Thursday, March 12, 2026
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Tamilnadu में 100 करोड़ रुपये के डेली प्राइज को लेकर रम्मी कंपनियां निशाने पर

तमिलनाडु में A23 Rummy के 100 करोड़ रुपये डेली इनाम को लेकर पीएमके के संस्थापक एस रामदास ने आरोप लगाया है कि इससे राज्य में जुआ बढ़ रहा है और तमिनलाडू सरकार को इसपर बैन लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में तेज़ी लाने के प्रयास करने चाहिए। रामदास ने अपने बयान में कहा इस जुए में ज्यादातर लोग हार जाते हैं और इसी वजह से इस कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल 1070 करोड रुपए तक पहुंच गया।

उन्होंने तमिलनाडु सरकार से अपील की इस मामले को लेकर वह सुप्रीम कोर्ट में जल्दी से जल्दी सुनवाई करें, ताकि मद्रास हाई कोर्ट के फैसले पर स्टे लगवाया जा सके। दरअसल तमिलनाडु सरकार ने ऑनलाइन रमी पर एक एक्ट के जरिए से बैन लगाया था, लेकिन मद्रास हाई कोर्ट ने उस एक्ट पर स्टे लगा दिया था। इसके बाद तमिलनाडु सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई थी।

रामदास ने कहा कि राज्य में ऑनलाइन जुआ दिन-ब-दिन बढ़ रहा है, 5 अक्टूबर से 12 जनवरी तक दिवाली, इंग्लिश न्यू ईयर और पोंगल आदि की वजह से अगले 100 दिनों गैंबलिंग कंपनियां राज्य में विज्ञापनों के जरिए से लोगों को जुआ खेलने के लिए लुभा रही है। कई कंपनियां तो 100 करोड रुपए तक जितने का वादा अपने विज्ञापनों में दे रही हैं, इसका क्या असर होगा? यह सोचकर मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। इससे पहले यह गैंबलिंग कंपनी लाखों रुपए जीतने का विज्ञापन देती थी जो कि अब करोड़ों में बदल गया है।

रामदास ने कहा कि हाल ही में 100 करोड़ डेली प्राइस जो अनाउंस किया है, इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं की किस तरह का जुआ राज्य में चल रहा है। उन्होंने कहा कि जिस कंपनी का हेड क्वार्टर हैदराबाद में है और जिस कंपनी ने पिछले साल 1070 करोड रुपए का रेवेन्यू कमाया है। उसकी उम्मीद है कि इस साल वह अपने रेवेन्यू को डबल कर लेगी और उसकी वजह है तमिलनाडु में गेमिंग पर से बैन हटाना। दरअसल A23 रमी फर्स्ट की वजह से राज्य में लेकर आलोचना लगातार बढ़ रही है।

Gaming के जरिए Vodafone Idea अपने यूजर्स को लुभाएगी

अपने डेटा प्लान के जरिए लोगों में फिर से अपनी पकड़ मज़बूत बनाने के लिए Vodafone Idea (Vi) गेमिंग और इंटरटेंमेंट को फोकस करके काम कर रही है। कंपनी के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर अवनीश खोसला के मुताबिक, 4जी नेटवर्क को बढ़ाने के साथ साथ नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए गेमिंग और इंटरटेंमेंट एक महत्वपूर्ण सेगमेंट है। यूजर्स के हिसाब से देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Vi का गेमिंग पर फोकस करना दिखाता है कि आने वाले दिनों में गेमिंग कितना महत्वपूर्ण सेगमेंट होने जा रहा है।

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मनीकंट्रोल के मुताबिक, खोसला ने कहा कि, “नेटवर्क बढ़ाने की कोशिश में हमारी कोशिशें चल रही है और डेटा स्पीड में ख़ासी बढ़ोतरी (Significant increase in data speed) हुई है और सस्ते डेटा की उपलब्धता मोबाइल गेमिंग (Mobile gaming) को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है,” उन्होंने कहा कि कंपनी अपने इंटरटेंमेंट की पेशकश को भी आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि गेमिंग और इंटरटेंमेंट से डेटा नए 4G ग्राहक आकर्षित होंगे और प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (ARPU) में वृद्धि होगी।

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वोडाफोन आइडिया फिलहाल काफी परेशानी में है और उसके ऊपर काफी कर्ज है। कंपनी फिलहाल फंड जुटाने की कोशिश कर रही है। कंपनी पर सरकारी बकाया समेत कर्जे का काफी बोझ है, जबकि उसे कंपीटिटर्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में टैरिफ बढ़ोतरी के कारण अपने यूजर्स में कुल गिरावट के बावजूद, वोडाफोन आइडिया के 4G ग्राहकों में लगातार 12वीं तिमाही में वृद्धि हुई है। 30 जून तक, कंपनी के पास 126.7 मिलियन 4G ग्राहक थे, जो 30 जून, 2023 को 122.9 मिलियन से बढ़कर पिछले वर्ष की तुलना में 3.8 मिलियन यूजर हो गए। कुल ग्राहक आधार 210.1 मिलियन था।

