Thursday, March 12, 2026
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इलाहबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला पोकर और रमी जुआ नहीं

Rummy Poker को लेकर Allahabad High Court ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पोकर और रमी जुआ नहीं है, बल्कि स्किल गेम हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ एवं न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने डीएम गेमिंग प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर दिया है, जिसमें पुलिस ने डीएम गेमिंग को आगरा में गेमिंग लाइसेंस से इंकार कर दिया था।

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दरअसल 24 जनवरी, 2024 को DCP सिटी ने एक गेम जोन को चलाने की इजाजत देने से मना कर दिया गया था। पुलिस ने कहा था कि रमी और पोकर को जुआ मानकर इससे इंकार किया था। इसके बाद DM गेमिंग प्राइवेट लिमिटेड ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत इलाहबाद कोर्ट में याचिका दायर की थी।

याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में कहा कि रमी और पोकर को अनुमति देने से इनकार करना, सिर्फ इसलिए था क्योंकि पुलिस का मानना था कि ऐसे खेलों से शांति और सद्भाव खराब हो सकती है या उन्हें जुआ माना जा सकता है। वकील ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले और अन्य हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि पोकर और रमी स्किल गेम हैं, न कि गैंबलिंग। वकील ने तर्क दिया गया कि इस तरह से रमी और पोकर को अनुमति देने से इनकार करना कानूनी आधार नहीं बनाती हैं।

डीम गेमिंग के वकील के तर्क के बाद कोर्ट के सामने सबसे पोकर और रमी को जुआ की कैटेगरी में रखने या फिर स्किल गेम के रूप में मान्यता को लेकर फैसले का सवाल था? हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने फैसले में कहा कि अधिकारियों को इस मामले की गहन जांच करनी चाहिए और केवल अनुमान के आधार पर इजाजत देने से इनकार नहीं करना चाहिए। कोर्ट ने आगे कहा कि मनोरंजक गेमिंग गतिविधियों को करने की इजाजत देने से इनकार करने के लिए अधिकारी को ठोस तथ्य रिकॉर्ड पर लाने की जरूरत होती है।

चीन के पहले AAA गेम Black Myth: Wukong ने गेमिंग की दुनिया में मचाया तहलका

गेमिंग की दुनिया में चीन की कंपनी ने एक बड़ा तहलका मचा दिया है। चीन की पौराणिक कथाओं पर आधारित एक्शन गेम ब्लैक मिथ: वुकोंग ने गेमिंग में कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 20 अगस्त को लॉन्च होने के तीन दिन में इस गेम के 10 मिलियन से ज़्यादा यूनिट्स बेचीं गई हैं। स्टीम वीडियो गेम प्लेटफ़ॉर्म के अनुसार, यह Titel अभी भी यू.एस. में रेवेन्यू के मामले में दूसरे स्थान पर है, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नंबर 1 पर है, जहाँ यह लगभग $60 या उससे ज़्यादा में बिकता है।

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हीरो गेम्स के चेयरमैन डिनो यिंग ने अंग्रेजी चैनल सीएनबीसी को बताया “मुझे लगता है कि अगला ट्रिपल-ए गेम बहुत करीब है, क्योंकि ब्लैक मिथ: वुकोंग ने सभी को दिखाया है कि चीन में बना AAA गेम इतनी ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय बिक्री तक पहुँच सकता है,” हीरो गेम्स ने इस टाइटल को साथ में मिलकर पब्लिश किया और इसके डेवलपर गेम साइंस में शुरुआती निवेशक में से एक हैं।

यिंग ने कहा कि उन्हें कम से कम एक ऐसे गेम के बारे में पता है, जो डेवलप हो रहा है, जिसमें हीरो गेम्स में उनके बिजनेस पार्टनर ने निवेश किया है। हालांकि यह गेम कब तक बाज़ार में आएगा, इसके बारे में यिंग ने नहीं बताया।

