Wednesday, March 11, 2026
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गोवा में अवैध जुए को लेकर सावंत सरकार सख्त, पुलिस करेगी कैसिनो की चेकिंग

गोवा में अवैध जुए को लेकर राज्य की प्रमोद सावंत सरकार सख्त है। पिछले शुक्रवार को अपने नवीनतम सार्वजनिक संबोधन में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत (Chief Minister of Goa pramod sawan ) ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार का गृह विभाग आज से राज्य में होने वाली अवैध जुआ गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।

सावंत ने कल दूरदर्शन-पणजी (Doordarshan Panji) पर ‘हैलो गोयनकर’ नामक एक लाइव, फोन-इन कार्यक्रम आयोजित किया। इसके तहत प्रीतम हरमलकर नाम के एक व्यक्ति ने मंदिर शहर पोंडा में हो रही जुआ गतिविधियों का मामला उठाया और आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा।

Banned betting site again advertising: क्या मंत्रालयों में मतभेद काफायदा उठा रही हैं जुआ कंपनियां

“सड़क किनारे खुलेआम मटका जैसी जुआ गतिविधियां चल रही हैं। हाल ही में लोगों ने मिनी कैसीनो के बारे में शिकायत की थी, जिन पर छापे मारे गए थे… लेकिन उनका संचालन यहां फिर से शुरू हो गया है। इस मामले में सावंत ने उन्हें आश्वस्त किया। “न केवल पोंडा में, बल्कि जहां भी इस तरह की जुआ गतिविधियां चल रही हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी। मैं विभाग को कल से कार्रवाई करने का निर्देश दे रहा हूं, “उन्होंने दाइजी वर्ल्ड की रिपोर्ट के अनुसार कहा।

यह मामला इस साल की शुरुआत में मार्च में विधानसभा सत्र के दौरान उठाया गया था, जहां सावंत ने वादा किया था कि उनकी सरकार राज्य में अवैध कैसीनो को बंद करने पर काम करेगी। गोवा फॉरवर्ड पार्टी के विधायक विजय सरदेसाई, जो पिछले कुछ समय से राज्य में अवैध कैसीनो की उपस्थिति के बारे में मुखर रहे हैं।

कुछ हफ़्ते बाद, सरदेसाई ने इस मामले को फिर से उठाते हुए दावा किया कि कैसीनो को केवल अस्थायी रूप से बंद किया गया था और उन्होंने संचालन फिर से शुरू कर दिया है। उन्होंने मामले में दोबारा गहन जांच का अनुरोध किया। गोवा राज्य सरकार ने कैसीनो विनियमन के लिए गोवा सार्वजनिक जुआ नियम, 2022 का मसौदा भी तैयार किया है। नए नियमों के तहत, गेमिंग कमिश्नर इन्वेंट्री और कैसीनो में आने वाले लोगों की संख्या की जांच करने में सक्षम होंगे। उल्लंघन की स्थिति में उनके पास कैसीनो और होटलों को बंद करने की भी शक्ति होगी। नए नियमों को अगले दो महीनों के भीतर अधिसूचित किए जाने की संभावना है।

भारत में बॉक्सिंग को बढ़ाने के लिए IABF प्रतिनिधिमंडल की IBA अध्यक्ष से मुलाक़ात

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दुबई। दुबई में चल रही IBA Men’s World Boxing Championship 2025 के सेमीफ़ाइनल मुकाबलों के अवसर पर इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन (IABF) के प्रतिनिधिमंडल ने International Boxing Association (IBA) के अध्यक्ष मिस्टर उमर क्रीमलेव से मुलाक़ात कर भारत में बॉक्सिंग के भविष्य को लेकर विस्तृत चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल में डॉ. राकेश मिश्र (राष्ट्रीय अध्यक्ष), राकेश ठकरान (महासचिव) तथा संजीव कुमार (उपाध्यक्ष) शामिल रहे। बैठक सकारात्मक और रचनात्मक वातावरण में हुई जिसमें भारत में बॉक्सिंग के विकास, ग्रासरूट कार्यक्रमों, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन तथा खिलाड़ी-कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