खोसला ने कहा कि गेमिंग वीआई की डिजिटल सामग्री और मनोरंजन रणनीति में महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है। उन्होंने कहा, “क्लाउड गेमिंग और ईस्पोर्ट्स में उत्साहजनक रुझानों के बाद, हम इस सेगमेंट में लगातार नई संभावनाओं की खोज कर रहे हैं।” गेमिंग के मोर्चे पर, टेल्को ने एक व्यापक मोबाइल गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म बनाया है – वीआई गेम्स – जो क्लाउड गेमिंग, कैज़ुअल गेमिंग, ईस्पोर्ट्स, एएए गेम्स, मल्टीप्लेयर गेम्स आदि में कई प्रीमियम और मुफ़्त ऑनलाइन गेम प्रदान करता है, जिन्हें वीआई ऐप पर खेला जा सकता है। गेमिंग उद्योग में एएए गेम्स या ट्रिपल ए गेम्स, बड़े और जाने-माने पब्लिशर्स बड़े बजट वाली वीडियो गेम को पब्लिश करते हैं। खोसला ने कहा कि वोडाफोन आइडिया अपनी गेमिंग सेवा के लिए “पे-टू-प्ले” मॉडल में ऊपर की ओर रुझान देख रहा है। इस बढ़ते इंडस्ट्री पैटर्न को पूरा करने के लिए, इसने पेरिस स्थित केयरगेम के साथ ज्वाइंट वैंचर, एड फ्री क्लाउड गेमिंग सेवा, क्लाउड प्ले लॉन्च की।

इंडस्ट्री की रिपोर्ट बताती है कि भारत में लगभग 20 प्रतिशत गेमर्स पेड यूजर हैं, और आगे इन-ऐप खरीदारी बढ़ने का अनुमान है। उन्होंने कहा, “यह 35 प्रतिशत CAGR की उच्चतम दर पर है।” हार्डकोर गेमर्स के लिए, टेल्को के पास एक ईस्पोर्ट्स टूर्नामेंट प्लेटफ़ॉर्म है जो उन्हें पेशेवर ईस्पोर्ट्स प्रोफ़ाइल बनाने के अवसरों के साथ प्रतिस्पर्धी गेमिंग में शामिल होने की अनुमति देता है। इसने भारत में ईस्पोर्ट्स इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए पेरिस स्थित टीम विटैलिटी के साथ साझेदारी की है। खोसला ने कहा, ” केवल एक साल में, प्लेटफ़ॉर्म ने लाखों गेमर्स को हाइपर-कैज़ुअल गेम पोर्टल पर अकेले आकर्षित किया है, जिससे लाखों गेमप्ले उत्पन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान विधियों के उदय ने इन-ऐप खरीदारी को सरल बना दिया है, जिससे एक सहज गेमिंग अनुभव संभव हुआ है। ओटीटी को बढ़ावा भारत में ओटीटी की खपत बढ़ने और लोकप्रिय प्लेटफार्मों में सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या में वृद्धि के साथ, दूरसंचार ऑपरेटर ने अपने मनोरंजन गुलदस्ते का विस्तार किया है ताकि सभी मूल्य श्रेणियों में अपने सभी ग्राहकों के लिए विभिन्न प्रकार की पेशकश की जा सके। इसने हाल ही में अपने ओटीटी कंटेंट एग्रीगेटर ऐप वी मूवीज एंड टीवी को फिर से लॉन्च किया है और अपने एकीकृत प्रस्ताव वी वन को भी लॉन्च किया है, जो ग्राहकों को “थ्री-इन-वन” पैकेज प्रदान करता है – असीमित डेटा के साथ फाइबर ब्रॉडबैंड कनेक्शन, प्रीपेड मोबाइल कनेक्शन और वी मूवीज और टीवी ऐप के माध्यम से 13 से अधिक ओटीटी, सभी एक ही प्लान के तहत। अगस्त में, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अक्षय मूंदड़ा ने विश्लेषकों को बताया कि वोडाफोन आइडिया अपने भागीदारों के साथ डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण पर असंगत रूप से ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगा।

Online gaming addiction में सामने से आ रही मौत की ट्रेन भी ना देख पाए युवक

Online gaming addiction के चक्कर में पैसे गंवाने और आत्महत्या तक के मामले तो सामने आते ही रहते हैं, अब गेमिंग के चक्कर में सामने आती हुई ट्रेन दिखाई नहीं देने का मामला भी सामने आया है। असम के होजई जिले (Hojai district of Assam) में दो युवक ट्रेन की पटरी पर बैठकर ऑनलाइन गेम (Online gaming addiction) खेल रहे थे। वो गेम खेलने में इतने मशरूफ थे कि उन्हें सामने से आ रही ट्रेन तक नज़र नहीं आई। इस ट्रेन की टक्कर से दोनों युवकों की मौत हो गई।

असम के होजाई जिले के भुयानपट्टी इलाके के रहने वाले आफताब अली और शरीफुद्दीन लंबे समय से ऑनलाइन गेमिंग की लत से ग्रसित थे और अक्सर गेम खेलने के लिए घंटों घंटों बैठा करते थे। कई बार पहले भी वो गेम खेलते हुए इतना मशरूफ हो जाते थे कि उन्हें अपने आस-पास की चीजों का पता तक नहीं रहता था।

सूत्रों से पता चलता है कि घटना के समय दोनों ऑनलाइन गेम में खोए हुए थे और हेडफोन लगाए हुए थे, जिससे उन्हें ट्रेन के आने की आवाज सुनाई नहीं दी। सूचना के बाद स्थानीय अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और शवों को बरामद किया। जांच के तहत शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

ऑनलाइन गेमिंग की लत के चलते ऐसे बहुत सारे मामले सामने आए हैं, जिनमें गेमिंग लत से परेशान बच्चे या युवक चोरी तक करने लगे और कई बार गेमिंग के चक्कर में खूनी तक बनए गए।

गेमिंग एप पर हो सकती है और सख्ती, सरकार मनी लाउड्रिंग और आतंकवाद संबंधी नियम लागू करेगी?

