Wrestling Delhi: दिल्ली के मुन्नी पहलवान अखाड़ा के गणेश दल के दलपति गुरु प्रभु दयाल शर्मा के निधन के बाद उनके पुत्र राजेश प्रभु (राजू पहलवान) को गणेश दल का दलपति सर्वसहमति से नियुक्त किया गया है। श्रीगुरु मुन्नी व्यायामशाला, आराम बाग, पंचकुइयाँ रोड में आयोजित दलपती ( गणेश दल) की पगड़ी बंधन का कार्यक्रम में में राजेश प्रभु को दलपति नियुक्त किया गया। इस मौके पर दिल्ली कुश्ती संघ के अध्यक्ष राज सिंह एवं खलीफा भवरसिंह, राजू भाई ( नारायना), कृपाल सिंह, निशांत, खलीफा रवि, कैप्टन राजपाल, गुरु प्रभात, विक्रम शर्मा ( परशुराम दल) और श्रीगुरु मुन्नी व्यायामशाला के पहलवान विजयपाल, महावीर, किशन (काकु), दीपक चण्डोक, विनय (पम्मी), विक्रम, संजय गिहारा, उत्तम चौधरी, सोमपाल, राजेंद्र, कुलदीप मौजूद थे। गौरतलब है कि श्रीगुरु मुन्नी पहलवान अखाड़ा के गणेश दल के दलपति गुरु प्रभु दयाल शर्मा का निधन नौ दिसंबर को हो गया था। जिसके बाद उनके पुत्र राजेश प्रभु (राजू पहलवान) को गणेश दल का दलपति सर्वसहमति से नियुक्त किया गया है। इस अवसर पर दिल्ली शहर के सभी अखाड़ो के गुरु, उस्ताद, ख़लीफ़ा एवं सुनील कक्कड़ निगम पार्षद भी मौजूद थे।
BGMI new 3.0 update: नए वर्जन 3.0 में क्या है ख़ास, कौन सी तलवार मारेगी दुश्मनों को?
BGMI new 3.0 update: गेमिंग सेक्टर के दिवानों के लिए बीजीएमआई ने नया वर्जन 3.0 (BGMI & PUBG 3.0 Update) आ गया है, इसमें नया मैप लाया गया है, जो देखने और फील करने में बहुत ही शानदार है।
हीलिंग मैप (Healing map)
इस नए मैप में आप गाड़ी चलाते चलाते हीलिंग भी कर सकते हैं, इससे पहले वाले मैप में हीलिंग वाइह्ल ड्राइव (Healing while driving) का मोड नहीं था। लेकिन अब आप ड्राइव करते करते बैंडेज, पेन किलर, एडरेल सीरिंज और एनर्जी ड्रिंक्स का इस्तेमाल कर सकता है।
स्नाइप बुलेट फीचर (Sniper bullet feature)
इस फीचर में आपकी स्नाइपर गन का इंपैक्ट बढ़ा दिया गया है, अगर आप इस गन से दुश्मन को गोली मारते हो तो यह ना सिर्फ सामने वाले दुश्मन को मार देती है, बल्कि अगर उसके पीछे कोई छुपकर खड़ा है तो उसको भी नुकसान पहुंचाती है। अगर पीछे वाले की एनर्जी कम है तो उसको भी एक ही बुलेट से मारा जा सकता है।
नए मैप में नई जेल (Jail in new map)
पिछले वर्जन के मुकाबले इस बार 3.0 में नया मैप नई तरह की बिल्डिंग को लेकर आया है, जोकि नए स्ट्रक्चर की तरह दिखती हैं। इनमें जेल को काफी हद तक बदल दिया गया है। नए वर्जन में जिप लाइन भी दी हुई हैं, जिनकी मदद से आप एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग में जा सकते हो।
निंजा स्टाइल का वैपन (Ninja style weapon)
इस वाले वर्जन में आपको आगे बढ़ने पर निंजा स्टाइल की एक तलवार मिलती है, जिसके इस्तेमाल से दुश्मनों को मारा जा सकता है, इसके तलवार के इस्तेमाल में जहां तक तलवार जाती है, उससे काफी आगे तक इसकी बीम जाती है, जोकि दूर से ही दुश्मन को मार सकती है। इससे इस्तेमाल काफी मज़ेदार है। इसको काफी पसंद किया जा रहा है।
Indian women’s cricket team defeated Australia for the first time in test cricket
Indian women’s cricket has defeated Australia for the first time in Test cricket. The Indian women’s team has played Australia in Test cricket 11 times before, but this is the first time it has registered victory. Australia had defeated the Indian women’s team 4 times in Tests, while 6 Tests were drawn.