मिस्टर उमर क्रीमलेव ने हाल के वर्षों में भारत में बॉक्सिंग गतिविधियों और आयोजनों में आई तेजी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि एशिया में भारत तेजी से उभरती बॉक्सिंग शक्ति है और “India has the potential to become a major global hub of boxing.” उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि भारत में बॉक्सिंग के विकास को गति देने के लिए IBA हर संभव सहयोग और तकनीकी समर्थन प्रदान करेगा।

बैठक के दौरान इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन के महासचिव राकेश ठकरान ने क्रीमलेव को फेडरेशन का बैज पहनाकर सम्मानित किया तथा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज भेंट किया। IABF प्रतिनिधियों ने IBA के समर्थन और सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

मिशन ओलंपिक मेडल की तैयारी में जुटे बॉक्सर्स

इन दिनों भारत के बाक्सर्स इंडियन ऐमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन के बैनर तले ओलंपिक खेलों में मेडल की तैयारियों में जुटे हैं। बॉक्सिंग में देश की सबसे पुरानी संस्था ने पहले चरण में छोटे शहरों की प्रतिभाओं को बॉक्सिंग का राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्लेटफार्म दिलाने की दिशा में काम शुरु कर दिया है, साथ ही खिलाड़ियों को अच्छा पैसा मिलना शुरु हो जाए, इसके लिए बॉक्सिंग लीग भी जल्द ही शुरु करने की कोशिश चल रही है।

ओलंपिक में मेडलों की तैयारी है इंडियन बॉक्सिंग लीग:डॉ. राकेश मिश्र
इंडियन ऐमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र ने कहा कि हमने हाल ही में तमिलनाडु के चेन्नई, बिहार के भागलपुर, उत्तर प्रदेश के रायबरेली और दिल्ली के बॉक्सर्स की प्रतियोगिताएं आयोजित की हैं। हमारा उद्देश्य ज्य़ादा से ज्य़ादा बॉक्सर्स को खेल के प्रति आकर्षित करने का है।

मिशन ओलंपिक मेडल की तैयारी में जुटे बॉक्सर्सः राकेश ठाकरान
राकेश ठकरान ने बताया कि इनमें दिल्ली की प्रतियोगिता में हमें देशभर के 100 बॉक्सर्स के आवेदन आए थे। जिसमें हमने जीतने वाले खिलाड़ी के साथ साथ उपविजेता को भी नकद पुरस्कार दिया है। इसके खिलाड़ी का खेल में हिस्सा लेने का उत्साह बढ़ता है। हम अपने बॉक्सिंग कोच और उपकरणों पर भी ध्यान दे रहे हैं, ताकि बेहतर कोचिंग खिलाड़ियों को मिल सके। खिलाड़ियों को लगातार खेलने का अनुभव मिल सके, इसके लिए फेडरेशन अपनी तरफ से फीस देकर खिलाड़ियों को “बॉक्सरेक” नाम की संस्था पर पंजीकृत कराया जा रहा है, इससे हर गेम में खिलाड़ियों को प्वाइंट मिलते हैं और फिर उनको विभिन्न टूर्नामेंट से बुलावा आने लगता है। जहां उनके जीतने पर बड़े पुरस्कार मिलते हैं और उनकी रैंकिंग बढ़ती है। आईएबीएफ के साथ विभिन्न श्रेणियों के 10 हज़ार से ज्य़ादा बॉक्सर्स जुड़े हुए हैं, जिनकी प्रतियोगिताएं लगातार चलती रहती हैं।

आईएबीएफ की तैयारियों से ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है भारत: रोहित राजपाल

आईएबीएफ के “मिशन ओलंपिक” पर इंडियन ऑलंपिक एसोसिएशन की एंटी डोपिंग कमेटी के चेयरमैन रोहित राजपाल ने कहा है कि जिस तरह के बॉक्सिंग आयोजन आईएबीएफ करा रहा है, उससे देश में बॉक्सिंग की नई प्रतिभाओं को सामने लाने में मदद मिलती है। इससे आने वाले समय में भारत ओलंपिक, एशियाड और अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। इंडियन ऐमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन के कार्यक्रम में बोलते हुए रोहित ने कहा कि अगले कुछ दिनों में ही भारत कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए बिड डालने जा रहा है, इसके साथ ही ऑलंपिक खेलों को भारत में कराने की कोशिश भी की जा रही है। इसके लिए केंद्र सरकार और इंडियन ऑलंपिक संघ मिलकर कोशिश कर रहा है।
इंडियन ऐमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन के “फाइट नाइट फिएस्टा” के अंतिम दिन इस बॉक्सिंग को देखने पूर्व सांसद और अभिनेत्री लॉकेट चटर्जी भी पहुंची, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया और खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए इस तरह के आयोजन बहुत जरुरी हैं, इससे हमारे खिलाड़ियों का हौसला बढ़ता है और नए नए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मौका भी मिलता है।

