Saturday, March 14, 2026
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जीएसटी में गड़बड़ी पर एक्शन में सरकार, इन गेमिंग कंपनियों को मिला कारण बताओ नोटिस

ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री पर सरकार का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। एक तरफ कारोबार पर 28 फीसदी जीएसटी लगाने के फैसले से कंपनियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, वहीं दूसरी तरफ इस सेक्टर की बड़ी फर्मों को भी जीएसटी चोरी के आरोप में लगातार नोटिस मिल रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक इन ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को 1 लाख करोड़ रुपये के जीएसटी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। खास बात यह है कि जैसे ही ये कंपनियां जीएसटी अधिकारियों के निशाने पर आई हैं। फिलहाल 1 अक्टूबर से अब तक विदेशी गेमिंग कंपनियों ने भारत से दूरी बना रखी है।

1 अक्टूबर के बाद किसी भी विदेशी फर्म ने पंजीकरण नहीं कराया

समाचार न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, जीएसटी चोरी के आरोप में ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को अब तक जो नोटिस जारी किए गए हैं, इनमें से कई उन कंपनियों के रेवेन्यू से भी ज्यादा हैं। इसमें एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि 1 अक्टूबर 2023 के बाद से किसी भी विदेशी ऑनलाइन गेमिंग कंपनी ने अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, यानी किसी भी विदेशी गेमिंग कंपनी का भारत में रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। उल्लेखनीय है कि 28 प्रतिशत जीएसटी के साथ ही देश में ऑनलाइन गेमिंग फर्मों के लिए एक अक्टूबर से पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।

100 से अधिक गेमिंग फर्मों को मिला नोटिस

वहीं बिजनेस टुडे पर प्रकाशित एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, टैक्स अधिकारी ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के खिलाफ अपनी जांच का दायरा बढ़ाने के लिए तैयार हैं। इसमें सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि जीएसटी खुफिया निदेशालय आने वाले महीनों में 100 और फर्मों के खिलाफ जांच शुरू करने की तैयारी कर रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं जीएसटी चोरी तो नहीं हुई है। आपको बता दें कि ऑनलाइन गेमिंग फेडरेशन के साथ घरेलू स्तर पर 100 से अधिक कंपनियां पंजीकृत हैं।

कई बड़ी गेमिंग कंपनियों को मिला नोटिस

ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर से जुड़ी बड़ी कंपनियां ड्रीम-11, प्ले गेम 24/7 और डेल्टा कॉर्प इस सेक्टर में जीएसटी एक्शन के सबसे बड़े उदाहरण हैं। दरअसल, हाल ही में कैसीनो चलाने वाली इस कंपनी को जीएसटी निदेशालय से 16,800 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस मिला है। इस नोटिस के मिलने के बाद कंपनी के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। 16,822 करोड़ रुपये के इस टैक्स नोटिस में जुलाई 2017 से मार्च 2022 तक की डिमांड पीरियड को शामिल किया गया है। एक्सचेंज फाइलिंग में साझा की गई जानकारी के मुताबिक, डेल्टा कॉर्प को 11,140 करोड़ रुपये का नोटिस दिया गया है, जबकि बाकी 5,682 करोड़ रुपये के लिए दूसरा जीएसटी नोटिस डेल्टा कॉर्प की तीन सहायक कंपनियों को मिला है।

ड्रीम-1 को मिला जीएसटी का सबसे बड़ा नोटिस

वहीं दूसरी ओर ड्रीम 11 को जीएसटी निदेशालय ने 28,000 करोड़ रुपये का नोटिस दिया था, जबकि एक अन्य कंपनी प्ले गेम 24/7 को भी 20,000 करोड़ रुपये का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके अलावा एक रिपोर्ट के मुताबिक जीएसटी चोरी को लेकर करीब 100 कंपनियां रडार पर हैं। उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाए जाने के बाद इस क्षेत्र की कई कंपनियां इसका विरोध कर रही थीं।

महादेव बुक अवैध सट्टेबाजी रैकेट के मामले में ईडी ने दाखिल की 197 पेज की चार्ज शीट, जानिए आरोपियों के नाम