Australian women’s cricket team is currently on the tour of India, here in the test being played at Wankhede Stadium, Indian women’s team has defeated the Australian team by 8 wickets. The Indian team led by Harmanpreet Kaur bowled out Australia for 219 runs in the first innings. After this, the Indian team batted well and scored a good score of 406 runs, which increased the pressure on the Australian team. Even in the second innings, the Australian team could not do anything special and was all out at 261. In response, India had to score only 75 runs to win. Which the Indian team achieved by losing only two wickets and the Indian team won the test by 8 wickets.
Mario video game: तीन ऐसे विडियो गेम, जिनके आने से बदल गया था दुनिया का गेमिंग सेक्टर
Mario video game: देश दुनिया में अब रोज़ रोज़ नए गेम्स बाज़ार (New video games in market) में आ रहे हैं। बहुत सारे विडियो गेम बहुत मशहूर हो रहे हैं। गेमिंग सेक्टर (gaming sector) में काफी कंपीटिशन भी बढ़ गया है और अब ई-स्पोर्ट्स में तो गेमिंग (E-sports in gaming) के टूर्नामेंट भी होने लगे हैं। लेकिन 1985 में एक ऐसा गेम आया था, जिसके बाद से लोगों का रूझान विडियो गेम की तरफ हो गया था। मॉरियो एक ऐसा करेक्टर था, जिसके साथ बहुत सारे लोगों की बचपन की यादें जुड़ी हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि दुनिया के तीन ऐसे गेम जिन्होंने गेमिंग सेक्टर की दिशा ही बदल दी।
Mario
मॉरियो (Mario) वास्तव में बहुत ही मशहूर गेम कैरेक्टर है, जब यह गेम आया था तो इसको खेलने के लिए विडियो पार्लर में लाइनें लगने लगी थी। इस एक गेम की वजह से विडियो पार्लर बिजनेस दुनिया में शुरु हुआ था। भारत में यह गेम 90 के दशक में आया था, स्कूल के बच्चों से लेकर युवा तक मॉरियो के दिवाने थे। हर गली मोहल्ले में विडियो पॉर्लर में बच्चे और युवा मारियो खेलने के लिए ललायित रहते थे। भारत में तो विडियो पार्लर का बिजनेस ही मॉरियो से चला था। आज भी मॉरियो एक आदर्श और पहचाने जाने वाले कैरेक्टर के रूप में बना हुआ है। मेरियो, निंटेंडो कंसोल्स पर खेले जाने वाले विभिन्न गेम्स में उपस्थित है, और उनकी गेम्स निंटेंडो के इतिहास में सबसे बिकने वाले गेम्स में शामिल हैं। मॉरियो का पहला आगमन 1985 में हुआ था, जब “सुपर मारियो ब्रदर्स” (Super Mario Bros.) गेम निंटेंडो एंटरटेनमेंट सिस्टम के लिए रिलीज़ हुआ था। इसके बाद, मॉरियो ने कई अन्य गेम्स, कार्टून, फ़ीचर फ़िल्म्स आदि में भी अपनी पहचान बनाई है।