इन बॉक्सरों को मिला पुरस्कार:
दिल्ली के कार्यक्रम फाइट नाइट फिस्टा में बॉक्सिंग के विभिन्न श्रेणियों में 14 मुकाबले हुए, जिसमें 6 महिला वर्ग के रहे और 8 पुरुष वर्ग के रहे। जिसमें 53 किलो भार वर्ग में बिहार के मुकु ने खिताब जीता। इसी तरह 66 किलोभार वर्ग में हरियाणा की उर्वशी भारद्वाज विजेता रही। मिडेल वेट में नागालैंड की सना मेट ने हरियाणा की ध्रुव को हराया। हैवी वेट श्रेणी में हरियाणा के हर्षिल गिल ने असम के आकाश को हराकर खिलाब जीता।
डॉ. राकेश मिश्र ने सभी खिलाड़ियों, दर्शकों व देश भर के बॉक्सिंग प्रेमियों का आभार जताया।

Online Gaming Ban: क्यों लगा ऑनलाइन गेमिंग पर बैन?

ऑनलाइन मनी गेमिंग बैन करने के लिए सरकार ने इस कदर तेज़ी दिखाई कि मात्र तीन दिन के भीतर ही इस बिल को दोनों सदनों में पास कर दिया गया और तुरंत ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी इसे मंजूरी मिल गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मंजूरी मिलने के बाद ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन एंड रेगुलेशन बिल 2025 अब कानून का रूप ले चुका है। इसके तहत ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाओं पर पूरी तरह रोक लग गई है। इस कानून के बाद अब गेम चलाने वालों को तीन साल तक जेल और एक करोड़ रुपये तक जुर्माना लगेगा। इसके साथ साथ प्रचार करने वालों को भी दो साल की सजा और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा। इस बिल के कानून बनने के साथ ही ड्रीम11, विंजो जैसे प्लेटफॉर्म्स ने अपने ऑपरेशन बंद कर दिया है।

भारत में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर रोक लगाने वाले ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन एंड रेगुलेशन बिल 2025 को संसद से पास होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस बिल को कानून बनाने वाले दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर दिए। इस कानून के लागू होने के साथ ही देशभर में सभी ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाओं पर रोक लग गई है। नए कानून में, केवल ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफार्म चलाना ही अपराध नहीं होगा, बल्कि इन गेम्स का प्रचार करना भी गंभीर अपराध माना जाएगा।

दरअसल इन गेम्स की वजह से बहुत बड़ी संख्या में युवा जल्द अमीर बनने की चाहत में इन गेम्स में पैसे लगाते थे और कई बार घर से पैसे चोरी करने से लेकर अन्य कई बड़े अपराध कर रहे थे। इसी वजह से संघ से लेकर भाजपा के नेता लगातार इन गेम्स को बंद करने की वकालत कर रहे थे। सरकार ने पहले इन गेम्स पर जीएसटी का चाबुक चलाया था, लेकिन उसका तोड़ भी इन गेम्स ने निकाल लिया था। इसके बाद ही सरकार ने इनको बंद ही कर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी के ओलंपिक मेडल की है तैयारी- अरुण सिंह