महादेव बुक प्रकरण को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में सट्टेबाजी के 14 अवैध संचालकों के खिलाफ एक विशेष अदालत में 197 पन्नों का आरोपपत्र दायर किया है। ईडी का आरोप है कि ये लोग एक सट्टेबाजी का रैकेट चलाते हैं और अभी तक इन लोगों ने अरबों का घोटाला किया है।

जांच के दौरान पुलिस और ईडी ने कुछ प्रमुख रैकेट सरगना के साथ ही गुर्गों पर मामला दर्ज किया जो पर्दे के पीछे काम कर रहे थे। ईडी ने विभिन्न हवाला चैनलों से 417 करोड़ रुपये भी जब्त किए, जिनका उपयोग अवैध सट्टेबाजी के माध्यम से अर्जित धन को ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। चार्जशीट में उल्लिखित 14 में से 9 अभी भी पुलिस द्वारा वांछित हैं और वर्तमान में फरार हैं।

ईडी ने इन लोगों के खिलाफ दाखिल की है चार्जशीट

सौरभ चंद्राकर

महादेव बुक अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर मूल रूप से छत्तीसगढ़ का रहने वाला है। जूस विक्रेता के रूप में काम करते हुए उसने एक स्थानीय सट्टेबाज के रूप में शुरुआत की। उसने महादेव बुक को चलाने के लिए अपने नेटवर्क दुबई में शुरू किया और छत्तीसगढञ के साथ ही पूरे देश में फैलाया है। उसके नेटवर्क के तहत 60 से अधिक अवैध सट्टेबाजी ऐप हैं। फिलहाल चंद्राकर दुबई में छिपा हुआ है। फिलहगाल ईडी अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों के साथ सहयोग के जरिए उसे भारत वापस लाने के लिए काम कर रहा है।

रवि उप्पल

सौरभ चंद्राकर के बाद दूसरा प्रमुख संचालक रवि उप्पल महादेव बुक अवैध सट्टेबाजी ऐप का सह-मालिक है। उप्पल मुख्य रूप से पुलिस और राजनेताओं के साथ काम करता है ताकि अवैध कारोबार को संचालित किया जा सके। उसका छत्तीसगढ़ में बड़ा नेटवर्क है और वह भी चंद्राकर के साथ दुबई में छिपा हुआ है। उप्पल को उच्च पदस्थ अधिकारियों को रिश्वत के रूप में धन की सुविधा प्रदान करने के लिए जाना जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि महादेव बुक के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए। हालांकि उप्पल का दावा है कि वह छत्तीसगढ़ में एक निर्माण व्यवसाय करता है।

चंद्रभूषण वर्मा, सतीश चंद्राकर, अनिल और सुनील दमानी

इन चारों के खिलाफ ईडी ने अगस्त में मामला दर्ज किया था और भारत में महादेव बुक के पूरे संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एक पुलिस अधिकारी एएसआई चंद्रभूषण वर्मा को धन की सुविधा दी गई थी, जिसका उपयोग अन्य उच्च रैंक के अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए किया गया था। सौरभ चंद्राकर का रिश्तेदार सतीश चंद्राकर दुबई में मास्टरमाइंड के साथ लगातार संपर्क में था और ऑपरेशन की देखरेख कर रहा था। उसने रिश्वत के पैसे नौकरशाहों और राजनेताओं तक पहुंचाने का भी काम किया।
जबकि दमानी बंधु, अनिल और सुनील दमानी प्रमुख संचालक थे जो हवाला लेनदेन के माध्यम से धन को ट्रांसफर करने में मदद कर रहे थे। दोनों एक पेट्रोल पंप और एक आभूषण की दुकान चलाते हैं, जो उनके अवैध संचाधंधे को नया रूप देता है। पुलिस को इन गतिविधियों से 55 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का संदेह है।

यशोधा, पुनाराम और शिवकुमार वर्मा

एएसआई वर्मा अपने कामों में अकेले नहीं थे क्योंकि ईडी की जांच से पता चला कि उनकी सास यशोधा वर्मा ने मनी लॉन्ड्रिंग फर्म बनायी थी और इसका नाम आदित्य ट्रेडिंग कंपनी था जो अपराध की आय को वैध बनाने के लिए एक चेहरा था। आदित्य ट्रेडिंग कंपनी अनाज और चावल के व्यापार में शामिल थी। हालांकि, अधिकारियों द्वारा बारीकी से देखने पर, यह पता चला कि पूरे ऑपरेशन का उपयोग महादेव बुक के गुर्गों के फर्जी लेनदेन को कवर करने के लिए किया गया था। इसके साथ ही उनके पिता पुनाराम वर्मा ससुर शिवकुमार वर्मा के साथ सृजन एसोसिएट्स नाम की एक अन्य फर्म में भागीदार हैं।