मॉरियो निंटेंडो कंसोल्स पर उपलब्ध सबसे पहले गेम्स के लिए जाना जाता है, जिनमें “सुपर मारियो 64” (Super Mario 64), “सुपर मारियो कार्ट” (Super Mario Kart), “सुपर मारियो गैलेक्सी” (Super Mario Galaxy) और “सुपर मारियो ओडिसी” (Super Mario Odyssey) शामिल हैं।
Street Fighter
जब युवा और बच्चे मॉरियो खेल-खेलकर बोर होने लगे थे तो उस वक्त एक ऐसा गेम आया जिसने एंग्रीयंग मैन वाले जज्बातों को बाहर निकाला, यह गेम स्ट्रीट फाइटर था, “स्ट्रीट फाइटर II” (Street Fighter II) गेम 1991 में रिलीज़ हुआ था और यह एक प्रमुख फ़ाइटिंग गेम बन गया। इसे कैप्कॉम कंपनी ने डिज़ाइन किया था और यह एक बहुत ही सफल गेम रहा, इस गेम ने फ़ाइटिंग जेनर को नया दिशा देने का काम किया। भारत में भी स्ट्रीट फाइटर बच्चों बच्चों की जुबान पर चढ़ गया था। मॉरियो देखकर बड़े हुए बच्चों ने अपनी युवा अवस्था में स्ट्रीट फाइटर बहुत अधिक खेला है। “स्ट्रीट फाइटर II” ने बहुत ही सफलता प्राप्त की और इसने वीडियो गेमिंग की दुनिया में एक नया मानक स्थापित किया। इसमें विभिन्न चरित्रों का चयन करने और एक अपने चरित्र के साथ दूसरे खिलाड़ियों के खिलाड़ियों के खिलाफ़ मुकाबला करना युवाओं को बहुत भाया।
“स्ट्रीट फाइटर II” ने फाइटिंग गेम्स को एक नया आयाम दिया और इसने इस शृंगारी को एक गेमिंग संगठन का हिस्सा बना दिया। यह गेम ने व्यक्तिगत और सामूहिक खेलने के अनुभव को एक साथ लाने के लिए पहले से ही मौजूद कई चरित्रों को पहचान दिलाई। जिस तरह से आज फिल्मों के एवेंजर्स हैं, वैसे ही कभी स्ट्रीट फाइटर के करैक्टर सभी युवाओं के दिलों में थे। “स्ट्रीट फाइटर II” के बाद, सीज़न 3D गेमों की शुरुआत हुई। यह गेम विडियो गेम इतिहास का बहुत ही महत्वपूर्ण पड़ाव था।
Minecraft
“Minecraft” एक सर्वाइवल और क्रेटिविटी बेस्ड वीडियो गेम है, इस गेम को डेवलप और पब्लिश Markus Persson (Notch) नामक एक एंड्रॉइड प्रोग्रामर ने किया गया था। Minecraft का पहला पब्लिक रिलीज 17 मई 2009 को हुआ था। रिलीज होने के तुरंत बाद ही इसने तत्काल ही विश्व भर में तहलका मचा दिया। इसे एक नये प्रकार के वीडियो गेम के रूप में माना गया है, जिसमें खेलकर खिलाड़ी ब्लॉक्स को तोड़कर और उन्हें पुनः उपयोग करके अनगिनत आविष्कार और निर्माण कर सकते हैं। Minecraft ने विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म्स पर विकसित होने के बाद भी अपनी मशहूरी को बढ़ाया, इस गेम ने विडियो गेम को पीसी, मोबाइल, कंसोल, से लेकर बच्चों और युवाओं से आगे बढ़ाया।
आज भी मॉरियो, स्ट्रीट फाइटर और माइनक्राफ्ट गेम्स अलग अलग वर्जन में मौजूद हैं और इनके लगातार अपडेट भी आ रहे हैं। जिस स्तर पर आज दुनिया की गेमिंग मार्केट हैं, उनमें इन तीनों गेम्स का बहुत ही महत्वपूर्ण हाथ है।
दुनियाभर में कितनी तरह का Rummy खेला जाता है?
