Thursday, March 12, 2026
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Netflix ने बंद किया अपना AAA गेमिंग स्टूडियो

दुनिया की प्रमुख एंटरटेंमेंट कंपनी नेटफ्लिक्स (Netflix) ने अपना गेमिंग स्टूडियो बंद कर दिया है। गेमिंग इंडस्ट्री के लिए इसको एक झटके की तरह देखा जा रहा है। नेटफ्लिक्स ने अपनी दक्षिणी कैलिफोर्निया स्थित AAA वीडियो गेम कंपनी को बंद करने की घोषणा की है। इसको कंपनी में टीम ब्लू के रूप में जाना जाता था, हेलो, ओवरवॉच और गॉड ऑफ़ वॉर जैसी प्रतिष्ठित फ़्रैंचाइज़ी से कई बड़े प्रोफेशनल्स को नेटफ्लिक्स में के बाद उम्मीद थी कि ओटीटी की यह कंपनी गेमिंग में भी बड़ा कुछ करेगी, लेकिन बाद में सभी अधिकारियों ने कंपनी छोड़ दी थी।

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नेटफ्लिक्स की टीम ब्लू एक नई मल्टी-प्लेटफ़ॉर्म AAA गेम पर काम कर रही थी, लेकिन नेटफ्लिक्स ने प्रोजेक्ट रिलीज़ होने से पहले स्टूडियो को बंद करने का फैसला किया। 2021 में गेमिंग स्पेस में प्रवेश करने के बाद से, नेटफ्लिक्स ने लगातार अपने प्रोजेक्ट्स घोषित कर रही थी। शुरुआत में हाइपर-कैज़ुअल मोबाइल गेम पर ध्यान केंद्रित करते हुए, प्लेटफ़ॉर्म ने तब से ग्रैंड थेफ़्ट ऑटो और हेड्स जैसी प्रमुख गेम्स के मोबाइल संस्करण पेश किए थे।
नेटफ्लिक्स ने आंतरिक रूप से विकसित गेम जैसे कि कोज़ी ग्रोव: कैंप स्पिरिट और ऑक्सनफ़्री II: लॉस्ट सिग्नल के साथ अपनी खुद के गेम्स भी शुरु किए। नेटफ्लिक्स के AAA गेम स्टूडियो के बंद होने से बड़े पैमाने पर गेम डेवलपमेंट में कंपनी की महत्वाकांक्षाओं में संभावित कमी का संकेत मिलता है। इसके बावजूद, नेटफ्लिक्स अपनी सदस्यता सेवा के माध्यम से 100 से अधिक वीडियो गेम की बढ़ती लाइब्रेरी की पेशकश करना जारी रखता है। बंद होने से रणनीति में संभावित बदलाव की ओर इशारा होता है, जिसमें कंपनी संभावित रूप से बड़े AAA शीर्षक विकसित करने के बजाय छोटे या मोबाइल-आधारित गेम पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है। वैराइटी के अनुसार, नेटफ्लिक्स ने अपने स्वयं के आईपी पर आधारित गेम विकसित करने में अपनी सफलता को उजागर किया है, अपने नेटफ्लिक्स स्टोरीज़ लाइनअप के तहत हर महीने एक नया गेम जारी करने की प्रतिबद्धता जताई है। नवीनतम रिलीज़ हिट टीन ड्रामा आउटर बैंक्स पर आधारित है। अन्य खेलों में एमिली इन पेरिस, वर्जिन रिवर और लव इज़ ब्लाइंड से प्रेरित शीर्षक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, नेटफ्लिक्स स्क्विड गेम और ज़ैक स्नाइडर की आगामी रेबेल मून फ़्रैंचाइज़ी के ब्रह्मांडों में सेट स्वतंत्र मोबाइल गेम लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है, जिससे इसके गेमिंग पोर्टफोलियो का और विस्तार होगा।

Big cash poker के विज्ञापन पर बवाल, नवाजुद्दीन सिद्दीकी की गिरफ्तारी की मांग

महाराष्ट्र पुलिस अधिकारी की वर्दी पहनकर लोगों को ऑनलाइन गेम पोकर खेलने  के लिए प्रेरित करने के लिए फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी की गिरफ्तारी की मांग की गई है। महाराष्ट्र की हिंदू जन जागृति स्मृति ने सिद्दीकी के खिलाफ महाराष्ट्र के पुलिस डायरेक्टर जनरल को नवाजुद्दीन सिद्दीकी और बिग कैश के मालिक अंकुर सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए चिट्ठी लिखी है।