भारत की फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को भी एंटी मनी लाउंड्रिंग या आतंकवाद के खिलाफ (एएमएल/सीएफटी) ढांचे के दायरे में शामिल करने के लिए प्रस्ताव दिया है। सरकार ने इस मामले पर पहले ही इंटरनल चर्चा शुरू कर दी है और विभिन्न विकल्पों की जांच कर रही है, जिसके लिए गेमिंग कंपनियों को सख्त नो योर कस्टमर स्टैंडर्ड और एजेंसियों को संदिग्ध लेनदेन की सख्त रिपोर्टिंग करने की जरुरत होगी।

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मामले से जुड़े लोगों ने कहा कि भारत सरकार एक बार फिर पेरिस में होने वाली अंतरराष्ट्रीय मनी लाउंड्रिंग बॉडी की अगली बैठक में अपना मामला रखेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, “भारत फिर से अपना पक्ष इस बैठक में रखेगा, कि कैसे ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किया जा रहा है और इन्हें अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड के दायरे में क्यों होना चाहिए।”

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दरअसल महादेव ऐप जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए बड़ी भारी मात्रा में मनी लाउंड्रिंग हुई थी। ऐसी चिंताओं का हवाला देते हुए, भारत सरकार नीतिगत ढांचे पर काम कर रही है, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग के खतरे से बचाना है। एक बार जब अंतरराष्ट्रीय बॉडी इस एरिया को एएमएल/सीएफटी ढांचे के भीतर स्वीकार कर लेता है, तो इसे सख्त नो योर कस्टमर (केवाईसी) मानदंडों और संदिग्ध लेनदेन पर रिपोर्टिंग आवश्यकताओं का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही एप के हिस्सेदार और उसका फायदा लेने वाले मालिकों का विवरण देना होगा। पिछले साल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महादेव ऑनलाइन बुक प्लेटफॉर्म के जरिए से विभिन्न खेलों पर अवैध सट्टेबाजी की सुविधा देने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। यह प्लेटफॉर्म कई तरह के कार्ड गेम और ऑनलाइन क्रिकेट पर सट्टेबाज़ी कराता था। , लेकिन ईडी का कहना है कि यह क्रिप्टोकरेंसी के जरिए मैच फिक्सिंग और मनी लॉन्ड्रिंग में भी शामिल था।

एक अधिकारी के मुताबिक”हम गेमिंग सेक्टर को लेकर चिंतित हैं क्योंकि यह भारत की सीमाओं के भीतर ही नहीं है, बहुत सारे गेमिंग एप भारत में विदेशों से चलाए जाते हैं और जो भारतीय यूजर को गैंबलिंग खिलाते हैं। सरकार ने पहले ही विदेशी ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के लिए भारत में पंजीकरण करना अनिवार्य कर दिया है, लेकिन एक भी गैंबलिंग एप ने अभी तक अपने को रजिस्टर्ड नहीं कराया है। सरकार मार्च, 2023 में वर्चुअल डिजिटल एसेट से संबंधित कुछ विशेष गतिविधियों को मनी लाउंड्रिंग एक्ट, 2002 के दायरे में लाई थी। हालांकि शुरुआती आशंकाएं थीं कि ऑनलाइन गेमिंग को पीएमएलए के तहत रिपोर्ट करने की आवश्यकता हो सकती है, क्योंकि कुछ गेमिंग कंपनियां क्रिप्टो के जरिए काम कर रही हैं।

Nazara Tech पर इंवेस्टर्स की नज़र, 900 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है गेमिंग कंपनी

गेमिंग सेक्टर की लिस्टेड कंपनी Nazara Tech बाजार से 900 करोड़ रूपया उगाहने जा रही है। कंपनी प्रेफरेंशियल शेयर जारी करके यह पैसा जुटाएगी। कंपनी के बोर्ड ने फंड रेजिंग के प्लान को अप्रूवल दे दी है और अब रेगुलेटरी और शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के लिए भेजा जा रहा है। Nazara Tech पिछले कुछ समय से लगातार गेमिंग कंपनियों को खरीद रही है। हाल ही में इसने Sportsbaazi ऐप की पैरेंट मूनशाइन टेक को भी खरीद लिया है।

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नजारा टेक इस 900 करोड़ रुपये से अपनी ग्रोथ को और तेजी से बढ़ाने की बात कह रही है। पिछले कुछ समय से गेमिंग सेक्टर पर 28% जीएसटी लगने के बाद गेमिंग कंपनियों का फंड जुटाना कुछ मुश्किल हो गया है। ऐसे में लिस्टेड कंपनी नजारा प्रेफरेंशियल शेयर इश्यू के जरिए से पैसा जुटाने जा रही है। जिन इन्वेस्टर के साथ कंपनी की बात चल रही है, उसमें एसबीआई म्युचुअल फंड, थिंक इन्वेस्टमेंट, डिस्कवरी इन्वेस्टमेंट, मिथुन और सिद्धार्थ संचेती शामिल है। हालांकि सेबी की मंजूरी के बाद यह शेयर जारी हो सकेंगे।