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नई दिल्ली। इंडियन ऐमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन अगले एक साल के भीतर पूरे देश के सभी राज्यों में बॉक्सिंग लीग कराने जा रही है, जिसके बाद वो एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता कराएगी और इसमें से ही ओलंपिक के लिए बॉक्सर्स को तैयार किया सकता है। दिल्ली में फाइट नाइट फिस्टा के उद्घाटन के मौके पर भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री अरुण सिंह ने कहा कि देश को ओलंपिक में अपने बेहतरीन खिलाड़ी भेजने हैं और इसके लिए इंडियन ऐमच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन का यह मंच बॉक्सिंग प्रतिभाओं को निखारने का अच्छा मौका है।
दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित इस फाइट नाइट फिस्टा में देशभर से आए बॉक्सर्स प्रो बॉक्सिंग में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। पहले दिन बॉक्सिंग के कुल सात मुकाबले होंगे, जिनमें तीन महिलाओं के और 4 पुरुषों के होंगे, इसमें से जितने वाले को 51 हज़ार रुपये और उपविजेता को 11 हज़ार रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा। कार्यक्रम के बारे में पूर्व केद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल ने कहा कि हम 2032 का ओलंपिक कराने के प्रयास कर रहे हैं, ऐसे में बॉक्सिंग में हम ज्य़ादा से ज्य़ादा मेडल जीतें, इसके लिए जरुरी है कि इस तरह के आयोजन किए जाएं। दरअसल बॉक्सिंग के खेल को मशहूर करने के लिए इंडियन ऐमच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन ने यह आयोजन किया है। जिसमें कड़ी प्रतियोगिता के बाद पूरे देश से खिलाड़ी खेलने आए हैं। फेडरेशन इन खेलों में आने वाले बॉक्सर्स का अंतरराष्ट्रीय बॉक्स में रजिस्ट्रेशन भी कराया गया है। ताकि इन प्रतियोगतिओं में हिस्सा लेने वालों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंच मिल सके। इन बॉक्सर्स के लिए रजिस्ट्रेशन फीस भी फेडरेशन ही दे रही है।
फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्रा ने कहा कि हमारी कोशिश है कि ज्य़ादा से ज्य़ादा प्रतिभाओं को खेलने का अनुभव दिलवा सकें और हमारे यहां के बॉक्सर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए बुलावा आ सके। इसलिए हम अपने बॉक्सर्स को मंच उपलब्ध करा रहे हैं। इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह मीडिया प्रमुख संजय मयूख, पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू भी मौजूद रहे

Video game इंडस्ट्री पर छंटनी के बादल, Microsoft ने दो गेम किए बंद

Video Gaming इंडस्ट्री इन दिनों परेशानियों से जूझ रही है। Microsoft ने अपने दो वीडियो गेम, “परफेक्ट डार्क” का रीबूट और फंतासी शीर्षक “एवरवाइल्ड” को बीच में ही रोक दिया है, इसके साथ ही कई अघोषित परियोजनाओं को भी स्क्रैप कर दिया है। कंपनी “परफेक्ट डार्क” स्टूडियो द इनिशिएटिव को भी बंद कर रहा है।

पिछले सप्ताह शुरू हुई छंटनी की अफवाहों के बाद, Microsoft बुधवार को दुनिया भर में 9,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है, जिसमें Microsoft गेमिंग/Xbox डिवीजन के कुछ कर्मचारी भी शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Microsoft के कुल 228,000 कर्मचारी हैं।

Microsoft के प्रवक्ता ने बुधवार को कहा, “हम संगठनात्मक और कार्यबल में बदलाव लागू करना जारी रखते हैं जो कंपनी और टीमों को गतिशील बाज़ार में सफलता के लिए तैयार करने के लिए आवश्यक हैं।”

Microsoft गेमिंग के प्रमुख फिल स्पेंसर ने बुधवार सुबह कर्मचारियों को भेजी एक चिट्ठी में कहा, “गेमिंग को स्थायी सफलता के लिए तैयार करने और हमें रणनीतिक विकास क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की अनुमति देने के लिए, हम व्यवसाय के कुछ क्षेत्रों में काम को समाप्त या कम कर देंगे और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए प्रबंधन की मल्टीपल लेयर्स को हटाने में Microsoft के नेतृत्व का अनुसरण करेंगे।” “आज प्रभावित लोगों के सम्मान में, आज की सूचनाओं और किसी भी संगठनात्मक बदलाव की बारीकियों को आने वाले दिनों में आपके टीम लीडर्स द्वारा साझा किया जाएगा।”

Gambling addiction की वजह से सरकारी बाबू बन गया देशद्रोही

जुए की लत की वजह से नेवी मुख्यालय में सरकारी नौकरी कर रहा विशाल यादव देश के खिलाफ हो गया। विशाल को जुआ खेलने की लत लग गई थी और वो इस लत के कारण बड़े कर्जे में फंस गया था। इस वजह वो पाकिस्तान को गुप्त सूचनाएं देने लगा।