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ब्लैक मिथ: वुकोंग के प्रदर्शन के बारे में यिंग ने केवल इतना कहा कि बिक्री में 10 मिलियन यूनिट के आंकड़े से “बहुत अधिक” हुई है, हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि यह अभी तक दोगुनी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में, कंपनी के गेम रिलीज़ शुरू से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होंगे। उन्हें यह भी उम्मीद है कि विदेशी AAA गेम डेवलपर्स को एहसास होगा कि चीन का बाज़ार कितना बड़ा है और वे चीनी खिलाड़ियों के लिए और अधिक सुविधाएँ तैयार करेंगे।

AAA गेम आम तौर पर उच्च ग्राफ़िक्स गुणवत्ता और महत्वपूर्ण मार्केटिंग वाले शीर्षकों को दिखाते हैं। इसका मतलब है कि ऐसे वीडियो गेम निन्टेंडो, यूबीसॉफ्ट और इलेक्ट्रॉनिक आर्ट्स जैसी कंपनियों से आते हैं। अभी तक चीन ने अपने खुद के AAA गेम विकसित नहीं किए थे, जो आमतौर पर कंप्यूटर और कंसोल पर खेले जाते हैं। चीन में भी करीब 60 करोड़ से ज्य़ादा गेमर्स हैं। जहां तक भारत का सवाल है तो यहां भी AAA गेम डेवलप करने की दिशा में कई कंपनियां काम कर रही हैं।

गेमिंग कंसोल का ज़माना हो रहा है पुराना, Cloud gaming अब हो रही है दुनियाभर में पॉपुलर

अभी तक वीडियो गेम खेलने का अच्छा एक्सपीरियंस करने के लिए आपको गेमिंग कंसोल या महंगे वाला पीसी लेना होता था, लेकिन अब क्लाउड गेमिंग के जरिए आप अपने नॉर्मल पीसी में ही हाईएंड गेम्स खेल सकते हैं। दुनिया भर में आप गेमिंग खेलने का अनुभव और इसकी लागत कम होने लगी है और इसकी बड़ी वजह क्लाउड गेमिंग है। नेटफ्लिक्स और अमेज़न जैसे कंपनियां तो क्लाउड गेमिंग में मार्केट लीडर बन रहे हैं।

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2021 में सिर्फ 10 करोड लोग ही क्लाउड गेमिंग के जरिए से गेमिंग का मजा ले रहे थे, लेकिन 2023 में क्लाउड गेमिंग लगभग 30 करोड लोग खेल रहे हैं। वहीं मार्केट रिसर्च प्लेटफार्म मार्केट के मुताबिक, क्लाउड गेमिंग मार्केट बहुत तेजी से बढ़ रहा है और 2030 तक इसके लगभग 85 बिलीयन डॉलर तक पहुंचाने की उम्मीद है। 2022 में यह सिर्फ 3.37 बिलीयन डॉलर्स था। क्लाउड गेमिंग के बढ़ने की दर 40 प्रतिशत से ज्य़ादा है, ऐसे में यह गेमिंग कंसोल जल्द ही मार्केट लीडर बन सकती है।

भारत में भी क्लाउड गेमिंग बहुत तेजी से बढ़ रहा है, हालांकि इसका ज्यादा असर अभी गेमिंग की मेच्योर मार्केट अमेरिका और चीन में है। भारत में भी तेजी से गेमिंग सेक्टर बदल रहा है। जहां पहले गेमिंग कंसोल और हाई एंड पीसी के जरिए गेम्स खेले जा रहे थे वहीं अब क्लाउड गेमिंग के जरिए से गेमिंग खेली जा रही है।

Gaming में बच्चों की आयु और कटेंट पर रेगुलेशन जरुरी: AIDGF

देश में गेमिंग के कारण बच्चों और युवाओं में एडिक्शन और अन्य समस्याओं को देखते हुए ऑल इंडिया गेम डेवलपर्स फोरम (एआईडीजीएफ) ने गेम्स पब्लिशर्स के लिए आयु और रेटिंग संबंधी गाइडलाइंस लागू करने की बात की है। एआईडीजीएफ ने Indian Governance and Policy Project (IGAP) के साथ मिलकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत में गेमिंग सेक्टर में एक स्टैंडर्ड ऐज और कंटेंट रेटिंग प्रणाली की जरुरत है।