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इसके साथ-साथ नजारा ने एब्सलूट इंडिया की अतिरिक्त 19.35 परसेंट हिस्सेदारी भी खरीद ली है, जोकि स्पोर्ट्स कीड़ा नाम की कंपनी की पैरंट कंपनी है। यह डील 145.5 करोड रुपए में हुई है, जिसमें 50% कैश एब्सलूट इंडिया के मालिकों को दिया जाएगा और बाकी के पैसे नज़ारा के स्टॉक के रूप में दिए जाएंगे। इसके बाद एब्सलूट इंडिया में नजारा की ओनरशिप 91% हो जाएगी। भारत में स्पोर्ट्स फैन के बीच में स्पोर्ट्सकीडा एक बड़ा ब्रांड है, जो कि ग्लोबल काम कर रहा है ।हाल ही में एब्सलूट इंडिया ने प्रो फुटबॉल नेटवर्क भी शुरू किया था।

इस डील पर नजारा के सीईओ और ज्वाइंट एमडी नीतीश मित्रसैन कहा कि नजारा ने यह दिखा दिया है की वह प्रमुख इन्वेस्टर्स को अपनी ओर आकर्षित कर सकता है, यह 900 करोड़ रूपया कंपनी को गेमिंग पावर हाउस बनाने में मदद करेगा। इसके साथ ही एब्सलूट इंडिया में 91% की हिस्सेदारी खरीदने के बाद नजारा भारत मीडिया लैंडस्केप में अच्छा काम करने जा रहे हैं।

Real Money Gaming पर तमिलनाडू में लग सकता है सीमित प्रतिबंध

तमिलनाडु (Tamilnadu) में जल्द ही Real money gaming पर गेमिंग खेलने के समय और कैश पर कैप लग सकता है। गेमिंग को आधी रात से सुबह 5 बजे के बीच पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जा सकता है। इसके साथ ही यूजर को एक दिन में चार घंटे से ज़्यादा खेलने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, जबकि एक बार में दो घंटे से ज्य़ादा खेलने पर भी रोक लगाई जा सकती होगी। तमिलनाडू में जल्द ही गेमिंग पर रोज़ाना 5,000 और महीने में 20,000 रुपये की महीने की कैप लगने जा रही है और गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म के रजिस्ट्रेशन पर अनिवार्य आधार सत्यापन की भी योजना बनाई गई है।

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इस तरह के प्रस्ताव रियल मनी गेमिंग इंडस्ट्री लंबे समय से विरोध कर रही है। इससे इन कंपनियों की कमाई में भारी कमी आ सकती है। इसको लेकर पहले भी चर्चाएं हुई थी।

तमिलनाडु ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण ने यह नियम बनाएं हैं, जोकि फिलहाल प्रस्तावित है, इनके पास होने के बाद गेमिंग एप्स को तमिलनाडू में इनके मुताबिक ही चलना होगा। इस प्राधिकरण की स्थापना पिछले साल की गई थी। प्राधिकरण ने 1.5 लाख बच्चों पर सर्वे किया था, जिसमें पाया गया कि कई बच्चे रात में ऑनलाइन गेम खेलने के लिए अपने माता-पिता के फ़ोन का इस्तेमाल कर रहे थे। ऐप्स को अब पंजीकरण के दौरान वन-टाइम पासवर्ड (OTP) की आवश्यकता होती है, जिससे बच्चे अपने माता-पिता के फ़ोन का दुरुपयोग कर सकते हैं और खेलना जारी रख सकते हैं।

प्राधिकरण के एक सदस्य ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “कानूनी उम्र के अधिकृत गेमर्स को हर बार लॉग इन करते समय OTP दर्ज करने की आवश्यकता करके इस समस्या को दूर किया जा सकता है।” सदस्य ने कहा कि बच्चों और बड़ों में लत को रोकने के लिए ऐप्स को समय और पैसे के खर्च के बारे में लगातार अंतराल पर पॉप-अप नोटिफिकेशन भेजना चाहिए, जैसा कि चीन, दक्षिण कोरिया और यूएई में किया जाता है।

शुरू में, ई-गेमिंग उद्योग ने खर्च किए गए समय और पैसे के लिए सेल्फ रेगुलेशन का प्रस्ताव रखा था, लेकिन बाद में सरकार ने इसे खुद करने का सोचा। सदस्य के अनुसार, ऑनलाइन रम्मी और फैंटेसी क्रिकेट जैसे असली पैसे वाले खेलों के लिए दिशा-निर्देश बनाने के लिए सभी हिस्सेदारों के साथ कई दौर की चर्चाएँ की गई हैं, जहाँ खिलाड़ी पैसे दांव पर लगा सकते हैं और कैश या अन्य पुरस्कार जीत सकते हैं। हालांकि, ये नियम इंटरटेमेंट-वीडियो गेम पर लागू नहीं होंगे, जहां कोई पैसा दांव पर नहीं होता है।