पिछले हफ्ते ही राजस्थान पुलिस ने उसे देश के खिलाफ जासूसी मामले में गिरफ्तार किया है। यह व्यक्ति नेवी के मुख्यालय में अपर डिविजनल क्लर्क था और गुप्त सूचनाएं पाकिस्तान के एक हैंडलर को सप्लाई कर रहा था।

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पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर विशाल एक पाकिस्तान की एक प्रिया शर्मा (फेक नेम) नाम की महिला के साथ यह लगातार संपर्क में था और उसे सूचनाएं भेज रहा था। आईजी पुलिस विष्णुकांत गुप्ता के मुताबिक, भारत के खिलाफ जासूसी कर रहे लोगों पर जब उन्होंने निगरानी करनी शुरु की तो विशाल यादव भी उस जांच में पाकिस्तानी जासूसों के संपर्क में पाया गया। वो पैसे के बदले पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क को गुप्त सूचनाएं पहुंचा रहा था। जब गिरफ्तार करके उससे पूछताछ की गई तो पता चला कि वो जूए की लत में फंसा हुआ है और इसी कारण उसपर काफी कर्ज हो गया है। इसलिए उसने गुप्त सूचनाएं पाकिस्तान को भेजनी शुरु कर दी, इसके बदले में उसे क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसे मिलने लगे थे। यादव में ऑपरेशन सिंदूर के समय भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां पाकिस्तान को भेजी थी। उसके फोन की जांच में पता चला कि वो फोन पर लगातार सूचनाएं पाकिस्तान को भेज रहा था।

Probo FIR: IPL सीजन में 750 करोड़ रुपये की हुई ओपिनियन ट्रेडिंग

ओपिनियन ट्रेडिंग कंपनी Probo के खातों में इस आईपीएल सीजन में आम यूजर्स से 750 करोड़ रुपये जमा किए हैं, यानि 750 करोड़ रुपये की बैटिंग सिर्फ एक ओपिनियन कंपनी के खातों से हुई है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि ओपिनियन ट्रेडिंग के जरिए गेमिंग कंपनियां कितने बड़े स्तर पर बैटिंग करा रही हैं। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में कंपनी के खातों को डी-फ्रीज करने के मामले में सुनवाई के दौरान हरियाणा पुलिस ने यह जानकारी दी है। पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल की एकल पीठ ने ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म प्रोबो के बैंक खातों को डी-फ्रीज करने के आवेदन से संबंधित मामले की सुनवाई जारी रखी।

शुरुआत में, हरियाणा सरकार की ओर से पेश हुए वकील ने अदालत को सूचित किया कि जांच देख रहे पूर्वी गुरुग्राम क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित थे और उन्होंने अदालत के समक्ष अपना हलफनामा भी दायर किया था।

सरकारी वकील ने बताया कि एसीपी के हलफनामे के अनुसार, इस विशेष एफआईआर में, प्रोबो के केवल 12 बैंक खातों को फ्रीज किया गया है, जिनमें से केवल 7 बैंक खातों में लगभग 35 करोड़ रुपये की धनराशि है, जिसे फ्रीज किया गया है। उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आरोपी जांच में शामिल नहीं हो रहे हैं या जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
पुलिस ने अपने हलफनामे में आगे कहा कि कंपनी के कुल 54 बैंक खाते हैं और उन्होंने इस आईपीएल सीजन के दौरान 750 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि एकत्र की है। इसके अलावा, हरियाणा सरकार के वकील ने कहा कि राज्य में कंपनी के खिलाफ 3-4 अन्य एफआईआर हैं, जिसके कारण अन्य फंड भी फ्रीज हो सकते हैं। दूसरी ओर, प्रोबो के वकील ने गुरुग्राम पुलिस द्वारा प्रस्तुत तथ्यों का खंडन करते हुए कहा कि फ्रीज की गई राशि बहुत अधिक है और कहा कि वेतन, व्यवसाय और परिचालन व्यय लगभग 28.50 करोड़ रुपये और कर और बकाया लगभग 51 करोड़ रुपये (कुल लगभग 83 करोड़ रुपये) में कंपनी का मासिक खर्च लगभग 4 करोड़ रुपये है। कंपनी द्वारा एकत्रित उपयोगकर्ता जमा राशि उपयोगकर्ताओं के वॉलेट में एस्क्रो खाते में रखी जाती है जिसे उपयोगकर्ता जब चाहे निकाल सकता है और कंपनी को इसमें से केवल 8-10% कमीशन मिलता है। मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने आदेश में उल्लेख किया कि याचिकाकर्ता द्वारा यह अनुमान लगाया गया था कि उसके सभी खाते फ्रीज कर दिए गए हैं और दिन-प्रतिदिन के संचालन में बाधा आ रही है। हालांकि, पुलिस द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया है कि केवल लगभग 35 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए हैं, न कि 130 करोड़ रुपये से अधिक। इसके अलावा, पुलिस ने यह भी कहा कि बैंकों को फ्रीजिंग की सूचना दिए जाने के बाद और कंपनी के बैंक खातों को फ्रीज करने की वास्तविक तिथि से पहले कंपनी द्वारा लगभग 40 करोड़ रुपये निकाले गए।