विकास छापरिया

चंद्राकर और उप्पल के करीबी छापरिया ने चंद्राकर की शादी की 200 करोड़ रुपये की तैयारियों में मदद की थी। कोलकाता में स्टॉक ब्रोकर के रूप में काम करने वाले छापरिया ने महादेव बुक मास्टरमाइंड के सरगना चंद्राकर से स्टॉक मार्केट ने निवेश कराया था। फिलहाल छापरिया के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया है। माना जाता है कि उसने चंद्राकर की तरह वानूआतू में नागरिकता हासिल कर ली है।

विशाल और धीरज आहूजा

महादेव बुक मास्टरमाइंड की शादी में शामिल होने वाले लोगों के लिए यात्रा की व्यवस्था इन दोनों लोगों ने कराई थी। इनमें परिवार के सदस्य, व्यापारिक सहयोगी, मेहमान और अवैध सट्टेबाजी प्लेटफार्मों को बढ़ावा देने वाली हस्तियां शामिल थीं। आहूजा भाई ने उन सभी के लिए दुबई आने-जाने की व्यवस्था की। सिर्फ शादी ही नहीं, दोनों भाइयों ने यूएई में महादेव बुक ऑपरेटिव्स के पिछले कई आयोजनों के लिए भी यात्रा की व्यवस्था की थी।

पवन नथानी

आहूजा बंधुओं के साथ काम करते हुए नथानी ने नकली बैंक मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाई थी। न केवल इन बैंक खातों का उपयोग टिकट बुक करने के लिए किया गया था, बल्कि उनका उपयोग दैनिक संचालन की सुविधा के लिए भी किया गया था।

GST विभाग ने टैक्स कलेक्शन टारगेट पूरा करने के लिए गेमिंग इंडस्ट्री को भेजे एक लाख करोड़ रुपये के नोटिस

जीएसटी विभाग ने पिछले वित्त वर्ष की तर्ज पर इस साल भी कई इंडस्ट्रीज़ को टैक्स चोरी के नोटिस भेजे, इनमें सबसे ज्य़ादा नोटिस गेमिंग कंपनियों को गए हैं। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के चैयरमैन संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि Online Gaming कंपनियों के खिलाफ GST विभाग ने करीब 1 लाख करोड़ रुपये Show Cause Notice भेजे गए हैं।

बड़ी बात ये है कि सबसे बड़ी गेमिंग एपेक्स बॉडी ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन के मुताबिक, भारत में गेमिंग इंडस्ट्री (India’s gaming industry size) सालाना 20 हज़ार करोड़ रुपये करीब है। ऐसे में सरकार ने गेमिंग कंपनियों को एक लाख करोड़ रुपये से ज्य़ादा के टैक्स नोटिस भेज दिए हैं। जिसको लेकर गेमिंग कंपनियों में घबराहट की स्थिति है। विदेशों से भी जिन कंपनियों में निवेश होना था, वो भी रुक गया है। ऐसे में गेमिंग इंडस्ट्री आने वाले समय में मुश्किलों भरा हो सकता है।

सीएनबीसी की ख़बर के मुताबिक, सरकार ने कहा है कि मौजूदा वित्त वर्ष में जीएसटी चोरी के जो मामले सामने आए हैं, उनसे सरकार को 50,000 करोड़ रुपये से अधिक रकम वसूल होने की उम्मीद है।

