Friday, March 13, 2026
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Supreme Court ने गेमिंग कंपनियों पर GST जीजीआर पर लगेगा या फिर पूरे फेस वैल्यू पर लिया संज्ञान

Supreme Court: गेमिंग कंपनियों पर जीएसटी ग्रोस गेमिंग रेवेन्यू (GST on gaming companies) पर लगेगा या फिर दांव के कुल मूल्य (Skill or chance) पर इसका फैसला सुप्रीम कोर्ट करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने दो प्रमुख ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों (Online gaming companies) हेड डिजिटल वर्क्स और गेम्स 24/7 की दायर याचिकाओं पर संज्ञान लिया है। दोनों कंपनियों ने यह याचिकाएं सकल गेमिंग राजस्व के बजाय लगाए गए दांव के कुल मूल्य पर 28 प्रतिशत माल और सेवा कर (जीएसटी) लगाने के सरकार के फैसले को चुनौती देती हैं।

टीवी9 भारतवर्ष के मुताबिक, कोर्ट ने केंद्र और जीएसटी विभाग को दो सप्ताह के भीतर इन याचिकाओं पर अपना एफिडेविट दायर करने का निर्देश दिया है। उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ महीनों में इसपर सुनवाई पूरी होकर फैसला आ जाएगा। इस मामले ने जीएसटी विभाग को सभी संबंधित मामलों को विभिन्न उच्च न्यायालयों से सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित भी हो सकते है।

ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए, जिसका जीएसटी विभाग और भारत संघ का प्रतिनिधित्व करने वाले अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल वेंकटरमण ने विरोध किया। इससे पहले 15 दिसंबर को न्यायालय ने हेड डिजिटल वर्क्स एंड गेम्स 24/7 को भेजे गए जीएसटी मांग नोटिस के खिलाफ अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। हालांकि, अदालत ने 1 अक्टूबर से प्रभावी, दांव के पूर्ण मूल्य पर पूर्वव्यापी रूप से 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने के सरकार के फैसले की संवैधानिक वैधता की समीक्षा करने की इच्छा का संकेत दिया था। इसके बाद ही यह अपील दायर की गई है।

दरअसल गेमिंग कंपनियों का तर्क है कि 28 प्रतिशत टैक्स केवल 1 अक्टूबर, 2023 से लागू होता है, सरकार का तर्क है कि संशोधन ने केवल मौजूदा कानून को स्पष्ट किया है। इसलिए, सरकार घोषणा करती है कि टैक्स की मांग पिछली तारीख से नहीं है।

सरकार ने अगस्त 2023 में, जीएसटी परिषद ने कानून में संशोधन किया था, जिसमें दांव से जुड़ी सभी ऑनलाइन स्किल या चांस में अंतर के बगैर लगाए गए दांव के कुल मूल्य के आधार पर 28 प्रतिशत जीएसटी दर लगेगी। जिसके बाद, ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को टैक्स डिमांड प्राप्त हुई, इसके बाद कहा जाने लगा कि पूरा गेमिंग इंडस्ट्री बर्बाद हो जाएगा। टैक्स विभाग ने इन कंपनियों पर 1 लाख करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का आरोप लगाते हुए कारण बताओ नोटिस दिए गए थे।

TN has filed a SLP in the SC against the Madras High Court’s decision on rummy and poker

The Stalin government of Tamil Nadu has filed a special leave petition in the Supreme Court against the Madras High Court’s decision on rummy and poker. The Madras High Court had struck down the Tamil Nadu government’s Tamil Nadu Prohibition of Online Gambling Act, 2022 (“TN Act”) in November. The TN Act was enacted by the state government to prohibit gambling for stakes including online poker and rummy.
Earlier, another decision of the Stalin government was also struck down by the Madras High Court. Madras High Court quashing Tamil Nadu Gaming and Police Laws (Amendment) Act, 2021 which prohibited online gaming for stakes.
The Stalin government in the fresh plea before the apex court said the Madras High Court has committed multiple errors of law and fact while striking down the Schedule of the TN Act, which included the games of online rummy and online poker. The High Court also held that sections 2(i) and 2(l)(iv) of the TN Act shall be read as restricted to games of chance and not games involving skill, viz., rummy and poker.
The government has framed 11 questions in the plea before the Supreme Court which included the following:

Whether the games of online rummy and online poker are games of skill or games of chance?
Whether the online gambling platforms are liable to be prohibited as “common gambling houses”, given that their profits are proportional to the stakes put up by the players in online games?
Whether the physical variants of the games of rummy and poker and the online variants of the said games are really identical in terms of the “brain activity” involved?
Whether the distinction between games of chance and games of skill is at all relevant in the context of a statute enacted by a State in exercise of its powers to legislate on the subject matters of public order and public health?
Whether a State has the competence to legislate on betting as a separate and distinct subject from gambling under Entry 34 of List II in the Seventh Schedule to the Constitution
Tamil Nadu government said the Madras High Court by its November 2023 decision has erred in effectively issuing a mandamus to the legislature by stating that it can only regulate and not ban the games of online rummy and online poker when played with money or other stakes.

The plea said even in a game of skill, a bet placed by a player on their own likelihood of success may not be well-calculated especially when the player does not have reliable data about the game such as the skill of their opponent(s). (e.g., when playing against a bot). The plea therefore said that even if online rummy and online poker are held to be games of skill, it would not automatically follow that the State cannot ban betting on such games of skill.

This fresh plea was filed on 30 December 2023 and at the time of writing this was allotted a diary number as per the Supreme Court website.

Cricket update: दो दिन में ही खत्म हो गया केपटाउन टेस्ट, भारत ने मैच जीता

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Cricket update: भारतीय टीम ने केपटाउन टेस्ट मैच सात विकेट से जीत लिया है। सिर्फ दो दिन में ही खत्म हुए मैच में भारतीय टीम ने जहां बॉलिंग में साउथ अफ्रीका के बैट्समैन को घास वाली विकेट पर छका दिया, वहीं बहुत ही मुश्किल हालत में भी कुछ भारतीय बल्लेबाजों ने बेहतर बल्लेबाजी कर भारतीय टीम को जीत दिला दी। जहां पहली पारी में विराट कोहली ने 46 रन की पारी खेली थी, वहीं दूसरी पारी में यशसवी जायसवाल ने 28 रन बनाए। दो टेस्ट मैच की यह सीरीज एक एक बराबरी पर खत्म हुई है। पहला मैच दक्षिण अफ्रीका ने जीता था, जबकि दूसरा मैच भारत ने जीता है।

केपटाउन की उछाल लेती हुई पिच पर भारतीय गेंदबाजों ने अफ्रीकी बल्लेबाजों को मात्र 55 रन पर ही आउट कर दिया था, भारत ने अपनी पहली पारी मे 153 रन बनाए थे और 98 रन की महत्वपूर्ण बढ़त ली थी। दूसरी पारी में भी अफ्रीका के बल्लेबाज काफी परेशान रहे, सिर्फ मार्कम ने ही 106 रन बनाए और पूरी टीम मात्र 176 रन पर आउट हो गई। दूसरी पारी में भारत को जीतने के लिए 79 रन बनाने थे। जोकि भारतीय टीम ने 12वें ओवर में ही हासिल कर लिया।

Google One: फ़ोटो, वीडियो और फ़ाइलों के स्टोरेज के लिए नया प्लान

Google One: फोन या फिर अन्य डिवाइस पर अक्सर हमें स्टोरेज का अहसास ही नहीं होता और वो जब फुल हो जाती है तो हमें लगता है कि अब क्या डिलीट करें, कई बार प्रोफेशन वर्क में हमें एडिशनल स्टोरेज चाहिए होती हैं, अगर किसी अन्य डिवाइस में वो स्टोर करते हैं तो उससे निकालने में समय लगता है, इसको देखते हुए Google One ने सस्ता और बेहतर स्टोरेज़ विकल्प पेश किया है।

Google One ने फोन, लैपटॉप या फिर डेस्क टॉप में फ़ोटो, वीडियो, दस्तावेज़ और अन्य फाइलों को स्टोर करने के लिए क्लाउड स्टोरेज को आसान और सस्ता कर दिया है। कंपनी ने पहले 3 महीनों के लिए रियायती मूल्य पर ‘बेसिक’, मानक और प्रीमियम प्लान पेश किया है।

