Thursday, March 12, 2026
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Gambling in world: अमेरिका है दुनिया की सबसे बड़ा जुआ कैपिटल

Gambling in world: भारत में पिछले कुछ सालों से ऑनलाइन जुआ अवैध तरीके से खेला जा रहा है। लेकिन दुनिया में सबसे बड़े जुआरी अमेरिका में पाए जाते हैं। अमेरिका में जुआ इंडस्ट्री कई देशों की कुल जीडीपी से भी बड़ी है।
Polari Market Research के मुताबिक, अमेरिका, चीन और जापान दुनिया के सबसे बड़े जुआरियों में से हैं, जहां हर साल अरबों डॉलर घाटा भी उठाते हैं। अमेरिका में 1,000 से ज्य़ादा कैसीनो हैं और अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा जुआरी देश है, जहां लोग सालाना 116.9 बिलियन डॉलर हार जाते है। 2023 के एक सर्वे में अमेरिकियों में से 62% ने कहा कि उन्होंने इस साल देश लॉटरी, रैफल्स, कैसिनो , स्लॉट मशीन, बिंगो और खेल सट्टेबाजी खेले हैं। 2018 के बाद से सट्टेबाजी जैसा जुआ देश में काफी बढ़ गया है, इस साल सुप्रीम कोर्ट ने 1992 के एक संघीय कानून को पलट दिया। इसने अधिकांश राज्यों में खेल सट्टेबाजी को प्रतिबंधित कर दिया था।

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इस रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में 2024 में 1.6 अरब लोगों ने किसी न किसी रूप में जुआ खेला है, जोकि अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, औसतन हर साल 4.2 अरब लोगों ने जुआ खेल रहे है। 2024 में दुनिया की आबादी 800 करोड़ के पार हो चुकी है। अमेरिका में तकरीबन आधी आबादी किसी न किसी रूप में जुआ जरूर खेलती है। वहां का लास वेगास कैसिनो में जुआ खेलने के लिए दुनियाभर से लोग आते हैं।

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भारत में भी जुआ खेलने की इंडस्ट्री 5 लाख करोड़ की हो चुकी है। यहां पर तमाम प्रतिबंधों के बाद भी 1.2 करोड़ लोग किसी न किसी रूप में जुआ खेल रही है। जुए की ग्लोबल इंडस्ट्री 45 लाख करोड़ रुपए से ज्य़ादा की हो चुकी है। यह इंडस्ट्री 2028 तक 62 लाख करोड़ रुपए की हो जाएगी।
दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश चीन में जुआ खेलना गैरकानूनी है , लेकिन इसके बाद भी वहां भी जुए से होने वाले घाटे में दूसरे स्थान पर है, जो सालाना 62.4 बिलियन डॉलर है। चीन पर वैसे तो जुए की अनुमति नहीं है। मगर, चीन में लॉटरी की अनुमति है, जिन्हें वेलफेयर लॉटरी और स्पोर्ट्स लॉटरी के रूप में जाना जाता है। यहां अवैध जुआ भी आमतौर खेला जाता है, जिसमें गुप्त कैसिनो, अनौपचारिक लॉटरी और महजोंग जैसे सट्टेबाजी कार्ड गेम शामिल हैं। चीन के एक विशेष क्षेत्र मकाऊ में जुआ कानूनी है।

Mahadev betting app case: डाबर समूह के बर्मन परिवार ने दी सफाई, महादेव एप से कुछ लेना देना नहीं

Mahadev betting app case: गैंबलिंग एप के खिलाफ एफआईआर में नाम आने के बाद डाबर समूह (Dabur group) के बर्मन परिवार ने अवैध गैंबलिंग क्रिकेट सट्टेबाजी ऐप में किसी भी तरह से शामिल होने से इनकार किया है। मुंबई पुलिस ने महादेव सट्टेबाज़ी एप मामले में एक एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें डाबर ग्रुप परिवार के मोहित बर्मन और गौरव बर्मन का नाम भी आरोपियों में शामिल है।

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परिवार के एक प्रवक्ता ने एफआईआर के पुलिस दस्तावेज़ का हवाला देते हुए कहा, “हमें ऐसी किसी एफआईआर पर कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है। हालांकि, हमने एफआईआर देखी है और इस एफआईआर को मीडिया हाउसों में शेयर किया जा रहा है।”
प्रवक्ता ने कहा, “यह एफआईआर बिल्कुल झूठी और निराधार है। ”
इस मामले में 7 नवंबर को मुंबई पुलिस ने महादेव ऐप (Mahadev App) के प्रमोटर समेत 32 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और जुए की विभिन्न धाराओं के तहत शिकायत दर्ज की है। पुलिस ने एफआईआर में डाबर बिजनेस ग्रुप के चेयरमैन मोहित बर्मन, ग्रुप के निदेशक गौरव बर्मन और अन्य के नाम भी शामिल हैं।
बर्मन परिवार के प्रवक्ता ने कहा कि मीडिया में फैलाई जा रही एफआईआर की एक कॉपी में मोहित और गौरव के सीधे तौर पर कुछ आरोपियों से संबंधित होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
प्रवक्ता ने कहा, ” जिन अन्य आरोपियों का नाम एफआईआर में हैं, मोहित बर्मन और गौरव बर्मन उनको जानते तक नहीं हैं या उनसे कभी मुलाकात नहीं की है। लेकिन इन दोनों को टारगेट किया जा रहा है”
बयान में कहा गया, “दिलचस्प बात यह है कि एफआईआर ऐसे समय में आई है जब बर्मन परिवार रेलिगेयर एंटरप्राइजेज (Religare Enterprises) में अपनी मौजूदा 21.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बढ़ाने जा रहा है और सेबी टेकओवर कोड के तहत एक वैध खुली पेशकश शुरू की है।”
बयान के अनुसार , “यह एफआईआर बर्मन परिवार द्वारा रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के अधिग्रहण को रोकने के प्रयास में निहित स्वार्थों द्वारा उकसाया गया एक कदम है। बर्मन परिवार इन आरोपों से स्तब्ध है, जो पूरी तरह से गलत हैं। फिर भी, हम दृढ़ हैं कि हम रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के अधिग्रहण के साथ आगे बढ़ेंगे जैसा कि सोचा गया था।”

Ban online Gaming-Gambling: कश्मीर में गेमिंग एप्स को बैन करने की मांग

Ban online Gaming-Gambling: कश्मीर में ऑनलाइन गेमिंग और गैंबलिंग की वजह से होने वाली परेशानियों को देखकर अब राज्य के धार्मिक लीडर्स ने भी इसको बंद करने की मांग की है। हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज़ उमर फारुख ने शुक्रवार को ऑनलाइन गैंबलिंग-गेमिंग को बैन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गेमिंग और गैंबलिंग की वजह से कश्मीरी युवाओं पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

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उन्होंने कहा की ऑनलाइन गेमिंग और गैंबलिंग पर तुरंत बैन लगाया जाना चाहिए। श्रीनगर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में मीरवाइज़ उमर ने कहा ऑनलाइन गेमिंग को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा ऑनलाइन गेमिंग गैंबलिंग की वजह से क्रिकेट और फुटबॉल जैसे खेलों में युवाओं की रुचि कम होती जा रही है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी युवा ड्रग्स एडिक्शन का भी शिकार हो रहा है। इसके साथ साथ अब कश्मीर में युवा जल्दी पैसे कमाने के चक्कर में ऑनलाइन गेमिंग एप्स जैसे dream11.com माय सर्किल 11 जैसे एप्स के जरिए से पैसा कमाने की कोशिशें में बर्बाद हो रहे हैं।

उन्होंने सरकार से अपील की जिस तरह से कुछ राज्यों ने इन गेमिंग और गैंबलिंग एप्स को बैन किया हुआ है, इस तरह से इनको बंद करना जरूरी है, ताकि युवाओं को बचा सके। मीरवाइज ने कहा कि युवाओं में अनइंप्लॉयमेंट रेट बहुत ज्यादा है। इसकी वजह से लोग ऑनलाइन गेम जैसे अप के जरिए जल्दी पैसा कमाना चाहते हैं।

Lottery King Martin पर दोबारा कसा ED का शिकंजा

Lottery King Santiago Martin और उसके परिवार के खिलाफ एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) के मामले जारी रहेंगे। मद्रास हाई कोर्ट के फैसले ने इसके दरवाजे खोल दिए हैं। मद्रास हाई कोर्ट ने अपने फैसले में चेन्नई के मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले को पलट दिया है। जिसमें सेंट्रल क्राईम ब्रांच की सैंटियागो मार्टिन और उसके सहयोगियों के खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट के आधार पर केस बंद कर दिया गया था। इस मामले में पुलिस को 7.2 करोड़ से ज्यादा अनकाउंटेड कैश मार्टिन के ठिकाने से मिली थी।

मद्रास हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच में जस्टिस सुब्रमण्यम और जस्टिस सी शिवगमन ने ईडी को निर्देश दिया है कि यह मामला इसके लॉजिकल एंड तक जाना चाहिए। कोर्ट ने यह फैसला ईडी की जुडिशल मजिस्ट्रेट के केस क्लोजर के खिलाफ अपील पर दिया था। दरअसल राज्य पुलिस की सेंट्रल क्राईम ब्रांच ने सेंटियागो मार्टिन के दो प्रमुख नागार्जुन और मूर्ति की ठिकानों से करोड़ों रुपए का अवैध कैश बरामद किया था। यह दोनों लॉटरी किंग मार्टिन से जुड़े हुए थे, हालांकि उन्होंने कहा था कि यह कैश मार्टिन की वाइफ लीमा रोज की कुछ प्रॉपर्टीज के बेचने के बाद आया है, लेकिन जांच में पाया गया की सेल का एग्रीमेंट 2 मार्च 2012 का है, लेकिन एग्रीमेंट स्टैंप पेपर 9 मार्च प्रिंट हुआ और 12 मार्च को बेचा गया। राज्य की क्राइम ब्रांच ने इसके आधार पर चीटिंग, वैध दस्तावेज दस्तावेजों से छेड़छाड़ और क्रिमिनल कंस्पायरेसी का मामला दर्ज किया था। 2022 में जुडिशल मजिस्ट्रेट ने क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट के आधार पर यह केस क्लोज कर दिया। हालांकि ईडी ने किसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी जिसको हाई कोर्ट ने मंजूर कर लिया था। अपने फैसले में बेंच ने कहा कि यह साफ तौर पर गलत तरीकों से अवैध लॉटरी बेचने से कमाया हुआ पैसा है और अभियुक्त ने अपने को बचाने के लिए सिस्टम के लूपहोल का इस्तेमाल कर रहा है। जानकारी के लिए बता दे कि ईडी पीएमएलए के मामलों की जांच तभी कर सकती है, जबकि राज्य पुलिस ने ऐसे मामलों में केस दर्ज किया हुआ हो।

Fairplay के खिलाफ ED के छापे, अभी तक कई सौ करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां जब्त

अवैध आईपीएल का टेलीकास्ट कर लोगों को जुआ खिलाने वाली Illegal fairplay के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने छापे मारे हैं। मुंबई और गुजरात के कच्छ इलाकों में 8 स्थान पर मारे हैं। इन छापों में ईडी को बड़ी मात्रा में कैश, चांदी की छड़े, डिजिटल डिवाइस और अन्य अवैध सामान मिला है। जोकि जुआ खिलाने के काम में इस्तेमाल होता है। आईपीएल के दौरान मैचों का पहले टेलीकास्ट कर मैच पर सट्टा लगाकर लोगों को जुआ खिलाने का काम करते थे। इस रैकेट के खिलाफ वायाकॉन 18 ने पुलिस में शिकायत की थी। जिसके बाद मामले की जांच में ईडी भी शामिल हो गई।

ईडी ने अपनी जांच में पाया कि कृष्ण लक्ष्मी चंद शाह नाम का एक व्यक्ति फेयर प्ले को भारत में चलने का काम करता है। जिसने कई शेल कंपनियां खोली हुई हैं, (M/s. Play Ventures N.V and M/s. Dutch Antilles Management N.V at Curacao, M/s. Fair Play Sport LLC, M/s. Fairplay Management DMCC at Dubai and M/s. Play Ventures Holding Limited) जोकि जुआ खिलाने के काम में लगी हुई है। जोकि दुबई से लेकर माल्टा तक में रजिस्टर्ड थी, यह कंपनियां भारत में अवैध रूप से जुआ खिलाने का काम करती है और फिर यह पैसा हवाला के जरिए विदेशों में पहुंचती है। इसके बाद ईडी ने इस मामले पर फेयर प्ले के दफ्तरों और उनके ठिकानों पर छापा मारा था। जहां उन्हें 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्तियों का पता चला था। इससे पहले भी अवैध फेयरप्ले को लेकर ईडी ने छापे मारे थे, जिसमें कई सौ करोड रुपए की नगदी और संपत्तियों जप्त की गई थी।

फेयर प्ले भारत में क्रिकेट पर सट्टा लगवाकर अवैध रूप से हजारों करोड़ रूपया विदेश में भेज रहा है और लोगों को जुआ खिलावाने की लत भी लगा रही है। इसको लेकर समय-समय पर कई शिकायतें भी होती रही है। इस समय देश में हजारों अवैध जुआ खिलाने वाली कंपनियां ऑनलाइन अप बनाकर लोगों को जुआ खेलने के लिए प्रेरित कर रही है।

Gambling in Kashmir: श्रीनगर का जिला विकास अधिकारी भी जुआ खेलते हुए पकड़ा गया

देश में जुए कि लत ना सिर्फ युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रही है, बल्कि बड़े बड़े पदों बैठे लोग भी इसकी लत से बच नहीं पा रहे हैं। श्रीनगर पुलिस ने शहर के जिला विकास परिषद (डीडीसी) के उपाध्यक्ष बिलाल अहमद भट सहित 8 लोगों को अवैध जुआ खेलने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

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एक अधिकारी ने बताया कि राम मुंशी बाग पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर नंबर 106 के तहत गिरफ्तारियां की गईं, जिसमें अधिकारियों ने जम्मू-कश्मीर जुआ अधिनियम की धारा 13 को भी शामिल किया है। एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने एक जुए के संभावित अड्डे पर छापा मारा था। जिसमें 9 लोगों को वहां जुआ खेलते हुए पकड़ा गया था। इनमें शहर के जिला विकास अधिकारी भी शामिल थे। इस बाबत राम मुंशी बाग पुलिस स्टेशन द्वारा चालान पेश कर दिया गया है।

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समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, छापे में नकदी और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई। श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तत्काल चालान की समीक्षा करने के बाद सभी आरोपियों को अगली सुनवाई तक सेंट्रल जेल श्रीनगर भेज दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 7 नवंबर को तय की गई है।

इससे पहले श्रीनगर में ही एक 18 साल के लड़के ने दो दिनों के भीतर 1.50 लाख रुपये हारे थे। जिसके बाद में पूरे कश्मीर में यह चर्चा की बात हो गई थी। इसको लेकर ही शहर की पुलिस जुआ खेलने वालों पर छापा मार रही थी।

Money Laundering गेमिंग सेक्टर के लिए बड़ा ख़तरा

डिजिटल इंडिया फाउंडेशन (DIF) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग की वजह से भारतीय ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री को बड़ा खतरा है। इस रिपोर्ट में सरकार से सिफारिश की गई है कि वो सिर्फ लिस्टिड कंपनियों को ही पेमेंट गेटवे दें। ‘ऑनलाइन गेमिंग इकोसिस्टम में मनी लॉन्ड्रिंग का लड़ाई’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद की वित्तीय मदद दोनों के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टेबाजी साइटों का इस्तेमाल साइबर अपराधी कर रहे हैं।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि अवैध ऑपरेटरों पर लगाम लगाने, अपने ग्राहक की वेरिफिकेशन (KYC) को सख्त बनाने और भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक टास्कफोर्स बनाया जाना चाहिए। नॉन प्राफिट थिंक-टैंक DIF ने अपनी रिपोर्ट जारी की। यह संबंधित साहित्य की समीक्षा, विशेषज्ञों और हितधारकों के साथ चर्चा पर आधारित है। योगदानकर्ताओं में पूर्व उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारी, वैज्ञानिक, शिक्षाविद और गेमिंग, सार्वजनिक नीति, साइबर सुरक्षा, जांच और कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रियल मनी गेमिंग (आरएमजी) क्षेत्र वित्त वर्ष 20 से वित्त वर्ष 23 तक 28% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर के साथ वैश्विक बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी बन गया है। अगले पांच वर्षों में इसका राजस्व 7.5 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। “हालांकि, रिपोर्ट के व्यापक शोध और परामर्श से पता चला है कि इस क्षेत्र में कई चुनौतियाँ हैं, जैसे वित्तीय अखंडता, साइबर सुरक्षा और उपयोगकर्ता सुरक्षा के मुद्दे, जो प्रगति में बाधा डाल सकते हैं। इन चुनौतियों की गंभीरता इस तथ्य से रेखांकित होती है कि भारत में अवैध सट्टेबाजी बाजार सालाना 100 बिलियन डॉलर से अधिक जमा करता है,” रिपोर्ट ने इन-गेम परिसंपत्तियों और क्रिप्टोकरेंसी के संभावित दुरुपयोग और अवैध ऑफ-शोर ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफार्मों के संचालन पर चिंता जताई। डीआईएफ के प्रमुख और सह-संस्थापक अरविंद गुप्ता ने कहा, “चल रहे नियामक प्रयासों के बावजूद…, कई प्लेटफॉर्म मिरर साइट्स, अवैध ब्रांडिंग और असंगत वादों के माध्यम से प्रतिबंधों को दरकिनार करते हैं, जो मजबूत निगरानी और प्रवर्तन की तत्काल आवश्यकता को उजागर करते हैं… 400 से अधिक घरेलू स्टार्ट-अप और 100 मिलियन दैनिक ऑनलाइन गेमर्स के साथ, जिनमें 90 मिलियन खेलने के लिए भुगतान करते हैं, यह क्षेत्र प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग एक लाख व्यक्तियों को रोजगार देता है, जिसमें 2025 तक 2,50,000 नौकरियां पैदा करने की क्षमता है।” रिपोर्ट में कहा गया है कि जब अवैध जुआ/सट्टेबाजी साइटों को अधिकारियों द्वारा अवरुद्ध किया जाता है, तब भी उन्हें एक्सेस करने के लिए वीपीएन या जियो-ब्लॉकर्स का उपयोग किया जाता है। इसमें कहा गया है, “गेमिंग परिसंपत्तियों को फिएट मुद्रा या क्रिप्टो-परिसंपत्तियों में स्थानांतरित करने और परिवर्तित करने की बढ़ी हुई क्षमता के परिणामस्वरूप मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी में वृद्धि हुई है।”

PM Modi on Gaming:”एनिमेशन और गेमिंग में भारत क्रांति के पथ पर है”

PM Modi on Gaming: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने ख़ास कार्यक्रम मन की बात में कहा कि ANIMATION और GAMING में भारत की तरक्की को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा, भारत एनिमेशन और गेमिंग में क्रांति की राह पर है। भारत के गेमिंग स्पेस का भी विस्तार हो रहा है और भारत के गेम्स पूरी दुनिया में मशहूर भी हो रहे हैं। मन की बात कार्यक्रम में पीएम ने कहा, मैंने लीडिंग गेमर्स के साथ मुलाकात की थी और इस दौरान मुझे भारत के गेम्स को और अधिक समझने का मौका मिला।

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा, आज भारत का हुनर विदेशी प्रोडक्शन का अहम हिस्सा बन रहा है. अभी की स्पाइडर-मैन हो या ट्रांसफोर्मर्स हो इन दोनों फिल्मों में हरिनारायण राजीव के काम को लोगों ने खूब सहराया है. उन्होंने कहा, आज हमारे युवा ऐसा कंटेंट तैयार कर रहे हैं जिनमें भारतीय संस्कृति की झलक होती है और इन्हें पूरी दुनिया में देखा जा रहा है.

वर्ल्ड एनिमेशन डे

पीएम मोदी ने कहा, एनिमेशन सेक्टर आज एक ऐसी इंडस्ट्री का रूप ले चुका है जो दूसरी इंडस्ट्री को ताकत दे रहा है. जैसे इन दिनों VR TOURISM के जरिए आप वर्चुअल टूर करके अजनता की गुफा देख सकते हैं. वाराणसी के घाटों का आनंद ले सकते हैं. एनिमेटर्स के साथ ही इस सेक्टर में आज गेम डेवलपर, स्टोरी टेलर, वॉइस ऑवर कलाकारों की मांग भी बढ़ती जा रही है

Call of Duty: Black Ops 6 हुई लांच, अलग अलग टाइमज़ोन में हो रही है लाइव

गेमिंग का दीवानों के लिए माइक्रोसॉफ्ट की Call of Duty: Black Ops 6 अब दुनिया भर में लॉन्च हो गई है, हालांकि कई देशों में टाइम जोन की वजह से यह अभी अपडेट नहीं हुई है। लेकिन काफी देश में यह लाइव स्ट्रीम हो रही है।

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खबरों के मुताबिक अभी इस गेम के ऑपरेशंस स्मूथ चल रहे हैं, इसमें अभी सिंगल प्लेयर कैंपेन चल रहा है, जिसमें जॉम्बीज के साथ लड़ाई का मैप बनाया गया है। कुछ घंटे के बाद गेमर्स अपडेट होकर मल्टीप्लेयर के साथ खेल पाएंगे। इस गेम का बेसिक कॉन्सेप्ट गल्फवार के दौरान हुई लड़ाई है। जिसमें फर्स्ट राउंड में जॉम्बीज आते हैं और इस गेम में कुल मिलाकर 16 नए मल्टीप्लेयर मैप्स है। जिसमें एक पुराना मैप न्यूक टाउन भी है, जो की काफी पसंद किया जाता रहा है। एक अन्य फ्री टू प्ले गेम Warzone भी नवंबर में Black Ops 6 के साथ मर्ज भी किया जाएगा।

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अभी Call of Duty: Black Ops 6 एक्सबॉक्स, एक्सबॉक्स गेम पास और प्ले स्टेशन सब्सक्राइबर्स ही खेल पाएंगे, हालांकि नए हथियार खरीदने के लिए एक्सबॉक्स सब्सक्राइबर को भी पैसे देने होंगे। अभी यह गेम माइक्रोसॉफ्ट स्टोर एक्सबॉक्स और प्लेस्टेशन पर ही खेला जा सकेगा हालांकि यह गेम अलग-अलग रीजन के हिसाब से लाइव हो रहा है, जो कि आपका सब्सक्रिप्शन पर आधारित है। इस दौरान कुछ गेमर ने इस गेम को जल्दी खेलने के लिए न्यूजीलैंड ट्रिक का भी इस्तेमाल किया है।

Call of Duty: Black Ops 6 को वीडियो गेम पब्लिशर ट्रेयार्क और रेवेन सॉफ्टवेयर कॉर्पोरेशन ने डेवलप किया गया है। यह Call of Duty फैंचाइजी की 21वीं एडिशन है, जो 29 अक्टूबर, 2003 को माइक्रोसॉफ्ट विंडोज यूजर्स के लिए शुरू हुई थी। फ़्रैंचाइज़ की पहली किस्त इन्फिनिटी वार्ड द्वारा विकसित और एक्टिविज़न द्वारा प्रकाशित की गई थी।

अतिन सूरी होंगे Nodwin gaming के नए ग्लोबल हेड

गेमिंग और ईस्पोर्ट्स कंपनी नोडविन गेमिंग ने कहा कि उसने अतिन सूरी को एक्सपीरियंसल मार्केटिंग का ग्लोबल हेड नियुक्त किया है। कंपनी के BSE में अपनी फाइलिंग के अनुसार, सूरी व्हाइट-लेबल इवेंट और एक्टिवेशन पर फोकस करते हुए, अनुभवात्मक मार्केटिंग के विश्वव्यापी विस्तार में नोडविन के प्रयासों का नेतृत्व करेंगे।

उन्होंने पहले ऑफ़लाइन गेमिंग चैंपियनशिप ड्यू एरिना पर नोडविन के सह-संस्थापक अक्षत राठी के साथ काम किया है। इस जोड़ी ने गेमिंग फ़ेस्टिवल ड्रीमहैक की भी शुरुआत की। पिछले प्रोजेक्ट्स पर अतिन के साथ काम करने के बाद, हमने हमेशा नए और साहसिक विचारों को सामने लाने की उनकी क्षमता की प्रशंसा की है। तकनीक से प्रेरित, अनुभवात्मक इवेंट्स के लिए उनका जुनून उन्हें वैश्विक स्तर पर अविस्मरणीय गेमिंग अनुभव बनाने के हमारे विज़न के लिए एकदम उपयुक्त बनाता है,” राठी ने कहा।