दरअसल सरकार को अपने टैक्स लक्ष्य में गेमिंग कंपनियां (gaming companies are target of tax department) आसान लक्ष्य दिखती हैं, लिहाजा इन कंपनियों को पिछले कई सालों का टैक्स नोटिस भेजा गया है। जबकि ज्य़ादातर कंपनियां जीएसटी और इंकम टैक्स दोनों भरती हैं। अभी तक ये कंपनियां 18 परसेंट की दर से जीएसटी दे रही थी, लेकिन इस जीएसटी को 28 परसेंट करने के साथ साथ जीएसटी विभाग ने 2017-18 से ही कंपनियों पर 28 परसेंट की दर से टैक्स नोटिस भेज दिए हैं। इसी वजह से गेमिंग कंपनियों पर अपने साइज के पांच गुना तक के टैक्स नोटिस भेजे गए हैं। गेमिंग कंपनियों ने अलग अलग कोर्ट में इन नोटिस को चैलेंज किया हुआ है। ऐसे में सरकार को इन कंपनियों से टैक्स वसूलना मुश्किल होगा।

 बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक, इस साल अब तक की सबसे बड़ी कर वसूली विभाग कर सकता है। अभी तक जीएसटी अधिकारियों को 1.36 लाख करोड़ रुपये कर चोरी का पता चला है। इसमें से 14,108 करोड़ रुपये विभाग ने वसूल कर लिए हैं। वित्त वर्ष 2023 के दौरान 1.01 लाख करोड़ रुपये की कर चोरी का पता चला था, जिसमें से 21,000 करोड़ रुपये विभाग ने वसूल किए हैं।

महादेव बुक्स के करीबी CBTF के अमित मजिठिया को भारत लाने से बहुत से सफेदपोशों से उठ सकता है पर्दा?

सीबीटीएफ के अमित मजीठिया को दुबई नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स ने थाईलैंड डिपोर्ट कर दिया है। महादेव बुक्स एप के करीबी और उनके साथ मिलकर अवैध जुआ कारोबार करने वाले अमित मजीठिया को हाल ही में दुबई नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स ने गिरफ्तार किया था। माना जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) अगर अमित मजीठिया से पूछताछ करती है तो छत्तीसगढ़ में बहुत से सफेदपोश नेताओं के चेहरे से पर्दा उठ सकता है। महादेव बुक्स के अवैध जुआ ऑपरेशंस और नेता अधिकारियों से सांठगांठ में अमित की महत्वपूर्ण भूमिका रहती थी।

दुबई में मजीठिया के क्लब में एक लड़की की आत्महत्या के मामले में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स ने अमित को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद मजीठिया के एचआईवी संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी, लिहाजा यूएई मजीठिया को डिपोर्ट किया है। मजीठिया को अब थाईलैंड में डिपोर्ट कर दिया गया है, थाईलैंड में भी अमित मजीठिया का कुछ केसेज़ नाम है।

सूत्रों के मुताबिक, महादेव बुक के अवैध कारोबार को लेकर एजेंसियां मजीठिया को भारत भी ला सकती है। ईडी के लगातार बुलावे के बाद भी महादेव ऐप से अभी तक कोई भी पूछताछ में शामिल नहीं हुआ है। अमित मजीठिया को महादेव बुक्स एप चलने वाले मुख्य व्यक्तियों में माना जाता है।

इंडस्ट्री जानकारी के मुताबिक, महादेव बुक्स के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के साथ अमित मजीठिया मिलकर महादेव बुक्स एप और उनके ऑपरेशंस को चलते हैं। माना जा रहा है कि परिवर्तन निदेशालय महादेव बुक्स ऐप से संबंधित मामले में बहुत महत्वपूर्ण जानकारियां अमित मजीठिया से मिल सकती हैं। लिहाजा अमित को भारत लाना बहुत जरुरी है।

This budget smartphone also comes in 8GB variants, 5000mAh battery and 128GB storage

Realme Narzo N 53: Realme has introducedthe 8 GB variant of theNarzo N 53 smartphone in India, the company launched this smartphone in India this year. This variant of the Realme Narzo N53 phone will get 8 GB RAM and 128GB of storage, while there are already two color options of 6 GB RAM of Realme NarzoN53.

Price of Realme NarzoN53

Realme Narzo 8The price of GB RAM and 128GB storage variants is Rs 11,999. This phone has been introduced in Feather Gold and Feather Black color options. If you buy this phone now, you will get a discount of Rs 2000. At the same time, the sale of Realme Narzo N53 will start on October 25.