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एक अनुमान के मुताबिक देश में 42 करोड से ज्यादा गेमर्स है, लेकिन भारत में वर्तमान में डिजिटल सामग्री जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म और अन्य देशों या क्षेत्रों में फ्रेमवर्क के विपरीत एक मानकीकृत आयु-रेटिंग ढांचे का अभाव है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय गेमर्स में 18 साल से कम आयु वाले बड़ी संख्या शामिल है। इसलिए, गेमिंग क्षेत्र में रेगुलेशन और जिम्मेदार इंडस्ट्री बच्चों की सुरक्षा और मानसिक कल्याण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

AIGDF के प्रवक्ता रोलैंड लैंडर्स ने कहा, “चूंकि भारत का गेमिंग उद्योग अभूतपूर्व गति से बढ़ रहा है, इसलिए हमारे युवा गेमर्स की सुरक्षा के लिए एक मजबूत ढांचा स्थापित करना अनिवार्य है।” कानूनी रूप से अनिवार्य न होने के बावजूद, आयु-रेटिंग और सामग्री विवरण, प्रकाशक की गेमिंग सामग्री की जनता के बीच व्यापक पहुँच और प्रसार सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक भूमिका निभाते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, “उदाहरण के लिए, Google के Play Store पर सूचीबद्ध बिना रेटिंग वाले गेम को माता-पिता के नियंत्रण के उद्देश्य से ‘उच्च-परिपक्वता’ वाले ऐप के रूप में माना जाता है, जब तक कि उन्हें रेटिंग नहीं मिल जाती।”

GTA 6 का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे गेमर्स को पीसी में करना होगा चेंज?

ग्रैंड थेफ्ट ऑटो 6 (GTA 6) का बेसब्री से इंतजार गेमिंग खेलने वालों के बीच चरम पर है। रॉकस्टार गेम्स इस प्रतिष्ठित श्रृंखला में एक और ब्लॉकबस्टर आने वाला है। लेकिन इस गेम को खेलने के लिए आपके कंप्यूटर में कुछ तकनीकी फेरबदल करना होगा, ताकि GTA 6 के अनुसार इमर्सिव अनुभव किया जा सके। PlayStation 5 और Xbox Series X|S जैसे कंसोल के लिए हार्डवेयर में अपडेट के साथ, GTA 6 एक शानदार दिखने वाला और तकनीकी रूप से मांग वाला गेम होने की उम्मीद है।

लेकिन पीसी में GTA 6 चलाने के लिए कुछ न्यूनतम जरुरतें होंगी:
CPU: Intel Core i7 8700K या AMD Ryzen 7 3700X
GPU: Nvidia GeForce GTX 1080Ti या AMD Radeon RX 5700XT
RAM: 8GB
स्टोरेज: 150GB SSD
ऑपरेटिंग सिस्टम: Windows 10/11
अगर आपका पीसी इतना अपडेटेड है तो प्रोसेसर और ग्राफिक्स कार्ड के साथ GTA 6 का मज़ा आप अपने सिस्टम पर ले सकते हैं। लेकिन बेहतर ग्राफ़िक्स और प्रदर्शन के साथ उच्च सेटिंग्स पर GTA 6 का आनंद लेना चाहते हैं, उनके लिए:

CPU: Intel Core i9–10900K या AMD Ryzen 5 5900X
GPU: Nvidia GeForce RTX 3080 या AMD Radeon RX 6800XT
RAM: 16GB
स्टोरेज: 150GB SSD
ऑपरेटिंग सिस्टम: Windows 10 64-बिट जैसे अपडेट चाहिएं।

रॉकस्टार गेम्स ने Xbox और PlayStation प्लेटफ़ॉर्म पर GTA 6 को 2025 की सर्दियों में रिलीज़ करने की योजना बनाई है, जिसके लगभग एक साल बाद PC पर यह गेम रिलीज़ होने की संभावना है। 4 दिसंबर, 2023 को रिलीज़ किए गए शुरुआती ट्रेलर ने गेम के उन्नत ग्राफ़िक्स और जटिल कहानी का संकेत दिया, जिससे इसके लॉन्च के लिए और भी अधिक उत्साह पैदा हो गया।

Meta new policy की वजह से RMG कंपनियों को होगा फायदा?