Nazara Tech ने 982 करोड़ रुपये में खरीदी पोकरबाज़ी की पेरेंट कंपनी

Gaming sector की लिस्टिड कंपनी नाज़ारा टेक्नोलॉजीज ने ऑनलाइन पोकर प्लेटफॉर्म पोकरबाजी को खरीदने की घोषणा की है। Nazara ने पोकरबाजी की पेरेंट कंपनी मूनशाइन टेक्नोलॉजी को 982 करोड़ रुपये में खरीद लिया है। यह भारतीय गेमिंग और स्पोर्ट्स मीडिया सेक्टर में अभी तक का सबसे बड़ा इनवेस्टमेंट है। हालांकि 28 परसेंट जीएसटी लगने के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि रियल मनी गेमिंग सेक्टर में कंसोलिडेशन आएगा।

इस सौदे से ऑनलाइन स्किल-गेमिंग क्षेत्र में नज़ारा काफी मजबूत हो जाएगी। यह नाज़ारा के अपने गेमिंग कारोबार को बढ़ावा देने के प्रयास का भी हिस्सा है, जिसके बारे में कंपनी के फाउंडर नीतीश मित्तरसैन का मानना ​​है कि आने वाले वर्षों में यह कंपनी के लिए सबसे बड़ा रेवेन्यू जनरेटर होगा। हालांकि, यह निवेश ऐसे समय में हुआ है जब यह उभरता हुआ क्षेत्र अभी भी रेगुलेटरी मुद्दों और पिछले अक्टूबर से 28 प्रतिशत माल और सेवा कर (जीएसटी) में बदलाव के बाद परेशान है।

सौदे के अनुसार, नाज़ारा टेक्नोलॉजीज शुरू में मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी मूनशाइन टेक्नोलॉजी (बाज़ी गेम्स) में 47.7 प्रतिशत हिस्सेदारी 831.5 करोड़ रुपये में खरीदेगी। जिसमें संस्थापक नवकिरण सिंह, सह-संस्थापक पुनीत सिंह, वरुण गंजू, अवनीत राणा और अनिरुद्ध चौधरी, गुरजीत कौर, निजी इक्विटी फर्म बेलरिव कैपिटल और इन्फ्लुएंसर्स इंटरएक्टिव शामिल हैं, जोकि स्किल-गेमिंग-चांस दोनों तरह की गेमिंग चलाती हैं। इसमें से, 592.26 करोड़ रुपये कंपनी कैश देगी और बाकी 239.25 करोड़ रुपये शेयर स्वैप के जरिए दिए जाएंगे। जो नजारा में 3.17 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर होगा। भारत की पहली सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध गेमिंग फर्म, नाज़ारा टेक्नोलॉजीज, अनिवार्य परिवर्तनीय वरीयता शेयरों के माध्यम से मूनशाइन टेक्नोलॉजी में अतिरिक्त 150 करोड़ रुपये की प्राथमिक पूंजी भी डालेगी।

सीईओ मित्तरसैन ने एक बयान में कहा, “मूनशाइन टेक्नोलॉजी में यह निवेश नाज़ारा की भारत के प्रमुख विविध गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म के रूप में स्थिति को मज़बूत करने की हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” “पोकरबाज़ी न केवल भारत में ऑनलाइन पोकर गेमिंग में निर्विवाद नेता के रूप में उभरा है, बल्कि उपयोगकर्ता जुड़ाव, नवाचार और समग्र अनुभव में नए मानक भी स्थापित किए हैं। हम नवकिरण, पुनीत और पूरी मूनशाइन टीम के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्साहित हैं, जिनकी दृष्टि और नेतृत्व भारत में पोकर परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण रहे हैं। साथ मिलकर, हम इस क्षेत्र में विकास को गति देने और भारतीय गेमिंग को घरेलू और वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तत्पर हैं।”

वास्तविक-पैसे वाले खेल, जिसमें पैसे का हस्तांतरण शामिल है, भारत के समग्र गेमिंग उद्योग के राजस्व का बड़ा हिस्सा बनाते हैं, जिसने वित्त वर्ष 23 में $3.1 बिलियन की टॉपलाइन दर्ज की, जो वित्त वर्ष 22 में $2.6 बिलियन से 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इस क्षेत्र के वित्त वर्ष 28 तक अनुमानित $7.5 बिलियन को छूने की उम्मीद है।

Mittersain ने पहले अधिग्रहण के माध्यम से अपने कौशल-आधारित वास्तविक पैसे वाले गेमिंग व्यवसाय का विस्तार करने के इरादे व्यक्त किए हैं, क्योंकि कंपनी अगले पांच वर्षों में राजस्व में 10 गुना वृद्धि की उम्मीद करती है। यह फैंटेसी स्पोर्ट्स ऐप Halaplay को बंद करने के बाद क्लासिक रम्मी नामक एक ऑनलाइन रम्मी गेम प्रदान करता है। इस सेगमेंट ने वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही में Nazara के कुल राजस्व में केवल 2 प्रतिशत का योगदान दिया।

मार्च में, देश की सबसे पुरानी गेमिंग कंपनियों में से एक, Nazara Technologies ने अगले वित्त वर्ष में वैश्विक विस्तार के लिए $100 मिलियन का युद्ध कोष निर्धारित किया था। 24 महीने।

दूसरी ओर, मूनशाइन टेक्नोलॉजी की शुरुआत 2014 में नवकिरण सिंह ने की थी। फर्म ने शुरुआत में ऑनलाइन पोकर (पोकरबाजी) पर ध्यान केंद्रित किया और बाद में कार्ड गेम (कार्डबाजी), फैंटेसी स्पोर्ट्स और स्पेक्टेटर गेमिंग (स्पोर्ट्सबाजी) में विस्तार किया।