Specifications of Realme Narzo N53

The Realme Narzo N53 smartphone comes with a6.74-inch mini dropdisplay. The phone has a 90 Hz FHD+ display. The phone has a peak brightness of 450 nits, while the touch sampling rate is 180Hz. The phone has unisoc T612 chipset support. The phone comes with 5000mAh battery. The phone has 33W fast charging support.

Phone 12128 GB storage will be available with GB dynamic RAM. The phone comes withDRE technology. The phone has a 50 MP primary AI camera. As a camera mode, the phone has night mode, portrait mode, HDR, AI siege and Bokeh effect.The phone has an 8 MP camera sensor for selfie. The phone is quite lightweight. Its weight is 182 grams.

VivoY200 5G phone launched

The Vivo Y200 5G is priced at Rs 21,999 for the 8/128GBvariant and is offering a discount of Rs 2,000 on debit and credit cards of HDFC and ICICI Bank. You can buy the mobile phone in Jungle Green and Dessert Gold Color.

Talking about the specification, you will get 6.67 inches in it. There is an FHD+ AMOLED display that supports a refresh rate of 120Hz. The smartphone has a 4800 mAh battery with 44 Watt fast charging. The company has claimed that this phone gets 50% charged in just 19 minutes. The smartphone has a 64 MP primary camera with OIS support and a 2MP second camera. The front has a 16MP camera. Mobile The phone works on Snapdragon 4 Gen1 processor.

For the protection of the smartphone, it has an in-display fingerprint sensor. This phone has a wedding portrait mode for wedding photography, which captures wedding photos in a better way.

एक ओर सउदी अरब बनने जा रहा है गेमिंग हब, तो भारत में टैक्स दबाव की वजह से बाहर जा रही हैं गेमिंग कंपनियों

जहां एक ओर भारत में जीएसटी और टैक्स के जरिए गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स इंडस्ट्री (GST on gaming companies) का गला घोंटा जा रहा है, वहीं दुनिया के एक प्रमुख क्षेत्र गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स (Gaming-Esports) के जरिए अपने यहां का नक्शा बदलना चाहता है। भारत में गेमिंग पर 28 परसेंट जीएसटी (28% GST on gaming companies) के साथ साथ टैक्स विभाग कंपनियों के खिलाफ लगातार टैक्स नोटिस भेज रही है। लेकिन सऊदी अरब गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स के जरिए अगले 6 सालों में दुनिया का सबसे बड़ा गेमिंग हब बनाने जा रहे हैं। इसके लिए वो सउदी अरब की राजधानी रियाद में हर साल वर्ल्ड कप भी करेंगे। इसकी घोषणा खुद सऊदी अरब के होने वाले बादशाह मोहम्मद बिन सलमान (the Crown Prince of Saudi Arabia, Mohammed bin Salman) ने की है।

सउदी अरब कैसे बनेगा ई-स्पोर्ट्स हब

न्यू ग्लोबल स्पोर्ट्स कॉन्फ्रेंस के दौरान क्राउन प्रिंस ने रियाद को दुनिया का सबसे बड़ा गेमिंग हब बनाने की बात भी कही। इससे पहले उन्होंने 500 मिलियन डॉलर से रियाद में ई-स्पोर्ट्स सिटी बनाने की घोषणा भी की थी। सउदी अरब गेमिंग सेक्टर का सबसे बड़ा निवेशक बन रहा है। दरअसल अगले कुछ सालों में कच्चे तेल के उत्पादन में कमी के साथ साथ कच्चे तेल के कई अन्य विकल्प भी सामने आने लगेंगे, ऐसे में खाड़ी देशों को अपनी इकॉनामी चलाने के लिए नए-नए विकल्प तलाशने होंगे, ऐसे में स्पोर्ट्स को खाड़ी देश काफी बढ़ावा दे रहे हैं। हाल ही में कतर ने फुटबॉल वर्ल्ड कप का आयोजन किया था और अब सउदी ई-स्पोर्ट्स में बड़ा निवेश कर रहा है।