बेसिक प्लान की लागत आमतौर पर 130 रुपये प्रति माह या 1,300 रुपये सालाना होती है, लेकिन Google One इस प्लान को प्रमोशन के तहत पहले 3 महीने में 100 रुपये में दे रही है। यदि आप अधिक स्टोरेज चाहते हैं, तो 200GB और 2TB स्टोरेज के साथ आने वाले स्टैंडर्ड और प्रीमियम प्लान को पहले 3 महीनों के लिए 50 रुपये और 160 रुपये में भी खरीद सकते हैं। इन ऑफर्स का लाभ डेस्कटॉप और मोबाइल दोनों से उठाया जा सकता है।

Google One प्रमोशनल ऑफर मिलेगा?

  1. अपने फोन पर Google One ऐप डाउनलोड और इंस्टॉल करें और उस अकाउंट का उपयोग करके साइन इन करें, जिसके लिए आप प्लान लेना चाहते हैं।
  2. अब, ‘अपग्रेड’ बटन को दबाएं और Google आपको सभी छूट वाले प्लान उनकी कीमत दिखाने लगेगा।

विकल्प के तौर पर आप फ़ोटो ऐप खोलकर, स्क्रीन के ऊपर दाईं ओर प्रोफ़ाइल चित्र पर टैप करके और ‘अनलॉक स्टोरेज डिस्काउंट’ बटन पर क्लिक करके भी Google One प्लान खरीद सकते हैं।

Google One सदस्यता क्यों लें?
Google One Basic योजना में इसके सदस्यों को 100GB मुफ्त क्लाउड स्टोरेज तो मिलेगा ही, साथ-साथ विभिन्न अतिरिक्त सुविधाओं जैसे पांच मेंबर इसको आपक में साझा कर सकते हैं, अगर कोई तकनीकी समस्या आती है तो Google के विशेषज्ञों तक आप पहुंच सकते हो, ईमेल और फोन नंबर जैसी आपकी जानकारी के लिए डार्क वेब को स्कैन करने की सुविधा भी मिलती है। उपयोगकर्ताओं को Google फ़ोटो की उन्नत संपादन सुविधाओं जैसे मैजिक इरेज़र, पोर्ट्रेट ब्लर, पोर्ट्रेट लाइट, कलर पॉप, स्काई सुझाव और भी बहुत कुछ तक पहुंच मिलती है। ओप्पो और पिक्सेल जैसे कुछ फ़ोन निर्माता 6 महीने का Google One का फ्री ट्रायल भी दे रहे हैं। पिछले साल तक गुगल वन मुफ्त में स्टोरेज सुविधा दे रहा था, लेकिन पिछले साल से उसने कुल स्टोरेज को सीमित कर दिया है। इसके बाद बहुत सारे लोगों को स्टोरेज की समस्या पैदा हो गई है। जिनके लिए यह प्लान काम का हो सकता है।

Test cricket update: भारतीय टीम के साथ जुड़ा एक शर्मनाक रिकॉर्ड

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Test cricket update: केपटाउन में दूसरे टेस्ट के पहले ही दिन (Cape Town test) भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 153 रन पर ही ऑल आउट हो गई (Indian cricket team all out on 153 runs)। लेकिन बड़ी बात यह है कि इस स्कोर पर ही उसके 6 विकेट गिर गए। बिना एक भी रन बनाए, सभी छह बल्लेबाज लगातार इसी स्कोर पर आउट हो गए। पिछले दस सालों में यह पहली बार हुआ है कि भारतीय क्रिकेट टीम ने एक के बाद एक विकेट एक ही स्कोर पर खो दिए हों, जबकि एक समय टीम बहुत ही मज़बूत स्थिति में दिख रही थी।