संगठन के मुताबिक, फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी के महाराष्ट्र पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी पहनकर पोकर खेलने की वकालत करने से महाराष्ट्र पुलिस की इमेज तारतार हो गई है। लिहाजा नवाजुद्दीन सिद्दीकी और बिग कैश ने महाराष्ट्र पुलिस की बदनामी की है, इसलिए उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाना चाहिए। चिट्ठी के मुताबिक बिग कैश पोकर एक ऑनलाइन गेम एप्लीकेशन है, जोकि पोकर के साथ-साथ कई अन्य गेम भी लोगों को खिला है और इस विज्ञापन में नवाजुद्दीन सिद्दीकी लोगों को पोकर खेल कर पैसे जीतने की बात होकर खेलने के लिए प्रचार कर रहे हैं। लिहाजा सिद्दीकी पर और बिग कैश के मालिक पर महाराष्ट्र सिविल सर्विसेज और महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए। हिंदू जन जागृति समिति के मुताबिक यह बहुत ही खतरनाक विज्ञापन है, क्योंकि इसमें जिन गैंबलर्स को गिरफ्तार करती है, उन्हीं लोगों की वकालत की गई है।

Gambling in Indore: gaming app के नाम पर खिलाया जा रहा था जुआ

Gambling in Indore: मध्य प्रदेश पुलिस ने इंदौर में एक अंतरराजीय बैटिंग रैकेट का भांडा फोड़ किया है। ऑनलाइन गेमिंग एप के नाम पर यह लोग जुआ चल रहे थे, जो की करोड़ों रुपए में चल रहा था। पुलिस ने इस रैकेट में फिलहाल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों के मोबाइल एप्स, एटीएम कार्ड से करोड़ों रुपए के जुए का पता चला है।

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इंदौर के सिलिकॉन सिटी राव एरिया में पुलिस ने एक गुप्त सूचना पर इस रैकेट का भंडाफोड़ किया है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग एप के नाम पर यह जुआ रैकेट चल रहा था। जोकि कई राज्यों में फैला हुआ था। इस रैकेट में गेमिंग एप के नाम पर लोगों को आईडी पासवर्ड दिए जाते थे और फिर इस के जरिए उनका अलग-अलग अकाउंट में कैश जमा कराया जाता था। इस पैसे के आधार पर लोगों को पॉइंट्स दिए जाते थे और यही पॉइंट्स जीतने और हारने पर पैसे में कन्वर्ट किए जाते थे।

इस रैकेट की तार मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ उत्तर प्रदेश बिहार और महाराष्ट्र तक फैले हुए हैं। इस बैटिंग रैकेट के सरगना ज्यादातर 20 से 26 साल की उम्र के युवाओं को ही टारगेट करते थे। इन लोगों के कब्जे से 20 मोबाइल फोन दो लैपटॉप और 8 एटीएम कार्ड मिले हैं। जांच में पता चला है कि इस बैटिंग रैकेट करोड़ों रुपए का जुआ खेला जा रहा था। पुलिस ने इन सभी नौ लोगों को पब्लिक गेमिंग एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है।

लोगों को Gambling खिलवाने के लिए बड़े बड़े बोनस घोषित कर रहे हैं गैर- कानूनी जुआ एप

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त्योहारों के समय लोगों को gambling खिलवाकर उनसे पैसे लूटने के लिए देश में सैकड़ो जुआ चलने वाली वेबसाइट और ऑनलाइन एप (websites and onling app) खुलेआम चल रहे है। यह गैरकानूनी एप ना तो जीएसटी दे रही है और ना ही भारत में यह कहीं रजिस्टर है। इसके बावजूद भी विदेश में बैठकर भारत में जुआ ऑपरेट किया जा रहा है और यहां से कैश इकट्ठा करके विदेश में लेकर जा रहा है।