पोकरबाजी मूनशाइन टेक्नोलॉजी का प्रमुख उत्पाद है जो इसके FY24 के शुद्ध राजस्व में 85 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है। ऑनलाइन पोकर प्लेटफ़ॉर्म का दावा है कि मई 2024 तक उसके लगभग 340,000 मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता थे। स्पोर्ट्सबाजी, जिसे पहले बल्लेबाजी के नाम से जाना जाता था, ने कंपनी के FY24 के शुद्ध राजस्व में 12 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया।
मूनशाइन टेक्नोलॉजी ने FY24 में 414.9 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया, जबकि FY23 में यह 268 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2024 में ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन (EBITDA) से पहले की आय 41.2 करोड़ रुपये थी, जबकि वित्त वर्ष 2023 में यह 27 करोड़ रुपये थी। “जैसा कि भारतीय गेमिंग क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है, हमारा दृढ़ विश्वास है कि नाज़ारा टेक्नोलॉजीज के साथ साझेदारी देश के गेमिंग इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने की दिशा में सही कदम है। यह साझेदारी गेमिंग स्पेस में वैश्विक विस्तार के हमारे लक्ष्य में भी योगदान देगी,” सिंह ने कहा, जो बाजी गेम्स के सीईओ के रूप में भी काम करते हैं। देश में ऑनलाइन पोकर की पेशकश करने वाले अन्य प्रमुख खिलाड़ियों में गेम्स24×7 का पोकरसर्किल, हेड डिजिटल वर्क्स का ए23 पोकर, गेम्सक्राफ्ट का पॉकेट52, मोबाइल प्रीमियर लीग (एमपीएल) और स्पार्टन पोकर शामिल हैं, जिसे फरवरी में मेटावर्स और गेमिंग टेक कंपनी वनवर्स ने अधिग्रहित किया था।

Kapil Sibal कर रहे हैं अवैध गैंबलिंग एप Mahadev books की पैरवी

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Mahadev App News Update: महादेव अवैध सट्टा ऐप (Mahadev Betting App) मामले में अब देश के मशहूर वकील कपिल सिब्बल (Kapil Sibbal) भी कूद पड़े है। महादेव सट्टा ऐप संचालक सौरभ चंद्राकर ने कपिल सिब्बल को उनका वकील बनाया है। सिब्बल ने महादेव एप की पैरवी करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट (Bilaspur High Court) में जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की बेंच में दलीलें की है। केस में कपिल सिब्बल ने कोर्ट में छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh Government) द्वारा सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट को कपिल सिब्बल ने चुनौती दी। अपनी दलील में सिब्बल ने कहा कि यह दोनों वाननूआतू के नागरिक हैं।  

कोर्ट पर सवाल उठाने लगे कपिल सिब्बल

वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा महादेव सट्टा ऐप का मामला अदालत ने अपने क्षेत्राधिकार में नहीं आता है और उन्होंने अपने क्षेत्र से बाहर जाकर गैर जमानती वारंट जारी किया है। रायपुर स्थित ED की अदालत ED को यह डायरेक्शन नहीं दे सकती है। अपने निर्देश में ED अदालत ने सौरव चंद्राकर और रवि उप्पल को गिरफ्तार करने के लिए कहा था।

दरअसल भिलाई में कभी जूस की दुकान चलाने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने अवैध जुआ एप महादेव बुक्स शुरु किया था। जोकि धीरे धीरे करके सभी राज्यों में फैल गया। पुलिस और एजेंसियों की नज़र में आने के बाद यह दोनों दुबई भाग गए थे। इन दोनों में यहां नेताओं, पुलिस और ब्यूरोक्रेट्स को मिलाकर एक नेक्सस तैयार कर लिया था और हज़ारों करोड़ रुपये इस ऐप के जरिए कमा रहे थे। बाद में जांच के दौरान इस ऐप के नाम पर 15 हजार करोड़ रुपए से अधिक के फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया गया था। यह मामला खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी छत्तीसगढ़ चुनावों में उठाया था। राज्य पुलिस ने मामले की जांच के दौरान छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और 16 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

गेमिंग के दीवानों के लिए नए फीचर्स के साथ नवंबर में लांच होगा PS5-Pro

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गेमिंग के दिवानों के लिए सोनी का प्लेस्टेशन 5 प्रो की घोषणा हो गई है। नवंबर में सोनी का PlayStation 5 Pro बाज़ार में उपलब्ध होगा। इसकी कीमत $700 है, इसमें डिस्क ड्राइव नहीं है। PS5 के प्रमुख आर्किटेक्ट मार्क सेर्नी ने बताया कि PS5 मिड-जेन रिफ्रेश है, नए कंसोल सोनी में खिलाड़ियों को उनकी पसंद के अनुसार High frame rate होंगे।