दक्षिण अफ्रीका (South Africa) को पहली पारी में मात्र 55 रन पर आउट करने के बाद भारतीय टीम का स्कोर चार विकेट पर 153 रन था और उस समय विराट कोहली के साथ के एल राहुल मैदान में थे। सबसे पहले 34 ओवर में 8 के निजी स्कोर पर के एल राहुल आउट हुए। उसके बाद उसी स्कोर पर रविंद्र जडेजा अपना विकेट दे बैठे, फिर दो गेंदों बाद जसप्रीत बुमराह भी स्लिप पर कैच थमा बैठे। अगले ओवर में विराट कोहली भी 46 रन के निजी स्कोर पर रबाडा की गेंद पर मार्कम को कैच दे बैठे। इसी स्कोर पर मोहमद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा भी आउट हो गए। इस तरह से जो भारतीय टीम एक समय बहुत मज़बूत स्थिति में दिख रही थी। उसने अपनी पकड़ दो ओवरों में ही खो दी। टीम मात्र 11 गेंदों में पूरी तरह से बिखर गई। इससे पहले भी 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ भी भारतीय टीम के 6 बल्लेबाज बिना एक भी रन बनाए आउट हो गए थे।

इस मैच में एक और रिकार्ड बन गया है, इस मैच में भारतीय पारी से 6 बल्लेबाज बिना एक भी रन बनाए पवैलियन लौट गए। इससे पहले आठ मौकों पर ही ऐसा हुआ है कि 6 बल्लेबाज शून्य पर आउट हुए हों। भारतीय टीम के नाम इस पारी में एक ओर शर्मनाक रिकार्ड जुड़ गया है। इस मैच के पहले ही दिन कुल 23 विकेट गिरें है

T20 World Cup: IPL के प्रदर्शन के आधार पर विश्व कप के लिए चुन जाएंगे खिलाड़ी

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T20 World Cup: T20 विश्वकप के लिए भारतीय टीम का चुनाव आईपीएल में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। टी20 विश्व कप के लिए 15 खिलाड़ियों का चुनाव भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) मार्च महीने के आखिर में करेगा। आईपीएल 2024, 22 मार्च को शुरू हो सकती है और इसका फाइनल 26 मई को होने की संभावना है। टी20 विश्व कप 4 जून से 30 जून तक वेस्टइंडीज और अमेरिका में खेला जाएगा।
पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, टी20 वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले भारत की आखिरी टी20 सीरीज जनवरी 2024 में है और कई खिलाड़ी चोट संबंधी मुद्दों के कारण उपलब्ध नहीं होंगे, यही वजह है कि खिलाड़ियों के चयन पर कोई फैसला नहीं लिया जा सकेगा. आईपीएल 2024 के पहले महीने में संभावित खिलाड़ियों की फॉर्म और फिटनेस देखने के बाद ही टी20 वर्ल्ड कप 2024 पर फैसला लिया जाएगा।

हार्दिक पंड्या और सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ी चोटों के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की टी20 सीरीज में नहीं खेल पाएंगे, जबकि ज्यादातर खिलाड़ी जो इस समय दक्षिण अफ्रीका टेस्ट में शामिल हैं, उनके भी घरेलू सीरीज में हिस्सा लेने की संभावना नहीं है।

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि “सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पंड्या फिट नहीं हैं। अफ़ग़ानिस्तान सीरीज़ आपको कुछ नहीं बताएगी. सब कुछ आईपीएल के पहले महीने के आधार पर तय किया जाएगा,”।

खबरों के मुताबिक, विराट कोहली और रोहित शर्मा भी टी20 विश्व कप 2024 में खेलेंगे। ऐसी संभावना है कि आईपीएल के दो महीनों के दौरान कम से कम 25 से 30 खिलाड़ियों को चुना जाएगा और उन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

Cricket update: दक्षिण अफ्रीका का दूसरा विकेट गिरा, अफ्रीकी टीम पहले कर रही है बल्लेबाजी

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Cricket update: मोहमद सिराज ने दक्षिण अफ्रीका को दूसरा झटका दिया है। मोहमद सिराज ने डीन एलगर को भी बोल्ड कर दिया है। अब अफ्री का स्कोर 10 रन पर दो विकेट हो गया है।