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दिवाली के समय लोगों के जुआ खेलने के सेंटीमेंट को देखते हुए यह ऑनलाइन मोबाइल गेमिंग एप लोगों को बड़े बोनस का ऑफर देकर लुभा रहे हैं। उदाहरण के लिए मोस्टबेट नाम की जुआ खिलाने वाली कंपनी पहले डिपॉजिट पर 180 परसेंट का बोनस दे रही है, यानी कि अगर इस साइट पर आप 821 रुपये का मिनिमम डिपॉजिट करके जुआ खेलते हैं तो कंपनी आपको इसका 180 परसेंट बोनस देगी और यह बोनस 45000 रुपए तक जा सकता है। इसलिए इस बोनस के लालच में बहुत सारे लोग इन कंपनियों पर जुआ खेल रहे हैं। इसी तरह बी.डॉट गेम ₹500 के डिपॉजिट पर 1,70,000 रुपए तक का बोनस देने की बात कह रही है। IOcrick नाम की वेबसाइट भी 100% बोनस देने की घोषणा कर रही है। ₹200 के डिपॉजिट पर वह 100% से लेकर 32,000 रुपए तक का बोनस दे रही है। जबकि Parimatch 150 परसेंट बोनस दे ही रही है, जो की ₹30000 तक जा सकता है। STAKE नाम की वेबसाइट भी 200 परसेंट से लेकर ₹100000 तक का बोनस देने की घोषणा कर रही है। ऐसे में लोगों को ₹200 लगाकर या ₹300 लगाकर ₹10000 तक के बोनस के लालच आ जाते है और इसी वजह से लोग जुए कि लत में जा रहे हैं।

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सोसाइटी अगेंट गैंबलिंग (SAG) नाम की संस्था के मुताबिक, भारत में इस समय सैकड़ो की संख्या में हुए की वेबसाइट चल रही हैं। जिनको लेकर समय-समय पर प्रधानमंत्री कार्यालय तक को भी शिकायतें की जा रही हैं। ऐसी करीब 500 से ज्यादा वेबसाइट की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर गृह मंत्रालय को दी हुई है, जिस पर कुछ कार्रवाई तो हुई है, हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में यह वेबसाइट चल रही हैं। महादेव बुक्स की अभी भी बहुत सारे डमी एप चला रही है। उसके नाम से अलग अलग मिरर एप भी चल रहे हैं।

इस बारे में देश के प्रमुख गेमिंग विशेषज्ञ जय सत्या का कहना है कि यह गैंबलिंग एप पूरी तरह से गैरकानूनी है। यह लोगों को भी बेवकूफ बना रहे हैं। बोनस देने के नाम पर यह लोगों से अपने ऐप में पैसे जमा करवाते रहते हैं और उन्हें जुआ खिलवाते हैं। लेकिन जब आप पैसे जीत जाते हैं तो यह आपको जीती हुई रकम नहीं देंगे। बल्कि आपको और जुआ खेलने के लिए कहेंगे और बाद में आपके हाथ में कुछ नहीं आता। यह पूरी तरह से लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

Mahadev betting app update: जुआ एप से पैसे लेने वाले एक्टरों पर ED का शिकंजा

Mahadev betting app update: गैबलिंग एप से पैसा लेकर जुआ खेलने को बढ़ावा देने वाले इंफ्लूएंसर्स और एक्टरों पर प्रवर्तन निदेशालय कड़ी कार्यवाही कर रही है। ताज़ा मामले में एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया से ED ने पूछताछ की है। गुवाहाटी में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुईं। महादेव ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी एप्लिकेशन के एक सहायक एप्लिकेशन फेयर प्ले पर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैचों के अवैध रूप से देखने को बढ़ावा देने के आरोप में उन्हें ईडी ने तलब किया था।

तमन्ना दोपहर करीब 1:30 बजे गुवाहाटी में ईडी कार्यालय पहुंचीं और उनके साथ उनकी मां भी थीं। रिपोर्ट दर्ज होने तक उनसे पूछताछ जारी है। अभिनेत्री को फेयरप्ले बेटिंग ऐप पर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैचों के देखने को बढ़ावा देने के आरोप में तलब किया गया था।

फेयरप्ले एक बेटिंग एक्सचेंज प्लेटफॉर्म है जो जुआ खिलता है। फेयरप्ले महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप का एक सहायक एप्लिकेशन है, जो क्रिकेट, पोकर, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल कार्ड गेम और चांस गेम जैसे विभिन्न लाइव गेम में अवैध सट्टेबाजी के लिए प्लेटफॉर्म भी प्रदान करता है।

महादेव बेटिंग ऐप पिछले साल तब सुर्खियों में आया था जब अभिनेता रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर को इसके लिए विज्ञापन करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूछताछ के लिए बुलाया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा एक साथ जांच के तहत मामले ने विभिन्न एजेंसियों द्वारा विभिन्न सट्टेबाजी और गेमिंग ऐप पर कार्रवाई के बाद कई अन्य बॉलीवुड हस्तियों को जांच के दायरे में ला दिया था। इस जुआ घोटाले में 17 बॉलीवुड सितारे जांच के दायरे में हैं। इससे पहले, साहिल खान को 28 अप्रैल, 2024 को छत्तीसगढ़ में मुंबई साइबर सेल की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने गिरफ्तार किया था, जब बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हालांकि, खान ने मेसर्स आईस्पोर्ट्स247 के साथ एक अनुबंध के तहत सिर्फ एक ब्रांड प्रमोटर होने का दावा किया, जो द लॉयन बुक ब्रांड को बढ़ावा देता है, और सट्टेबाजी मंच के साथ सीधे संबंध से इनकार किया।

अक्टूबर 2023 में, श्रद्धा कपूर को महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले के सिलसिले में जांच एजेंसी ने तलब किया था। ईडी ने उसी महीने रणबीर कपूर को भी तलब किया था। कपिल शर्मा को भी तलब किया गया था क्योंकि उन्होंने ऐप के संस्थापक सौरभ चंद्राकर द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया था। हुमा कुरैशी और हिना खान को ऐप को प्रमोट करने के लिए बुलाया गया था, एजेंसियां ​​उनकी भूमिका और फीस के रूप में उन्हें प्राप्त राशि के बारे में जानना चाहती थीं, जो कि ईडी के अनुसार, अपराध की आय थी।

Gaming में चीन को पीछे छोड़ सकता है भारत: हर्ष जैन

फैंटेसी स्पोर्ट्स (Fantacy sports) की प्रमुख कंपनी Dream11 के Co-Founder हर्ष जैन ने कहा है कि गेमिंग में भारत 2028 तक चीन को पीछे छोड़ देगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि 50 करोड़ गेमर्स होने के बावजूद, देश का गेमिंग राजस्व अतंरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रतिशत से भी कम है। जैन ने कहा कि इतने गेमर्स होने के बाद भी रेवेन्यू में कमी पर तुरंत कार्रवाई की जरूरत है।

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नई दिल्ली में इंडियन गेमिंग कन्वेंशन 2024 में जैन ने कहा, “हम पांच साल में दुनिया के सबसे बड़े गेमिंग बाजार नहीं बन सकते, जबकि अंतरराष्ट्रीय रेवेन्यू में हमारी हिस्सेदारी सबसे कम है। ये दोनों चीजें काम नहीं करती हैं।” इस अंतर को कम करने में रेगुलेटरी स्पष्टता बड़ा काम कर सकती है। खासकर रियल-मनी गेमिंग में, जो कुल रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा है।

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जैन ने इंडस्ट्री के खिलाड़ियों से अलग-अलग प्रतिस्पर्धा करने के बजाय एक साथ काम करने का आग्रह किया, उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि तेजी से विकसित हो रहे बाजार में विकास और सफलता को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ काम करना आवश्यक होगा। उन्होंने कहा, “हमें भारत के गेमिंग क्षेत्र की क्षमता को अनलॉक करने के लिए पुल बनाने की जरूरत है, न कि बाधाएं।” भारत का उभरता हुआ रियल-मनी गेमिंग सेक्टर, जिसमें पैसे का ट्रांसफर शामिल है, एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। इसका भविष्य एक व्यापक रेगुलेटरी ढांचे के कार्यान्वयन, जीएसटी नोटिस पर आने वाले न्यायालय के फ़ैसलों, गेमिंग प्रारूपों पर राज्य-स्तरीय प्रतिबंधों की संवैधानिक वैधता और इस क्षेत्र को विनियमित करने में इन सरकारों की भूमिका आदि पर निर्भर करता है।

अप्रैल 2023 में, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने IT अधिनियम, 2021 में गेमिंग से संबंधित संशोधनों को अधिसूचित किया, जिसने कई स्व-नियामक संगठनों (SRO) को यह निर्धारित करने की अनुमति दी कि भारत में रियल-मनी गेम की अनुमति दी जा सकती है या नहीं। लेकिन, बाद में मंत्रालय ने SRO योजना को छोड़ दिया। जैन, जो देश के प्रमुख स्टार्टअप और टेक फ़र्मों के समूह, इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (IAMAI) के अध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि सरकार के स्पष्ट नियम न केवल इस क्षेत्र को स्थिर करेंगे बल्कि इसे वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को लागू करने में भी सक्षम बनाएंगे। उन्होंने कहा, “हम सरकार के साथ वर्षों से काम कर रहे हैं और हमें उम्मीद है कि जल्द ही स्पष्टता आएगी। स्पष्ट नियम हमें वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं का पालन करने, उपयोगकर्ता का विश्वास और सुरक्षा बनाने में सक्षम बनाएंगे।” उन्होंने कहा कि भारत का गेमिंग क्षेत्र FDI के लिए एक प्रमुख गंतव्य रहा है, लेकिन नियामक अनिश्चितताओं के कारण इसमें गिरावट देखी गई है। जैन ने भविष्य के लिए आशा व्यक्त करते हुए कहा, “2025 के बाद से, हम नियामक कार्रवाई देखेंगे जो उद्योग को एकजुट करेगी और विदेशी निवेश को पुनर्जीवित करेगी।” गेमिंग बूम जैन ने भारत के गेमिंग उद्योग के उदय का श्रेय जियो, एयरटेल और वोडाफोन जैसी कंपनियों द्वारा संचालित बेहतर इंटरनेट और मोबाइल इंफ्रास्ट्रक्चर को दिया। उन्होंने कहा, “भारत में अब 50 करोड़ गेमर्स हैं – जो लगभग हर देश की आबादी से अधिक है।” चुनौती विशाल उपयोगकर्ता आधार का मुद्रीकरण करने में है। जैन ने कहा, “हमारे डेवलपर्स को यह पता लगाने की जरूरत है कि भारतीय गेमिंग इकोसिस्टम का मुद्रीकरण और विकास कैसे किया जाए,” उन्होंने फ्री-टू-प्ले सेगमेंट का जिक्र किया, जिसने अभी तक अपने विशाल प्लेयर पूल को राजस्व धाराओं में नहीं बदला है। उन्होंने ईस्पोर्ट्स की संभावनाओं पर भी जोर दिया, जहां भारतीय गेमर्स ओलंपिक सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना शुरू कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम वैश्विक स्तर पर शीर्ष ईस्पोर्ट्स देशों में से एक बन सकते हैं, लेकिन हमें यह परिभाषित करने की आवश्यकता है कि ईस्पोर्ट्स के रूप में क्या योग्य है और इसे व्यापक रूप से बढ़ावा देना चाहिए।” जिम्मेदार गेमिंग और उपयोगकर्ता सुरक्षा जैन ने उद्योग से जिम्मेदार गेमिंग नीतियों को अपनाने और विज्ञापन और उपयोगकर्ता जुड़ाव में उच्च मानकों का पालन करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, “बड़ी शक्ति के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ये 50 करोड़ उपयोगकर्ता उपयोगकर्ता सुरक्षा में सर्वोत्तम वैश्विक प्रथाओं की पेशकश करने के लिए हम पर भरोसा कर सकें।” भारतीय गेमिंग उद्योग ने वित्त वर्ष 23 में 3.1 बिलियन डॉलर का राजस्व दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करता है। वित्त वर्ष 28 तक इस क्षेत्र के अनुमानित 7.5 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

Gambling कंपनियों ने इंफ्लूएंसर्स पर लगाया दांव, दिवाली पर लोगों जुआ खिलाने की तैयारियां?

त्यौहारों के समय भारत में जुआ खिलाने के लिए विदेशी जुआ कंपनियों (Foreign gambling companies) विज्ञापन और मार्केटिंग के जरिए ज्यादा से ज्य़ादा लोगों को जुआ खेलने के लिए प्रेरित कर रही हैं। ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स के टैक्स हेवन से अपने ऑपरेशन चला रही Fun88 ने T20 महिला विश्व कप के लिए भारतीय बाजार में अपनी विज्ञापन के जरिए ज्य़ादा यूजर्स जुटाने शुरु किए हैं। कंपनी अब 75 लाख रुपये की मुफ़्त बैटिंग के जरिए यूजर्स को जुआ खेलने के लिए लुभा रही है।

इसके अलावा, कंपनी त्यौहारी सीज़न और चल रहे T20 विश्व कप के दौरान अपने अभियान चलाने के लिए कई प्रभावशाली एजेंसियों के साथ साझेदारी कर रही है। गेमिंग सेक्टर को पूरा करने वाली एक प्रमुख सोशल मीडिया एजेंसी ने कहा, “कंपनी ड्रीम11 या विनज़ो जैसे रियल मनी गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म की तुलना में पाँच गुना अधिक गुना इफ्लूएंसर्स को दे रही है। वे चाहते हैं कि सोशल मीडिया पर प्रभावशाली लोग रील, स्टिल इमेज और वीडियो इंटीग्रेशन को एक संयुक्त पैकेज के रूप में पोस्ट करें, जो इंस्टाग्राम पर 100k-200k फ़ॉलोअर्स वाले प्रभावशाली लोगों के लिए 3 लाख रुपये से 5 लाख रुपये के बीच की पेशकश करता है।”

इससे पहले भी बहुत सारी जुआ कंपनियां अपने विज्ञापन सोशल मीडिया से लेकर अन्य प्लेटफार्म पर दे रहे थे। B4U म्यूज़िक सट्टेबाजी और जुआ फ़र्म Parimatch के लिए विज्ञापन प्रसारित कर रहा है। त्यौहारी सीजन के नजदीक आने के साथ ही, विदेशी जुआ फर्म अपने प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए भारत में विज्ञापन में आक्रामक रूप से निवेश करेंगी।

हैरानी की बात यह है कि ये अवैध प्लेटफॉर्म ग्राहकों को UPI, Google Pay, क्रिप्टोकरेंसी, वीज़ा, मास्टरकार्ड आदि के जरिए बैटिंग करवा रहे हैं। टी20 विश्व कप के मैच वर्तमान में 3 से 20 अक्टूबर तक UAE में खेले जा रहे हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया इस टूर्नामेंट की प्रमुख टीमें हैं।

एक RMG कंपनी के प्रमुख ने कहा कि, “डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विज्ञापनों में भारी बढ़ोतरी हुई है। प्रभावशाली लोग सट्टेबाजी और जुए के हानिकारक प्रभावों पर विचार किए बिना सोशल मीडिया पर इन कंपनियों को बढ़ावा दे रहे हैं। सरकार को भारत में अवैध रूप से काम करने की अनुमति देने के बजाय सतर्कता बढ़ाने और ऐसी कंपनियों पर नकेल कसने की जरूरत है।”

एक अन्य कंपनी के प्रमुख व्यक्ति ने बताया कि भारत में, कई उपयोगकर्ता T20 महिला विश्व कप पर दांव लगा रहे हैं, और हमने रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच मैच के दौरान इस प्रवृत्ति को देखा। महत्वपूर्ण मुकाबलों में दांव लगाने वाले खिलाड़ियों की संख्या अपने आप बढ़ जाती है। ये कंपनियाँ साल भर अपने मार्केटिंग बजट को बनाए रखती हैं, और उद्योग को इस मुद्दे से निपटने के लिए एकजुट होना चाहिए।” ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन के सीईओ रोलैंड लैंडर्स ने कहा, “अवैध जुआ ऐप टी20 महिला विश्व कप जैसे आयोजनों की लोकप्रियता का फायदा उठाकर भारतीय उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाना जारी रखते हैं। ये प्रचार हानिकारक और अवैध हैं क्योंकि वे अक्सर खुद को वैध के रूप में छिपाते हैं, जिससे धोखाधड़ी के मामलों में उपयोगकर्ताओं को सुरक्षा या सहारा नहीं मिलता है।” लैंडर्स ने आगे कहा, “इसके अलावा, ऐसे प्लेटफ़ॉर्म करों की चोरी करते हैं, जिससे सरकारी खजाने को काफी नुकसान होता है। वैध भारतीय गेमिंग कंपनियों और गैरकानूनी ऑफशोर ऑपरेटरों के बीच अंतर करने के लिए अधिक जागरूकता की आवश्यकता है। जबकि इन प्लेटफ़ॉर्म से निपटने के प्रयासों में सुधार हुआ है, सभी हितधारकों को उपयोगकर्ताओं और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना चाहिए।”