भारत समेत दुनियाभर में रमी काफी मशहूर कार्ड गेम है, जिसे लोग खेलते हैं, यह एक व्यक्ति या चार व्यक्तियों के बीच खेला जा सकता है। यह खेल एक इंटरनेशनल रूमी गेम का ही एक रूप है। इसे कई तरह से खेला जा सकता है, जैसे कि ऑक्लेम, एक्स्ट्रा, इन्डियन रमी, रमी 500, और गिन रमी और इसके कई अलग अलग देशों में अन्य प्रकार हैं। आइए हम बताते हैं कि दुनियाभर में कितनी तरह के रमी कार्ड गेम खेले जाते हैं।
सेट्स (Sets): इस तरह के गेम मे खिलाड़ी अपने हाथ में कार्ड को सेट्स में जोड़ने की कोशिश करता है, जो एक सीरीज़ या एक संख्या में होते है। उदाहरण के लिए, 5, 5, 5 एक सेट बना सकते हैं।
- रन्स (Runs): कार्ड को रन्स में जोड़ने का प्रयास किया जाता है, जो एक सीरीज़ की तरह होती है, लेकिन वे एक रंग के होते हैं। उदाहरण के लिए, 5, 6, 7 एक रन बना सकते हैं।
- वाइल्ड कार्ड्स: कुछ रूल्स में वाइल्ड कार्ड्स (जो कि किसी भी कार्ड को स्थापित कर सकता हैं) को शामिल करने का अनुमति दी जाती है, जो अन्य कार्डों के साथ मिलते हों।
रमी का मुख्य उद्देश्य होता है कि खिलाड़ी उन सभी कार्ड्स को सेट्स और रन्स में व्यवस्थित कर लगा ले, जो उन्हें दिए गए स्कोरशीट पर होते हैं। जब किसी खिलाड़ी के हाथ में केवल रन्स और सेट्स होते हैं, तो वह रमी कहता है और खेल खत्म हो जाता है।
भारत में रमी एक सामाजिक और मनोरंजन कार्ड गेम है जो दो या चार खिलाड़ियों के बीच अक्सर खेला जाता है। बहुत सारे लोग छुट्टियों में इसको खेलते है। भारत में खेले जाने वाले रमी को “Indian Rummy” कहा जात है, इसके अलावा, गिन रमी, ऑक्लेम, रमी 500, कोनक्ट रमी, और कई अन्य वेरिएंट्स भी हैं जो अलग-अलग क्षेत्रों में पॉपुलर हैं।
जीएसटी टैक्स नोटिस पर एक अन्य कंपनी को हाई कोर्ट से मिला स्टे
कर्नाटक उच्च न्यायालय की पीठ का नेतृत्व न्यायमूर्ति बी.एम. श्याम प्रसाद ने लोकप्रिय ऑनलाइन पोकर पोर्टल पोकरसेंट और ऑनलाइन रम्मी वेबसाइट गलीरम्मी चलाने वाली कंपनी पैसिफिक गेमिंग के खिलाफ जीएसटी की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। इससे पहले जीएसटी विभाग के डेल्टाटेक, डेल्टा कॉर्प, प्लेयरज़पॉट जैसी कंपनियों को जीएसटी नोटिस मामले में इसी तरह का स्टे विभिन्न हाई कोर्ट ने दिया था।
याचिकाकर्ता के वकील आदित्य नारायण ने अंतरिम आदेश देने पर विचार-विमर्श किया। न्यायालय ने इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया कि क्या अगली निर्धारित सुनवाई तक आगे की कार्रवाई के खिलाफ स्टे होना चाहिए।
वकील अमित आनंद देशपांडे ने अदालत को सूचित किया कि उन्हें मामले में अभी तक पूरी तरह से निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं और एएसजी, एन. वेंकटरमन को इसके लिए उपस्थित होने के लिए कहा गया है। इसके अतिरिक्त, इस बात पर प्रकाश डाला गया कि न्यायालय के आदेश, जिस पर याचिकाकर्ता भरोसा करता है, को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती दी गई है, और अंतरिम रोक लगा दी गई है।
जवाब में, एक्डवोकेट आदित्य नारायण ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मामले को स्वीकार किया और चिंता व्यक्त की कि यदि उत्तरदाता अपनी अपील में विफल रहते हैं, तो याचिकाकर्ता को बिना किसी सहारे के छोड़ दिया जाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि, इसी तरह की परिस्थितियों में, अन्य अदालतों ने किसी भी तत्काल प्रतिकूल कार्रवाई के खिलाफ अंतरिम आदेश दिए हैं।