Cricket update: भारतीय टीम को पहली सफलता मिल गई है। मोहम्द सिराज ने दक्षिण अफ्रीका का पहला विकेट झटक लिया है। मार्कम को सिराज ने स्लिप में जयसवाल के हाथों कैच कराया। फिलहाल दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 1 विकेट पर छह रन हैं।

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरा क्रिकेट टेस्ट मैच आज से शुरु होने जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी शुरु की है। भारतीय टीम में दो बदलाव किए हैं, स्पिनर रविंद्र चंद्र अश्विन की बजाए रविंद्र जडेजा मैच खेल रहे हैं, जबकि शार्दुल ठाकुर की जगह मुकेश कुमार को मौका मिला है।

पहले टेस्ट मैच में भारतीय टीम को करारी हार मिली थी। दूसरे मैच को लेकर भारतीय टीम ने तैयारियां तो अच्छी की है, लेकिन इस ग्राउंड की पिच पर भी वैसी ही घास है, जैसी कि सेंचुरियन के मैदान पर भी, ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों के लिए दूसरा टेस्ट मैच भी परीक्षा जैसा ही होगा। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दो टेस्ट मैच की यह सीरिज है, जिसमें पहला मैच दक्षिण अफ्रीकी टीम जीत चुकी है, ऐसे में भारत अब यह सीरिज सिर्फ बराबर कर सकता है।

अगर भारत केपटाउन में होने जा रहे इस मैच को जीत लेता है तो उसे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के प्वाइंट टेबल में फायदा होगा। लेकिन बड़ी बात यह है कि भारत ने आज तक कभी केपटाउन में मैच नहीं जीता है।

Mahadev app update: 10 जनवरी से महादेव एप पर ईडी की विशेष अदालत में बहस होगी शुरु

Mahadev app update: महादेव सट्टेबाजी एप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कुल मिलाकर 6 हज़ार करोड़ रुपये का घोटाला बताया (Rs. 6000 cr Mahadev app scam ) है। विशेष अदालत में ईडी ने 1800 पेज की अपनी चार्जशीट में पांच नए आरोपियों कांस्टेबल भीम यादव, ड्राइवर असीम दास, खुद को इस सट्टेबाजी एप का मालिक बताने वाले शुभम सोनी, अनिल अग्रवाल और रोहित गुलाटी के नाम जोड़े हैं। अब इस चार्जशीट पर 10 जनवरी से बहस होगी।

ईडी के वकील डॉ. सौरभ कुमार पांडे ने बताया कि एजेंसी ने ईडी की विशेष अदालत में जस्टिस अजय सिंह राजपूत की कोर्ट में दूसरी चार्जशीट जमा कराई है। अब दस जनवरी से होने वाली बहस में साफ किया जाएगा कि किन आरोपियों ने क्या क्या भूमिका इस 6 हज़ार करोड़ रुपये घोटाले में निभाई है। इससे पहले पहली चार्जशीट में ईडी ने 14 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इस चार्जशीट के मुताबिक ईडी ने शुरु में 41 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। पहली चार्जशीट में ईडी ने एप के संचालक सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, निलंबित एएसआई चंद्रभूषण वर्मा, सतीश चंद्राकर, अनिल धमानी, सुनील धमानी, विशाल आहुजा ,धीरज आहुजा और पूनाराम वर्मा, शिवकुमार वर्मा, यशोदा वर्मा और पवन नत्थानी शामिल हैं।

महादेव सट्टेबाजी एप को लेकर राजनीति भी हुई है। छत्तीसगढ़ चुनावों मेमं खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस एप के जरिए लोगों को लूटने का आरोप लगाया था। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर महादेव सट्टेबाजी एप के संचालकों से 500 करोड़ रुपये से ज्य़ादा रिश्वत लेने का आरोप भी लगा था।

Action against gambling website domains: गृह मंत्रालय ने डोमेन ब्लॉक करने की प्रक्रिया की शुरु

Action against gambling website domains: देश में गैंबलिंग के खिलाफ सरकार ने 114 वेबसाइट्स के डोमेन ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। सोसाइटी अगेंस्ट गैंबलिंग (SAG) ट्रस्ट की प्रधानमंत्री को शिकायत के बाद इन वेबसाइट्स को ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरु की है। देश में सैकड़ों की संख्या में ऑनलाइन गैंबलिंग खिलाने वाली वेबसाइट चल रही हैं, जोकि लोगों को पैसा जीतने का लालच देकर उन्हें लूट रही हैं।