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PS5 में GPU बहुत बड़ा है, साथ ही रे ट्रेसिंग में भी सुधार हुआ है, और मशीन लर्निंग (PlayStation स्पेक्ट्रल सुपर रेज़ोल्यूशन) के लिए कस्टम हार्डवेयर है। डिज़ाइन के लिहाज से, PS5 प्रो हाल ही में इंटरनेट पर लीक हुई फोटोज़ और जानकारियों जैसा है। देखने में यह PS5 जैसा ही स्लिम है, लेकिन दोनों तरफ धारियाँ हैं। PlayStation ब्लॉग पर एक पोस्ट में, सोनी इंटरएक्टिव एंटरटेनमेंट के प्लेटफ़ॉर्म बिज़नेस ग्रुप के सीईओ हिदेकी निशिनो ने PS5 Pro की प्रदर्शन विशेषताओं को बताया है:

अपग्रेड किया गया GPU:

PS5 Pro के साथ, हम ऐसे GPU में अपग्रेड किया गया है, जिसमें मौजूदा PS5 कंसोल की तुलना में 67% ज़्यादा कंप्यूट यूनिट और 28% ज़्यादा तेज़ मेमोरी है। कुल मिलाकर, यह गेमप्ले के लिए 45% तक तेज़ रेंडरिंग बनाता है, जिससे गेमिंग एक्सपीरिएंस बहुत ही बढ़िया हो जाता है।

उन्नत रे ट्रेसिंग:

सोनी के हिदेकी निशिनो के मुताबिक, हमने और भी ज़्यादा शक्तिशाली रे ट्रेसिंग जोड़ी है, जो बिजली की गति से भी ज्य़ादा तेज़ है। इससे किरणों को मौजूदा PS5 कंसोल की तुलना में दोगुनी और कभी-कभी तिगुनी गति से डाला जा सकता है।

AI-संचालित अपस्केलिंग: हम PlayStation स्पेक्ट्रल सुपर रेज़ोल्यूशन भी पेश कर रहे हैं, जो एक AI-अपस्केलिंग है जोकि बहुत ही सुपर शार्प इमेज स्पष्टता प्रदान करने के लिए मशीन लर्निंग-आधारित तकनीक का उपयोग करता है।
सोनी ने PS5 Pro की कीमत $699.99 / £699.99 / €799.99 / ¥119,980 तय की है, यह 7 नवंबर, 2024 को रिलीज होगा। इसमें 2TB SSD, एक DualSense वायरलेस कंट्रोलर और एस्ट्रो प्लेरूम की एक कॉपी पहले से इंस्टॉल है। वर्टिकल स्टैंड अलग से बेचा जाता है।

सोनी ने स्पष्ट किया कि PS5 Pro डिस्क-लेस कंसोल के रूप में उपलब्ध है, जिसमें PS5 के लिए वर्तमान में उपलब्ध डिस्क ड्राइव को अलग से खरीदने का विकल्प है। PS5 Pro इस स्टैंडर्ड में नवीनतम वायरलेस तकनीक, वाई-फाई 7 के साथ भी लॉन्च होता है।
PS5 Pro सुविधाओं का लाभ उठाने वाले गेम में उनके शीर्षक के भीतर ‘PS5 Pro एन्हांस्ड’ शामिल है। PS5 Pro एन्हांस्ड होने वाले सैंपल गेम्स में एलन वेक 2, असैसिन्स क्रीड: शैडोज़, डेमन्स सोल्स, ड्रैगन्स डोगमा 2, फ़ाइनल फ़ैंटेसी 7 रीबर्थ, ग्रैन टूरिस्मो 7, हॉगवर्ट्स लिगेसी, होराइज़न फ़ॉरबिडन वेस्ट, मार्वल्स स्पाइडर-मैन 2, रैचेट एंड क्लैंक: रिफ़्ट अपार्ट, द क्रू मोटरफ़ेस्ट, द फ़र्स्ट डिसेंडेंट, द लास्ट ऑफ़ अस पार्ट 2 रीमास्टर्ड और बहुत कुछ शामिल हैं।

PS5 कंसोल पर खेले जाने वाले गेम PS5 Pro पर भी खेले जा सकेंगे, और मल्टीप्लेयर गेमिंग और नेटवर्क सर्विसेज जैसे ही यूज़र इंटरफ़ेस और ऑनलाइन का उपयोग करेंगे।

CNET, जिसने आज की घोषणा से पहले PS5 Pro का परीक्षण किया था, रिपोर्ट करता है कि कंसोल VRR और 8K रिज़ॉल्यूशन को सपोर्ट करता है, और 7 नवंबर को लॉन्च होने तक 50 PS5 Pro एन्हांस्ड गेम उपलब्ध होंगे।

अन्य विशेषताओं में PS5 प्रो गेम बूस्ट शामिल है, जो PS5 प्रो पर खेले जाने वाले 8,500 से अधिक बैकवर्ड कम्पैटिबल PlayStation 4 गेम पर लागू हो सकता है। सोनी ने कहा कि PS5 प्रो गेम बूस्ट समर्थित PS4 और PS5 गेम के “प्रदर्शन को स्थिर या बेहतर कर सकता है”। PS4 गेम के लिए बेहतर इमेज क्वालिटी भी चुनिंदा PS4 गेम पर रिज़ॉल्यूशन को बेहतर बनाने के लिए उपलब्ध है। PS5 के लिए उपलब्ध मौजूदा एक्सेसरीज़ PS5 प्रो के साथ भी कम्पैटिबल होंगी, जिसमें PlayStation VR2, PlayStation Portal, DualSense Edge, Access कंट्रोलर, Pulse Elite वायरलेस हेडसेट और Pulse Explore वायरलेस ईयरबड्स शामिल हैं। PS5 प्रो के प्री-ऑर्डर direct.playstation.com पर और उन क्षेत्रों में भाग लेने वाले खुदरा विक्रेताओं पर 26 सितंबर, 2024 से शुरू होंगे जहाँ direct.playstation.com उपलब्ध नहीं है। अन्य सभी भाग लेने वाले खुदरा विक्रेताओं के लिए प्री-ऑर्डर 10 अक्टूबर, 2024 से शुरू होंगे।