Meta new policy में अल्कोहल और गैंबलिंग कंपनियों को अपनी पब्लिसिटी में शामिल करने के बावजूद भारत में इस पॉलिसी में बदलाव का कोई असर नहीं पड़ेगा। पॉलिसी की घोषणा के बाद मेटा पॉलिसी ने सफाई दी है कि यह पॉलिसी किसी भी देश के स्थानीय कानून के हिसाब से लागू होगी। यानी भारत में मेटा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टा पर अल्कोहल और गैंबलिंग के विज्ञापन या प्रमोशन भारतीय कानून के मुताबिक ही होंगे। इसका मतलब यह हुआ की पॉलिसी का असर भारतीय गेमिंग पर नकारात्मक नहीं पड़ेगा, दूसरी ओर रियल मनी गेमिंग कंपनियां अब व्हाट्सअप बिजनेस पर अपने विज्ञापन चला पाएंगी।

ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन के मुताबिक, रियल मनी स्किल गेमिंग बिजनेस को व्हाट्सएप बिजनेस प्लेटफार्म पर प्रमोशन मैसेजिंग करने से इस सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा विशेष कर छोटी कंपनियों को। हालांकि दूसरी ओर जीएसटी में बढ़ोतरी और उसकी केल्कुलेशन में बदलाव के बाद रियल मनी गेमिंग सेक्टर का काफी बुरा हाल है। मेटा की इस विज्ञापन नीति में बदलाव ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग कंपनियों, विशेष रूप से एमएसएमई के लिए एक गेम-चेंजर होने का अनुमान है, जिन्हें अक्सर सीमित संसाधनों के कारण व्यापक यूजर तक पहुँचने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्हें व्हाट्सएप के विशाल उपयोगकर्ता आधार का लाभ उठाने की अनुमति देकर, यह अपडेट इन व्यवसायों के लिए अपनी पहुँच का विस्तार करने, संभावित ग्राहकों से सीधे जुड़ने और विकास को बढ़ावा देने के लिए एक नया रास्ता खोलता है।

व्हाट्सएप बिजनेस पर मेटा की नीति का विकास

हाल ही में नीति अपडेट व्हाट्सएप बिजनेस पर शराब और ऑनलाइन जुए से संबंधित प्रचार संदेशों पर मेटा के रुख को लेकर पिछले विवादों के मद्देनजर आया है। पहले की नीति, जिसमें कुछ देशों में इस तरह के प्रचार की अनुमति थी, को भारत में कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। इसके कारण मेटा की ओर से स्पष्टीकरण आया, जिसमें स्थानीय कानूनों का पालन करने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया और कहा गया कि भारत सहित कुछ खास देशों में कुछ खास तरह के व्यावसायिक संदेश प्रतिबंधित होंगे।

नियामक परिदृश्य और राज्य-विशिष्ट मानदंडों को समझना

जबकि नई नीति भारत में शराब से संबंधित प्रचार को बाहर रखती है, यह विशेष रूप से ऑनलाइन जुए और गेमिंग प्रचार को हरी झंडी देती है, बशर्ते वे प्रत्येक राज्य के विशिष्ट नियमों का पालन करें। यह मेटा के व्यवसाय विकास को सक्षम करने और स्थानीय कानूनों और संवेदनशीलताओं का सम्मान करने के बीच संतुलन बनाने के प्रयास को दर्शाता है।