हाई कोर्ट ने अंततः बैंक खातों को फ्रीज करने से फिलहाल इनकार कर दिया, जबकि प्रोबो को पुलिस के हलफनामे पर अपना जवाब दाखिल करने की अनुमति दी। मामले को 15 जुलाई, 2025 को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

यह याद किया जा सकता है कि गुरुग्राम पुलिस ने शिकायतकर्ता अभिषेक जैन के कहने पर 25 मार्च, 2025 को एक प्राथमिकी दर्ज की थी। गुरुग्राम निवासी जैन ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह प्रोबो ऐप पर खेलते समय लगभग 20,000 रुपये हार गया है, जो विभिन्न घटनाओं पर “हां” या “नहीं” प्रश्न प्रस्तुत करता है जिसके लिए उसे जुआ और सट्टेबाजी में बहकाया गया और प्रेरित किया गया।

प्रोबो के निदेशकों आशीष गर्ग, सचिन सुभाषचंद्र गुप्ता और श्वेत्स शर्मा के खिलाफ सार्वजनिक जुआ अधिनियम, 1867 की धारा 13 (सड़कों पर जुआ खेलना) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) (धोखाधड़ी और संपत्ति की बेईमानी से डिलीवरी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।

प्रोबो जैसे ओपिनियन ट्रेडिंग ऐप हाल के महीनों में चर्चा का विषय रहे हैं, हरियाणा सरकार ने 21 मई, 2025 को अपने नए जुआ कानून को अधिसूचित किया है, जो कथित तौर पर ओपिनियन ट्रेडिंग ऐप को अपने दंडात्मक दायरे में शामिल करेगा।

Probo को नहीं मिली राहत, अब हाईकोर्ट से ही है उम्मीद

हरियाणा पुलिस की एफआईआर और बैंक खातों को फ्रीज करने से परेशान ओपिनियन गेमिंग कंपनी Probo को सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली है। कंपनी ने खातों को फ्रीज होने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी और देश के प्रमुख वकील मुकुल रोहतगी को पैरवी के लिए खड़ा किया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि उन्हें इस मामले में राहत के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ही जाना होगा। बेशक वो छुट्टियों के दौरान विकेशन बैंच से इसपर अपील कर सकते हैं।

इससे पहले हरियाणा ने गेमिंग और गैंबलिग पर बैन लगाने के साथ साथ इसपर कड़ी सज़ा का प्रावधान भी किया था। जिसके बाद प्रोबो के खिलाफ गुडगांव में एक एफआईआर दर्ज हुई थी, इसके साथ साथ कंपनी के बैंक खातों को भी सीज़ कर दिया गया था। इससे कंपनी ने इस एफआईआर के खिलाफ पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट का रूख किया था, लेकिन वहां इसपर तुरंत राहत नहीं मिली थी और इसके बाद कंपनी ने बैंक खातों के सीज़ होने पर सुप्रीम कोर्ट का रूख किया था।

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस ए सी मसीह ने अपने आदेश में कहा कि हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 15 जुलाई को होनी है, लेकिन अपील करने वाले विकेशन जज को मामले पर अंतरिम रिलीफ के लिए अपील कर सकते हैं।