इस कार्यक्रम में कहा गया कि अभी ई-स्पोर्ट्स में वर्ल्ड कप सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल इवेंट रियाद में होगा। इसके जरिए से सऊदी अरब समेत गल्फ कंट्रीज को इंटरनेशनल गेमिंग हब बनने में भी मदद मिलेगी। सऊदी अरब गेमिंग के जरिए स्थानीय टैलेंट के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को भी अपने यहां बुलाना चाहता था। इस ई-गेमिंग वर्ल्ड कप के जरिए सऊदी अरब 2030 तक उसके जीडीपी में 13 बिलियन डॉलर से ज्य़ादा की बढ़ोतरी करना चाहता है। साथ-साथ लगभग 40000 नौकरियां भी क्राउन प्रिंस इस गेमिंग सेक्टर से सउदी अरब में देखते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप सऊदी अरब की यात्रा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और वह इसको गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स को एक हब तौर पर डेवलप करना चाहते हैं और ऐसा एक्सपीरियंस देना चाहते हैं जोकि किसी ने नहीं देखा हो। उन्होंने कहा कि 2030 तक वह अपनी इकोनामी टूरिज्म सेक्टर की तरफ लेकर जाना चाहते हैं।

भारत ने गेमिंग का गला घोंटा

भारत में टैक्स अथॉरिटी गेमिंग कंपनियों पर लगातार दबाव बना रही हैं। पिछले कुछ समय में गेमिंग सेक्टर की कंपनियों पर एक लाख करोड़ रुपये से ज्य़ादा के टैक्स नोटिस भेजे गए हैं। साथ ही इस सेक्टर पर 28 परसेंट जीएसटी भी लगा दिया गया है। ऐसे में कई गेमिंग कंपनियों ने या तो ऑपरेशन बंद कर लिए हैं या फिर उनमें कटौती कर ली है। बहुत सारी कंपनियां तो अपना बेस भारत से बाहर करने में भी लग गई हैं।

डेल्टा कॉर्प को मिली राहत, बॉम्बे हाईकोर्ट की बेंच ने बिना अनुमति टैक्स के लिए अंतिम कर आदेशों पर रोक लगाई

ऑनलाइन गेमिंग टैक्स को लेकर विवादों में चल रही है डेल्टा कॉर्प को बड़ी राहत मिली है। असल में बंबई उच्च न्यायालय की गोवा पीठ ने टैक्स अधिकारियों को डेल्टा कॉरपोरेशन और उसकी सहायक कंपनियों को भेजे गए कारण बताओ नोटिस के संबंध में बिना अनुमति के अंतिम आदेश पारित नहीं करने का निर्देश दिया है।

दरअसल बयान में कहा गया है कि उच्च न्यायालय ने गेमिंग कंपनी द्वारा दायर रिट याचिकाओं पर विचार किया और इसको लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उच्च न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना कारण बताओ नोटिस पर कोई अंतिम आदेश पारित न करें। पीठ ने दलीलों को पूरा करने और इस तरह की रिट याचिकाओं की सुनवाई और अंतिम निपटारे के लिए तारीखें तय की हैं।

दरअसल डेल्टा ने 22 सितंबर को जीएसटी खुफिया महानिदेशालय, हैदराबाद से टैक्स को लेकर भुगतान करने के आदेश को लेकर कोर्ट में अपील की थी। कंपनी ने कहा कहा था कि जीएसटी की खुफिया विभाग ने डेल्टा कॉर्पको 11,140 करोड़ रुपये, जबकि उसकी सहायक कंपनी हाईस्ट्रीट क्रूज एंड एंटरटेनमेंट को लगभग 3,290 करोड़ रुपये; और सहायक डेल्टा प्लेजर क्रूज कंपनी को लगभग ₹ 1,766 करोड़ का नोटिस भेजा है।

जानिए क्या है मामला

असल में 25 सितंबर को जीएसटी की खुफिया विभाग की तरफ से डेल्टा कॉर्प को 11,140 करोड़ रुपये की कम टैक्स देने के लिए नोटिस मिला था। इसमें इसकी सहायक कंपनियों को कुल 5,682 करोड़ रुपये की राशि के लिए नोटिस जारी किया गया था। विभाग ने टैक्स भुगतान में कथित कमी जुलाई 2017 और मार्च 2022 के बीच की अवधि की बतायी थी।

महादेव बुक के मास्टरमाइंड हर महीने कमाते हैं 450 करोड़ रुपये, ED का दावा वानुअतु की सिटीजनशिप