व्हाट्सएप बिजनेस: छोटे व्यवसायों को सशक्त बनाना

नीति अपडेट छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए ग्राहकों से जुड़ने और अपने संचालन का विस्तार करने के लिए एक मंच के रूप में व्हाट्सएप बिजनेस के बढ़ते महत्व को भी रेखांकित करता है। लगभग पांच साल पहले लॉन्च किया गया, व्हाट्सएप बिजनेस व्यवसायों के लिए एक मूल्यवान उपकरण के रूप में उभरा है, खासकर उन लोगों के लिए जिनके पास सीमित संसाधन हैं, जो उन्हें अपने ग्राहक संबंधों को बनाने और प्रबंधित करने के लिए सुविधाएँ और कार्यक्षमताएँ प्रदान करते हैं।

नीति में बदलाव से व्हाट्सएप पर रियल-मनी गेमिंग कंपनियों के प्रचार संदेशों में उछाल आने की संभावना है। हालांकि यह इस क्षेत्र में व्यवसायों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करता है, लेकिन यह उपयोगकर्ता की गोपनीयता, लत के जोखिम और जिम्मेदार विज्ञापन प्रथाओं की आवश्यकता जैसे संभावित मुद्दों के बारे में चिंता भी पैदा करता है। यह देखना बाकी है कि मेटा इन चुनौतियों का समाधान कैसे करेगा और व्हाट्सएप पर एक सुरक्षित और सकारात्मक उपयोगकर्ता अनुभव सुनिश्चित करेगा।

PM Narendra Modi के गेमिंग पर दिए बयान के बाद गेमिंग इंडस्ट्री पर क्या होगा असर?

PM Narendra Modi के लाल किले की प्राचीन से अपने भाषण में गेमिंग को लेकर किए गए जिक्र से गेमिंग इंडस्ट्री (Gaming industry) में उत्साह का माहौल है। प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से अपने भाषण (Prime Minister Modi in his speech from Red Fort on 15 August) में कहा कि वह भारत को गेमिंग सेक्टर में एक बड़े बाजार के तौर पर देख रहे हैं, लेकिन उसमें विदेशी कंपनियां का असर ज्यादा है। जहां तक गेम्स को डेवलप (Game devlopment) करने और उससे कमाई करने के मामले में विदेशी कंपनियां ही काम कर रही है उन्होंने कहा कि भारत के युवा गेमिंग खेलने में नहीं, गेम्स बनाने में आगे होने चाहिएं और वो चाहते हैं कि दुनिया में सभी जगह भारत के बने हुए गेम्स पहुंचे। उन्होंने कहा कि गेमिंग सेक्टर में नए टैलेंट को दुनिया के सामने लेकर आ सकता है।

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प्रधानमंत्री के लालकिले से इस बात को कहने के बाद गेमिंग कंपनियों का उत्साह काफी बढ़ गया है। ई-गेमिंग फेडरेशन के अनुराग सक्सेना के मुताबिक भारत की हिस्सेदारी दुनिया में खेले जाने वाले कुल गेमिंग में 40 परसेंट है, लेकिन जहां तक रेवेन्यू का सवाल है तो भारतीय कंपनियों को सिर्फ एक परसेंट रेवेन्यू ही मिल पा रहा है। हमें यहां के टैलेंट और स्किल के फाउंडेशन को बेहतर करना होगा। AVGC पॉलिसी में स्किल एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। देश के प्रमुख एजुकेशन संस्थानों जैसे IIM IIT में gaming skill को करिकुलम में शामिल किया जाना चाहिए। भारत में फिलहाल ट्रिपल गेम्स बहुत ही कम बन रहे हैं। इन गेम्स का बजट काफी ज्यादा होता है, इसी वजह से हाई प्रोफाइल गेम्स को भारत में कम ही बन रहे हैं।

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दुनिया भर में ट्रिपल गेम्स जैसे माइनक्राफ्ट, जीटीए 5, कॉल ऑन ड्यूटी और फ्रंटलाइन आदि गेम्स है। भारत में लगभग 45 करोड़ से ज्यादा गेमर हैं और भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी गेमिंग मार्केट है। दुनियाभर में गेम्स डाउनलोड में 16 परसेंट गेम्स भारत में डाउनलोड हो रहे हैं।