XBox की हज़ारों गेम्स जल्द ही मोबाइल पर खेली जा सकेंगी

जल्द ही आपको एक्स बॉक्स की गेम्स मोबाइल पर खेलने को मिलेंगी, माइक्रोसॉफ्ट का जो प्रोजेक्ट 2020 से पेंडिंग था, वो नवंबर में लांच हो सकता है। इसके लिए एक्सबॉक्स तैयारियों में लगा हुआ है। अगर यह सफल होता है तो एक्सबॉक्स की हज़ारों गेम्स आपके मोबाइल पर खेली जा सकेंगी। कंपनी का यह प्रोजेक्ट अभी टेस्टिंग फेस में है, जल्द ही इसको आम लोगों के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को माइक्रोसॉफ्ट के भीतर प्रोजेक्ट लैपलैंड कहा जाता है, जिसमें एक्सबॉक्स हज़ारों गेम्स को एक साथ लाइव खिला सकता है। अभी तक गुगल के प्ले स्टोर पर बिलिंग एप की वजह से कई रुकावटें थी, लेकिन अमेरिका में कोर्ट के फैसले के बाद इसपर रोक लग गई है। इसके बाद ही माइक्रोसॉफ्ट ने इस प्रोजेक्ट को लांच करने की तैयारी शुरु कर दी है।

Mahadev app scam मामले में बड़ी ख़बर, जुआ किंग सौरभ चंद्राकर दुबई में गिरफ्तार

महादेव ऐप कैसे में गृह मंत्रालय एड विदेश मंत्रालय ने एक बड़ी कार्रवाई की है इस ऐप के कर्ताधर्ता सौरभ चंद्राकर को दुबई में गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के बाद हुई है। जिसके लिए ईडी ने अनुरोध किया था

सौरभ चंद्राकर इससे पहले छत्तीसगढ़ के भिलाई में ही एक जूस की दुकान चलाता था, जहां से उसने जुआ खिलाकर और सट्टेबाजी कराकर एक बड़ा साम्राज्य खड़ा कर लिया। लेकिन सरकार ने पिछले कुछ समय से इस एप के खिलाफ काफी सख्त कार्रवाई शुरू की थी। महादेव एप का नाम छत्तीसगढ़ के पूर्व कांग्रेस शासन के समय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ भी जुड़ा था और राज्य के चुनाव में यह एक बड़ा मुद्दा भी बना था।

उम्मीद है सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद उन्हें भारत लाया जाएगा और महादेव एप मामले में बहुत सारे राज खुल पाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव सहाय की सरकार ने डेढ़ महीने पहले ही इस मामले को सीबीआई को सौंपने का फैसला किया था। यह निर्णय 22 अगस्त को लिया गया था और अब इस घोटाले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी दुबई में होने के बाद इस पर केंद्र और राज्य सरकार की सख्ती साफ नजर आ रही है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तो कहा भी था कि दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए महादेव एप केस का मामला सीबीआई को सौंपा गया है। 2019 में पहली बार महादेव सट्टेबाजी के मामले की लेनदेन की जानकारी सामने आई थी और इसके बाद सीबीआई और ईडी ने इसमें बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 में से 9 आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं।

Mahadev betting app मामले में सुनील दम्मानी को जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को महादेव सट्टेबाजी ऐप घोटाला मामले में आरोपी सुनील दम्मानी को जमानत दे दी। दम्मानी पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महादेव सट्टेबाजी घोटाले (Mahadev Betting Scam) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप लगाया है। दम्मानी पिछले 14 महीनों से जेल में है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की पीठ ने दम्मानी को जमानत दे दी है। इससे पहले दम्मानी ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी, जिसने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने कहा कि दम्मानी 23 अगस्त, 2023 से हिरासत में है और अभी भी 98 गवाहों की जांच के लिए लिस्ट होने के साथ मुकदमा शुरू होना बाकी है। ईडी की ओर से पेश अधिवक्ता जोहेब हुसैन ने पीठ को सूचित किया कि कुल 5,000 करोड़ रुपये विदेश भेजे गए थे और इस घोटाले में 45 आरोपी शामिल हैं।

हालांकि, शीर्ष अदालत ने दम्मानी को इस शर्त पर जमानत दे दी कि वह हर 15 दिन में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के सामने पेश होंगे और अदालत की मंजूरी के बिना विदेश यात्रा नहीं करेंगे। साथ ही, उच्च न्यायालय के आदेश को खारिज कर दिया। पिछले साल, ईडी ने महादेव बेटिंग ऐप मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कथित संलिप्तता के लिए दम्मानी के साथ तीन अन्य को गिरफ्तार किया था।