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में दायर अपनी चार्जशीट में दावा किया है कि महादेव बुक के मास्टरमाइंड ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के जरिए की जा रही अवैध सट्टेबाजी के माध्यम से हर महीने लगभग 450 करोड़ रुपये कमा रहे हैं। इसके अलावा ये लोग विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) के जरिए भारतीय शेयर बाजार में पैसा निवेश कर रहे हैं।

ईडी ने प्रमोटरों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को कई बार तलब किया है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वह कभी भी ईडी के सामने पेश नहीं हुए हैं। ईडी ने इस मामले में सीबीआई को दोनों व्यक्तियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए भी लिखा था। ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक चंद्राकर और उप्पल ने दक्षिण प्रशांत महासागर में एक छोटे से द्वीप देश वानुअतु की नागरिकता भी हासिल कर ली है। भारत और वानूआतू गणराज्य के बीच संबंध मैत्रीपूर्ण हैं।

जांच से बच रहे है चंद्राकर उप्पल

सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को नोटिस दिया जा चुका है और वह जानबूझकर जांच से बच रहे थे। इसके बाद ईडी ने विशेष अदालत (पीएमएलए), रायपुर के समक्ष दोनों के खिलाफ बेमियादी गैर-जमानती वारंट जारी करने के लिए एक आवेदन दायर किया गया था। वहीं ईडी की पीसी में एक और नाम विकास छापरिया का है, जिस पर अपने सहयोगियों गोविंद केडिया और अमित सरावगी के साथ महादेव बुक के लिए सभी हवाला लेनदेन करने का आरोप है।

263 करोड़ रुपये जब्त कर चुकी है ईडी

ईडी ने कहा कि पीएमएलए, 2002 के तहत मेसर्स परफेक्ट प्लान इन्वेस्टमेंट्स एलएलपी, मेसर्स एक्जिम जनरल ट्रेडिंग एफजेडसीओ और मेसर्स टेकप्रो आईटी सॉल्यूशंस एलसी के 236.3 करोड़ रुपये मूल्य के नकद डेरिवेटिव और अन्य प्रतिभूति होल्डिंग्स को पीएमएलए, 2002 की धारा 17 (आईए) के तहत जब्त कर लिया गया है। महादेव बुक 60 से अधिक अन्य अवैध सट्टेबाजी का एक नेटवर्क है। यह अपने एजेंटों के साथ 70-30 लाभ अनुपात पर काम करता है। ये अवैध सट्टेबाजी ऐप महादेव बुक नेटवर्क का उपयोग करते हैं और लाभ का हिस्सा हवाला चैनलों के माध्यम से दुबई मुख्यालय में ट्रांसफर कर दिया जाता है।

पाक बनाम अफगानिस्तान: दबाव में बाबर की टीम, सधी गेंदबाजी कर रहे हैं अफगानी

Pakistan Vs Afghanistan: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे मैच में पाकिस्तान बेट्समैने शफीक ने फिफ्टी जड़ दी है। शफीक लगातार अच्छी फॉर्म में हैं और 20 ओवर के बाद पाकिस्तान का स्कोर एक विकेट के नुकसान पर 100 रन है। आज पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच मैच चल रहा है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले मैच के लिए टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया है। अफगानिस्तान के खिलाड़ी पहले बॉलिंग के लिए मैदान पर उतरे। वहीं अफगानिस्तान के स्पिनर अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं. पाकिस्तान को रन बनाने के ज्यादा मौके नहीं मिल रहे. 17 ओवर के बाद स्कोर एक विकेट के नुकसान पर 85 रन है।

आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 में आज एक कड़ा मुकाबला खेला जा रहा है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान की टीमें आमने-सामने हैं। इस मैच में पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। उनकी प्लेइंग इलेवन में मोहम्मद नवाज की जगह शादाब खान को लाया गया है। पाकिस्तान की टीम इस समय चार में से दो जीत और दो हार के बाद अंक तालिका में पांचवें नंबर पर है। अगर अफगानिस्तान की बात करें तो उसने चार में से सिर्फ एक मैच जीता है और टीम दसवें नंबर पर है।