Microsoft ने गेमिंग के लिए Copilot का बीटा संस्करण किया जारी

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Microsoft ने गेमिंग के लिए Copilot का बीटा संस्करण जारी कर दिया है, यह iOS और Android के लिए Xbox मोबाइल ऐप में AI-से चलेगा। Xbox ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, यह पाइलेट प्रोजेक्ट भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर सहित 50 से अधिक देशों में शुरु किया गया है। फिलहाल 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के यूजर्स इसका इस्तेमाल कर सकेंगे, फिलहाल यह सुविधा केवल अंग्रेज़ी में ही उपलब्ध है, उम्मीद है कि जल्द ही यह संस्करण अन्य भाषाओं में भी उपलब्ध होगी।
गेमिंग के लिए Xbox Copilot: यह क्या है?
गेमिंग के लिए Copilot को दूसरे स्क्रीन के तौर पर डिज़ाइन किया गया है, जो खिलाड़ियों को उनके कंसोल पर गेमप्ले में बिना किसी परेशानी के गेम खेलते रहने में मदद करता है। यह टूल Microsoft की अपने यूजर प्लेटफ़ॉर्म में आर्टिफिशियल इटेलिजेंस को एम्बेड करने की व्यापक रणनीति के अनुरूप है।
Xbox प्रोग्राम मैनेजर टेलर ओ’मैली के अनुसार, इसका उद्देश्य एक ऐसा सहायक बनाना है जो “जानता है कि आप कौन सा गेम खेल रहे हैं और आपकी Xbox गतिविधि को समझता है,”।
अपने बीटा रूप में, कोपायलट व्यक्तिगत Xbox गतिविधि का संदर्भ देकर और Bing के माध्यम से सार्वजनिक डेटा में टैप करके विभिन्न प्रकार के खिलाड़ी प्रश्नों को संभाल सकता है। मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं:

हाल की आपके स्कोर और उपलब्धियों की जाँच करना
गेम हिस्ट्री के आधार पर गेम सुझाव देना
इन-गेम मार्गदर्शन प्रदान करना
गेम पास रिन्यू और गेमर स्कोर जैसे खाता विवरण प्रबंधित करना
उदाहरण संकेतों में शामिल हैं:
गेमिंग के लिए Xbox कोपायलट: भविष्य का रोडमैप
जबकि वर्तमान संस्करण चैट-आधारित सहायता पर केंद्रित है, Microsoft के पास गेमिंग के लिए कोपायलट को पूर्ण-विकसित AI गेमिंग कोच में विकसित करने की व्यापक योजनाएँ हैं। भविष्य के अपडेट में शामिल हो सकते हैं:
रीयल-टाइम गेमप्ले समर्थन, जैसे मल्टीप्लेयर गेम में सामरिक त्रुटियों को इंगित करना या Minecraft में क्राफ्टिंग टिप्स देना
वॉयस-आधारित इंटरैक्शन
डायरेक्ट कंसोल एकीकरण, गेम को दूरस्थ रूप से डाउनलोड या इंस्टॉल करने जैसे कार्यों को सक्षम करना

अब हरियाणा में भी बंद हुई Opinion trading, प्रमुख कंपनी प्रोबो, MPL और Sportsbaazi ने बंद किए ऑपरेशन

छत्तीसगढ़ के बाद अब दूसरे राज्यों में भी ओपिनियन ट्रेडिंग को बंद करने की मुहिम चल पड़ी है। ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म स्पोर्ट्सबाजी और प्रोबो ने हरियाणा राज्य में आधिकारिक तौर पर अपने ऑपरेशन बंद कर दिया है। कंपनियों ने हरियाणा सरकार द्वारा सार्वजनिक जुआ रोकथाम अधिनियम, 2025 लाने के बाद यह कदम उठाया है। हरियाणा सरकार ने यह नया कानून जोकि ऑनलाइन जुए, खेल सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग को देखते हुए लाया गया है, जिसमें कड़े प्रावधान लाए गए हैं।

स्पोर्ट्स-आधारित ओपिनियन ट्रेडिंग मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली स्पोर्ट्सबाजी ने अपनी वेबसाइट में एक अपडेट किया, जिसमें हरियाणा को उन राज्यों में सूचीबद्ध किया गया है जहां अब ओपिनियन ट्रेडिंग सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। अब असम, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और नागालैंड सहित प्रतिबंधित राज्यों की सूची बढ़ती जा रही है।