इस बारे में सुपर गेमिंग स्टूडियो के गेम टू विन के सीईओ आलोक केजरीवाल के मुताबिक, भारत में गेमिंग प्रोडक्ट बनाकर विदेश में बेचने का आइडिया तो बहुत अच्छा है, इस तरह के एक्सपोर्ट चल भी रहे हैं, लेकिन रियल मनी गेमिंग की वजह से अन्य गेमिंग के इंटरेस्ट प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि इसके बावजूद भी कुछ स्टूडियो है, जोकि लगातार अच्छी गेम्स बनाने की तरफ काम कर रहे हैं। भारत में कई गेमिंग स्टूडियो है, जो दुनिया की बेहतरीन गेम्स बनाने में लगे हुए हैं। पुणे की सुपर गेमिंग भी इसी तरफ काम कर रही है। जो की एक बड़े बजट के टाइटल को बनाने में लगी हुई है, कंपनी ने हाल ही में बैटल रॉयल गेम्स का बीटा वर्जन गूगल प्ले स्टोर पर पब्लिश किया है। जिस पर एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने रजिस्टर भी किया है। इसी तरह एमपीएल की माई हम स्टूडियो भी दुनिया जहां की बेस्ट गेम्स बनाने की तरफ काम कर रहा है। उससे भी बैटल रॉयल गेम्स के अंडरवर्ल्ड गैंग वॉर नाम का एक टाइटल लॉन्च करने की तैयारी की हुई है। साथ ही साथ लाइट फ्यूरी गेम्स भी एक नया गेम लेकर आने वाला है। जिसको हाल ही में करीब 80 लाख डॉलर से ज्यादा की फंडिंग मिली है और यह भी ट्रिपल ए गेम्स बनाने की दिशा में काम कर रही है। स्काई स्पोर्ट्स के शिवा नंदी के मुताबिक भारत की मार्केट ज्यादातर विदेशी कंपनियां के हाथों में है। उनकी ट्रिपल गेम्स यहां पर ज्यादातर खेली जा रही हैं, ऐसे में भारत सरकार को लोकल गेम्स को पुश करना चाहिए।

Gaming Console Playstation की वजह से सोनी के नेट प्राफिट में भारी बढ़ोतरी

Playstation के लिए दुनियाभर में मशहूर जापानी कंपनी सोनी के प्राफिट में गेमिंग की वजह से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी ने लंबे समय से गेमिंग पर विशेष जोर दिया हुआ है। इस साल की पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्राफिट 279.11 बिलियन येन हो गया है। इसमें कंपनी के मशहूर Playstation कंसोल बिक्री ने नए मुकाम को छू लिया है। इस दौरान सिर्फ कंसोल की बिक्री से ही 864.9 बिलियन येन का रेवेन्यू आया है, जिसकी वजह से कंपनी के प्राफिट में खासी बढ़ोतरी हुई है।

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दुनिया में गेमिंग कंसोल कारोबार काफी बड़ा है। इस बाज़ार में सोनी का प्लेस्टेशन सबसे प्रमुख कंसोल में से एक है। कंपनी का यह कंसोल एक समय पूरी दुनिया में गेमिंग के दिवानों के लिए बड़ी बात थी। लेकिन इसके बाद माइक्रोसाफ्ट के एक्सबॉक्स और निनटेंडो की इंट्री ने सोनी के प्लेस्टेशन के बाज़ार को काफी हद तक सीमित कर दिया था। ऐसे में सोनी के कुल रेवेन्यू में प्लेस्टेशन के हिस्सेदारी का बढ़ना, कंसोल बाज़ार में प्लेस्टेशन की प्रभावी पकड़ को दिखाता है।