अफगानिस्तान की प्लेइंग इलेवन:
रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, इकराम अलीखिल, मोहम्मद नबी, राशिद खान, मुजीब उर रहमान, नवीन उल हक और नूर अहमद।

पाकिस्तान की प्लेइंग इलेवन:
बाबर आजम (कप्तान), अब्दुल्ला शफीक, इमाम-उल-हक, मोहम्मद रिजवान (विकेटकीपर), सऊद शकील, इफ्तिखार अहमद, शादाब खान, उसामा मीर, शाहीन अफरीदी, हसन अली, हारिस रऊफ।

भारत ने न्यूजीलैंड से पिछले वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में हार का लिया बदला, किंग कोहली ने दिलाई जीत

भारतीय टीम ने पिछले विश्व कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से मिली हार का बदला ले लिया। टीम ने न्यूजीलैंड को चार विकेट से हरा दिया। किंग कोहली ने सबसे ज्य़ादा 95 रन बनाए। मैच को जीत की दहलीज तक लाकर वो पवैलियन लौटे। रविंद्र जडेजा 39 रन बनाकर नाबाद रहे। मो. शामी भी एक रन पर नाबाद लौटे।

बांग्लादेश के खिलाफ शतक और जीत का रन साथ बनाने वाले विराट कोहली इस बार भी वो ही कारनामा करते करते चुक गए। एक समय भारत की जीत के लिए 8 रन चाहिए थे और कोहली 93 रन पर बैटिंग कर रहे थे। लेकिन जब भारत को जीत के लिए पांच रन चाहिए थे और उन्हें भी शतक पूरा करने के लिए पांच रनों की ही जरुरत थी तो लंबा छक्का लगाने के चक्कर में वो कैच आउट हो गए।

भारत-न्यूजीलैंड वर्ल्ड कप मैच कोहरे के कारण बीच में रुका था। धर्मशाला में न्यूजीलैंड की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 273 रन पर ऑलआउट हुई थी। इसके जवाब में भारत ने पांच विकेट पर 209 रन बना लिए हैं।

विराट कोहली और रवींद्र जडेजा खेल रहे हैं। कोहली ने अपने वनडे करियर की 69वीं फिफ्टी पूरी कर ली हैं।

सूर्यकुमार बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से 2 ही रन बनाकर रन आउट हो गए। केएल राहुल भी अच्छा खेल रहे थे, वो भी एक सीधी गेंद पर गच्चा खा गए और 27 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें मिचेल सैंटनर ने LBW किया। उनसे पहले, श्रेयस अय्यर ने 33 रन की अच्छी पारी खेली, लेकिन वो इसको बड़ा नहीं कर पाए और ट्रेंट बोल्ट की बॉल पर कैच आउट हो गए।

शुभमन गिल ने 26 रन और रोहित शर्मा 46 रन बनाकर एक बाहर जाती बॉल को मारने के चक्कर में आउट हुए। लॉकी फर्ग्यूसन ने दोनों को आउट किया।

भारत ने वर्ल्ड कप में अपनी गेंदबाजी से सभी टीमों को बांधकर रखा हुआ है। न्यूजीलैंड के साथ हुए मैच में भी भारतीय गेंदबाजों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 273 रन पर समेट दिया। भारत को जीत के लिए 274 रन का लक्ष्य मिला है।

धर्मशाला के मैदान पर भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर न्यूजीलैंड को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। न्यूजीलैंड के पहले दो विकेट जल्दी गिर गए थे, लेकिन डिरेल मिचेल के शतक और रचित रविंद्रन के अर्शतक ने टीम को एक फाइटिंग स्कोर तक पर पहुंचा दिया। भारतीय टीम की ओर से कुछ महत्वपूर्ण कैच भी छूटे। भारत के अच्छे फील्डर में से गिने जाने वाले रवींद्र जडेजा ने रचित रविंद्रन का कैच ड्रॉप कर दिया। जबकि केएल राहुल ने मिचेल का कैच छोड़ा।

हालांकि अंतिम ओवरों में भारत के तेज गेंदबाजों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए, न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को बड़े शॉट नहीं लगाने दिए। मोहम्मद शमी ने तो एक ही और में दो विकेट भी लिए, शमी ने वर्ल्ड कप में अपने इस मैच में अच्छी गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके।