कर रहा है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक बिश्नोई ने बताया कि जब वह अजमेर में जेल में था तब उसे ग्लेन नाम के एक सटोरिए ने ₹70 लाख रुपये भिजवाए थे। जिसे उसने हवाला के जरिए अमेरिका में छिपे गैंगस्टर गोल्डी बरार और सैम को भिजवा दिया था।  इसके अलावा रिंकू मेहता नाम का एक जुआ माफिया बिश्नोई को हर महीने ₹5 लाख रुपये भिजवाता था। इस रकम की एवज में बिश्नोई गैंग और उसके गुर्गे सट्टेबाजी में हारने वालों को धमकियां देकर उन्हें चुप कराते थे। ताकि वह पुलिस और बाकी जगह शिकायतें ना करें, साथ ही साथ इन जुआ माफिया अपना धंधा चलाने के बीच में आने वालों को भी धमकियां देकर चुप कराते थे। इन दिनों पूरे देश में विदेशी जुआ कंपनियां बड़ी मात्रा में सट्टेबाजी में लगी हुई है, महादेव बुक्स, अन्ना रेड्डी बुक्स, फेयरप्ले, वन एक्स बैट और डाफा बैट जैसी बहुत सारी कंपनियां अलग-अलग नाम से ऑनलाइन जुआ चला रही हैं।

Govt SRO for gaming: सरकार खुद का एसआरओ बनाने पर भी कर रही है विचार

Govt SRO for gaming: केद्र सरकार के गेमिंग रेगुलेशन (gaming regulation) बनाने के बाद गेमिंग इंडस्ट्री के लिए सेल्फ रेगुलेटरी बॉडी (SRB/SRO) बनाने में हो रही देरी को देखते हुए सरकार ने इंडस्ट्री को चेतावनी दी है। सरकार ने कहा है कि अगर तय समय में इंडस्ट्री के एसआरबी नहीं बनते हैं तो सरकार अपनी ओर से एसआरबी बनाएगी।

सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग के लिए 6 अप्रैल को रूल्स नोटिफाई किए थे और गेमिंग कंपनियों और गेमिंग इंडस्ट्री को एसआरबी बनाने के लिए 3 महीने का समय दिया था। इसके लिए कुछ स्टैंडर्डस मंत्रालय ने बनाए थे। सरकार के एक अधिकारी के मुताबिक, अगले 30 दिनों से 90 दिनों के भीतर ये एसआरबी बनाए जाने हैं, लेकिन अभी तक कोई भी गेमिंग इंडस्ट्री या कंपनी एसआरबी बनाने के लिए किसी फैसले पर नहीं पहुंची है। फिलहाल ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन, ई गेमिंग फेडरेशन और इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के बीच में एसआरओ बनाने के लिए आपस में काफी मतभेद नजर आ रहा है। इन तीनों एसोसिएशन को आपसी मतभेद सुलझाने के लिए 6 जुलाई तक का समय दिया गया है।

इस बारे में ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन के प्रमुख रोलैंड लैंडर्स ने कहा है कि वह बाकी कंपनियों के साथ मिलकर एक सेल्फ रेगुलेटरी बॉडी बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, ऑनलाइन गेमिंग इंटरमीडिएटरी एक कंप्रिहेंसिव फ्रेम वर्क और वेरीफाई गेम्स के हिसाब से ही एसआरबी बनाएगी।

मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक, उनकी कोशिश है कि जो भी बॉडी बने वह पूरी तरीके से इंडिपेंडेंट हो जो कि पब्लिक पॉलिसी के भीतर काम करती हो।

France investment in Nazara Tech: फ्रांस की कंपनी ने खरीदा नज़ारा टेक में हिस्सा

France investment in Nazara Tech: फ्रांस की इन्वेस्टमेंट कंपनी Societe Generale ने भारत की गेमिंग कंपनी Nazara teach में 0.9% का हिस्सा खरीदा है। Nazara teach देश की पहली लिस्टेड गेमिंग कंपनी (listed gaming company) है। इस हिस्सेदारी के बेचने के बाद नजारा टेक में करीब ₹34 इन्वेस्टमेंट आएगा। यह हिस्सेदारी बल्क डील के जरिए से खरीदी गई है। इसके तहत नजारा टेक के लगभग 6 करोड शेयर ₹570 प्रति शेयर के हिसाब से खरीदे गए हैं।

The Future of Gaming: सब्सक्रिप्शन मॉडल के लिए तैयार हैं भारतीय गेमर्स, Loco gamer survey 2023

स्किल बेस्ड गेमिंग क्षेत्र (Skill based gaming area) की कंपनी नजारा ने पिछले वित्त वर्ष के अंतिम क्वार्टर में 2. 6 करोड रुपए का नेट प्रॉफिट दिखाया है। जबकि कंपनी का कुल रेवेन्यू 289.3 करोड रुपए हो गया है। कंपनी भारत के साथ साथ दुनिया के कई देशों में काम करती है, लिहाजा कई विदेशी कंपनियां इसमें निवेश कर रही हैं। कंपनी का 40 प्रतिशत रेवेन्यू भारत और नार्थ अमेरिका से आता है, जबकि 60 परसेंट रेवेन्यू दुनिया के अन्य देशों से आता है। कंपनी पैसे देकर गेम खेलने वाले मॉडल यानि पे टू प्ले सेक्टर में तेज़ी से निवेश कर रही है। फिलहाल कंपनी का 5 प्रतिशत रेवेन्यू इस सेक्टर से आता है।

Raid on Mahadev books: छत्तीसगढ़ में महादेव बुक्स के एप से जुआ खेलते लोग गिरफ्तार

Raid on Mahadev books: रायपुर, छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर इलाके में पुलिस ने महादेव बुक्स ऐप के जरिए जुआ खेलते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। महादेव बुक्स पूरे देश भर में लोगों को ऑनलाइन ऐप के जरिए जुआ खिलाती है। इस छापे के दौरान पुलिस ने 25 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप और करीब 5 लाख से ज्यादा कैश बरामद किया है। इस मामले में इन्वेस्टिगेशन में बाद में पुलिस ने 38 अलग-अलग अकाउंट में दो करोड़ से ज्यादा के लेनदेन को भी पकड़ा है। महादेव बुक्स बेटिंग एप्स से जुड़े हुए इन अकाउंट्स को पुलिस ने फिलहाल फ्रीज करा दिया है। पुलिस और साइबर क्राइम सेल के इन अकाउंट के बारे में ज्यादा जानकारी जुटा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर इलाके में एएसपी मधुलिका सिंह के नेतृत्व में यह रेड डाली गई। इससे पहले भी महादेव बुक्स ऐप के जरिए से जुआ खिलाने वाले बहुत सारे लोगों को छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। महादेव बुक्स ऐप अलग-अलग नाम से बहुत सारी कंपनियां और एप्स चलाता है, जो कि लोगों को आईपीएल के मैच के दौरान जुआ खेलने के लिए आईडी पासवर्ड देते हैं। सरकार के इन अवैध जुआ खिलाने वाली कंपनियों पर बैन लगाने के बावजूद भी यह कंपनियां लगातार लोगों को जुआ खिला रही है।

Gameskraft files caveat in Supreme Court: GST के सुप्रीम कोर्ट में जाने की आशंका से गेम्सक्राफ्ट ने दायर की कैविएट

Gameskraft files caveat in Supreme Court: गेमस्क्राफ्ट टेक्नोलॉजी लिमिटेड के फाउंडर्स विकास तनेजा और पृथ्वीराज सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट फाइल की है। यह कैविएट गुड्स एंड सर्विस डिपार्टमेंट के 21000 करोड़ के शो कॉज नोटिस के खिलाफ है, जिस पर कर्नाटक हाई कोर्ट के सिंगल जज ने हाल ही में गेमस्क्राफ्ट के पक्ष में फैसला दिया है। इसका मतलब ये हुआ कि अब अगर गुड्स एंड सर्विस डिपार्टमेंट सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील करता है तो बिना गेमस्क्राफ्ट को भी उस अपील की कापी सर्व की जाएगी।

Karnataka HC quashes GST notice on Gameskraft: GST पर गेम्सक्राफ्ट समेत पूरी गेमिंग इंडस्ट्री को बड़ी राहत

ऑनलाइन रमी खिलाने वाली गेमस्क्राफ्ट के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड पीएलआर चैंबर्स एंड कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में यह कैविएट12-13 मई को दाखिल की है। इसके बाद अगर जीएसटी डिपार्टमेंट सुप्रीम कोर्ट में गेमस्क्राफ्ट के खिलाफ कुछ भी अपील दायर करते हैं तो उसकी कॉपी गेमस्क्राफ्ट को भी दी जाएगी।

डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस ने पिछले साल गेमस्क्राफ्ट को 21000 करोड़ रुपए का टैक्स चोरी का नोटिस भेजा था और इसको जमा कराने के लिए कहा था। लेकिन गेमस्क्राफ्ट इस फैसले के खिलाफ कर्नाटक हाई कोर्ट में गई थी। जिसमें फैसला गेमस्क्राफ्ट के पक्ष में आया है। अब आशंका जताई जा रही है कि इस फैसले के खिलाफ  से जीएसटी डिपार्टमेंट सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकता है इसी वजह गेमस्क्राफ्ट ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की है।

Karnataka HC quashes GST notice on Gameskraft: GST पर गेम्सक्राफ्ट समेत पूरी गेमिंग इंडस्ट्री को बड़ी राहत

Karnataka HC quashes GST notice on Gameskraft: कर्नाटक हाईकोर्ट ने गेमिंग पर एतिहासिक फैसला देते हुए गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट के खिलाफ 21 हज़ार करोड़ रुपये के जीएसटी चोरी के नोटिस को खारिज कर दिया है। गेम्स ऑफ स्किल और गेम्स और चांस के बीच ये फैसला बहुत ही महत्वपूर्ण है।
डायरेक्टर जनरल जीएसटी ने भारत के टैक्स इतिहास के सबसे बड़े नोटिस में गेम्सक्राफ्ट टेक्नॉलॉजी को 21 हज़ार करोड़ रुपये की चोरी का नोटिस भेजकर ये टैक्स जमा कराने के लिए कहा था। जिसके खिलाफ बैंगलुरु की गेम्सक्राफ्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जीएसटी के नोटिस में गेम्सक्राफ्ट को कार्ड, रम्मी, गेम्जी और रमी टाइम को गेम ऑफ चांस बताते हुए इसके खिलाफ 21 हज़ार करोड़ रुपये की टैक्स देनदारी बताई थी। जीएसटी विभाग के मुताबिक, गेम्सक्राफ्ट बैटिंग के तहत लोगों को ये गेम्स खिलवा रही थी।
कोर्ट के इस फैसले के बाद गेम्सक्राफ्ट के ग्रुप जनरल काउंसिल जोगाज्योति ने कहा कि, ये एक बड़ा फैसला है।
इस केस में इंटरवेंशन करने वाली ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन के सीईओ रोलैंड लैंडर्स ने कहा कि ये फैसला गेमिंग स्टार्टअप्स के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। इससे इंडस्ट्री की ग्रोथ में सकारात्मक असर होगा।

ED summons in Thailand Gambling case: विदेशों में गैंबलिंग इवेंट कराने वाले को ED ने भेजा सम्मन

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ED summons in Thailand Gambling case: थाईलैंड में हुए एक अवैध गैंबलिंग इवेंट में इंफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने चिकोटी प्रवीण, महादेव रेड्डी और संपत को सम्मन किया है। इन तीनों को फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के उल्लंघन के नियमों के तहत सम्मन किया गया है।

तेलंगना के मुख्यमंत्री केसीआर की पार्टी भारतीय राष्ट्रीय समिति (BRS) के नेता प्रवीन के अलावा तेलंगना के मेढक जिले के को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक के चेयरमैन देवेंद्र रेड्डी को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ED के अधिकारी इन तीनों के थाईलैंड से लौटने वाले दिन एयरपोर्ट पर इनका इंतजार कर रहे थे। जहां पर यह तीनों एक अवैध अंडरग्राउंड गैंबलिंग इवेंट में हिस्सा लेने गए थे। लेकिन इन तीनों के थाईलैंड से लौटने में हुई 1 दिन की देरी के बाद ईडी ने चारों लोगों को फेमा उल्लंघन की जांच के लिए समन कर दिया। हालांकि संपत ने पहले ही बता दिया था कि वह थाईलैंड नहीं गया था।

इस दौरान प्रवीण ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि, जुआ खेलना उसका पैशन है और वह थाईलैंड एक खिलाड़ी के तौर पर जुआ खेलने गया था। उन्होंने कहा था कि वह इस इवेंट के ऑर्गनाइजन नहीं थे। प्रवीण को कसीनो और अवैध जुआ इवेंट को आजोजित करने वाले के तौर पर जाना जाता है। वो अमीर लोगों को विदेशों में अवैध जुआ खिलवाने के लिए इवेंट आयोजित करते हैं। इसी वजह से वो अवैध जुआ रैकेट को चलाने के मामले में ईडी के इन्वेस्टिगेशन रडार पर है। कहा जाता है कि प्रवीण अमीर भारतीय लोगों को विदेश लेकर जाते हैं। हाल ही में प्रवीण को थाईलैंड पुलिस ने अवैध जुआ इवेंट में हिस्सा लेने के लिए हिरासत में लिया था। थाईलैंड पुलिस ने एक होटल में छापा मारा था जहां अवैध जुआ खिलाया जा रहा था। इस छापे में 82 भारतीयों को भी हिरासत में लिया गया था।

Gameskraft GST evasion issue: 11 मई को आ सकता है, कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला

Gameskraft GST evasion issue: गेमिंग कंपनी गेमस्क्राफ्ट पर 22000 करोड रुपए के जीएसटी चोरी के आरोपों  पर कर्नाटक हाई कोर्ट का फैसला 11 मई को आ सकता है।  यह  फैसला पूरी गेमिंग इंडस्ट्री के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे यह तय हो जाएगा की रियल मनी गेमिंग (Real money gaming) के ऊपर टैक्स किस तरह से लगेगा। क्या 28 परसेंट एंट्री फीस पर लगेगा या फिर पूरे डिपाजिट अमाउंट पर लगेगा। इस समय गेमिंग इंडस्ट्री को लेकर दुनिया भर में बड़े निवेशक भारत की ओर देख रहे हैं, ऐसे में गेमिंग इंडस्ट्री का भविष्य तय करने में यह फैसला एक अहम भूमिका निभा सकता है।

लंबे समय से गेमिंग इंडस्ट्री अपनी इंट्री फीस के ऊपर जीएसटी देती आ रही है, लेकिन गेमस्क्राफ्ट और दूसरी कई कंपनियों के खिलाफ आयकर विभाग की जांच ने टैक्स चोरी का एक बड़ा मामला पाया था। जिसके खिलाफ गेमस्क्राफ्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट में अपील की थी। इस अपील के ऊपर कल फैसला आने वाला है।

भारत में गेमिंग इंडस्ट्री 2 बिलियन डॉलर की हो गई है और करीब 5 करोड़ लोग एक्टिव गेमर हैं। लाखों लोगों को गेमिंग सेक्टर रोजगार भी दे रहा है, पिछले कुछ समय से केंद्र सरकार ने भी गेमिंग सेक्टर को लेकर नियम बनाए हैं। जिनमें सेल्फ रेगुलेटरी बॉडी (SRB) बनाए जाने का भी प्रावधान है। साथ ही साथ गेमिंग कंपनियों की टैक्स परेशानियों को दूर करने के लिए वित्त मंत्रालय भी काम कर रहा है। जल्दी जीएसटी काउंसिल में भी गेमिंग सेक्टर (GST council on gaming industry) के टैक्स स्ट्रक्चर को मंजूरी मिल सकती है।

The Future of Gaming: सब्सक्रिप्शन मॉडल के लिए तैयार हैं भारतीय गेमर्स, Loco gamer survey 2023

The Future of Gaming: गेमिंग सेक्टर में अब नए-नए गेम्स के लिए कस्टमर फीस देने के लिए  तैयार हैं। EY Loco gamer survey 2023 के मुताबिक भारत में गेमिंग सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, अब 67% गेमर्स गेम खेलने के लिए सब्सक्रिप्शन मॉडल अपनाने लगे हैं। सर्वे के मुताबिक हाई क्वालिटी गेम्स खेलने के लिए गेमर्स सब्सक्रिप्शन मॉडल अपना रहे हैं। इस सर्वे में 13000 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें से 67% लोग गेम खेलने के लिए सब्सक्रिप्शन मॉडल अपनाने  को तैयार थे। 

Gaming industry growth: तेज़ी से बढ़ रही है दुनियाभर में गेमिंग इंडस्ट्री

लोको गेम सर्वे के फाउंडर अनिरुद्ध पंडिता और अश्विनी सुरेश ने कहा कि यह सर्वे इंडस्ट्री, गेम डेवलपर्स, एडवरटाइजर्स और इन्वेस्टर्स को गेमिंग सेक्टर के बारे में जानकारी के लिए किया गया है। इस सर्वे के मुताबिक, भारत में ऑनलाइन गेम्स खेलने वाले अब धीरे-धीरे मैच्योर हो रहे हैं। सर्वे के मुताबिक 45 परसेंट लोगों ने कहा कि वो दिन में एक घंटा गेम पर लगा रहे हैं। इनमें से अधिकांश लोग काम करने वाले हैं। इस सर्वे में 50% लोग ने बताया कि वह अपने काफी समय गेमिंग पर लगाते हैं। सर्वे में पाया गया है कि e-sports युवाओं में काफी पॉपुलर हो रहा है। कुल मिलाकर 61 पर्सेंट लोगों E-Sports का कम से कम एक टूर्नामेंट 1 महीने में खेल है। भारतीय गेमिंग सेक्टर में E-sports सबसे तेजी से आगे बढ़ रहा है।