फिलहाल कंसोल के 9th जनरेशन में तीन प्रमुख प्रतियोगी थे: सोनी कॉर्प, माइक्रोसॉफ्ट इंक (एमएसएफटी) का एक्सबॉक्स और निनटेंडो । इसके बाद कंपनियां अपने नए तरीकों और गेम्स से बाज़ार पर कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं। सोनी अपनी स्टोरेज और हार्डवेयर क्षमताओं के कारण अभी भी बाज़ार में बनी हुई है। इसके उलट माइक्रोसॉफ्ट का स्ट्रांग प्वाइंट उसकी सॉफ्टवेयर क्षमता है। कंप्यूटर ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर में इसका प्रभुत्व है। निनटेंडो Wii को हार्डकोर गेमिंग और इंटरटेनिंग गेमिंग की वजह से मशहूर हैं।

सर्वाधिक बिकने वाले वीडियो कंसोल और बाजार हिस्सेदारी के लिए कंपनियों के बीच युद्ध लगातार बढ़ता जा रहा है, क्योंकि यह लड़ाई अब केवल कंसोल बेचने से आगे बढ़कर सदस्यता-आधारित सेवाओं की पेशकश तक पहुंच गई है, जो गेमर्स को नए और पहले से जारी किए गए गेम तक पहुंच प्रदान करती है।

अमेरिका में गेमिंग कंपनियों को क्यों खरीद रहा है Nazara tech

नाज़ारा टेक्नोलॉजीज की सहायक कंपनी एब्सोल्यूट स्पोर्ट्स जोकि स्पोर्ट्सकीडा नाम की साइट चलाती है, उसने यूएस गेमिंग और ईस्पोर्ट्स कंटेंट प्लेटफ़ॉर्म डेल्टियासगेमिंग.कॉम को लगभग 7.5 करोड़ रुपये में खरीदने की घोषणा की है। इससे पहले भी अमेरिका में नज़ारा ने कुछ छोटी कंपनियों का अधिग्रहण किया था जोकि गेमिंग तकनीक और कटेंट से संबंधित थी। दरअसल अमेरिकी कंपनियों के जरिए नज़ारा दुनिया के प्रमुख गेमिंग बाज़ारों में अपनी पहुंच बनाना चाहती है। इसी वजह से वो लगातार अमेरिका में कंपनियां खरीद रही है।

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डेल्टियासगेमिंग.कॉम का जून 2024 को समाप्त 12 महीने में रेवेन्यू 575,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 4.8 करोड़ रुपये) था। एब्सोल्यूट स्पोर्ट्स अपने कैश रिजर्व का उपयोग सभी नकद लेनदेन को फंड करने के लिए करेगा, जिसका भुगतान एक या अधिक किस्तों में किया जाएगा। 7.5 करोड़ रुपये का यह लेनदेन अगले 45 दिनों में पूरा होने वाला है। इससे पहले नजारा ने अमेरिका की ही Waildworks को भी खरीदा था।

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Company ने कहा कि, “एब्सोल्यूट स्पोर्ट्स, नाज़ारा टेक्नोलॉजीज की सहायक कंपनी और स्पोर्ट्सकीड़ा.कॉम, प्रोफुटबॉलनेटवर्क.कॉम और सोपसेंट्रल.कॉम जैसी कई कंपनियों को चलाती है। एब्सोल्यूट स्पोर्ट्स ने डेल्टियासगेमिंग.कॉम की सभी संपत्तियों को खरीदने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।” इस अधिग्रहण के साथ, एब्सोल्यूट स्पोर्ट्स, जो पहले से ही अपने प्रमुख ब्रांड स्पोर्ट्सकीडा डॉट कॉम के साथ बड़े गेमिंग सेक्टर के लोगों को सर्विस देती है। वो अब यूएस में गेमिंग और ईस्पोर्ट्स मीडिया पब्लिशिंग को बढ़ा सकता है। इस डील से नजारा की सहायक कंपनी को 15 लाख मासिक पाठकों मिलेगे। इससे नज़ारा समूह को गेमिंग मीडिया स्पेस में एक आधिकारिक आवाज के रूप में स्थापित किया जा सके।” अधिग्रहण समूह को डेल्टिया के गेमिंग ब्रांड के तहत YouTube और लोकप्रिय गेमिंग स्ट्रीमिंग नेटवर्क ट्विच पर बड़े दर्शकों तक पहुंच प्रदान करता है। एब्सोल्यूट स्पोर्ट्स के सीईओ अजय प्रताप सिंह ने कहा, “इस अधिग्रहण के साथ, एब्सोल्यूट स्पोर्ट्स अब हमारे विभिन्न संपत्तियों पर उच्च गुणवत्ता वाले गेमिंग और ईस्पोर्ट्स से संबंधित समाचार और विश्लेषण सामग्री के साथ 5 मिलियन से अधिक अमेरिकी गेमिंग उत्साही लोगों की सेवा करेगा।”