SAG ने 16 नवंबर को प्रधानमंत्री को लिखी एक चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने 114 गैंबलिंग वेबसाइट्स की एक लिस्ट दी थी, इन वेबसाइट्स का देश में अवैध गैंबलिंग के कुल कारोबार का 90 प्रतिशत पर कब्ज़ा है। अगर इन वेबसाइट्स के डोमन ब्लॉक हो जाएंगे तो अवैध ऑनलाइन गैंबलिंग चला रहे कारोबार की कमर टूट जाएगी।

एसएजी की चेयरमैन नेहा वर्मा के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने इस लिस्ट के हिसाब से इनको ब्लॉक करने के लिए तकनीकी विभाग को आगे भेज दिया है। हम देश में अवैध गैंबलिंग को खत्म करने की दिशा में काम कर रहे हैं। देश में बड़ी संख्या में युवा और कामकाजी लोग इन वेबसाइट्स के विज्ञापनों के प्रलोभन में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं। देश में हर शहर में ऐसे भुक्तभोगी हैं, जोकि ऑनलाइन वेबसाइट पर अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा गंवा चुके हैं। हमारे पास बहुत सारी महिलाएं आकर इस बात की शिकायत करती हैं कि कैसे जीतने के नाम पर उनके पैसे हड़प लिए गए। लिहाजा हमने इसपर चिट्ठी लिखी थी।

Gaming SRB का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में, अब PMO बनाएगा गेमिंग को लेकर नीति

Gaming SRB: दिल्ली हाई कोर्ट में एक एनजीओ (SOCH) के गेमिंग इंडस्ट्री पर सेल्फ रेगुलेटरी बॉडी (Self Regulatory Body) बनाने के खिलाफ दायर पीआईएल के बाद अब केंद्र सरकार ने भी एसआरबी बनाने की योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफोरमेशन टेक्नॉलॉजी (MeitY) राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एक इंटरव्यू में कहा कि एसआरबी के मुद्दे पर योजनाएं आगे नहीं बढ़ रही थी, हमें एसआरबी के लिए अभी तक एक ही आवेदन मिला था, जोकि हमें पसंद नहीं आया था। इसके बाद सरकार खुद ही एसआरबी जैसा कोई नियामक बनाकर उससे गेमिंग इंडस्ट्री पर कंट्रोल कर सकती है।

अंग्रेजी अखबार मिंट में छपी ख़बर के मुताबिक, दिसंबर के आखिरी हफ्ते में गेमिंग को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय में कुछ बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। जिसमें गेमिंग इंडस्ट्री के रेगुलेटर पर भी फैसला लिया जा सकता है। इससे पहले गेमिंग इंडस्ट्री में गेम्स को लेकर इंड्स्ट्री खुद ही एसआरबी बना रही थी, इसको लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफोरमेशन टेक्नॉलाजी मंत्रालय ने नोटिफिकेशन भी जारी किया था। लेकिन इसको लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक पीआईएल दायर हो गई थी। इसके बाद सरकार को अपने कदम पीछे खींचने पड़े हैं। फिलहाल पीएमओ गेमिंग इंडस्ट्री पर नियम बनाने पर विचार कर रहा है।

एसआरबी बनाने को लेकर गेमिंग इंडस्ट्री ने तीन प्रस्ताव मंत्रालय में भेजे थे, लेकिन अब मंत्रालय कह रहे हैं कि उसे एक ही प्रस्ताव मिला है। दरअसल हाई कोर्ट में दायर अपील के बाद मंत्रालय अपने नोटिफिकेशन पर कानूनी तौर पर अपनी राय रखने में काफी परेशान था। फिलहाल देश में सैकड़ों गेमिंग कंपनियां काम कर रही हैं, लेकिन यह कंपनियां क्या गेम खिलाती हैं और लोगों के पैसे को कैसे रखती हैं, इसपर कोई नियम नहीं है।