न्यायमूर्ति बी.एम. श्याम प्रसाद ने विचार-विमर्श के बाद आदेश दिया कि सुनवाई की अगली तारीख तक जीएसटी अधिकारियों द्वारा कोई प्रतिकूल कदम नहीं उठाया जाना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह आदेश उत्तरदाताओं को बाद की कार्यवाही के दौरान इस व्यवस्था को जारी रखने का विरोध करने से नहीं रोकता है। अदालत ने याचिका को आगे विचार के लिए 14 अप्रैल 25 को फिर से सूचीबद्ध करने का समय निर्धारित किया है।
दिल्ली हाई कोर्ट में Winzo को बड़ी राहत, अमेरिकी कंपनी पर “Winzos!” के इस्तेमाल पर लगाई रोक
दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने अमेरिकी कंपनी बाज़ार एलएलसी को “विंज़ोज़!” (American company Winzoz) नाम का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है। भारतीय कंपनी Winzo की केस पर दिल्ली हाई कोर्ट ने अमेरिकी कंपनी के खिलाफ निरोधक आदेश जारी किया है। अमेरिकी कंपनी का “विंज़ोज़!” एप्लिकेशन ऐप्पल और गूगल ऐप स्टोर पर उपलब्ध है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कंपनी पर एक शक्तिशाली निषेधाज्ञा लगा दी है, जिससे उसे भारत में “विंज़ो” या “विंज़ो गेम्स” ट्रेडमार्क का उपयोग करने से रोक दिया गया है।
भारतीय कंपनी विंज़ो गेम्स ने अमेरिकी कंपनी, बाज़ार एलएलसी के खिलाफ दायर ट्रेडमार्क उल्लंघन पर केस दायर किया था। अमेरिकी कंपनी का विंज़ोज़ भारत में ऐप्पल ऐप स्टोर और Google Play स्टोर पर आसानी से उपलब्ध है, उसके मौजूदा ट्रेडमार्क का उल्लंघन करता है और उपयोगकर्ताओं के बीच भ्रम पैदा कर सकता है।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह के नेतृत्व में दिल्ली उच्च न्यायालय विंज़ो गेम्स के दावे से सहमत था। विंज़ो गेम्स की भारतीय गेमिंग बाजार में स्थापित उपस्थिति को देखते हुए अदालत ने डोमेन नाम “www.winzos.com” के “दुरुपयोग” की संभावना को पहचाना। इसके अलावा, अदालत ने कहा कि बाजार एलएलसी, भारत के बाहर स्थित होने के बावजूद, अपने ऐप की उपलब्धता के माध्यम से भारतीय बाजार में काम कर रहा है।
फैंटेसी गेम्स की वजह से युवाओं को पड़ रही है खेल की लत, Psychiatist की रिसर्च में खुलासा
फैंटेसी गेम्स के समाज पर पड़ रहे असर (Fantacy games impact on society) को लेकर एक रिसर्च सामने आई है, Psychiatrist जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस गेम में स्किल बढ़ाने के चक्कर में खिलाड़ी खेल की लत में पड़ जाते हैं। रिपोर्ट में फैंटेसी खेलों की तरफ आकर्षक के बारे में गहन रिसर्च की है, साथ ही इसके कारण गेमिंग से संबंधित लत और विकारों के बढ़ने में भी फैंटेसी गेम्स के कारण बताए हैं। भारत में भी फैंटसी गेम्स काफी मशहूर हो रहे हैं और ख़ासकर युवा वर्ग इनसे काफी जुड़ रहा है। ऐसे में यह रिपोर्ट पॉलिसी निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण है।
फैंटेसी गेम्स पर रिसर्च करने वाली डॉ. अमृता सी मधु और डॉ. अशफाक रहमान Department of Psychiatry, Government Medical College, Kozhikode से संबंधित है, जबकि डॉ. एन ए उवैसी Department of Psychiatry, Iqraa International Hospital and Research Centre, Calicut (Uvais) से संबंधित है। रिसर्च के मुताबिक, भारत में आईपीएल और क्रिकेट की वजह से फैंटेसी गेम्स का चलन काफी बढ़ा है, ख़ासकर 16-21 साल के युवाओं में तो यह काफी देखा गया है। कोरोना के बाद से तो इसमें और तेज़ ग्रोथ देखी गई है। एक आंकड़े के मुताबिक, देश में फैंटेसी गेम्स करीब 13 करोड़ लोग खेलते हैं। जबकि कुल गेमिंग 40 करोड़ लोगों तक पहुंच गई है।