ASUS ने लांच किया नया गेमिंग कंसोल ROG Ally X

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ASUS ने अपने ब्रांड के नए ROG Ally X हैंडहेल्ड गेमिंग कंसोल को लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने पहले इस गेमिंग कंसोल को चीन में लांच किया था। अपने पिछले वर्ज़न की तरह, यह पोर्टेबल है जोकि चलते-फिरते गेमिंग के लिए बेहतरीन एक्सपीरिएंस देता है। कंपनी ने ROG Ally X के मिड जनरेशन रिफ्रेश होने के बाद से इसमें कुछ सुधार भी किए हैं।

ASUS ROG Ally X स्पेक्स
ब्रांड ने ROG Ally X को 7-इंच IPS LCD पैनल के साथ लॉन्च किया है जो 120Hz रिफ्रेश रेट, 1080p रेजोल्यूशन, 100 प्रतिशत sRGB कलर गैमट, 16:9 आस्पेक्ट रेशियो और सुरक्षा के लिए कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास विक्टस प्रदान करता है। हुड के नीचे, ROG Ally X AMD Ryzen Z1 एक्सट्रीम प्रोसेसर है, जिसे 24GB LPRRD5X RAM और 1TB NVMe M.2 SSD स्टोरेज के साथ जोड़ा गया है। एक बड़ा 80Wh बैटरी पैक जो USB टाइप C पोर्ट के ज़रिए 65W चार्जिंग को सपोर्ट करता है। यानि बैटरी की लाइफ भी ज्य़ादा है और यह जल्दी भी चार्ज होती है।

यह गेमिंग हैंडहेल्ड विंडोज 11 ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलता है। नया डुअल फैन सिस्टम बेहतर कूलिंग के लिए 10 प्रतिशत ज़्यादा एयरफ़्लो देता है, जिससे लंबे समय तक खेलने पर भी सिस्टम गरम नहीं होता है। कनेक्टिविटी विकल्पों में डिस्प्लेपोर्ट सपोर्ट के साथ थंडरबोल्ट 4 पोर्ट, USB 3.2 जेन 2 टाइप-सी पोर्ट, 3.5mm हेडफोन जैक, UHS-II माइक्रोएसडी कार्ड रीडर, वाई-फाई 6E (ट्रिपल-बैंड) और ब्लूटूथ 5.2 शामिल हैं। ऑडियो के लिए, यूज़र्स को AI नॉइज़ कैंसलेशन के साथ हाई-रेज़ सर्टिफाइड ऑडियो मिलता है। कुछ अन्य सुधारों की बात करें तो, ROG Ally X में डीप हैंडग्रिप्स, बेहतर जॉयस्टिक और D-पैड, रिपोज्ड कंट्रोल और प्रोसेसर फिंगरप्रिंट सेंसर के साथ एक नया डिज़ाइन किया गया एर्गोनोमिक चेसिस है।

कीमत

ASUS ROG Ally X की कीमत 89,990 हज़ार रुपये है। जोकि ROG स्टोर, ASUS ई-शॉप, Amazon India और Flipkart से खरीदा जा सकता है।