Gaming update: Gaming पर GST में बढ़ोतरी से भरा सरकारी ख़जाना

Gaming update: रियल मनी गेमिंग पर 28 प्रतिशत जीएसटी के बाद गेमिंग से सरकार के रेवेन्यू में 412 प्रतिशत की भारी भरकम बढ़ोतरी हुई है। जीएसटी परिषद की बैठक के बाद, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि फिटमेंट समिति को सौंपी गई स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक ऑनलाइन गेमिंग पर बढ़े हुए जीएसटी से केंद्र को राजस्व में 412 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है।

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सीतारमण ने कहा, “ऑनलाइन गेमिंग से राजस्व में 412 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह छह महीनों में ₹6,909 करोड़ तक पहुंच गया है।” उन्होंने कहा कि कैसीनो के राजस्व में “30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।” जुलाई 2023 में 50वीं जीएसटी बैठक में स्किल और चांस बेस्ड ऑनलाइन गेम को 28 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में रखा गया था। यह 1 अक्टूबर, 2023 से लागू हुआ। इससे पहले, स्किल-आधारित खेलों पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता था। यह विभिन्न गेमिंग टूर्नामेंटों से जीत पर टैक्स के अतिरिक्त है।

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इंकम टैक्स कानून के अनुसार, इन जीत को ऑनलाइन गेम से जीत के रूप में माना जाता है और ‘अन्य स्रोतों से आय’ शीर्षक के तहत 30 प्रतिशत कर लगाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश की गेमिंग संभावनाओं को देखते हुए अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में कहा था, “मैं गेमिंग के क्षेत्र में एक बड़ा बाजार देख रहा हूं,। दूसरी ओर जीएसटी में बढ़ोतरी के बाद रियल मनी गेमिंग इंडस्ट्री संघर्ष कर रही है। EY के एक अध्ययन के अनुसार, ऑनलाइन गेम को 28 परसेंट जीएसटी में रखने से उद्योग पर नकारात्मक असर पड़ा है। USISPF के एक सर्वे में पाया गया कि कंपनियों को फंडिंग जुटाने, अच्छा मार्जिन बनाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और जीएसटी दरों में बढ़ोतरी के बाद से उनका राजस्व रुक गया है। जीएसटी में इस बदलाव के परिणामस्वरूप ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र का संचालन करने वाली कंपनियों पर टैक्स का बोझ बढ़ गया, जिनमें से अधिकांश को अपने ऑपरेशन को बनाए रखने के लिए टैक्स में वृद्धि के साथ काम करना पड़ा। इस सर्वे के मुताबिक कुल रियल मनी गेमिंग कंपनियों में से केवल 42 प्रतिशत के रेवेन्यू में जीएसटी में बदलाव के बाद बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी 1-25 प्रतिशत तक थी, जबकि 58 प्रतिशत कंपनियों को रेवेन्यू में गिरावट या ठहराव का सामना करना पड़ा। इसमें दो कंपनियाँ शामिल हैं जिनके रेवेन्यू में 50 प्रतिशत की भारी कमी आई है। इस सर्वे से पता चला है कि जीएसटी बढ़ोतरी से ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है।

कंपनियों के जीएसटी में बढ़ोतरी को खुद उठाने के बाद मार्जिन में कमी आई, साथ ही कंपनियों में छंटनी भी बड़े स्तर पर हुई है। साथ ही भर्ती पर भी रोक लग गई है। कुछ गेमिंग कंपनियों ने अपना कारोबार बंद भी कर दिया है।

दरअसल गेमिंग कंपनियां चाहती हैं कि जीएसटी को कंपनियों की फीस या फिर ग्रास गेमिंग रेवेन्यू पर लगाया जाए। ऑनलाइन गेमिंग उद्योग 2017 से रिटर्न दाखिल कर रहा है, लेकिन उन्होंने 18 अगस्त, 2017 से अक्टूबर 2023 तक 18 प्रतिशत का भुगतान किया। लेकिन बाद में जीएसटी विभाग ने इसको टैक्स चोरी मानकर, अगस्त 2017 से 1 अक्टूबर 2023 के बीच खेले जाने वाले सभी खेलों में पहले के 18 प्रतिशत के बजाय 28 प्रतिशत जीएसटी देने का नोटिस कंपनियों को भेज दिया। जीएसटी विभाग के मुताबिक, 71 ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को कुल 1.12 लाख करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस मिला है, जिसमें से कुछ नोटिस को कंपनियों के सालाना कारोबार से भी ज्य़ादा हैं। भारत में वर्तमान में 442 मिलियन गेमर्स हैं, जो चीन के बाद दुनिया में दूसरे सबसे बड़े हैं। इस उद्योग का मूल्य 3.1 बिलियन डॉलर है और अगले पांच वर्षों में इसके 8.92 बिलियन डॉलर तक बढ़ने की उम्मीद है।