Psychiatrist जर्नल की एक रिपोर्ट में एक 20 वर्षीय व्यक्ति की केस रिपोर्ट पेश की गई है, जिसने ऑनलाइन फैंटेसी गेमिंग के चक्कर में काफी कर्ज ले लिया था, जिसके कारण उसे नींद आना बंद हो गया, भूख लगनी बंद हो गई और वो लोगों से अलग थलग पड़ गया। उनकी कहानी व्यसनी गेमिंग व्यवहार के नौकरी, सामाजिक जीवन और पारिवारिक रिश्तों पर प्रभाव डालने वाले संभावित परिणामों पर प्रकाश डालती है।
फैंटेसी गेमिंग की वजह से कई समस्याएं होती हैं, जिनमें प्रमुख हैं-
- समय का अत्यधिक खर्च:
- फैंटेसी गेम्स खेलने में व्यक्ति बहुत समय बिताने लगता है, जिससे उनकी दिनचर्या और अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियां प्रभावित होने लगती हैं।
- स्वास्थ्य समस्याएं:
- लंबे समय तक कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठने से आँखों और गर्दन में समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
- सोशल इसोलेशन:
- फैंटेसी गेम खेलने की वजह से खिलाड़ी धीरे धीरे अपने आसपास के लोगों से बातचीत कम करना शुरु कर देता है और यह व्यक्तियों को सामाजिक इसोलेशन की ओर धकेल देता है।
- मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं:
- लंबे समय तक गेम खेलने से व्यक्ति कभी-कभी चिंता, तनाव, और डिप्रेशन का सामना कर सकता है।
- वित्तीय दुरुपयोग:
- इन गेम्स में बहुत सारे लोग पैसे गवां देते हैं।
नए कानून में जुए को सरकार ने छोटे संगठित अपराध में किया शामिल, 7 साल की सजा का प्रावधान
अवैध जुआ खेलने (Illegal betting) और खिलाने वालों के लिए अब भारतीय न्याय संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya (Second) Sanhita, 2023) में 7 साल की सजा का प्रावधान दिया गया है। जुए और ख़ासकर ऑनलाइन जुए (Online gambling) को लेकर देश में हो रही चर्चा के बीच में केंद्र सरकार ने जुए को छोटे संगठित अपराध की श्रेणी में डाला है। हालांकि जुआ किसे कहेंगे, इसपर इस संहिता में स्पष्ट नहीं है। राज्यसभा ने 21 दिसंबर को भारतीय न्याय (द्वितीय) संहिता, 2023 पारित कर दिया, इस विधेयक ने अंग्रेजों के बनाए आईपीसी और अन्य कानूनों का भारतीयकरण कर दिया है। यह विधेयक कानून बनने के बाद भारतीय दंड संहिता, 1860 (आईपीसी) को बदलेगा। संहिता को 20 दिसंबर, 2023 को लोकसभा द्वारा पारित किया गया था।
संहिता विभिन्न अपराधों को जोड़ते हुए एक संशोधित आपराधिक संहिता प्रदान करती है, कुछ श्रेणियों के अपराधों को हटाने के अलावा कुछ श्रेणियों के अपराधों के लिए बढ़ी हुई सजा प्रदान करती है और सामान्य आपराधिक संहिता को आधुनिक और समाज की नई वास्तविकताओं के अनुरूप बनाती है।
संहिता के तहत जोड़े गए अपराधों की नई श्रेणियों में (जिनके लिए आईपीसी में प्रावधान नहीं है) ‘छोटे संगठित अपराध’ का अपराध है। संहिता की प्रस्तावित धारा 112(1) के अनुसार, “जो कोई किसी समूह या गिरोह का सदस्य होते हुए, अकेले या संयुक्त रूप से, चोरी, छीना-झपटी, धोखाधड़ी, अनाधिकृत रूप से टिकटों की बिक्री, अनाधिकृत सट्टेबाजी या जुआ, बिक्री का कोई कार्य करता है सार्वजनिक परीक्षा के प्रश्नपत्रों या किसी अन्य समान आपराधिक कृत्य को छोटे-मोटे संगठित अपराध करना कहा जाता है।”
इस प्रकार, यदि किसी समूह या गिरोह का कोई सदस्य अनधिकृत जुआ या सट्टेबाजी का कोई कार्य करता है, तो कहा जाता है कि उसने एक छोटा संगठित अपराध किया है। विधेयक के खंड 112(2) के अनुसार, छोटे संगठित अपराध करने के लिए निर्धारित सजा एक वर्ष से कम नहीं होगी, बल्कि सात साल तक बढ़ाई जा सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