ओपिनियन ट्रेडिंग स्पेस में एक प्रमुख खिलाड़ी प्रोबो ने हरियाणा में अपने ऑपरेशन को “अस्थायी रूप से बंद” कर दिया है। ” दरअसल सोसाइटी अगेंस्ट गैंबलिंग नाम की संस्था ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार के साथ साथ राज्यों को ऑपिनियन ट्रेडिंग को लेकर लिखा था। जिसके बाद राज्य सरकार ने जांच में पाया कि ओपिनियन ट्रेडिंग एक तरह का जुआ है। इसी वजह से प्रोबो ने हरियाणा राज्य में अस्थायी रूप से ऑपरेशन को रोक दिया है। हालांकि प्रोबो मीडिया टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड ने नए जुआ कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दाखिल की है। इसने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है, जिसमें गुजरात और छत्तीसगढ़ से बॉम्बे उच्च न्यायालय में समान जनहित याचिकाओं (पीआईएल) को टैग करने की अपील की है।

ओपिनियन ट्रेडिंग में एक प्रमुख कंपनी एमपीएल ने भी अपना ओपिनियो जैसे प्लेटफॉर्म ने भी हरियाणा में बंद कर दिया है, जबकि ट्रेडएक्स ने एक कदम आगे बढ़कर देश भर में सभी रियल मनी गेमिंग सेवाओं को बंद कर दिया है।

हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सार्वजनिक जुआ रोकथाम अधिनियम, 2025 बजट सत्र के दौरान पेश किया गया था, जिसमें मैच फिक्सिंग या स्पॉट फिक्सिंग गतिविधियों में पकड़े जाने पर कम से कम तीन साल की जेल और कम से कम ₹5 लाख का जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार अपराध करने वालों को सात साल तक की जेल हो सकती है।

इस कानून सट्टेबाजी की परिभाषा को भी विस्तार बताया गया है। एक “शर्त” को अब कानूनी रूप से किसी भी समझौते के रूप में बताया ता है, मौखिक या लिखित, दो या दो से अधिक पक्षों के बीच किसी अज्ञात परिणाम वाली घटना के बारे में, जहाँ हारने वाले को पूर्व निर्धारित विचार का भुगतान करना होगा या उसे छोड़ना होगा। यह परिभाषा कई ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म के ऑपरेटिंग मॉडल को दिखाती है, जो उपयोगकर्ताओं को खेल से लेकर चुनावों तक के भविष्य के परिणामों पर दांव लगाने की अनुमति देती है।

हाल ही में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इन प्लेटफ़ॉर्म के खिलाफ निवेशकों को आगाह करते हुए एक सार्वजनिक सलाह जारी की, तो विनियामक शिकंजा और कड़ा हो गया। सेबी ने चेतावनी दी कि हालाँकि ये प्लेटफ़ॉर्म “लाभ” और “स्टॉप लॉस” जैसे परिचित ट्रेडिंग शब्दजाल का उपयोग करते हैं, लेकिन वे पंजीकृत एक्सचेंज नहीं हैं और न ही वे प्रतिभूति कानूनों के तहत विनियमित हैं। इसलिए, ऐसे प्लेटफ़ॉर्म पर लेन-देन निवेशकों को कोई सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं और कानूनी परिणामों को आमंत्रित कर सकते हैं। विनियमन पर बहस जारी रहने के साथ, भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (ASCI) ने “भारत में राय ट्रेडिंग की जांच” शीर्षक से एक श्वेतपत्र प्रकाशित किया है। रिपोर्ट में इस क्षेत्र की विस्फोटक वृद्धि पर प्रकाश डाला गया है – 50 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ता और ₹50,000 करोड़ वार्षिक लेनदेन – और उपभोक्ताओं की सुरक्षा और नैतिक विज्ञापन प्रथाओं को सुनिश्चित करने के लिए तत्काल विनियामक स्पष्टता की मांग की गई है।

वैश्विक स्तर पर, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में, ओपिनियन ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइटों को सट्टेबाजी प्लेटफ़ॉर्म के रूप में वर्गीकृत किया जाता है और उन्हें विनियमित किया जाता है। हालाँकि, भारत में अभी भी इन गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए विशिष्ट कानून का अभाव है।