हालाँकि, संहिता ‘जुआ’ और ‘सट्टेबाजी’ शब्दों को परिभाषित नहीं करती है क्योंकि संभवतः ये शब्द कुछ राज्य जुआ कानूनों में परिभाषित हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि किसी समूह द्वारा संगठित तरीके से किया जाने वाला ऑनलाइन या साइबर जुआ या सट्टेबाजी ‘छोटे संगठित अपराध’ की परिभाषा में आएगी या नहीं। संगठित अपराध से निपटने के लिए कई राज्यों के पास पहले से ही अपने कानून हैं और संहिता के साथ कुछ अतिव्यापी प्रावधान भी हो सकते हैं। हालाँकि, चूंकि आपराधिक कानून संविधान के अनुसार समवर्ती सूची में आते हैं, इसलिए किसी भी प्रतिकूलता या संघर्ष की स्थिति में संसद द्वारा पारित कानून राज्य कानून पर हावी होगा।
प्रस्तावित धारा 297 के तहत संहिता राज्य सरकार द्वारा अधिकृत या राज्य सरकार द्वारा संचालित लॉटरी न होने पर लॉटरी कार्यालय रखने के लिए भी दंड का प्रावधान करती है। अनाधिकृत लॉटरी कार्यालय रखने पर सजा छह महीने तक बढ़ सकती है या जुर्माना हो सकता है। यह प्रावधान शब्दश: आईपीसी की धारा 294ए के समान है।
दिलचस्प बात यह है कि 11 अगस्त, 2023 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लोकसभा में पेश किए गए भारतीय न्याय संहिता के पुराने संस्करण में छोटे संगठित अपराध की विस्तृत परिभाषा नहीं थी और ‘अनधिकृत सट्टेबाजी और जुआ’ शब्द शामिल नहीं थे। हालाँकि, संसदीय स्थायी समिति की एक रिपोर्ट के बाद इस महीने पेश किए गए कानून के संशोधित संस्करण में ‘अनधिकृत जुआ और सट्टेबाजी’ शब्द शामिल थे।
संहिता, जिसे अब संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किया जा चुका है, राष्ट्रपति की सहमति का इंतजार कर रही है। हालाँकि, संहिता राष्ट्रपति की सहमति के तुरंत बाद लागू नहीं होगी, बल्कि उस तारीख को लागू होगी जो केंद्र सरकार राजपत्र अधिसूचना द्वारा निर्धारित कर सकती है, जिसमें केंद्र सरकार विभिन्न प्रावधानों को लाने के लिए अलग-अलग तारीखों को अधिसूचित कर सकती है।
Gambling-betting sites को बैन करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने दिए निर्देश
दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने देश में चल रही अवैध गैंबलिंग और बैटिंग साइट्स को मौजूदा कानून के मुताबिक बैन करने के लिए निर्देश दिया है। दिल्ली एनसीआर में चल रही गैंबलिंग और बैटिंग की अवैध साइट्स (Illegal gambling and betting sites) को बैन करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में एक पीआईएल दायर की गई थी, जिसपर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आर्डर में यह निर्देश दिए हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट में दायर इस पीआईएल में ऐसी बहुत सारी गैंबलिंग वेबसाइट्स की लिस्ट भी सौंपी गई थी, जोकि लोगों को गैंबलिंग-बैटिंग कराते हैं। जोकि पूरी तरह से गेम ऑफ चांस पर निर्भर करता है। इस पीआईएल को दायर करने वाला व्यक्ति खुद गैंबलिंग साइट के जरिए लूट गया था। उसके मुताबिक पहले उसे एक आसान गेम खिलाया गया और फिर धीरे धीरे करके बैटिंग में उलझा दिया गया। अपील करने वाले उक्त व्यक्ति के मुताबिक, जबतक व्यक्ति को यह पता चलता है कि वो भी गैंबलिंग में फंस चुका है, तब तक कई बार देर हो जाती है। पीटिशन दायर करने वाले व्यक्ति के मुताबिक, इस गैंबलिंग के चक्कर में उसने अपनी पूरी मेहनत की कमाई खो दी।
इससे पहले भी केंद्र सरकार (MeiTY) ने बड़ी संख्या में गैंबलिंग और बैटिंग साइट्स को बैन किया था। इस निर्देश के बाद इसमें एक बार फिर तेजी आ सकती है।

